पंचांग
पुणे पंचांग, रविवार ९ मे 2027
तुम्ही पुणे निवडले आहे. या पानावरील वेळा आणि तिथी महाराष्ट्र प्रदेशासाठी आहेत; त्यांची गणना मुंबई शहरासाठी केली आहे. पुणे येथे वेळा वेगळ्या असू शकतात, आणि एखादा सण दुसऱ्या दिवशी येऊ शकतो.
या सणांच्या तारखा अजून छापील पंचांगाशी पडताळून पाहिलेल्या नाहीत.
पंचांगाची पाच अंगे आणि महिना
- तिथी
- तृतीया (11:43:09 – 09:03:36)
- नक्षत्र
- मृगशीर्ष (21:52:46 – 19:59:06)
- योग
- सुकर्मा (02:36:26 – 23:19:38)
- करण
- गर (22:23:56 – 09:03:36)
- वार
- रविवार (06:06:36 – 06:06:09)
- महिना (अमांत)
- वैशाख
- महिना (पौर्णिमांत)
- वैशाख
- पक्ष
- शुक्ल
- ऋतू
- वसंत
- अयन
- उत्तरायण
- संवत्सर
- प्लवंग
- संवत
- शक संवत 1949, विक्रम संवत 2084
सूर्य आणि चंद्र
- सूर्योदय
- सूर्यास्त
- मध्यान्ह
- चंद्रोदय
- चंद्रास्त
- चंद्र कला
- वाढती चंद्रकोर
- चंद्राचा प्रकाशित भाग
- ९%
- चंद्र राशी
- वृषभ, पर्यंत
- सूर्य रास
- मेष
राहुकाळ आणि टाळायच्या वेळा
- राहू काळ
- –
- यमगंड
- –
- गुलिक काळ
- –
- भद्रा
- –
शुभ वेळा
- अभिजित मुहूर्त
- –
- आनंदादी योग
- –
- ब्रह्म मुहूर्त
- –
- गोधूली मुहूर्त
- –
- निशीथ मुहूर्त
- –
- प्रातः संध्या
- –
- रवि योग
- –
- सायं संध्या
- –
- विजय मुहूर्त
- –
चौघडिया
दिवस
| नाव | पासून | पर्यंत |
|---|---|---|
| उद्वेग | ||
| चर | ||
| लाभ | ||
| अमृत | ||
| काळ | ||
| शुभ | ||
| रोग | ||
| उद्वेग |
रात्र
| नाव | पासून | पर्यंत |
|---|---|---|
| शुभ | ||
| रोग | ||
| उद्वेग | ||
| चर | ||
| लाभ | ||
| अमृत | ||
| काळ | ||
| शुभ |
होरा
| नाव | पासून | पर्यंत |
|---|---|---|
| रवी | ||
| शुक्र | ||
| बुध | ||
| चंद्र | ||
| शनी | ||
| गुरू | ||
| मंगळ | ||
| रवी | ||
| शुक्र | ||
| बुध | ||
| चंद्र | ||
| शनी | ||
| गुरू | ||
| मंगळ | ||
| रवी | ||
| शुक्र | ||
| बुध | ||
| चंद्र | ||
| शनी | ||
| गुरू | ||
| मंगळ | ||
| रवी | ||
| शुक्र | ||
| बुध |
लग्न
| नाव | पासून | पर्यंत |
|---|---|---|
| मेष | ||
| वृषभ | ||
| मिथुन | ||
| कर्क | ||
| सिंह | ||
| कन्या | ||
| तूळ | ||
| वृश्चिक | ||
| धनू | ||
| मकर | ||
| कुंभ | ||
| मीन | ||
| मेष |
सण आणि व्रते
अक्षय तृतीयामुहूर्त: – वैशाख शुक्ल तृतीया. महाराष्ट्रात हा दिवस साडेतीन मुहूर्तांपैकी एक स्वयंसिद्ध मुहूर्त मानला जातो.
विनायक चतुर्थीमुहूर्त: – प्रत्येक महिन्याच्या शुक्ल पक्षातील चतुर्थीला भगवान गणेशाचे व्रत केले जाते.
महाराणा प्रताप जयंतीमेवाडचे राजे महाराणा प्रताप यांची जयंती महाराष्ट्रात स्मरण केली जाते.
श्री परशुराम जयंतीमुहूर्त: – वैशाख शुक्ल तृतीयेला भगवान विष्णूंचा सहावा अवतार श्री परशुराम यांची जयंती साजरी केली जाते.
रवींद्रनाथ टागोर जयंतीनोबेल पारितोषिक विजेते कवी आणि साहित्यिक रवींद्रनाथ टागोर यांची जयंती.
वर्षीतप समापन (जैन)मुहूर्त: – जैन परंपरेतील वर्षीतप तपाची सांगता वैशाख शुक्ल तृतीयेला होते.
तिसरी तीजमुहूर्त: – वैशाख शुक्ल तृतीया. हा दिवस तिसरी तीज म्हणून पाळला जातो.
आज लक्षात घेण्यासारखे
- विष्टी करण
- वार-नक्षत्र योग