हिंदू कैलेंडर
फ़रवरी 2027 कैलेंडर और पंचांग, महाराष्ट्र
फ़रवरी 2027 का हर दिन
- वार
- सोमवार
- तिथि
- दशमी (06:34:07 – 08:41:36)
- नक्षत्र
- ज्येष्ठा (06:27:37 – 09:21:15)
- योग
- ध्रुव (16:18:05 – 16:55:39)
- करण
- विष्टि (19:34:30 – 08:41:36)
- वार
- सोमवार (07:12:49 – 07:12:31)
- मास (अमांत)
- पौष
- मास (पूर्णिमांत)
- माघ
- सूर्योदय
- ०७:१२
- सूर्यास्त
- १८:३१
- चंद्रोदय
- ०३:०२
- चंद्रास्त
- १४:०२
- चंद्र राशि
- वृश्चिक
- राहु काल
- ०८:३७–१०:०२
- वार
- मंगलवार
- तिथि
- एकादशी (08:41:36 – 11:10:38)
- नक्षत्र
- ज्येष्ठा (06:27:37 – 09:21:15)
- योग
- व्याघात (16:55:39 – 17:46:45)
- करण
- बालव (21:54:06 – 11:10:38)
- वार
- मंगलवार (07:12:31 – 07:12:12)
- मास (अमांत)
- पौष
- मास (पूर्णिमांत)
- माघ
- सूर्योदय
- ०७:१२
- सूर्यास्त
- १८:३१
- चंद्रोदय
- ०३:५५
- चंद्रास्त
- १४:५३
- चंद्र राशि
- वृश्चिक, ०९:२१ तक
- राहु काल
- १५:४२–१७:०६
त्योहार, व्रत और विशेष दिन
संत निवृत्तिनाथ यात्रात्र्यंबकेश्वर में संत निवृत्तिनाथ के समाधि-स्थल पर अमान्त पौष कृष्ण एकादशी को होने वाली वार्षिक यात्रा।
षट्तिला एकादशीअमान्त पौष (पूर्णिमान्त माघ) मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को षट्तिला एकादशी कहते हैं। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा और तिल के छः प्रकार से उपयोग का विधान है।
- वार
- बुधवार
- तिथि
- द्वादशी (11:10:38 – 13:50:35)
- नक्षत्र
- मूल (09:21:15 – 12:25:54)
- योग
- हर्षण (17:46:45 – 18:44:05)
- करण
- तैतिल (00:29:54 – 13:50:36)
- वार
- बुधवार (07:12:12 – 07:11:52)
- मास (अमांत)
- पौष
- मास (पूर्णिमांत)
- माघ
- सूर्योदय
- ०७:१२
- सूर्यास्त
- १८:३२
- चंद्रोदय
- ०४:४५
- चंद्रास्त
- १५:४५
- चंद्र राशि
- धनु
- राहु काल
- १२:५२–१४:१७
त्योहार, व्रत और विशेष दिन
प्रदोषत्रयोदशी तिथि को शिव की उपासना का व्रत।
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- त्रयोदशी (13:50:36 – 16:31:41)
- नक्षत्र
- पूर्वाषाढा (12:25:54 – 15:32:08)
- योग
- वज्र (18:44:05 – 19:41:05)
- करण
- वणिज (03:11:33 – 16:31:41)
- वार
- गुरुवार (07:11:52 – 07:11:31)
- मास (अमांत)
- पौष
- मास (पूर्णिमांत)
- माघ
- सूर्योदय
- ०७:११
- सूर्यास्त
- १८:३२
- चंद्रोदय
- ०५:३१
- चंद्रास्त
- १६:३९
- चंद्र राशि
- धनु, २२:१७ तक
- राहु काल
- १४:१७–१५:४२
त्योहार, व्रत और विशेष दिन
मासिक शिवरात्रिप्रत्येक मास की कृष्ण चतुर्दशी को भगवान शिव की उपासना का व्रत रखा जाता है।
मेरु त्रयोदशी (जैन)जैन धर्म में अमान्त पौष (पूर्णिमान्त माघ) कृष्ण त्रयोदशी को भगवान ऋषभदेव के निर्वाण दिवस के रूप में मनाया जाता है।
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- चतुर्दशी (16:31:41 – 19:05:39)
- नक्षत्र
- उत्तराषाढा (15:32:08 – 18:31:57)
- योग
- सिद्धि (19:41:05 – 20:32:16)
- करण
- शकुनि (05:50:00 – 19:05:39)
- वार
- शुक्रवार (07:11:31 – 07:11:09)
- मास (अमांत)
- पौष
- मास (पूर्णिमांत)
- माघ
- सूर्योदय
- ०७:११
- सूर्यास्त
- १८:३३
- चंद्रोदय
- ०६:१४
- चंद्रास्त
- १७:३१
- चंद्र राशि
- मकर
- राहु काल
- ११:२७–१२:५२
- वार
- शनिवार
- तिथि
- अमावस्या (19:05:39 – 21:25:59)
- नक्षत्र
- श्रवण (18:31:57 – 21:19:03)
- योग
- व्यतीपात (20:32:16 – 21:13:12)
- करण
- चतुष्पद (19:05:39 – 08:17:52)
- वार
- शनिवार (07:11:09 – 07:10:46)
- मास (अमांत)
- पौष
- मास (पूर्णिमांत)
- माघ
- सूर्योदय
- ०७:११
- सूर्यास्त
- १८:३४
- चंद्रोदय
- ०६:५४
- चंद्रास्त
- १८:२३
- चंद्र राशि
- मकर
- राहु काल
- १०:०१–११:२७
त्योहार, व्रत और विशेष दिन
अमावस्याकृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि, जब चंद्रमा दिखाई नहीं देता; इस दिन पितरों के लिए तर्पण और श्राद्ध किया जाता है।
शनैश्चरी अमावस्याप्रत्येक मास की कृष्ण पक्ष की अमावस्या को दर्श अमावस्या के रूप में मनाया जाता है।
सूर्य ग्रहणसूर्य ग्रहण एक खगोलीय घटना है। इस दिन अमावस्या होती है और सूतक काल मान्य होने पर वेध एवं धार्मिक अनुष्ठानों के नियम पालन किए जाते हैं।
मौनी अमावस्या (जैन)जैन परंपरा में अमान्त पौष कृष्ण अमावस्या को मौन धारण करने का पर्व।
- वार
- रविवार
- तिथि
