हिंदू कैलेंडर

सितंबर 2027 कैलेंडर, अमरावती

हिंदू मास
भाद्रपद
संवत
शक संवत 1949, विक्रम संवत 2084
संवत्सर
प्लवंग
अयन
दक्षिणायन
ऋतु
वर्षा

महीने अमांत पद्धति से (हर महीना अमावस्या को पूरा होता है) गिने जाते हैं; वर्ष शक संवत में दिए गए हैं; अयनांश लाहिरी है; त्योहारों के दिनांक स्मार्त परंपरा के अनुसार हैं।

आपने अमरावती चुना है। इस पेज पर दिए समय और तारीखें महाराष्ट्र क्षेत्र के लिए हैं, जिनकी गणना मुंबई के लिए की गई है। अमरावती में समय अलग हो सकता है, और कोई त्योहार किसी दूसरे दिन पड़ सकता है।

ज़्यादा सटीक समय और जानकारी के लिए भाग्य वेब ऐप में साइन इन करें।

त्योहारों की इन तारीखों का मिलान अभी किसी छपे हुए पंचांग से नहीं किया गया है।

शहर और तारीख चुनें

रविसोममंगलबुधगुरुशुक्रशनि
भाद्रपद शुक्ल १भाद्रपद मास आरम्भ०६:२३–१८:५३भाद्रपद शुक्ल २श्रावणी (सामवेदी)वराह जयंती०६:२३–१८:५२भाद्रपद शुक्ल ३हरतालिका तृतीयामुस्लिम रबी-उल-आख़िर आरंभ०६:२३–१८:५१भाद्रपद शुक्ल ४गणेश चतुर्थीचन्द्रदर्शन निषेधजैन संवत्सरी (चतुर्थी पक्ष)०६:२३–१८:५१
भाद्रपद शुक्ल ५ऋषि पंचमीगजानन महाराज पुण्यतिथिपर्यूषण (दिगंबर)जैन संवत्सरी (पंचमी पक्ष)+१०६:२४–१८:५०भाद्रपद शुक्ल ६ज्येष्ठागौरी आवाहनपर्यूषण (दिगंबर)सूर्य षष्ठी०६:२४–१८:४९भाद्रपद शुक्ल ७ज्येष्ठगौरी पूजनराजे उमाजी नाईक जयंतीपर्यूषण (दिगंबर)०६:२४–१८:४८भाद्रपद शुक्ल ८दुर्गाष्टमीपर्यूषण (दिगंबर)डोरक धारण०६:२४–१८:४७भाद्रपद शुक्ल ९ज्येष्ठागौरी विसर्जनपर्यूषण (दिगंबर)अदुख नवमीभागवत सप्ताह०६:२४–१८:४६भाद्रपद शुक्ल १०पर्यूषण (दिगंबर)भागवत सप्ताह०६:२५–१८:४५भाद्रपद शुक्ल ११परिवर्तिनी एकादशीपर्यूषण (दिगंबर)भागवत सप्ताहएकादशी०६:२५–१८:४४
भाद्रपद शुक्ल १२पर्यूषण (दिगंबर)भागवत सप्ताहवामन जयंती०६:२५–१८:४४भाद्रपद शुक्ल १३सोम प्रदोषसूर्य का उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र में प्रवेशपर्यूषण (दिगंबर)भागवत सप्ताह०६:२५–१८:४३भाद्रपद शुक्ल १४अनंत चतुर्दशीपारसी अर्दिबेहेश्त आरंभपर्यूषण (दिगंबर)भागवत सप्ताह०६:२५–१८:४२भाद्रपद पूर्णिमापूर्णिमाभागवत सप्ताहप्रोष्ठपदी पूर्णिमासंन्यासी चातुर्मास समाप्तपूर्णिमा०६:२६–१८:४१भाद्रपद कृष्ण १महालयप्रतिपदा श्राद्ध०६:२६–१८:४०भाद्रपद कृष्ण २महालयद्वितीया श्राद्ध०६:२६–१८:३९भाद्रपद कृष्ण २महालयतृतीया श्राद्ध०६:२६–१८:३८
भाद्रपद कृष्ण ३महालयसंकष्टी चतुर्थीचतुर्थी श्राद्धसंकष्टी०६:२६–१८:३७भाद्रपद कृष्ण ४भरणी श्राद्धमहालयपंचमी श्राद्ध०६:२६–१८:३६भाद्रपद कृष्ण ५/६महालयषष्ठी श्राद्ध०६:२७–१८:३६भाद्रपद कृष्ण ७महालयसप्तमी श्राद्ध०६:२७–१८:३५भाद्रपद कृष्ण ८कालाष्टमीमहालयअष्टमी श्राद्धभारतीय राष्ट्रीय आश्विन आरंभ०६:२७–१८:३४भाद्रपद कृष्ण ९अविधवा नवमीमहालयनवमी श्राद्धविषुव दिन०६:२७–१८:३३भाद्रपद कृष्ण १०महालयदशमी श्राद्ध०६:२७–१८:३२
भाद्रपद कृष्ण ११इंदिरा एकादशीमहालयएकादशी श्राद्धएकादशी०६:२८–१८:३१भाद्रपद कृष्ण १२मघा श्राद्धमहालयसोम प्रदोषसंन्यासी महालय+२०६:२८–१८:३०भाद्रपद कृष्ण १३महालयमासिक शिवरात्रिशस्त्रहत पितृ श्राद्धचतुर्दशी श्राद्ध+१०६:२८–१८:२९भाद्रपद कृष्ण १४दर्श अमावस्यामहालयसर्वपित्री अमावस्या०६:२८–१८:२८भाद्रपद अमावस्या/१घटस्थापनाअमावस्यामहालयमातामह श्राद्ध+३अमावस्या०६:२८–१८:२८

