पंचांग
मेलबर्न पंचांग, गुरुवार २४ डिसेंबर 2026
या पानावरील वेळा आणि तिथी मेलबर्न शहरासाठी आहेत.
या सणांच्या तारखा अजून छापील पंचांगाशी पडताळून पाहिलेल्या नाहीत.
पंचांगाची पाच अंगे आणि महिना
- तिथी
- पौर्णिमा (16:17:27 – 12:28:06)
- नक्षत्र
- मृगशीर्ष (13:26:21 – 10:22:53)
- योग
- शुक्ल (22:44:59 – 18:20:48)
- करण
- बव (02:23:39 – 12:28:06)
- वार
- गुरुवार (05:55:52 – 05:56:26)
- महिना (अमांत)
- मार्गशीर्ष
- महिना (पौर्णिमांत)
- मार्गशीर्ष
- पक्ष
- शुक्ल
- ऋतू
- हेमंत
- अयन
- दक्षिणायन
- संवत्सर
- पराभव
- संवत
- शक संवत 1948, विक्रम संवत 2083
सूर्य आणि चंद्र
- सूर्योदय
- सूर्यास्त
- मध्यान्ह
- चंद्रोदय
- चंद्रास्त
- चंद्र कला
- पौर्णिमा
- चंद्राचा प्रकाशित भाग
- १००%
- चंद्र राशी
- मिथुन
- सूर्य रास
- धनू
राहुकाळ आणि टाळायच्या वेळा
- राहू काळ
- –
- यमगंड
- –
- गुलिक काळ
- –
शुभ वेळा
- अभिजित मुहूर्त
- –
- आनंदादी योग
- –
- ब्रह्म मुहूर्त
- –
- गोधूली मुहूर्त
- –
- निशीथ मुहूर्त
- –
- प्रातः संध्या
- –
- सायं संध्या
- –
- विजय मुहूर्त
- –
चौघडिया
दिवस
| नाव | पासून | पर्यंत |
|---|---|---|
| शुभ | ||
| रोग | ||
| उद्वेग | ||
| चर | ||
| लाभ | ||
| अमृत | ||
| काळ | ||
| शुभ |
रात्र
| नाव | पासून | पर्यंत |
|---|---|---|
| अमृत | ||
| काळ | ||
| शुभ | ||
| रोग | ||
| उद्वेग | ||
| चर | ||
| लाभ | ||
| अमृत |
होरा
| नाव | पासून | पर्यंत |
|---|---|---|
| गुरू | ||
| मंगळ | ||
| रवी | ||
| शुक्र | ||
| बुध | ||
| चंद्र | ||
| शनी | ||
| गुरू | ||
| मंगळ | ||
| रवी | ||
| शुक्र | ||
| बुध | ||
| चंद्र | ||
| शनी | ||
| गुरू | ||
| मंगळ | ||
| रवी | ||
| शुक्र | ||
| बुध | ||
| चंद्र | ||
| शनी | ||
| गुरू | ||
| मंगळ | ||
| रवी |
लग्न
| नाव | पासून | पर्यंत |
|---|---|---|
| धनू | ||
| मकर | ||
| कुंभ | ||
| मीन | ||
| मेष | ||
| वृषभ | ||
| मिथुन | ||
| कर्क | ||
| सिंह | ||
| कन्या | ||
| तूळ | ||
| वृश्चिक | ||
| धनू |
सण आणि व्रते
दत्त जयंतीमुहूर्त: – दत्तात्रेयांचा जन्मदिन.
अयन करिदिनमुहूर्त: – सूर्य मकर राशीत प्रवेश करतो त्या दिवशी उत्तरायणाचा आरंभ मानला जातो.
पौर्णिमामुहूर्त: – हिंदू पंचांगानुसार प्रत्येक शुक्ल पक्षाच्या शेवटच्या दिवशी येणारी ही तिथी आहे. या दिवशी चंद्र पूर्ण कलांनी युक्त असतो.
राष्ट्रीय ग्राहक दिनग्राहकांच्या हक्कांविषयी जागरूकता निर्माण करण्यासाठी पाळला जाणारा दिवस.
आज लक्षात घेण्यासारखे
- पूर्णा तिथी