- प्रतिपदा (21:25:59 – 23:27:41)
- नक्षत्र
- धनिष्ठा (21:19:03 – 23:48:34)
- योग
- वरीयान (21:13:12 – 21:40:23)
- करण
- किंस्तुघ्न (21:25:59 – 10:29:26)
- वार
- रविवार (07:10:46 – 07:10:21)
- मास (अमांत)
- माघ
- मास (पूर्णिमांत)
- माघ
- सूर्योदय
- ०७:१०
- सूर्यास्त
- १८:३४
- चंद्रोदय
- ०७:३०
- चंद्रास्त
- १९:१४
- चंद्र राशि
- मकर, १०:३६ तक
- राहु काल
- १७:०९–१८:३४
त्योहार, व्रत और विशेष दिन
माघ मास आरम्भस्मार्त पंचांग में नये चान्द्र मास का प्रथम दिन। इस दिन से शुक्ल पक्ष आरम्भ होता है।
- वार
- सोमवार
- तिथि
- द्वितीया (23:27:41 – 01:06:50)
- नक्षत्र
- शतभिषा (23:48:34 – 01:56:38)
- योग
- परिघ (21:40:23 – 21:50:57)
- करण
- बालव (23:27:41 – 12:20:18)
- वार
- सोमवार (07:10:21 – 07:09:56)
- मास (अमांत)
- माघ
- मास (पूर्णिमांत)
- माघ
- सूर्योदय
- ०७:१०
- सूर्यास्त
- १८:३५
- चंद्रोदय
- ०८:०४
- चंद्रास्त
- २०:०४
- चंद्र राशि
- कुम्भ
- राहु काल
- ०८:३५–१०:०१
त्योहार, व्रत और विशेष दिन
मुस्लिम रमज़ान आरंभइस्लामी कैलेंडर के नए चंद्र मास का पहला दिन, जो नया चाँद देखे जाने पर आरंभ होता है।
- वार
- मंगलवार
- तिथि
- तृतीया (01:06:50 – 02:20:10)
- नक्षत्र
- पूर्वा भाद्रपदा (01:56:38 – 03:40:01)
- योग
- शिव (21:50:57 – 21:42:28)
- करण
- तैतिल (01:06:50 – 13:46:55)
- वार
- मंगलवार (07:09:56 – 07:09:29)
- मास (अमांत)
- माघ
- मास (पूर्णिमांत)
- माघ
- सूर्योदय
- ०७:०९
- सूर्यास्त
- १८:३५
- चंद्रोदय
- ०८:३७
- चंद्रास्त
- २०:५३
- चंद्र राशि
- कुम्भ, २१:१६ तक
- राहु काल
- १५:४४–१७:०९
- वार
- बुधवार
- तिथि
- चतुर्थी (02:20:10 – 03:04:54)
- नक्षत्र
- उत्तरा भाद्रपदा (03:40:01 – 04:55:53)
- योग
- सिद्ध (21:42:28 – 21:12:44)
- करण
- वणिज (02:20:10 – 14:46:16)
- वार
- बुधवार (07:09:29 – 07:09:02)
- मास (अमांत)
- माघ
- मास (पूर्णिमांत)
- माघ
- सूर्योदय
- ०७:०९
- सूर्यास्त
- १८:३६
- चंद्रोदय
- ०९:१०
- चंद्रास्त
- २१:४४
- चंद्र राशि
- मीन
- राहु काल
- १२:५२–१४:१८
त्योहार, व्रत और विशेष दिन
श्री गणेश जयंतीमाघ शुक्ल चतुर्थी को भगवान गणेश का जन्मोत्सव मनाया जाता है।
मोरगाँव पालखी यात्रामहाराष्ट्र में मोरगाँव के मयूरेश्वर मंदिर से श्री गणेश की पालखी यात्रा माघ शुक्ल चतुर्थी को निकलती है।
तिलकुंद चतुर्थीमाघ शुक्ल चतुर्थी को, विशेषकर महाराष्ट्र में, मनाया जाने वाला गणेश-व्रत, जिसमें पूजा में तिल और कुंद के फूलों का उपयोग किया जाता है।
विनायक चतुर्थीप्रत्येक मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को भगवान गणेश के विनायक स्वरूप का व्रत और पूजन किया जाता है।
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- पंचमी (03:04:54 – 03:18:39)
- नक्षत्र
- रेवती (04:55:53 – 05:41:47)
- योग
- साध्य (21:12:44 – 20:19:48)
- करण
- बव (03:04:54 – 15:15:47)
- वार
- गुरुवार (07:09:02 – 07:08:33)
- मास (अमांत)
- माघ
- मास (पूर्णिमांत)
- माघ
- सूर्योदय
- ०७:०९
- सूर्यास्त
- १८:३६
- चंद्रोदय
- ०९:४५
- चंद्रास्त
- २२:३७
- चंद्र राशि
- मीन, ०५:४१ तक
- राहु काल
- १४:१८–१५:४४
त्योहार, व्रत और विशेष दिन
वसंत पंचमीमाघ शुक्ल पंचमी को ज्ञान, संगीत और कला की देवी सरस्वती का पूजन।
जगद्गुरु तुकाराम महाराज जयंतीमहाराष्ट्र के प्रसिद्ध संत और वारकरी भक्तिकवि जगद्गुरु तुकाराम महाराज की जयंती।
पारसी मेहर आरंभशहंशाही पारसी पंचांग के अनुसार नए महीने का पहला दिन।
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- षष्ठी (03:18:39 – 02:59:41)
- नक्षत्र
- अश्विनी (05:41:47 – 05:55:53)
- योग
- शुभ (20:19:48 – 19:01:59)
- करण
- कौलव (03:18:39 – 15:13:20)
- वार
- शुक्रवार (07:08:33 – 07:08:03)
- मास (अमांत)
- माघ
- मास (पूर्णिमांत)
- माघ
- सूर्योदय
- ०७:०८
- सूर्यास्त
- १८:३७
- चंद्रोदय
- १०:२२
- चंद्रास्त
- २३:३२
- चंद्र राशि
- मेष
- राहु काल
- ११:२६–१२:५२
- वार
- शनिवार
- तिथि
- सप्तमी (02:59:41 – 02:07:08)
- नक्षत्र
- भरणी (05:55:53 – 05:37:17)
- योग
- शुक्ल (19:01:59 – 17:18:12)
- करण
- गर (02:59:40 – 14:37:36)
- वार
- शनिवार (07:08:03 – 07:07:32)
- मास (अमांत)
- माघ
- मास (पूर्णिमांत)
- माघ
- सूर्योदय
- ०७:०८
- सूर्यास्त
