पंचांग
बेळगाव पंचांग, शनिवार ६ फेब्रुवारी 2027
तुम्ही बेळगाव निवडले आहे. या पानावरील वेळा आणि तिथी कर्नाटक प्रदेशासाठी आहेत; त्यांची गणना बेंगळुरू शहरासाठी केली आहे. बेळगाव येथे वेळा वेगळ्या असू शकतात, आणि एखादा सण दुसऱ्या दिवशी येऊ शकतो.
या सणांच्या तारखा अजून छापील पंचांगाशी पडताळून पाहिलेल्या नाहीत.
पंचांगाची पाच अंगे आणि महिना
- तिथी
- अमावस्या (19:05:39 – 21:25:59)
- नक्षत्र
- श्रवण (18:31:57 – 21:19:03)
- योग
- व्यतिपात (20:32:16 – 21:13:12)
- करण
- चतुष्पद (19:05:39 – 08:17:52)
- वार
- शनिवार (06:44:56 – 06:44:42)
- महिना (अमांत)
- पौष
- महिना (पौर्णिमांत)
- माघ
- पक्ष
- कृष्ण
- ऋतू
- हेमंत
- अयन
- उत्तरायण
- संवत्सर
- पराभव
- संवत
- शक संवत 1948, विक्रम संवत 2083
सूर्य आणि चंद्र
- सूर्योदय
- सूर्यास्त
- मध्यान्ह
- चंद्रोदय
- चंद्रास्त
- चंद्र कला
- अमावस्या
- चंद्राचा प्रकाशित भाग
- ०%
- चंद्र राशी
- मकर
- सूर्य रास
- मकर
राहुकाळ आणि टाळायच्या वेळा
- राहू काळ
- –
- यमगंड
- –
- गुलिक काळ
- –
- अशुभ योग
- –
- पंचक
- –
शुभ वेळा
- अभिजित मुहूर्त
- –
- आनंदादी योग
- –
- ब्रह्म मुहूर्त
- –
- गोधूली मुहूर्त
- –
- निशीथ मुहूर्त
- –
- प्रातः संध्या
- –
- सायं संध्या
- –
- विजय मुहूर्त
- –
चौघडिया
दिवस
| नाव | पासून | पर्यंत |
|---|---|---|
| काळ | ||
| शुभ | ||
| रोग | ||
| उद्वेग | ||
| चर | ||
| लाभ | ||
| अमृत | ||
| काळ |
रात्र
| नाव | पासून | पर्यंत |
|---|---|---|
| लाभ | ||
| अमृत | ||
| काळ | ||
| शुभ | ||
| रोग | ||
| उद्वेग | ||
| चर | ||
| लाभ |
होरा
| नाव | पासून | पर्यंत |
|---|---|---|
| शनी | ||
| गुरू | ||
| मंगळ | ||
| रवी | ||
| शुक्र | ||
| बुध | ||
| चंद्र | ||
| शनी | ||
| गुरू | ||
| मंगळ | ||
| रवी | ||
| शुक्र | ||
| बुध | ||
| चंद्र | ||
| शनी | ||
| गुरू | ||
| मंगळ | ||
| रवी | ||
| शुक्र | ||
| बुध | ||
| चंद्र | ||
| शनी | ||
| गुरू | ||
| मंगळ |
लग्न
| नाव | पासून | पर्यंत |
|---|---|---|
| मकर | ||
| कुंभ | ||
| मीन | ||
| मेष | ||
| वृषभ | ||
| मिथुन | ||
| कर्क | ||
| सिंह | ||
| कन्या | ||
| तूळ | ||
| वृश्चिक | ||
| धनू | ||
| मकर |
सण आणि व्रते
अमावस्यामुहूर्त: – प्रत्येक चांद्रमासाच्या कृष्ण पक्षातील शेवटची तिथी; पितरांसाठी श्राद्ध, तर्पण व दान यांचा दिवस.
शनैश्चरी अमावस्यामुहूर्त: – दर्श अमावस्या ही प्रत्येक महिन्याच्या कृष्ण पक्षातील अमावस्या असून, या दिवशी अपराह्नकाळी श्राद्धकर्मांसाठी महत्त्व दिले जाते.
सूर्यग्रहणमुहूर्त: – चंद्र सूर्यासमोर येऊन त्याचे बिंब झाकल्याने होणारी खगोलीय घटना.
मौनी अमावस्या (जैन)मुहूर्त: – जैन परंपरेनुसार अमान्त पौष कृष्ण अमावस्येला मौन धारण करून ध्यान आणि स्वाध्याय केले जातो.
आज लक्षात घेण्यासारखे
- पूर्णा तिथी
- व्यतिपात योग
- पंचक