सितंबर 2027 का हर दिन

वार
बुधवार
तिथि
प्रतिपदा (23:11:03 – 19:50:46)
नक्षत्र
पूर्वा फाल्गुनी (22:20:21 – 19:48:06)
योग
सिद्ध (21:35:49 – 17:44:12)
करण
किंस्तुघ्न (23:11:03 – 09:29:01)
वार
बुधवार (06:23:24 – 06:23:36)
मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
सूर्योदय
सूर्यास्त
चंद्रोदय
चंद्रास्त
चंद्र राशि
सिंह, तक

त्योहार, व्रत और विशेष दिन

भाद्रपद मास आरम्भस्मार्त पंचांग में नये चान्द्र मास का प्रथम दिन। इस दिन से शुक्ल पक्ष आरम्भ होता है।

वार
गुरुवार
तिथि
द्वितीया (19:50:46 – 16:50:24)
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी (19:48:06 – 17:35:53)
योग
साध्य (17:44:12 – 14:08:20)
करण
कौलव (06:17:29 – 16:50:24)
वार
गुरुवार (06:23:36 – 06:23:48)
मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
सूर्योदय
सूर्यास्त
चंद्रोदय
चंद्रास्त
चंद्र राशि
कन्या

त्योहार, व्रत और विशेष दिन

श्रावणी (सामवेदी)सामवेदी ब्राह्मणों का वार्षिक उपाकर्म, जो अमान्त भाद्रपद मास में हस्त नक्षत्र पर पड़ता है।
वराह जयंतीभगवान विष्णु के वराह अवतार का प्राकट्य दिवस।

वार
शुक्रवार
तिथि
तृतीया (16:50:24 – 14:19:23)
नक्षत्र
हस्त (17:35:53 – 15:53:23)
योग
शुभ (14:08:20 – 10:55:44)
करण
गर (03:30:40 – 14:19:23)
वार
शुक्रवार (06:23:48 – 06:23:59)
मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
सूर्योदय
सूर्यास्त
चंद्रोदय
चंद्रास्त
चंद्र राशि
कन्या, तक

त्योहार, व्रत और विशेष दिन

हरतालिका तृतीयाभाद्रपद शुक्ल तृतीया को मनाया जाने वाला व्रत, जिसमें सुहागिनें और कुमारी कन्याएँ शिव-पार्वती की पूजा करती हैं।
मुस्लिम रबी-उल-आख़िर आरंभइस्लामी कैलेंडर के नए चंद्र मास का पहला दिन, जो नया चाँद देखे जाने पर आरंभ होता है।

वार
शनिवार
तिथि
चतुर्थी (14:19:23 – 12:26:13)
नक्षत्र
चित्रा (15:53:23 – 14:49:11)
योग
शुक्ल (10:55:44 – 08:13:06)
करण
विष्टि (01:17:35 – 12:26:13)
वार
शनिवार (06:23:59 – 06:24:11)
मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
सूर्योदय
सूर्यास्त
चंद्रोदय
चंद्रास्त
चंद्र राशि
तुला

त्योहार, व्रत और विशेष दिन

गणेश चतुर्थीभाद्रपद शुक्ल चतुर्थी को गणेश जी की स्थापना और पूजा; महाराष्ट्र सहित कई स्थानों पर इसी दिन से दस दिवसीय गणेशोत्सव आरंभ होता है।
चन्द्रदर्शन निषेधगणेश चतुर्थी के दिन सूर्यास्त से पहले चन्द्रमा देखने का निषेध किया जाता है।
जैन संवत्सरी (चतुर्थी पक्ष)जैन परंपरा में भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी को मनाया जाने वाला पर्व, जिसमें वार्षिक प्रतिक्रमण कर क्षमा माँगी जाती है।