- १८:३७
- चंद्रोदय
- ११:०३
- चंद्र राशि
- मेष
- राहु काल
- १०:००–११:२६
त्योहार, व्रत और विशेष दिन
रथसप्तमीमाघ शुक्ल सप्तमी को सूर्य की आराधना का पर्व मनाया जाता है।
महर्षि नवल जयंतीमहाराष्ट्र के संतकवि महर्षि नवलराम की जयंती माघ शुक्ल सप्तमी को मनाई जाती है।
- वार
- रविवार
- तिथि
- अष्टमी (02:07:08 – 00:41:26)
- नक्षत्र
- कृत्तिका (05:37:17 – 04:46:27)
- योग
- ब्रह्म (17:18:12 – 15:08:09)
- करण
- विष्टि (02:07:08 – 13:28:21)
- वार
- रविवार (07:07:32 – 07:07:01)
- मास (अमांत)
- माघ
- मास (पूर्णिमांत)
- माघ
- सूर्योदय
- ०७:०७
- सूर्यास्त
- १८:३७
- चंद्रोदय
- ११:५०
- चंद्रास्त
- ००:३१
- चंद्र राशि
- मेष, ११:२७ तक
- राहु काल
- १७:११–१८:३७
त्योहार, व्रत और विशेष दिन
दुर्गाष्टमीप्रत्येक मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी को देवी दुर्गा की आराधना का यह व्रत रखा जाता है।
भीष्माष्टमीमाघ शुक्ल अष्टमी को भीष्म पितामह का निर्वाण दिवस मनाया जाता है।
- वार
- सोमवार
- तिथि
- नवमी (00:41:26 – 22:44:30)
- नक्षत्र
- रोहिणी (04:46:27 – 03:25:23)
- योग
- इन्द्र (15:08:09 – 12:32:33)
- करण
- बालव (00:41:26 – 11:46:42)
- वार
- सोमवार (07:07:01 – 07:06:28)
- मास (अमांत)
- माघ
- मास (पूर्णिमांत)
- माघ
- सूर्योदय
- ०७:०७
- सूर्यास्त
- १८:३८
- चंद्रोदय
- १२:४४
- चंद्रास्त
- ०१:३४
- चंद्र राशि
- वृषभ
- राहु काल
- ०८:३३–०९:५९
त्योहार, व्रत और विशेष दिन
संत सेवालाल महाराज जयंतीमहाराष्ट्र में बंजारा समुदाय के आराध्य संत सेवालाल महाराज का जन्मोत्सव मनाया जाता है।
- वार
- मंगलवार
- तिथि
- दशमी (22:44:30 – 20:19:47)
- नक्षत्र
- मृगशिरा (03:25:23 – 01:37:47)
- योग
- वैधृति (12:32:33 – 09:33:17)
- करण
- तैतिल (22:44:30 – 09:35:20)
- वार
- मंगलवार (07:06:28 – 07:05:54)
- मास (अमांत)
- माघ
- मास (पूर्णिमांत)
- माघ
- सूर्योदय
- ०७:०६
- सूर्यास्त
- १८:३८
- चंद्रोदय
- १३:४४
- चंद्रास्त
- ०२:३८
- चंद्र राशि
- वृषभ, १४:३४ तक
- राहु काल
- १५:४५–१७:१२
- वार
- बुधवार
- तिथि
- एकादशी (20:19:47 – 17:32:12)
- नक्षत्र
- आर्द्रा (01:37:47 – 23:28:56)
- योग
- प्रीति (06:13:28 – 02:37:20)
- करण
- विष्टि (06:58:29 – 17:32:12)
- वार
- बुधवार (07:05:54 – 07:05:20)
- मास (अमांत)
- माघ
- मास (पूर्णिमांत)
- माघ
- सूर्योदय
- ०७:०५
- सूर्यास्त
- १८:३९
- चंद्रोदय
- १४:५०
- चंद्रास्त
- ०३:४१
- चंद्र राशि
- मिथुन
- राहु काल
- १२:५२–१४:१९
त्योहार, व्रत और विशेष दिन
जया एकादशीमाघ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को जया एकादशी के रूप में मनाया जाता है।
वासुदेव बलवंत फड़के पुण्यदिनमहाराष्ट्र के क्रांतिकारी वासुदेव बलवंत फड़के की पुण्यतिथि पर मनाया जाने वाला स्मृति दिवस।
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- द्वादशी (17:32:12 – 14:28:03)
- नक्षत्र
- पुनर्वसु (23:28:56 – 21:05:33)
- योग
- आयुष्मान (02:37:20 – 22:50:13)
- करण
- बालव (04:01:46 – 14:28:03)
- वार
- गुरुवार (07:05:20 – 07:04:44)
- मास (अमांत)
- माघ
- मास (पूर्णिमांत)
- माघ
- सूर्योदय
- ०७:०५
- सूर्यास्त
- १८:३९
- चंद्रोदय
- १५:५९
- चंद्रास्त
- ०४:४१
- चंद्र राशि
- मिथुन, १५:४२ तक
- राहु काल
- १४:१९–१५:४६
त्योहार, व्रत और विशेष दिन
प्रदोषत्रयोदशी तिथि को शिव की उपासना का व्रत।
सौर वसंत ऋतु आरम्भसौर पंचांग के अनुसार वसंत ऋतु का प्रारम्भ।
भीष्म द्वादशीमाघ शुक्ल द्वादशी को भीष्म पितामह के निमित्त तर्पण और उपवास किया जाता है।
गुरु पुष्यामृत योगगुरुवार और पुष्य नक्षत्र के संयोग से बनने वाला एक शुभ मुहूर्त, जिसे स्मार्त परंपरा में किसी भी कार्य की शुरुआत के लिए उत्तम माना जाता है।
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- त्रयोदशी (14:28:03 – 11:14:39)
- नक्षत्र
- पुष्य (21:05:33 – 18:35:31)
- योग
- सौभाग्य (22:50:13 – 18:58:12)
- करण
- तैतिल (00:52:01 – 11:14:39)
- वार
- शुक्रवार (07:04:44 – 07:04:08)
- मास (अमांत)
- माघ
- मास (पूर्णिमांत)
- माघ
- सूर्योदय
- ०७:०४
- सूर्यास्त
- १८:४०
- चंद्रोदय
- १७:०६
- चंद्रास्त
- ०५:३५
- चंद्र राशि
- कर्क
- राहु काल
- ११:२५–१२:५२
त्योहार, व्रत और विशेष दिन
