सामग्री
पहले से क्या तैयार रखें
सब कुछ एक थाली में आ जाता है। रात को ही सजा लें, तो सुबह कोई भाग-दौड़ नहीं रहती।
- लिफ़ाफ़ा, बिना खोले, जिसमें आपका कार्ड और उसका विधि कार्ड है। बीज मंत्र विधि कार्ड पर छपा है।
- एक मुलायम कपड़ा और एक कटोरी पानी, उसमें चुटकी भर हल्दी।
- घी का एक छोटा दीया और उसे जलाने के लिए माचिस।
- एक फूल, गेंदा या गुलाब, और अक्षत (चावल के कुछ दाने)।
- 108 मनकों की माला, हो सके तो रुद्राक्ष की। माला नहीं है? नीचे पढ़ें कि माला के बिना क्या करें।
- एक साफ़, शांत जगह: आपका पूजा घर, या कोई मेज़, जहाँ आप पूर्व की ओर मुँह करके बैठ सकें।
- लगभग तीस मिनट, जिनमें कोई आपको न पुकारे।
सात चरण
यंत्र की स्थापना, एक-एक चरण
ये सात चरण हर कार्ड के लिए एक जैसे हैं। इन्हें इसी क्रम में, एक ही बार में बैठकर करें।
1. श्रद्धा से लिफ़ाफ़ा खोलें
एक-दो मिनट
आपका कार्ड एक सुंदर लिफ़ाफ़े में, अपने विधि कार्ड के साथ आप तक पहुँचता है। इसे किसी साफ़ जगह पर खोलें, हो सके तो पूजा घर में, या किसी मेज़ पर पूर्व की ओर मुँह करके। खोलने से पहले एक पल रुकें, एक साँस लें। विधि कार्ड पास ही रखें: चौथे चरण में उसका मंत्र चाहिए होगा।
2. पानी और हल्दी से शुद्धि
लगभग दो मिनट
एक मुलायम कपड़ा चुटकी भर हल्दी वाले पानी में भिगोएँ, और कार्ड को हल्के हाथ से पोंछें। यह प्रतीकात्मक है: आप कार्ड को उसकी जगह के लिए तैयार कर रहे हैं।
3. दीया जलाएँ, फूल चढ़ाएँ
लगभग पाँच मिनट
घी का छोटा दीया जलाएँ। एक फूल चढ़ाएँ, गेंदा या गुलाब, और अक्षत के कुछ दाने। परंपरा में दीया जीवन का, फूल सौंदर्य का और अक्षत भरे-पूरे घर का प्रतीक है।
4. बीज मंत्र का 108 बार जप करें
दस से पंद्रह मिनट, अपनी गति से
बीज मंत्र विधि कार्ड पर छपा है। जप से पहले उसे एक-दो बार पढ़ लें। फिर कार्ड को दाहिने हाथ में लें और मंत्र का 108 बार जप करें, यानी एक माला। सात चरणों में यही सबसे लंबा है, और इसमें जल्दी करने की कोई ज़रूरत नहीं।
माला का एक फेरा आज़माएँ। हर बार दबाने पर एक मनका आगे बढ़ता है; दबाए रखें तो गिनती चलती रहती है। बड़ा मनका सुमेरु है, जिसे जप में कभी लाँघा नहीं जाता।
108 में से 0
5. अपना संकल्प लें
एक मिनट
माला पूरी हो जाए, तो कार्ड को माथे से लगाएँ और मन ही मन अपना संकल्प एक वाक्य में कहें। संकल्प जितना साफ़ हो, उतना अच्छा: "सफलता" की जगह "कारोबार में नियमित आमदनी", "अच्छे नंबर" की जगह "हर सुबह एक घंटा पढ़ाई"। काम आप ही करते हैं; यंत्र बस आपके संकल्प को रोज़ आपकी आँखों के सामने रखता है।
6. उसे उसकी जगह रखें
एक-दो मिनट
पर्स, गल्ला, तिजोरी, पूजा घर, रिसेप्शन, या घर या दुकान का ईशान कोण (उत्तर-पूर्व)। बाथरूम में नहीं, और बेडरूम के फ़र्श पर भी नहीं। नीचे यंत्र कहाँ रखें में और बातें हैं।
