पंचांग
कोल्हापूर पंचांग, सोमवार १९ एप्रिल 2027
तुम्ही कोल्हापूर निवडले आहे. या पानावरील वेळा आणि तिथी महाराष्ट्र प्रदेशासाठी आहेत; त्यांची गणना मुंबई शहरासाठी केली आहे. कोल्हापूर येथे वेळा वेगळ्या असू शकतात, आणि एखादा सण दुसऱ्या दिवशी येऊ शकतो.
या सणांच्या तारखा अजून छापील पंचांगाशी पडताळून पाहिलेल्या नाहीत.
पंचांगाची पाच अंगे आणि महिना
- तिथी
- चतुर्दशी (06:08:44 – 04:51:42)
- नक्षत्र
- हस्त (05:14:46 – 04:40:26)
- योग
- व्याघात (21:57:33 – 19:43:52)
- करण
- गर (06:08:43 – 17:27:47)
- वार
- सोमवार (06:18:42 – 06:17:59)
- महिना (अमांत)
- चैत्र
- महिना (पौर्णिमांत)
- चैत्र
- पक्ष
- शुक्ल
- ऋतू
- वसंत
- अयन
- उत्तरायण
- संवत्सर
- प्लवंग
- संवत
- शक संवत 1948/1949, विक्रम संवत 2083/2084
सूर्य आणि चंद्र
- सूर्योदय
- सूर्यास्त
- मध्यान्ह
- चंद्रोदय
- चंद्रास्त
- चंद्र कला
- वाढता चंद्र
- चंद्राचा प्रकाशित भाग
- ९६%
- चंद्र राशी
- कन्या
- सूर्य रास
- मेष
राहुकाळ आणि टाळायच्या वेळा
- राहू काळ
- –
- यमगंड
- –
- गुलिक काळ
- –
- भद्रा
- –
- अशुभ योग
- –
- रिक्ता तिथी
- –
शुभ वेळा
- अभिजित मुहूर्त
- –
- आनंदादी योग
- –
- ब्रह्म मुहूर्त
- –
- गोधूली मुहूर्त
- –
- निशीथ मुहूर्त
- –
- प्रातः संध्या
- –
- रवि योग
- –
- सायं संध्या
- –
- विजय मुहूर्त
- –
चौघडिया
दिवस
| नाव | पासून | पर्यंत |
|---|---|---|
| अमृत | ||
| काळ | ||
| शुभ | ||
| रोग | ||
| उद्वेग | ||
| चर | ||
| लाभ | ||
| अमृत |
रात्र
| नाव | पासून | पर्यंत |
|---|---|---|
| चर | ||
| लाभ | ||
| अमृत | ||
| काळ | ||
| शुभ | ||
| रोग | ||
| उद्वेग | ||
| चर |
होरा
| नाव | पासून | पर्यंत |
|---|---|---|
| चंद्र | ||
| शनी | ||
| गुरू | ||
| मंगळ | ||
| रवी | ||
| शुक्र | ||
| बुध | ||
| चंद्र | ||
| शनी | ||
| गुरू | ||
| मंगळ | ||
| रवी | ||
| शुक्र | ||
| बुध | ||
| चंद्र | ||
| शनी | ||
| गुरू | ||
| मंगळ | ||
| रवी | ||
| शुक्र | ||
| बुध | ||
| चंद्र | ||
| शनी | ||
| गुरू |
लग्न
| नाव | पासून | पर्यंत |
|---|---|---|
| मेष | ||
| वृषभ | ||
| मिथुन | ||
| कर्क | ||
| सिंह | ||
| कन्या | ||
| तूळ | ||
| वृश्चिक | ||
| धनू | ||
| मकर | ||
| कुंभ | ||
| मीन | ||
| मेष |
सण आणि व्रते
ज्योतिर्लिंग यात्रामुहूर्त: – चैत्र शुक्ल चतुर्दशीला कोल्हापूर जिल्ह्यातील वाडी रत्नागिरी येथे ज्योतिर्लिंगाची यात्रा भरते.
हनुमान जन्मोत्सव उपवासहनुमान जयंतीच्या आदल्या दिवशी काही स्मार्त परंपरांत पाळला जाणारा उपवास.
आयंबिल ओळी (जैन)मुहूर्त: – जैन परंपरेतील आयंबिल तपाची ओळी चैत्र शुक्ल सप्तमीला सुरू होते.
दमनक चतुर्दशीमुहूर्त: – चैत्र शुक्ल चतुर्दशीला दमनक चतुर्दशी म्हणून पाळली जाते.
आज लक्षात घेण्यासारखे
- रिक्ता तिथी
- व्याघात योग
- विष्टी करण
- वार-नक्षत्र योग