छत्रपति शिवाजी महाराज जयंतीमराठा साम्राज्य के संस्थापक छत्रपति शिवाजी महाराज का जन्मदिन।
गोपाल कृष्ण गोखले पुण्यतिथिमहाराष्ट्र में स्वतंत्रता सेनानी एवं समाज सुधारक गोपाल कृष्ण गोखले की पुण्यतिथि का स्मरण।
राउल महाराज पुण्यतिथिमहाराष्ट्र के एक संत राउल महाराज की पुण्यतिथि।
श्री विश्वकर्मा जयंतीमाघ शुक्ल त्रयोदशी को भगवान विश्वकर्मा का जन्मोत्सव मनाया जाता है।
- वार
- शनिवार
- तिथि
- चतुर्दशी (11:14:39 – 08:00:13)
- नक्षत्र
- आश्लेषा (18:35:31 – 16:07:32)
- योग
- शोभन (18:58:12 – 15:08:01)
- करण
- वणिज (21:37:02 – 08:00:13)
- वार
- शनिवार (07:04:08 – 07:03:31)
- मास (अमांत)
- माघ
- मास (पूर्णिमांत)
- माघ
- सूर्योदय
- ०७:०४
- सूर्यास्त
- १८:४०
- चंद्रोदय
- १८:११
- चंद्रास्त
- ०६:२३
- चंद्र राशि
- कर्क, १६:०७ तक
- राहु काल
- ०९:५८–११:२५
त्योहार, व्रत और विशेष दिन
चंद्र ग्रहणचंद्र ग्रहण एक खगोलीय घटना है जिसमें पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर पड़ती है। इस समय सूतक माना जाता है और धार्मिक अनुष्ठानों का पालन किया जाता है।
पूर्णिमाप्रत्येक मास की शुक्ल पक्ष की अंतिम तिथि, जो चंद्रमा के पूर्ण होने का दिन मानी जाती है।
गुरु रविदास जयंतीसिख संत गुरु रविदास जी का जन्मोत्सव माघ शुक्ल पूर्णिमा को मनाया जाता है।
भारतीय राष्ट्रीय फाल्गुन आरंभभारत के राष्ट्रीय पंचांग के अनुसार एक नए सौर मास का पहला दिन।
माघ पूर्णिमामाघ मास की शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को स्नान, दान और भगवान विष्णु की पूजा का विशेष महत्व है।
माघ स्नान समाप्तमाघ मास में प्रतिदिन किए जाने वाले पवित्र स्नान का अंतिम दिन, जो पूर्णिमा पर होता है।
- वार
- रविवार
- तिथि
- प्रतिपदा (04:53:30 – 02:03:34)
- नक्षत्र
- मघा (16:07:32 – 13:50:48)
- योग
- अतिगण्ड (15:08:01 – 11:26:46)
- करण
- बालव (04:53:30 – 15:25:52)
- वार
- रविवार (07:03:31 – 07:02:53)
- मास (अमांत)
- माघ
- मास (पूर्णिमांत)
- फाल्गुन
- सूर्योदय
- ०७:०३
- सूर्यास्त
- १८:४०
- चंद्रोदय
- १९:१२
- चंद्रास्त
- ०७:०७
- चंद्र राशि
- सिंह
- राहु काल
- १७:१३–१८:४०
त्योहार, व्रत और विशेष दिन
गुरु प्रतिपदाअमांत माघ कृष्ण प्रतिपदा को मनाया जाने वाला एक क्षेत्रीय हिंदू पर्व।
अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवसभाषाई विविधता और मातृभाषाओं के संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए मनाया जाने वाला एक अंतर्राष्ट्रीय दिवस।
- वार
- सोमवार
- तिथि
- द्वितीया (02:03:34 – 23:39:23)
- नक्षत्र
- पूर्वा फाल्गुनी (13:50:48 – 11:54:40)
- योग
- सुकर्मा (11:26:46 – 08:01:34)
- करण
- तैतिल (02:03:34 – 12:47:43)
- वार
- सोमवार (07:02:53 – 07:02:14)
- मास (अमांत)
- माघ
- मास (पूर्णिमांत)
- फाल्गुन
- सूर्योदय
- ०७:०२
- सूर्यास्त
- १८:४१
- चंद्रोदय
- २०:११
- चंद्रास्त
- ०७:४७
- चंद्र राशि
- सिंह, १७:२९ तक
- राहु काल
- ०८:३०–०९:५७
- वार
- मंगलवार
- तिथि
- तृतीया (23:39:23 – 21:49:19)
- नक्षत्र
- उत्तरा फाल्गुनी (11:54:40 – 10:28:01)
- योग
- शूल (04:59:16 – 02:25:56)
- करण
- वणिज (23:39:23 – 10:39:36)
- वार
- मंगलवार (07:02:14 – 07:01:35)
- मास (अमांत)
- माघ
- मास (पूर्णिमांत)
- फाल्गुन
- सूर्योदय
- ०७:०२
- सूर्यास्त
- १८:४१
- चंद्रोदय
- २१:०८
- चंद्रास्त
- ०८:२६
- चंद्र राशि
- कन्या
- राहु काल
- १५:४६–१७:१४
त्योहार, व्रत और विशेष दिन
संत गाडगे महाराज जयंतीमहाराष्ट्र के संत गाडगे महाराज की जयंती २३ फ़रवरी को मनाई जाती है।
संत नरहरि सोनार पुण्यतिथिमहाराष्ट्र के संत-कवि नरहरि सोनार की पुण्यतिथि, जो माघ कृष्ण तृतीया को मनाई जाती है।
- वार
- बुधवार
- तिथि
- चतुर्थी (21:49:19 – 20:40:28)
- नक्षत्र
- हस्त (10:28:01 – 09:38:44)
- योग
- गण्ड (02:25:56 – 00:26:25)
- करण
- बव (21:49:19 – 09:09:22)
- वार
- बुधवार (07:01:35 – 07:00:55)
- मास (अमांत)
- माघ
- मास (पूर्णिमांत)
- फाल्गुन
- सूर्योदय
- ०७:०१
- सूर्यास्त
- १८:४२
- चंद्रोदय
- २२:०५
- चंद्रास्त
- ०९:०४
- चंद्र राशि
- कन्या, २१:३० तक
- राहु काल
- १२:५१–१४:१९
त्योहार, व्रत और विशेष दिन
संकष्टी चतुर्थीकृष्ण पक्ष की चतुर्थी को गणेश जी की उपासना का व्रत रखा जाता है।
