पंचांग
अहमदाबाद पंचांग, शनिवार २७ फेब्रुवारी 2027
तुम्ही अहमदाबाद निवडले आहे. या पानावरील वेळा आणि तिथी गुजरात प्रदेशासाठी आहेत; त्यांची गणना अहमदाबाद शहरासाठी केली आहे. अहमदाबाद येथे वेळा वेगळ्या असू शकतात, आणि एखादा सण दुसऱ्या दिवशी येऊ शकतो.
या सणांच्या तारखा अजून छापील पंचांगाशी पडताळून पाहिलेल्या नाहीत.
पंचांगाची पाच अंगे आणि महिना
- तिथी
- सप्तमी (20:43:24 – 21:55:03)
- नक्षत्र
- विशाखा (10:13:13 – 11:39:35)
- योग
- व्याघात (22:18:16 – 22:08:00)
- करण
- विष्टी (20:43:24 – 09:13:45)
- वार
- शनिवार (07:03:22 – 07:02:33)
- महिना (अमांत)
- माघ
- महिना (पौर्णिमांत)
- फाल्गुन
- पक्ष
- कृष्ण
- ऋतू
- शिशिर
- अयन
- उत्तरायण
- संवत्सर
- पराभव
- संवत
- गुजराती विक्रम संवत 2083, शक संवत 1948
सूर्य आणि चंद्र
- सूर्योदय
- सूर्यास्त
- मध्यान्ह
- चंद्रोदय
- चंद्रास्त
- चंद्र कला
- घटता अर्धचंद्र
- चंद्राचा प्रकाशित भाग
- ६१%
- चंद्र राशी
- वृश्चिक
- सूर्य रास
- कुंभ
राहुकाळ आणि टाळायच्या वेळा
- राहू काळ
- –
- यमगंड
- –
- गुलिक काळ
- –
- भद्रा
- –
- अशुभ योग
- –
- विदल तिथी
- –
शुभ वेळा
- अभिजित मुहूर्त
- –
- आनंदादी योग
- –
- ब्रह्म मुहूर्त
- –
- गोधूली मुहूर्त
- –
- निशीथ मुहूर्त
- –
- प्रातः संध्या
- –
- पुष्कर योग
- –
- रवि योग
- –
- सायं संध्या
- –
- विजय मुहूर्त
- –
चौघडिया
दिवस
| नाव | पासून | पर्यंत |
|---|---|---|
| काळ | ||
| शुभ | ||
| रोग | ||
| उद्वेग | ||
| चर | ||
| लाभ | ||
| अमृत | ||
| काळ |
रात्र
| नाव | पासून | पर्यंत |
|---|---|---|
| लाभ | ||
| अमृत | ||
| काळ | ||
| शुभ | ||
| रोग | ||
| उद्वेग | ||
| चर | ||
| लाभ |
होरा
| नाव | पासून | पर्यंत |
|---|---|---|
| शनी | ||
| गुरू | ||
| मंगळ | ||
| रवी | ||
| शुक्र | ||
| बुध | ||
| चंद्र | ||
| शनी | ||
| गुरू | ||
| मंगळ | ||
| रवी | ||
| शुक्र | ||
| बुध | ||
| चंद्र | ||
| शनी | ||
| गुरू | ||
| मंगळ | ||
| रवी | ||
| शुक्र | ||
| बुध | ||
| चंद्र | ||
| शनी | ||
| गुरू | ||
| मंगळ |
लग्न
| नाव | पासून | पर्यंत |
|---|---|---|
| कुंभ | ||
| मीन | ||
| मेष | ||
| वृषभ | ||
| मिथुन | ||
| कर्क | ||
| सिंह | ||
| कन्या | ||
| तूळ | ||
| वृश्चिक | ||
| धनू | ||
| मकर | ||
| कुंभ |
सण आणि व्रते
कालाष्टमीमुहूर्त: – प्रत्येक महिन्याच्या कृष्ण पक्षातील अष्टमीला कालभैरवाची उपासना केली जाते.
मराठी भाषा गौरव दिनमराठी भाषेचा अभिमान आणि वारसा साजरा करणारा दिवस.
आज लक्षात घेण्यासारखे
- व्याघात योग
- विष्टी करण
- वार-नक्षत्र योग