7. हर सुबह उसके पास लौटें
एक साँस
हर सुबह कार्ड को छुएँ, या एक साँस भर उसे देखें। हर दिन का नियम बस इतना ही है। कुछ भी दोबारा करने की ज़रूरत नहीं। आपका ध्यान ही इसकी साधना है।
उस दिन
अगर सुबह वैसी न रहे जैसी सोची थी
सूर्योदय का समय निकल गया? सूर्योदय सबसे अच्छा समय है, पर ज़रूरी नहीं। किसी और सुबह शुरुआत करें, या किसी भी ऐसे समय, जब आप कार्ड को बिना जल्दी के तीस मिनट दे सकें।
माला नहीं है? 108 के एक फेरे के लिए ऊपर, चौथे चरण के पास वाला काउंटर इस्तेमाल करें। आगे के दिनों के लिए मुफ़्त भाग्य कार्ड ऐप में जप का काउंटर है: स्क्रीन पर कहीं भी टैप करें और एक मनका गिनें, चाहें तो स्क्रीन की रोशनी धीमी कर लें, और पूरी हुई मालाओं की गिनती वहीं दिखती है।
कार्ड तोहफ़े में आया है? सात चरण वही करें जिनके पास कार्ड रहेगा। विधि कार्ड हर कार्ड के साथ जाता है, इसलिए मंत्र और चरण उनके हाथ में होते हैं।
कौन सा दिन चुनें? कोई भी दिन, जब आप बिना जल्दी के तीस मिनट दे सकें। परंपरा में कुछ कार्डों का अपना दिन है: महालक्ष्मी का शुक्रवार, हनुमान जी का मंगलवार और शनिवार, और हर ग्रह कार्ड का अपना एक दिन।
मार्गदर्शक
हर कार्ड की अपनी गाइड
सात चरण हर कार्ड के लिए हैं। किसी कार्ड के देवता, उसके बीज मंत्र और उसकी परंपरा के बारे में जानना हो, तो उसकी अपनी गाइड पढ़ें:
- अग्नि यंत्र, अग्नि देव
- अष्टलक्ष्मी यंत्र, लक्ष्मी के आठ रूप
- अयोध्या राम मंदिर, प्रभु श्रीराम
- बगलामुखी यंत्र, माँ बगलामुखी
- भुवनेश्वरी यंत्र, माँ भुवनेश्वरी
- ब्रह्मा यंत्र, ब्रह्मदेव
- बुध यंत्र, बुध देव
- चंद्र यंत्र, चंद्र देव
- दुर्गा यंत्र, माँ दुर्गा
बाक़ी हर कार्ड के देवता की कथा उस कार्ड के अपने पेज पर है: सारे कार्ड देखें। पहले कार्ड चुनना है, तो पढ़ें कि संकल्प के हिसाब से यंत्र कैसे चुनें, या तीन सवालों में जानें।
नवग्रह
ग्रह कार्डों के लिए लंबी साधना
मंगल, बुध, चंद्र और सिद्ध केतु कार्ड नवग्रहों, यानी ज्योतिष के नौ ग्रहों, के यंत्र हैं। परंपरा में इनके लिए सात चरणों के बाद एक लंबी साधना भी जुड़ती है: कम से कम 40 दिन तक रोज़ 108 बार बीज मंत्र का जप, फिर रोज़ 27 बार।
हर ग्रह का परंपरा से अपना दिन भी है: चंद्र का सोमवार, मंगल का मंगलवार, बुध का बुधवार। नवग्रह वाले पेज पर हर ग्रह का दिन और उसका मंत्र है।
चालीस दिन का नियम अकेले निभाना आसान नहीं। भाग्य कार्ड ऐप में संकल्प लें: ऐप 1 से 365 दिनों तक आपके लिए दिन गिनता है, और एक दिन छूटने से संकल्प टूटता नहीं।
स्थान
यंत्र कहाँ रखें, और कहाँ नहीं
कार्ड पर्स में रखने लायक़ है। इसलिए वह दिन भर आपके साथ चल सकता है, या पूजा घर में ही रह सकता है। एक जगह चुनें, और उसे वहीं रखें।
