पंचांग
गुजरात पंचांग, गुरुवार ६ मे 2027
या पानावरील वेळा आणि तिथी गुजरात प्रदेशासाठी आहेत; त्यांची गणना अहमदाबाद शहरासाठी केली आहे.
या सणांच्या तारखा अजून छापील पंचांगाशी पडताळून पाहिलेल्या नाहीत.
पंचांगाची पाच अंगे आणि महिना
- तिथी
- अमावस्या (18:16:58 – 16:28:30)
- नक्षत्र
- भरणी (02:31:36 – 01:17:46)
- योग
- आयुष्मान (14:14:21 – 11:46:41)
- करण
- नाग (05:26:30 – 16:28:30)
- वार
- गुरुवार (06:03:48 – 06:03:12)
- महिना (अमांत)
- चैत्र
- महिना (पौर्णिमांत)
- वैशाख
- पक्ष
- कृष्ण
- ऋतू
- वसंत
- अयन
- उत्तरायण
- संवत्सर
- प्लवंग
- संवत
- गुजराती विक्रम संवत 2083, शक संवत 1949
सूर्य आणि चंद्र
- सूर्योदय
- सूर्यास्त
- मध्यान्ह
- चंद्रोदय
- चंद्रास्त
- चंद्र कला
- अमावस्या
- चंद्राचा प्रकाशित भाग
- ०%
- चंद्र राशी
- मेष
- सूर्य रास
- मेष
राहुकाळ आणि टाळायच्या वेळा
- राहू काळ
- –
- यमगंड
- –
- गुलिक काळ
- –
शुभ वेळा
- अभिजित मुहूर्त
- –
- आनंदादी योग
- –
- ब्रह्म मुहूर्त
- –
- गोधूली मुहूर्त
- –
- निशीथ मुहूर्त
- –
- प्रातः संध्या
- –
- सायं संध्या
- –
- विजय मुहूर्त
- –
चौघडिया
दिवस
| नाव | पासून | पर्यंत |
|---|---|---|
| शुभ | ||
| रोग | ||
| उद्वेग | ||
| चर | ||
| लाभ | ||
| अमृत | ||
| काळ | ||
| शुभ |
रात्र
| नाव | पासून | पर्यंत |
|---|---|---|
| अमृत | ||
| काळ | ||
| शुभ | ||
| रोग | ||
| उद्वेग | ||
| चर | ||
| लाभ | ||
| अमृत |
होरा
| नाव | पासून | पर्यंत |
|---|---|---|
| गुरू | ||
| मंगळ | ||
| रवी | ||
| शुक्र | ||
| बुध | ||
| चंद्र | ||
| शनी | ||
| गुरू | ||
| मंगळ | ||
| रवी | ||
| शुक्र | ||
| बुध | ||
| चंद्र | ||
| शनी | ||
| गुरू | ||
| मंगळ | ||
| रवी | ||
| शुक्र | ||
| बुध | ||
| चंद्र | ||
| शनी | ||
| गुरू | ||
| मंगळ | ||
| रवी |
लग्न
| नाव | पासून | पर्यंत |
|---|---|---|
| मेष | ||
| वृषभ | ||
| मिथुन | ||
| कर्क | ||
| सिंह | ||
| कन्या | ||
| तूळ | ||
| वृश्चिक | ||
| धनू | ||
| मकर | ||
| कुंभ | ||
| मीन | ||
| मेष |
सण आणि व्रते
अमावस्यामुहूर्त: – प्रत्येक चांद्रमासाच्या कृष्ण पक्षातील शेवटची तिथी; पितरांसाठी श्राद्ध, तर्पण व दान यांचा दिवस.
दर्श अमावस्यामुहूर्त: – दर्श अमावस्या ही प्रत्येक महिन्याच्या कृष्ण पक्षातील अमावस्या असून, या दिवशी अपराह्नकाळी श्राद्धकर्मांसाठी महत्त्व दिले जाते.
आज लक्षात घेण्यासारखे
- पूर्णा तिथी