पंचांग
पुणे पंचांग, सोमवार ५ एप्रिल 2027
तुम्ही पुणे निवडले आहे. या पानावरील वेळा आणि तिथी महाराष्ट्र प्रदेशासाठी आहेत; त्यांची गणना मुंबई शहरासाठी केली आहे. पुणे येथे वेळा वेगळ्या असू शकतात, आणि एखादा सण दुसऱ्या दिवशी येऊ शकतो.
या सणांच्या तारखा अजून छापील पंचांगाशी पडताळून पाहिलेल्या नाहीत.
पंचांगाची पाच अंगे आणि महिना
- तिथी
- चतुर्दशी (05:23:31 – 05:40:48)
- नक्षत्र
- पूर्वा भाद्रपदा (16:32:51 – 17:46:33)
- योग
- शुक्ल (10:13:13 – 09:47:05)
- करण
- विष्टी (05:23:31 – 17:37:00)
- वार
- सोमवार (06:29:36 – 06:28:47)
- महिना (अमांत)
- फाल्गुन
- महिना (पौर्णिमांत)
- चैत्र
- पक्ष
- कृष्ण
- ऋतू
- शिशिर
- अयन
- उत्तरायण
- संवत्सर
- पराभव
- संवत
- शक संवत 1948/1949, विक्रम संवत 2083/2084
सूर्य आणि चंद्र
- सूर्योदय
- सूर्यास्त
- मध्यान्ह
- चंद्रोदय
- चंद्रास्त
- चंद्र कला
- घटती चंद्रकोर
- चंद्राचा प्रकाशित भाग
- ४%
- चंद्र राशी
- कुंभ, पर्यंत
- सूर्य रास
- मीन
राहुकाळ आणि टाळायच्या वेळा
- राहू काळ
- –
- यमगंड
- –
- गुलिक काळ
- –
- भद्रा
- –
- पंचक
- –
- रिक्ता तिथी
- –
शुभ वेळा
- अभिजित मुहूर्त
- –
- आनंदादी योग
- –
- ब्रह्म मुहूर्त
- –
- गोधूली मुहूर्त
- –
- निशीथ मुहूर्त
- –
- प्रातः संध्या
- –
- सायं संध्या
- –
- विजय मुहूर्त
- –
चौघडिया
दिवस
| नाव | पासून | पर्यंत |
|---|---|---|
| अमृत | ||
| काळ | ||
| शुभ | ||
| रोग | ||
| उद्वेग | ||
| चर | ||
| लाभ | ||
| अमृत |
रात्र
| नाव | पासून | पर्यंत |
|---|---|---|
| चर | ||
| लाभ | ||
| अमृत | ||
| काळ | ||
| शुभ | ||
| रोग | ||
| उद्वेग | ||
| चर |
होरा
| नाव | पासून | पर्यंत |
|---|---|---|
| चंद्र | ||
| शनी | ||
| गुरू | ||
| मंगळ | ||
| रवी | ||
| शुक्र | ||
| बुध | ||
| चंद्र | ||
| शनी | ||
| गुरू | ||
| मंगळ | ||
| रवी | ||
| शुक्र | ||
| बुध | ||
| चंद्र | ||
| शनी | ||
| गुरू | ||
| मंगळ | ||
| रवी | ||
| शुक्र | ||
| बुध | ||
| चंद्र | ||
| शनी | ||
| गुरू |
लग्न
| नाव | पासून | पर्यंत |
|---|---|---|
| मीन | ||
| मेष | ||
| वृषभ | ||
| मिथुन | ||
| कर्क | ||
| सिंह | ||
| कन्या | ||
| तूळ | ||
| वृश्चिक | ||
| धनू | ||
| मकर | ||
| कुंभ | ||
| मीन |
सण आणि व्रते
मासिक शिवरात्रमुहूर्त: – प्रत्येक महिन्याच्या कृष्ण पक्षातील चतुर्दशीला भगवान शिवाची उपासना करण्याचा हा दिवस आहे.
सोमवती अमावस्यामुहूर्त: – सोमवारी येणारी अमावस्या. या दिवशी पितरांसाठी श्राद्ध, स्नान-दान आणि पिंपळपूजन केले जाते.
आज लक्षात घेण्यासारखे
- रिक्ता तिथी
- विष्टी करण
- पंचक