- पर्स या वॉलेट में, दिन भर साथ रखने के लिए: दफ़्तर, दुकान, परीक्षा हॉल, घर लौटने की लंबी उड़ान।
- गल्ले, तिजोरी या लॉकर में। परिवार कुबेर यंत्र वहीं रखते हैं जहाँ अपना धन रखते हैं, और दुकानदार व्यापार वृद्धि कार्ड गल्ले या रिसेप्शन पर रखते हैं।
- पढ़ाई की मेज़ पर। विद्यार्थी गायत्री यंत्र पढ़ाई की मेज़ पर रखते हैं, और बहुत से परिवार परीक्षा के महीनों में भी।
- पूजा घर में, अपने देवी-देवताओं के पास। परंपरा में भुवनेश्वरी यंत्र नए घर के पूजा घर में पहले दिन से रखा जाता है।
- ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) में, घर या दुकान के।
यहाँ नहीं: बाथरूम में, और बेडरूम के फ़र्श पर।
देखभाल
साल दर साल, यंत्र के साथ
कुछ भी दोबारा करने की ज़रूरत नहीं। आपका ध्यान ही इसकी साधना है: जब तक कार्ड आपके पास है, हर सुबह एक बार छूना, या एक नज़र देखना।
- विधि कार्ड सँभालकर रखें, कार्ड के साथ या पूजा घर में, ताकि जब भी दोबारा जप करना चाहें, मंत्र पास ही हो।
- पूजा घर की सफ़ाई के साथ इसे भी पोंछ लें। एक मुलायम कपड़ा काफ़ी है।
- आपका कार्ड ऐप में भी है। आपके मोबाइल नंबर पर जारी हर कार्ड भाग्य कार्ड ऐप के वॉलेट में रहता है। कार्ड पर छपा QR उसका अपना पेज खोलता है, जिसमें दिखता है कि कार्ड जारी होते समय कैसा था और आज उसकी स्थिति क्या है।
- कार्ड टूटा-फूटा या ग़लत छपा पहुँचा हो, तो डिलीवरी के 7 दिनों के भीतर ऑर्डर नंबर और एक फ़ोटो के साथ हमें लिखें। हम अपने ख़र्च पर नया कार्ड भेजेंगे। पूरी बात हमारी रिफ़ंड नीति में है।
प्रश्न
यंत्र की स्थापना से जुड़े सवाल
क्या यंत्र की स्थापना के लिए पंडित जी चाहिए?
नहीं। इस पेज के सात चरण आपके अपने हाथों, घर पर, लगभग तीस मिनट में करने के लिए हैं।
बीज मंत्र का जप कितनी बार करें?
शुरुआत के दिन 108 बार, यानी एक माला (चौथा चरण)। उसके बाद रोज़ की साधना बस एक साँस भर का ध्यान है (सातवाँ चरण)। ग्रह (नवग्रह) कार्डों के लिए परंपरा में लंबी साधना है: कम से कम 40 दिन तक रोज़ 108 बार, फिर रोज़ 27 बार।
यंत्र की स्थापना किस दिन करें?
किसी भी दिन, जब आप बिना जल्दी के तीस मिनट दे सकें, हो सके तो सूर्योदय के समय। ग्रह कार्डों का परंपरा से अपना दिन है, जैसे चंद्र का सोमवार; नवग्रह वाले पेज पर सबके दिन दिए हैं।
क्या बाद में कुछ दोबारा करना होगा?
नहीं, कुछ भी दोबारा करने की ज़रूरत नहीं; आपका ध्यान ही इसकी साधना है। यंत्र कहाँ रखें, यह और बाक़ी सारे सवाल हमारे सवाल-जवाब में हैं।
आपका कार्ड, आपकी सुबह
कार्ड आ गया है? आज रात थाली सजा लें, और सुबह सूर्योदय पर शुरुआत करें। अभी चुन रहे हैं? तीन सवालों के जवाब दें, कार्ड हम सुझा देंगे।
अपना यंत्र चुनेंसारे कार्ड देखें
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