महालक्ष्मी यंत्र कार्ड

महालक्ष्मी यंत्र देवी लक्ष्मी का प्रतीक एक पवित्र ज्यामितीय आकृति है। परंपरा में श्री महालक्ष्मी यंत्र की पूजा समृद्धि, संपन्नता और सांसारिक इच्छाओं की पूर्ति की कामना से की जाती है।

महालक्ष्मी यंत्र कार्ड

धन और समृद्धि की देवी

देवी महालक्ष्मी धन, सौभाग्य, संपन्नता और समृद्धि की प्रतीक हैं। संस्कृत शब्द ‘लक्ष्य’ का अर्थ है ध्येय या उद्देश्य, जो हमें महालक्ष्मी की ओर ले जाता है। इसलिए लक्ष्मी का एक भाव अपने लक्ष्य की ओर बढ़ना भी है।

महालक्ष्मी भगवान विष्णु की साथी ही नहीं, उनकी शक्ति भी हैं। भगवान विष्णु परम नारायण हैं, और महालक्ष्मी छह दिव्य गुणों से संपन्न हैं।

जब भगवान विष्णु ने पृथ्वी पर श्रीराम के रूप में अवतार लिया, तो लक्ष्मी सीता के रूप में उनके साथ आईं। जब वे श्रीकृष्ण के रूप में आए, तो लक्ष्मी रुक्मिणी बनीं।

महालक्ष्मी हमेशा कमल पर विराजमान दिखती हैं। उनके चार हाथ मानव जीवन के चार पुरुषार्थ दर्शाते हैं: धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष।

लोक साहित्य में लक्ष्मी धन-संपदा, सौंदर्य, आनंद, कृपा, आकर्षण और वैभव का रूप हैं।

सृष्टि के आरंभ में देवताओं और असुरों ने जब समुद्र मंथन किया, तब रत्नों के साथ लक्ष्मी भी प्रकट हुईं। उनके हाथ में कमल था, इसलिए उन्हें पद्मा लक्ष्मी भी कहा जाता है।

सौभाग्य लक्ष्मी उपनिषद के अनुसार महालक्ष्मी वरदान देने वाली देवी हैं। परंपरा में वे धन की दात्री हैं, उनका रूप स्वर्णिम है और वे सोने की माला धारण करती हैं। उनकी आभा सुनहरी है और वे पवित्रता के प्रतीक कमल में निवास करती हैं।

आपकी रोज़ की साधना में महालक्ष्मी यंत्र कार्ड

महालक्ष्मी यंत्र कार्ड पर वह यंत्र है, जिसे परिवार समृद्धि और संतोष की कामना से रखते हैं। इसे श्रद्धा से रखें; यह प्रेम से दिया जाता है, किसी निश्चित फल के वादे के रूप में नहीं।