विश्व मुद्रण दिवसमुद्रण उद्योग और प्रौद्योगिकी के वैश्विक महत्व को रेखांकित करने वाला एक पालन।
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- पंचमी (20:40:28 – 20:17:52)
- नक्षत्र
- चित्रा (09:38:44 – 09:32:45)
- योग
- वृद्धि (00:26:25 – 23:03:40)
- करण
- कौलव (20:40:28 – 08:23:11)
- वार
- गुरुवार (07:00:55 – 07:00:14)
- मास (अमांत)
- माघ
- मास (पूर्णिमांत)
- फाल्गुन
- सूर्योदय
- ०७:००
- सूर्यास्त
- १८:४२
- चंद्रोदय
- २३:०१
- चंद्रास्त
- ०९:४३
- चंद्र राशि
- तुला
- राहु काल
- १४:१९–१५:४७
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- षष्ठी (20:17:52 – 20:43:24)
- नक्षत्र
- स्वाति (09:32:45 – 10:13:13)
- योग
- ध्रुव (23:03:40 – 22:18:16)
- करण
- गर (20:17:52 – 08:24:38)
- वार
- शुक्रवार (07:00:14 – 06:59:32)
- मास (अमांत)
- माघ
- मास (पूर्णिमांत)
- फाल्गुन
- सूर्योदय
- ०७:००
- सूर्यास्त
- १८:४२
- चंद्रोदय
- २३:५७
- चंद्रास्त
- १०:२४
- चंद्र राशि
- तुला, ०५:१३ तक
- राहु काल
- ११:२३–१२:५१
त्योहार, व्रत और विशेष दिन
स्वातंत्र्यवीर सावरकर पुण्यतिथिमहाराष्ट्र में विनायक दामोदर सावरकर की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की जाती है।
- वार
- शनिवार
- तिथि
- सप्तमी (20:43:24 – 21:55:03)
- नक्षत्र
- विशाखा (10:13:13 – 11:39:35)
- योग
- व्याघात (22:18:16 – 22:08:00)
- करण
- विष्टि (20:43:24 – 09:13:45)
- वार
- शनिवार (06:59:32 – 06:58:50)
- मास (अमांत)
- माघ
- मास (पूर्णिमांत)
- फाल्गुन
- सूर्योदय
- ०६:५९
- सूर्यास्त
- १८:४३
- चंद्रास्त
- ११:०८
- चंद्र राशि
- वृश्चिक
- राहु काल
- ०९:५५–११:२३
त्योहार, व्रत और विशेष दिन
कालाष्टमीप्रत्येक मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी को कालभैरव की उपासना का यह व्रत रखा जाता है।
श्री गजानन महाराज प्राकट्य दिनमहाराष्ट्र के संत श्री गजानन महाराज का प्राकट्य दिवस, जो अमान्त माघ कृष्ण सप्तमी को मनाया जाता है।
मराठी भाषा गौरव दिनप्रसिद्ध मराठी कवि कुसुमाग्रज की जयंती पर मराठी भाषा एवं साहित्य के सम्मान में मनाया जाने वाला दिवस।
- वार
- रविवार
- तिथि
- अष्टमी (21:55:03 – 23:46:28)
- नक्षत्र
- अनुराधा (11:39:35 – 13:47:04)
- योग
- हर्षण (22:08:00 – 22:27:51)
- करण
- बालव (21:55:03 – 10:46:21)
- वार
- रविवार (06:58:50 – 06:58:07)
- मास (अमांत)
- माघ
- मास (पूर्णिमांत)
- फाल्गुन
- सूर्योदय
- ०६:५८
- सूर्यास्त
- १८:४३
- चंद्रोदय
- ००:५३
- चंद्रास्त
- ११:५६
- चंद्र राशि
- वृश्चिक
- राहु काल
- १७:१५–१८:४३
त्योहार, व्रत और विशेष दिन
शहादत हज़रत अलीइस्लाम के चौथे ख़लीफ़ा और पैग़ंबर मुहम्मद के दामाद, हज़रत अली की शहादत की याद का दिन।
राष्ट्रीय विज्ञान दिवसभारत में सर सी. वी. रमन द्वारा 'रमन प्रभाव' की खोज के उपलक्ष्य में मनाया जाने वाला दिवस।
राहुकाल और टालने योग्य समय
| दिनांक | राहु काल | यमगंड | गुलिक काल | भद्रा | गंड मूल | अशुभ योग | पंचक | रिक्ता तिथि | विदल तिथि |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| १ | ०८:३७–१०:०२ | ११:२७–१२:५२ | १४:१६–१५:४१ | १९:३४–०८:४१ | ०६:२७–०९:२१ | ||||
| २ | १५:४२–१७:०६ | १०:०२–११:२७ | १२:५२–१४:१७ | ०६:२७–०९:२१ | १६:५५–१७:४६ | ||||
| ३ | १२:५२–१४:१७ | ०८:३७–१०:०२ | ११:२७–१२:५२ | ०९:२१–१२:२५ | |||||
| ४ | १४:१७–१५:४२ | ०७:११–०८:३७ | १०:०२–११:२७ | १६:३१–०५:५० | १८:४४–१९:४१ | ||||
| ५ | ११:२७–१२:५२ | १५:४३–१७:०८ | ०८:३६–१०:०२ | १६:३१–१९:०५ | |||||
| ६ | १०:०१–११:२७ | १४:१७–१५:४३ | ०७:११–०८:३६ | २०:३२–२१:१३ | ०३:५८–०५:४१ | ||||
| ७ | १७:०९–१८:३४ | १२:५२–१४:१८ | १५:४३–१७:०९ | ०३:५८–०५:४१ | |||||
| ८ | ०८:३५–१०:०१ | ११:२७–१२:५२ | १४:१८–१५:४३ | २१:४०–२१:५० | ०३:५८–०५:४१ | ||||
| ९ | १५:४४–१७:०९ | १०:०१–११:२७ | १२:५२–१४:१८ | ०३:५८–०५:४१ | |||||
| १० | १२:५२–१४:१८ | ०८:३५–१०:०१ | ११:२६–१२:५२ | १४:४६–०३:०४ | ०३:५८–०५:४१ | ०२:२०–०३:०४ | |||
| ११ | १४:१८–१५:४४ | ०७:०९–०८:३४ | १०:००–११:२६ | ०४:५५–०५:४१ | ०३:५८–०५:४१ | ||||
| १२ | ११:२६–१२:५२ | १५:४४–१७:१० | ०८:३४–१०:०० | ०५:४१–०५:५५ | |||||
| १३ | १०:००–११:२६ | १४:१८–१५:४५ | ०७:०८–०८:३४ | ०२:०७–१३:२८ | ०२:५९–०२:०७ | ||||
