पंचांग
नवी मुंबई पंचांग, बुधवार ९ डिसेंबर 2026
तुम्ही नवी मुंबई निवडले आहे. या पानावरील वेळा आणि तिथी महाराष्ट्र प्रदेशासाठी आहेत; त्यांची गणना मुंबई शहरासाठी केली आहे. नवी मुंबई येथे वेळा वेगळ्या असू शकतात, आणि एखादा सण दुसऱ्या दिवशी येऊ शकतो.
या सणांच्या तारखा अजून छापील पंचांगाशी पडताळून पाहिलेल्या नाहीत.
पंचांगाची पाच अंगे आणि महिना
- तिथी
- प्रतिपदा (06:21:42 – 08:46:23)
- नक्षत्र
- ज्येष्ठा (18:16:01 – 21:00:19)
- योग
- धृती (08:06:01 – 08:39:15)
- करण
- किंस्तुघ्न (06:21:42 – 19:32:14)
- वार
- बुधवार (07:00:11 – 07:00:47)
- महिना (अमांत)
- मार्गशीर्ष
- महिना (पौर्णिमांत)
- मार्गशीर्ष
- पक्ष
- शुक्ल
- ऋतू
- हेमंत
- अयन
- दक्षिणायन
- संवत्सर
- पराभव
- संवत
- शक संवत 1948, विक्रम संवत 2083
सूर्य आणि चंद्र
- सूर्योदय
- सूर्यास्त
- मध्यान्ह
- चंद्रोदय
- चंद्रास्त
- चंद्र कला
- अमावस्या
- चंद्राचा प्रकाशित भाग
- ०%
- चंद्र राशी
- वृश्चिक, पर्यंत
- सूर्य रास
- वृश्चिक
राहुकाळ आणि टाळायच्या वेळा
- राहू काळ
- –
- यमगंड
- –
- गुलिक काळ
- –
- गंडमूळ
- –
शुभ वेळा
- अभिजित मुहूर्त
- –
- आनंदादी योग
- –
- ब्रह्म मुहूर्त
- –
- गोधूली मुहूर्त
- –
- निशीथ मुहूर्त
- –
- प्रातः संध्या
- –
- सायं संध्या
- –
- विजय मुहूर्त
- –
चौघडिया
दिवस
| नाव | पासून | पर्यंत |
|---|---|---|
| लाभ | ||
| अमृत | ||
| काळ | ||
| शुभ | ||
| रोग | ||
| उद्वेग | ||
| चर | ||
| लाभ |
रात्र
| नाव | पासून | पर्यंत |
|---|---|---|
| उद्वेग | ||
| चर | ||
| लाभ | ||
| अमृत | ||
| काळ | ||
| शुभ | ||
| रोग | ||
| उद्वेग |
होरा
| नाव | पासून | पर्यंत |
|---|---|---|
| बुध | ||
| चंद्र | ||
| शनी | ||
| गुरू | ||
| मंगळ | ||
| रवी | ||
| शुक्र | ||
| बुध | ||
| चंद्र | ||
| शनी | ||
| गुरू | ||
| मंगळ | ||
| रवी | ||
| शुक्र | ||
| बुध | ||
| चंद्र | ||
| शनी | ||
| गुरू | ||
| मंगळ | ||
| रवी | ||
| शुक्र | ||
| बुध | ||
| चंद्र | ||
| शनी |
लग्न
| नाव | पासून | पर्यंत |
|---|---|---|
| वृश्चिक | ||
| धनू | ||
| मकर | ||
| कुंभ | ||
| मीन | ||
| मेष | ||
| वृषभ | ||
| मिथुन | ||
| कर्क | ||
| सिंह | ||
| कन्या | ||
| तूळ | ||
| वृश्चिक |
सण आणि व्रते
देव दिवाळीमुहूर्त: – महाराष्ट्रात मार्गशीर्ष शुक्ल प्रतिपदेला देव दिवाळी साजरी केली जाते.
मार्तंड भैरव षड्रात्रोत्सवमुहूर्त: – जेजुरी येथील खंडोबाच्या मार्तंड भैरव रूपाचा मार्गशीर्ष शुक्ल प्रतिपदेपासून सहा तिथींचा उत्सव.
मार्गशीर्ष महिना सुरूअमान्त पद्धतीनुसार नवीन चांद्र महिन्याची सुरुवात.
आज लक्षात घेण्यासारखे
- गंडमूळ