पंचांग
सातारा पंचांग, सोमवार १२ एप्रिल 2027
तुम्ही सातारा निवडले आहे. या पानावरील वेळा आणि तिथी महाराष्ट्र प्रदेशासाठी आहेत; त्यांची गणना मुंबई शहरासाठी केली आहे. सातारा येथे वेळा वेगळ्या असू शकतात, आणि एखादा सण दुसऱ्या दिवशी येऊ शकतो.
या सणांच्या तारखा अजून छापील पंचांगाशी पडताळून पाहिलेल्या नाहीत.
पंचांगाची पाच अंगे आणि महिना
- तिथी
- षष्ठी (21:39:53 – 19:35:13)
- नक्षत्र
- मृगशीर्ष (14:53:12 – 13:33:56)
- योग
- शोभन (19:36:11 – 16:47:56)
- करण
- कौलव (21:39:53 – 08:37:52)
- वार
- सोमवार (06:23:59 – 06:23:12)
- महिना (अमांत)
- चैत्र
- महिना (पौर्णिमांत)
- चैत्र
- पक्ष
- शुक्ल
- ऋतू
- वसंत
- अयन
- उत्तरायण
- संवत्सर
- प्लवंग
- संवत
- शक संवत 1948/1949, विक्रम संवत 2083/2084
सूर्य आणि चंद्र
- सूर्योदय
- सूर्यास्त
- मध्यान्ह
- चंद्रोदय
- चंद्र कला
- वाढती चंद्रकोर
- चंद्राचा प्रकाशित भाग
- २९%
- चंद्र राशी
- मिथुन
- सूर्य रास
- मीन
राहुकाळ आणि टाळायच्या वेळा
- राहू काळ
- –
- यमगंड
- –
- गुलिक काळ
- –
- विदल तिथी
- –
शुभ वेळा
- अभिजित मुहूर्त
- –
- अमृत सिद्धी योग
- –
- आनंदादी योग
- –
- ब्रह्म मुहूर्त
- –
- गोधूली मुहूर्त
- –
- निशीथ मुहूर्त
- –
- प्रातः संध्या
- –
- रवि योग
- –
- सायं संध्या
- –
- विजय मुहूर्त
- –
चौघडिया
दिवस
| नाव | पासून | पर्यंत |
|---|---|---|
| अमृत | ||
| काळ | ||
| शुभ | ||
| रोग | ||
| उद्वेग | ||
| चर | ||
| लाभ | ||
| अमृत |
रात्र
| नाव | पासून | पर्यंत |
|---|---|---|
| चर | ||
| लाभ | ||
| अमृत | ||
| काळ | ||
| शुभ | ||
| रोग | ||
| उद्वेग | ||
| चर |
होरा
| नाव | पासून | पर्यंत |
|---|---|---|
| चंद्र | ||
| शनी | ||
| गुरू | ||
| मंगळ | ||
| रवी | ||
| शुक्र | ||
| बुध | ||
| चंद्र | ||
| शनी | ||
| गुरू | ||
| मंगळ | ||
| रवी | ||
| शुक्र | ||
| बुध | ||
| चंद्र | ||
| शनी | ||
| गुरू | ||
| मंगळ | ||
| रवी | ||
| शुक्र | ||
| बुध | ||
| चंद्र | ||
| शनी | ||
| गुरू |
लग्न
| नाव | पासून | पर्यंत |
|---|---|---|
| मीन | ||
| मेष | ||
| वृषभ | ||
| मिथुन | ||
| कर्क | ||
| सिंह | ||
| कन्या | ||
| तूळ | ||
| वृश्चिक | ||
| धनू | ||
| मकर | ||
| कुंभ | ||
| मीन |
सण आणि व्रते
चैत्र नवरात्रमुहूर्त: – चैत्र शुक्ल प्रतिपदेपासून सुरू होणारा नऊ दिवसांचा कालावधी; या काळात देवीची उपासना केली जाते.
नाईकबा पालखी सोहळामुहूर्त: – कराडजवळील बाणपुरी येथे श्री नाईकबा महाराजांच्या पालखीचा वार्षिक सोहळा.
पारशी आदर महिना सुरूशहेनशाही दिनदर्शिकेनुसार पारशी महिन्याचा पहिला दिवस.
आज लक्षात घेण्यासारखे
- वार-नक्षत्र योग