| १४ | १७:११–१८:३७ | १२:५२–१४:१९ | १५:४५–१७:११ | ०२:०७–१३:२८ | |||||
| १५ | ०८:३३–०९:५९ | ११:२६–१२:५२ | १४:१९–१५:४५ | ००:४१–२२:४४ | |||||
| १६ | १५:४५–१७:१२ | ०९:५९–११:२६ | १२:५२–१४:१९ | ०६:५८–१७:३२ | १२:३२–०९:३३ | ||||
| १७ | १२:५२–१४:१९ | ०८:३२–०९:५९ | ११:२५–१२:५२ | ०६:५८–१७:३२ | |||||
| १८ | १४:१९–१५:४६ | ०७:०५–०८:३२ | ०९:५८–११:२५ | ||||||
| १९ | ११:२५–१२:५२ | १५:४६–१७:१३ | ०८:३१–०९:५८ | ||||||
| २० | ०९:५८–११:२५ | १४:१९–१५:४६ | ०७:०४–०८:३१ | ०८:००–१८:२५ | १८:३५–१६:०७ | ११:१४–०८:०० | |||
| २१ | १७:१३–१८:४० | १२:५२–१४:१९ | १५:४६–१७:१३ | १६:०७–१३:५० | १५:०८–११:२६ | ||||
| २२ | ०८:३०–०९:५७ | ११:२४–१२:५२ | १४:१९–१५:४६ | ||||||
| २३ | १५:४६–१७:१४ | ०९:५७–११:२४ | १२:५१–१४:१९ | १०:३९–२१:४९ | ०४:५९–०२:२५ | ||||
| २४ | १२:५१–१४:१९ | ०८:२९–०९:५६ | ११:२४–१२:५१ | ०२:२५–००:२६ | २१:४९–२०:४० | ||||
| २५ | १४:१९–१५:४७ | ०७:००–०८:२८ | ०९:५६–११:२४ | ||||||
| २६ | ११:२३–१२:५१ | १५:४७–१७:१५ | ०८:२८–०९:५५ | २०:४३–०९:१३ | |||||
| २७ | ०९:५५–११:२३ | १४:१९–१५:४७ | ०६:५९–०८:२७ | २०:४३–०९:१३ | २२:१८–२२:०८ | २०:४३–२१:५५ | |||
| २८ | १७:१५–१८:४३ | १२:५१–१४:१९ | १५:४७–१७:१५ |
शुभ समय
| दिनांक | अभिजीत मुहूर्त | आनंदादि योग | ब्रह्म मुहूर्त | गोधूलि मुहूर्त | निशीथ मुहूर्त | प्रातः संध्या | पुष्कर योग | रवि योग | सायं संध्या | विजय मुहूर्त |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| १ | १२:२९–१३:१४ | ०६:२७–०९:२१ | ०५:३१–०६:२१ | १८:१९–१८:४३ | ००:२६–०१:१७ | ०६:४९–०७:१२ | १८:३१–१८:५४ | १४:४५–१५:३० | ||
| २ | १२:२९–१३:१४ | ०६:२७–०९:२१ | ०५:३०–०६:२१ | १८:१९–१८:४३ | ००:२६–०१:१७ | ०६:४९–०७:१२ | १८:३१–१८:५४ | १४:४५–१५:३० | ||
| ३ | १२:२९–१३:१४ | ०९:२१–१२:२५ | ०५:३०–०६:२१ | १८:२०–१८:४४ | ००:२६–०१:१७ | ०६:४९–०७:१२ | १८:३२–१८:५५ | १४:४५–१५:३१ | ||
| ४ | १२:२९–१३:१५ | १२:२५–१५:३२ | ०५:३०–०६:२० | १८:२०–१८:४४ | ००:२६–०१:१७ | ०६:४९–०७:११ | १८:३२–१८:५५ | १४:४५–१५:३१ | ||
| ५ | १२:२९–१३:१५ | १५:३२–१८:३१ | ०५:३०–०६:२० | १८:२१–१८:४५ | ००:२७–०१:१७ | ०६:४८–०७:११ | १८:३३–१८:५६ | १४:४६–१५:३१ | ||
| ६ | १२:२९–१३:१५ | १८:३१–२१:१९ | ०५:२९–०६:२० | १८:२२–१८:४६ | ००:२७–०१:१७ | ०६:४८–०७:११ | १८:३४–१८:५६ | १४:४६–१५:३१ | ||
| ७ | १२:२९–१३:१५ | २१:१९–२३:४८ | ०५:२९–०६:१९ | १८:२२–१८:४६ | ००:२७–०१:१७ | ०६:४८–०७:१० | १८:३४–१८:५७ | १४:४६–१५:३२ | ||
| ८ | १२:२९–१३:१५ | २३:४८–०१:५६ | ०५:२९–०६:१९ | १८:२३–१८:४७ | ००:२७–०१:१७ | ०६:४७–०७:१० | १८:३५–१८:५७ | १४:४६–१५:३२ | ||
| ९ | १२:२९–१३:१५ | ०१:५६–०३:४० | ०५:२८–०६:१९ | १८:२३–१८:४७ | ००:२७–०१:१७ | ०६:४७–०७:०९ | १८:३५–१८:५८ | १४:४७–१५:३२ | ||
| १० | १२:२९–१३:१५ | ०३:४०–०४:५५ | ०५:२८–०६:१८ | १८:२४–१८:४८ | ००:२७–०१:१७ | ०६:४६–०७:०९ | ०३:४०–०४:५५ | १८:३६–१८:५८ | १४:४७–१५:३२ | |
| ११ | १२:२९–१३:१५ | ०४:५५–०५:४१ | ०५:२८–०६:१८ | १८:२४–१८:४८ | ००:२७–०१:१७ | ०६:४६–०७:०९ | १८:३६–१८:५९ | १४:४७–१५:३३ | ||
| १२ | १२:२९–१३:१५ | ०५:४१–०५:५५ | ०५:२७–०६:१७ | १८:२५–१८:४९ | ००:२७–०१:१७ | ०६:४६–०७:०८ | ०५:४१–०५:५५ | १८:३७–१८:५९ | १४:४७–१५:३३ | |
| १३ | १२:२९–१३:१५ | ०५:५५–०५:३७ | ०५:२७–०६:१७ | १८:२५–१८:४९ | ००:२७–०१:१७ | ०६:४५–०७:०८ | १८:३७–१८:५९ | १४:४७–१५:३३ | ||
| १४ | १२:२९–१३:१५ | ०५:३७–०४:४६ | ०५:२७–०६:१७ | १८:२५–१८:४९ | ००:२७–०१:१७ | ०६:४५–०७:०७ | १८:३७–१९:०० | १४:४७–१५:३३ | ||
| १५ | १२:२९–१३:१५ | ०४:४६–०३:२५ | ०५:२६–०६:१६ | १८:२६–१८:५० | ००:२७–०१:१७ | ०६:४४–०७:०७ | ०४:४६–०३:२५ | १८:३८–१९:०० | १४:४७–१५:३४ | |
| १६ | १२:२९–१३:१५ | ०३:२५–०१:३७ | ०५:२६–०६:१६ | १८:२६–१८:५० | ००:२७–०१:१७ | ०६:४४–०७:०६ | ०३:२५–०१:३७ | १८:३८–१९:०१ | १४:४८–१५:३४ | |
| १७ | १२:२९–१३:१५ | ०१:३७–२३:२८ | ०५:२५–०६:१५ | १८:२७–१८:५१ | ००:२७–०१:१७ | ०६:४३–०७:०५ | १८:३९–१९:०१ | १४:४८–१५:३४ | ||
| १८ | १२:२९–१३:१५ | २३:२८–२१:०५ | ०५:२५–०६:१५ | १८:२७–१८:५१ | ००:२७–०१:१७ | ०६:४३–०७:०५ | १८:३९–१९:०२ | १४:४८–१५:३४ | ||
| १९ | १२:२९–१३:१५ | २१:०५–१८:३५ | ०५:२४–०६:१४ | १८:२८–१८:५२ | ००:२७–०१:१६ | ०६:४२–०७:०४ | २१:०५–१८:३५ | १८:४०–१९:०२ | १४:४८–१५:३४ | |
