पंचांग
बंगाल पंचांग, सोमवार ८ मार्च 2027
या पानावरील वेळा आणि तिथी बंगाल प्रदेशासाठी आहेत; त्यांची गणना कोलकाता शहरासाठी केली आहे.
या सणांच्या तारखा अजून छापील पंचांगाशी पडताळून पाहिलेल्या नाहीत.
पंचांगाची पाच अंगे आणि महिना
- तिथी
- अमावस्या (13:46:43 – 14:59:21)
- नक्षत्र
- शततारका (06:41:35 – 08:34:35)
- योग
- साध्य (03:05:26 – 02:43:07)
- करण
- नाग (02:26:54 – 14:59:21)
- वार
- सोमवार (05:52:16 – 05:51:23)
- महिना (अमांत)
- माघ
- महिना (पौर्णिमांत)
- फाल्गुन
- पक्ष
- कृष्ण
- ऋतू
- शिशिर
- अयन
- उत्तरायण
- संवत्सर
- पराभव
- संवत
- शक संवत 1948, विक्रम संवत 2083
सूर्य आणि चंद्र
- सूर्योदय
- सूर्यास्त
- मध्यान्ह
- चंद्रोदय
- चंद्रास्त
- चंद्र कला
- अमावस्या
- चंद्राचा प्रकाशित भाग
- ०%
- चंद्र राशी
- कुंभ, पर्यंत
- सूर्य रास
- कुंभ
राहुकाळ आणि टाळायच्या वेळा
- राहू काळ
- –
- यमगंड
- –
- गुलिक काळ
- –
- पंचक
- –
शुभ वेळा
- अभिजित मुहूर्त
- –
- आनंदादी योग
- –
- ब्रह्म मुहूर्त
- –
- गोधूली मुहूर्त
- –
- निशीथ मुहूर्त
- –
- प्रातः संध्या
- –
- सायं संध्या
- –
- विजय मुहूर्त
- –
चौघडिया
दिवस
| नाव | पासून | पर्यंत |
|---|---|---|
| अमृत | ||
| काळ | ||
| शुभ | ||
| रोग | ||
| उद्वेग | ||
| चर | ||
| लाभ | ||
| अमृत |
रात्र
| नाव | पासून | पर्यंत |
|---|---|---|
| चर | ||
| लाभ | ||
| अमृत | ||
| काळ | ||
| शुभ | ||
| रोग | ||
| उद्वेग | ||
| चर |
होरा
| नाव | पासून | पर्यंत |
|---|---|---|
| चंद्र | ||
| शनी | ||
| गुरू | ||
| मंगळ | ||
| रवी | ||
| शुक्र | ||
| बुध | ||
| चंद्र | ||
| शनी | ||
| गुरू | ||
| मंगळ | ||
| रवी | ||
| शुक्र | ||
| बुध | ||
| चंद्र | ||
| शनी | ||
| गुरू | ||
| मंगळ | ||
| रवी | ||
| शुक्र | ||
| बुध | ||
| चंद्र | ||
| शनी | ||
| गुरू |
लग्न
| नाव | पासून | पर्यंत |
|---|---|---|
| कुंभ | ||
| मीन | ||
| मेष | ||
| वृषभ | ||
| मिथुन | ||
| कर्क | ||
| सिंह | ||
| कन्या | ||
| तूळ | ||
| वृश्चिक | ||
| धनू | ||
| मकर | ||
| कुंभ |
सण आणि व्रते
अमावस्यामुहूर्त: – प्रत्येक चांद्रमासाच्या कृष्ण पक्षातील शेवटची तिथी; पितरांसाठी श्राद्ध, तर्पण व दान यांचा दिवस.
दर्श अमावस्यामुहूर्त: – दर्श अमावस्या ही प्रत्येक महिन्याच्या कृष्ण पक्षातील अमावस्या असून, या दिवशी अपराह्नकाळी श्राद्धकर्मांसाठी महत्त्व दिले जाते.
सोमवती अमावस्यामुहूर्त: – सोमवारी येणारी अमावस्या. या दिवशी पितरांसाठी श्राद्ध, स्नान-दान आणि पिंपळपूजन केले जाते.
आंतरराष्ट्रीय महिला दिनजगभरातील महिलांच्या सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक आणि राजकीय उपलब्धींचा सन्मान करणारा हा एक आंतरराष्ट्रीय दिवस आहे.
आज लक्षात घेण्यासारखे
- पूर्णा तिथी
- पंचक