पंचांग
जयपूर पंचांग, बुधवार ३ फेब्रुवारी 2027
तुम्ही जयपूर निवडले आहे. या पानावरील वेळा आणि तिथी उत्तर भारत प्रदेशासाठी आहेत; त्यांची गणना दिल्ली शहरासाठी केली आहे. जयपूर येथे वेळा वेगळ्या असू शकतात, आणि एखादा सण दुसऱ्या दिवशी येऊ शकतो.
या सणांच्या तारखा अजून छापील पंचांगाशी पडताळून पाहिलेल्या नाहीत.
पंचांगाची पाच अंगे आणि महिना
- तिथी
- द्वादशी (11:10:38 – 13:50:35)
- नक्षत्र
- मूळ (09:21:15 – 12:25:54)
- योग
- हर्षण (17:46:45 – 18:44:05)
- करण
- तैतिल (00:29:54 – 13:50:36)
- वार
- बुधवार (07:08:56 – 07:08:20)
- महिना (अमांत)
- पौष
- महिना (पौर्णिमांत)
- माघ
- पक्ष
- कृष्ण
- ऋतू
- हेमंत
- अयन
- उत्तरायण
- संवत्सर
- पराभव
- संवत
- विक्रम संवत 2083, शक संवत 1948
सूर्य आणि चंद्र
- सूर्योदय
- सूर्यास्त
- मध्यान्ह
- चंद्रोदय
- चंद्रास्त
- चंद्र कला
- घटती चंद्रकोर
- चंद्राचा प्रकाशित भाग
- ११%
- चंद्र राशी
- धनू
- सूर्य रास
- मकर
राहुकाळ आणि टाळायच्या वेळा
- राहू काळ
- –
- यमगंड
- –
- गुलिक काळ
- –
- गंडमूळ
- –
शुभ वेळा
- अभिजित मुहूर्त
- –
- आनंदादी योग
- –
- ब्रह्म मुहूर्त
- –
- गोधूली मुहूर्त
- –
- निशीथ मुहूर्त
- –
- प्रातः संध्या
- –
- सायं संध्या
- –
- विजय मुहूर्त
- –
चौघडिया
दिवस
| नाव | पासून | पर्यंत |
|---|---|---|
| लाभ | ||
| अमृत | ||
| काळ | ||
| शुभ | ||
| रोग | ||
| उद्वेग | ||
| चर | ||
| लाभ |
रात्र
| नाव | पासून | पर्यंत |
|---|---|---|
| उद्वेग | ||
| चर | ||
| लाभ | ||
| अमृत | ||
| काळ | ||
| शुभ | ||
| रोग | ||
| उद्वेग |
होरा
| नाव | पासून | पर्यंत |
|---|---|---|
| बुध | ||
| चंद्र | ||
| शनी | ||
| गुरू | ||
| मंगळ | ||
| रवी | ||
| शुक्र | ||
| बुध | ||
| चंद्र | ||
| शनी | ||
| गुरू | ||
| मंगळ | ||
| रवी | ||
| शुक्र | ||
| बुध | ||
| चंद्र | ||
| शनी | ||
| गुरू | ||
| मंगळ | ||
| रवी | ||
| शुक्र | ||
| बुध | ||
| चंद्र | ||
| शनी |
लग्न
| नाव | पासून | पर्यंत |
|---|---|---|
| मकर | ||
| कुंभ | ||
| मीन | ||
| मेष | ||
| वृषभ | ||
| मिथुन | ||
| कर्क | ||
| सिंह | ||
| कन्या | ||
| तूळ | ||
| वृश्चिक | ||
| धनू | ||
| मकर |
सण आणि व्रते
प्रदोषमुहूर्त: – प्रत्येक पक्षाच्या त्रयोदशीला संध्याकाळी शिवाची उपासना.
आज लक्षात घेण्यासारखे
- गंडमूळ