| २० | १२:२९–१३:१५ | १८:३५–१६:०७ | ०५:२४–०६:१३ | १८:२८–१८:५२ | ००:२७–०१:१६ | ०६:४१–०७:०४ | १८:३५–१६:०७ | १८:४०–१९:०२ | १४:४८–१५:३४ | |
| २१ | १२:२८–१३:१५ | १६:०७–१३:५० | ०५:२३–०६:१३ | १८:२८–१८:५२ | ००:२७–०१:१६ | ०६:४१–०७:०३ | १८:४०–१९:०३ | १४:४८–१५:३४ | ||
| २२ | १२:२८–१३:१५ | १३:५०–११:५४ | ०५:२३–०६:१२ | १८:२९–१८:५३ | ००:२७–०१:१६ | ०६:४०–०७:०२ | १८:४१–१९:०३ | १४:४८–१५:३५ | ||
| २३ | १२:२८–१३:१५ | ११:५४–१०:२८ | ०५:२२–०६:१२ | १८:२९–१८:५३ | ००:२६–०१:१६ | ०६:४०–०७:०२ | १८:४१–१९:०३ | १४:४८–१५:३५ | ||
| २४ | १२:२८–१३:१५ | १०:२८–०९:३८ | ०५:२२–०६:११ | १८:३०–१८:५४ | ००:२६–०१:१६ | ०६:३९–०७:०१ | १८:४२–१९:०४ | १४:४८–१५:३५ | ||
| २५ | १२:२८–१३:१५ | ०९:३८–०९:३२ | ०५:२१–०६:११ | १८:३०–१८:५४ | ००:२६–०१:१५ | ०६:३८–०७:०० | १८:४२–१९:०४ | १४:४८–१५:३५ | ||
| २६ | १२:२८–१३:१४ | ०९:३२–१०:१३ | ०५:२१–०६:१० | १८:३०–१८:५४ | ००:२६–०१:१५ | ०६:३८–०७:०० | १८:४२–१९:०४ | १४:४८–१५:३५ | ||
| २७ | १२:२७–१३:१४ | १०:१३–११:३९ | ०५:२०–०६:०९ | १८:३१–१८:५५ | ००:२६–०१:१५ | ०६:३७–०६:५९ | १०:१३–११:३९ | १०:१३–११:३९ | १८:४३–१९:०५ | १४:४८–१५:३५ |
| २८ | १२:२७–१३:१४ | ११:३९–१३:४७ | ०५:२०–०६:०९ | १८:३१–१८:५५ | ००:२६–०१:१५ | ०६:३६–०६:५८ | १८:४३–१९:०५ | १४:४८–१५:३५ |
चौघड़िया
| दिनांक | दिन | रात्रि |
|---|---|---|
| १ | अमृत ०७:१२ · काल ०८:३७ · शुभ १०:०२ · रोग ११:२७ · उद्वेग १२:५२ · चर १४:१६ · लाभ १५:४१ · अमृत १७:०६–१८:३१ | चर १८:३१ · लाभ २०:०६ · अमृत २१:४१ · काल २३:१६ · शुभ ००:५१ · रोग ०२:२७ · उद्वेग ०४:०२ · चर ०५:३७–०७:१२ |
| २ | रोग ०७:१२ · उद्वेग ०८:३७ · चर १०:०२ · लाभ ११:२७ · अमृत १२:५२ · काल १४:१७ · शुभ १५:४२ · रोग १७:०६–१८:३१ | काल १८:३१ · शुभ २०:०६ · रोग २१:४१ · उद्वेग २३:१७ · चर ००:५२ · लाभ ०२:२७ · अमृत ०४:०२ · काल ०५:३७–०७:१२ |
| ३ | लाभ ०७:१२ · अमृत ०८:३७ · काल १०:०२ · शुभ ११:२७ · रोग १२:५२ · उद्वेग १४:१७ · चर १५:४२ · लाभ १७:०७–१८:३२ | उद्वेग १८:३२ · चर २०:०७ · लाभ २१:४२ · अमृत २३:१७ · काल ००:५२ · शुभ ०२:२७ · रोग ०४:०२ · उद्वेग ०५:३६–०७:११ |
| ४ | शुभ ०७:११ · रोग ०८:३७ · उद्वेग १०:०२ · चर ११:२७ · लाभ १२:५२ · अमृत १४:१७ · काल १५:४२ · शुभ १७:०७–१८:३२ | अमृत १८:३२ · काल २०:०७ · शुभ २१:४२ · रोग २३:१७ · उद्वेग ००:५२ · चर ०२:२७ · लाभ ०४:०१ · अमृत ०५:३६–०७:११ |
| ५ | चर ०७:११ · लाभ ०८:३६ · अमृत १०:०२ · काल ११:२७ · शुभ १२:५२ · रोग १४:१७ · उद्वेग १५:४३ · चर १७:०८–१८:३३ | रोग १८:३३ · उद्वेग २०:०८ · चर २१:४२ · लाभ २३:१७ · अमृत ००:५२ · काल ०२:२७ · शुभ ०४:०१ · रोग ०५:३६–०७:११ |
| ६ | काल ०७:११ · शुभ ०८:३६ · रोग १०:०१ · उद्वेग ११:२७ · चर १२:५२ · लाभ १४:१७ · अमृत १५:४३ · काल १७:०८–१८:३४ | लाभ १८:३४ · अमृत २०:०८ · काल २१:४३ · शुभ २३:१७ · रोग ००:५२ · उद्वेग ०२:२६ · चर ०४:०१ · लाभ ०५:३६–०७:१० |
| ७ | उद्वेग ०७:१० · चर ०८:३६ · लाभ १०:०१ · अमृत ११:२७ · काल १२:५२ · शुभ १४:१८ · रोग १५:४३ · उद्वेग १७:०९–१८:३४ | शुभ १८:३४ · रोग २०:०९ · उद्वेग २१:४३ · चर २३:१७ · लाभ ००:५२ · अमृत ०२:२६ · काल ०४:०१ · शुभ ०५:३५–०७:१० |
| ८ | अमृत ०७:१० · काल ०८:३५ · शुभ १०:०१ · रोग ११:२७ · उद्वेग १२:५२ · चर १४:१८ · लाभ १५:४३ · अमृत १७:०९–१८:३५ | चर १८:३५ · लाभ २०:०९ · अमृत २१:४३ · काल २३:१८ · शुभ ००:५२ · रोग ०२:२६ · उद्वेग ०४:०१ · चर ०५:३५–०७:०९ |
| ९ | रोग ०७:०९ · उद्वेग ०८:३५ · चर १०:०१ · लाभ ११:२७ · अमृत १२:५२ · काल १४:१८ · शुभ १५:४४ · रोग १७:०९–१८:३५ | काल १८:३५ · शुभ २०:०९ · रोग २१:४४ · उद्वेग २३:१८ · चर ००:५२ · लाभ ०२:२६ · अमृत ०४:०१ · काल ०५:३५–०७:०९ |
| १० | लाभ ०७:०९ · अमृत ०८:३५ · काल १०:०१ · शुभ ११:२६ · रोग १२:५२ · उद्वेग १४:१८ · चर १५:४४ · लाभ १७:१०–१८:३६ | उद्वेग १८:३६ · चर २०:१० · लाभ २१:४४ · अमृत २३:१८ · काल ००:५२ · शुभ ०२:२६ · रोग ०४:०० · उद्वेग ०५:३४–०७:०९ |
| ११ | शुभ ०७:०९ · रोग ०८:३४ · उद्वेग १०:०० · चर ११:२६ · लाभ १२:५२ · अमृत १४:१८ · काल १५:४४ · शुभ १७:१०–१८:३६ | अमृत १८:३६ · काल २०:१० · शुभ २१:४४ · रोग २३:१८ · उद्वेग ००:५२ · चर ०२:२६ · लाभ ०४:०० · अमृत ०५:३४–०७:०८ |
| १२ | चर ०७:०८ · लाभ ०८:३४ · अमृत १०:०० · काल ११:२६ · शुभ १२:५२ · रोग १४:१८ · उद्वेग १५:४४ · चर १७:१०–१८:३७ | रोग १८:३७ · उद्वेग २०:१० · चर २१:४४ · लाभ २३:१८ · अमृत ००:५२ · काल ०२:२६ · शुभ ०४:०० · रोग ०५:३४–०७:०८ |
| १३ | काल ०७:०८ · शुभ ०८:३४ · रोग १०:०० · उद्वेग ११:२६ · चर १२:५२ · लाभ १४:१८ · अमृत १५:४५ · काल १७:११–१८:३७ | लाभ १८:३७ · अमृत २०:११ · काल २१:४५ · शुभ २३:१८ · रोग ००:५२ · उद्वेग ०२:२६ · चर ०४:०० · लाभ ०५:३३–०७:०७ |
| १४ | उद्वेग ०७:०७ · चर ०८:३३ · लाभ १०:०० · अमृत ११:२६ · काल १२:५२ · शुभ १४:१९ · रोग १५:४५ · उद्वेग १७:११–१८:३७ | शुभ १८:३७ · रोग २०:११ · उद्वेग २१:४५ · चर २३:१८ · लाभ ००:५२ · अमृत ०२:२६ · काल ०३:५९ · शुभ ०५:३३–०७:०७ |
| १५ | अमृत ०७:०७ · काल ०८:३३ · शुभ ०९:५९ · रोग ११:२६ · उद्वेग १२:५२ · चर १४:१९ · लाभ १५:४५ · अमृत १७:११–१८:३८ | चर १८:३८ · लाभ २०:११ · अमृत २१:४५ · काल २३:१८ · शुभ ००:५२ · रोग ०२:२५ · उद्वेग ०३:५९ · चर ०५:३२–०७:०६ |
| १६ | रोग ०७:०६ · उद्वेग ०८:३३ · चर ०९:५९ · लाभ ११:२६ · अमृत १२:५२ · काल १४:१९ · शुभ १५:४५ · रोग १७:१२–१८:३८ | काल १८:३८ · शुभ २०:१२ · रोग २१:४५ · उद्वेग २३:१८ · चर ००:५२ · लाभ ०२:२५ · अमृत ०३:५९ · काल ०५:३२–०७:०५ |
| १७ | लाभ ०७:०५ · अमृत ०८:३२ · काल ०९:५९ · शुभ ११:२५ · रोग १२:५२ · उद्वेग १४:१९ · चर १५:४५ · लाभ १७:१२–१८:३९ | उद्वेग १८:३९ · चर २०:१२ · लाभ २१:४५ · अमृत २३:१९ · काल ००:५२ · शुभ ०२:२५ · रोग ०३:५८ · उद्वेग ०५:३२–०७:०५ |
| १८ | शुभ ०७:०५ · रोग ०८:३२ · उद्वेग ०९:५८ · चर ११:२५ · लाभ १२:५२ · अमृत १४:१९ · काल १५:४६ · शुभ १७:१२–१८:३९ | अमृत १८:३९ · काल २०:१२ · शुभ २१:४५ · रोग २३:१९ · उद्वेग ००:५२ · चर ०२:२५ · लाभ ०३:५८ · अमृत ०५:३१–०७:०४ |
| १९ | चर ०७:०४ · लाभ ०८:३१ · अमृत ०९:५८ · काल ११:२५ · शुभ १२:५२ · रोग १४:१९ · उद्वेग १५:४६ · चर १७:१३–१८:४० | रोग १८:४० · उद्वेग २०:१३ · चर २१:४६ · लाभ २३:१९ · अमृत ००:५२ · काल ०२:२५ · शुभ ०३:५८ · रोग ०५:३१–०७:०४ |
| २० | काल ०७:०४ · शुभ ०८:३१ · रोग ०९:५८ · उद्वेग ११:२५ · चर १२:५२ · लाभ १४:१९ · अमृत १५:४६ · काल १७:१३–१८:४० | लाभ १८:४० · अमृत २०:१३ · काल २१:४६ · शुभ २३:१९ · रोग ००:५२ · उद्वेग ०२:२४ · चर ०३:५७ · लाभ ०५:३०–०७:०३ |
| २१ | उद्वेग ०७:०३ · चर ०८:३० · लाभ ०९:५७ · अमृत ११:२५ · काल १२:५२ · शुभ १४:१९ · रोग १५:४६ · उद्वेग १७:१३–१८:४० | शुभ १८:४० · रोग २०:१३ · उद्वेग २१:४६ · चर २३:१९ · लाभ ००:५१ · अमृत ०२:२४ · काल ०३:५७ · शुभ ०५:३०–०७:०२ |
| २२ | अमृत ०७:०२ · काल ०८:३० · शुभ ०९:५७ · रोग ११:२४ · उद्वेग १२:५२ · चर १४:१९ · लाभ १५:४६ · अमृत १७:१४–१८:४१ | चर १८:४१ · लाभ २०:१३ · अमृत २१:४६ · काल २३:१९ · शुभ ००:५१ · रोग ०२:२४ · उद्वेग ०३:५७ · चर ०५:२९–०७:०२ |
| २३ | रोग ०७:०२ · उद्वेग ०८:२९ · चर ०९:५७ · लाभ ११:२४ · अमृत १२:५१ · काल १४:१९ · शुभ १५:४६ · रोग १७:१४–१८:४१ | काल १८:४१ · शुभ २०:१४ · रोग २१:४६ · उद्वेग २३:१९ · चर ००:५१ · लाभ ०२:२४ · अमृत ०३:५६ · काल ०५:२९–०७:०१ |
| २४ | लाभ ०७:०१ · अमृत ०८:२९ · काल ०९:५६ · शुभ ११:२४ · रोग १२:५१ · उद्वेग १४:१९ · चर १५:४६ · लाभ १७:१४–१८:४२ | उद्वेग १८:४२ · चर २०:१४ · लाभ २१:४६ · अमृत २३:१९ · काल ००:५१ · शुभ ०२:२३ · रोग ०३:५६ · उद्वेग ०५:२८–०७:०० |
| २५ | शुभ ०७:०० · रोग ०८:२८ · उद्वेग ०९:५६ · चर ११:२३ · लाभ १२:५१ · अमृत १४:१९ · काल १५:४७ · शुभ १७:१४–१८:४२ | अमृत १८:४२ · काल २०:१४ · शुभ २१:४६ · रोग २३:१९ · उद्वेग ००:५१ · चर ०२:२३ · लाभ ०३:५५ · अमृत ०५:२८–०७:०० |
| २६ | चर ०७:०० · लाभ ०८:२८ · अमृत ०९:५५ · काल ११:२३ · शुभ १२:५१ · रोग १४:१९ · उद्वेग १५:४७ · चर १७:१४–१८:४२ | रोग १८:४२ · उद्वेग २०:१४ · चर २१:४६ · लाभ २३:१९ · अमृत ००:५१ · काल ०२:२३ · शुभ ०३:५५ · रोग ०५:२७–०६:५९ |
| २७ | काल ०६:५९ · शुभ ०८:२७ · रोग ०९:५५ · उद्वेग ११:२३ · चर १२:५१ · लाभ १४:१९ · अमृत १५:४७ · काल १७:१५–१८:४३ | लाभ १८:४३ · अमृत २०:१५ · काल २१:४७ · शुभ २३:१९ · रोग ००:५१ · उद्वेग ०२:२२ · चर ०३:५४ · लाभ ०५:२६–०६:५८ |
| २८ | उद्वेग ०६:५८ · चर ०८:२६ · लाभ ०९:५५ · अमृत ११:२३ · काल १२:५१ · शुभ १४:१९ · रोग १५:४७ · उद्वेग १७:१५–१८:४३ | शुभ १८:४३ · रोग २०:१५ · उद्वेग २१:४७ · चर २३:१९ · लाभ ००:५० · अमृत ०२:२२ · काल ०३:५४ · शुभ ०५:२६–०६:५८ |