वार
रविवार
तिथि
पंचमी (12:26:13 – 11:17:47)
नक्षत्र
स्वाति (14:49:10 – 14:29:49)
योग
इन्द्र (06:05:46 – 04:37:01)
करण
बालव (23:46:04 – 11:17:47)
वार
रविवार (06:24:11 – 06:24:22)
मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
सूर्योदय
सूर्यास्त
चंद्रोदय
चंद्रास्त
चंद्र राशि
तुला

त्योहार, व्रत और विशेष दिन

ऋषि पंचमीभाद्रपद शुक्ल पंचमी को सप्तर्षियों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का व्रत।
गजानन महाराज पुण्यतिथिशेगाँव (महाराष्ट्र) के संत गजानन महाराज की पुण्यतिथि, जो भाद्रपद शुक्ल पंचमी को मनाई जाती है।
पर्यूषण (दिगंबर)दिगंबर जैनों का प्रमुख वार्षिक पर्व जो भाद्रपद शुक्ल पंचमी से आरंभ होता है।
जैन संवत्सरी (पंचमी पक्ष)भाद्रपद शुक्ल पंचमी को जैन धर्मावलंबियों द्वारा मनाया जाने वाला क्षमा और आत्म-चिंतन का पर्व।
शिक्षक दिवसभारत के दूसरे राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती पर मनाया जाने वाला दिवस, जिसमें शिक्षकों के प्रति सम्मान प्रकट किया जाता है।

वार
सोमवार
तिथि
षष्ठी (11:17:47 – 10:58:18)
नक्षत्र
विशाखा (14:29:49 – 14:58:52)
योग
वैधृति (04:37:01 – 03:47:34)
करण
तैतिल (23:01:47 – 10:58:18)
वार
सोमवार (06:24:22 – 06:24:34)
मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
सूर्योदय
सूर्यास्त
चंद्रोदय
चंद्रास्त
चंद्र राशि
तुला, तक

त्योहार, व्रत और विशेष दिन

ज्येष्ठागौरी आवाहनमहाराष्ट्र में भाद्रपद मास की अनुराधा नक्षत्र युक्त तिथि को ज्येष्ठागौरी का आवाहन किया जाता है।
पर्यूषण (दिगंबर)दिगंबर जैनों का प्रमुख वार्षिक पर्व जो भाद्रपद शुक्ल पंचमी से आरंभ होता है।
सूर्य षष्ठीभाद्रपद शुक्ल षष्ठी को सूर्य की उपासना का पर्व मनाया जाता है।

वार
मंगलवार
तिथि
सप्तमी (10:58:18 – 11:28:26)
नक्षत्र
अनुराधा (14:58:52 – 16:15:59)
योग
विष्कम्भ (03:47:34 – 03:35:10)
करण
वणिज (23:07:17 – 11:28:26)
वार
मंगलवार (06:24:34 – 06:24:45)
मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
सूर्योदय
सूर्यास्त
चंद्रोदय
चंद्रास्त
चंद्र राशि
वृश्चिक

त्योहार, व्रत और विशेष दिन

ज्येष्ठगौरी पूजनभाद्रपद मास में ज्येष्ठा नक्षत्र के दिन महाराष्ट्र में ज्येष्ठगौरी का पूजन किया जाता है।
राजे उमाजी नाईक जयंतीमहाराष्ट्र के स्वतंत्रता सेनानी राजे उमाजी नाईक की जयंती।
पर्यूषण (दिगंबर)दिगंबर जैनों का प्रमुख वार्षिक पर्व जो भाद्रपद शुक्ल पंचमी से आरंभ होता है।

वार
बुधवार
तिथि
अष्टमी (11:28:26 – 12:44:40)
नक्षत्र
ज्येष्ठा (16:15:59 – 18:16:32)
योग
प्रीति (03:35:10 – 03:54:40)
करण
बव (00:01:11 – 12:44:40)
वार
बुधवार (06:24:45 – 06:24:56)
मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
सूर्योदय
सूर्यास्त
चंद्रोदय
चंद्र राशि
वृश्चिक, तक

त्योहार, व्रत और विशेष दिन

दुर्गाष्टमीप्रत्येक मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी को देवी दुर्गा की आराधना का यह व्रत रखा जाता है।
पर्यूषण (दिगंबर)दिगंबर जैनों का प्रमुख वार्षिक पर्व जो भाद्रपद शुक्ल पंचमी से आरंभ होता है।
डोरक धारणभाद्रपद शुक्ल अष्टमी को स्मार्त परंपरा में डोरक धारण किया जाता है।

वार
गुरुवार
तिथि
नवमी (12:44:40 – 14:39:12)
नक्षत्र
मूल (18:16:32 – 20:51:47)
योग
आयुष्मान (03:54:40 – 04:38:29)
करण
कौलव (01:37:47 – 14:39:12)
वार
गुरुवार (06:24:56 – 06:25:07)
मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
सूर्योदय
सूर्यास्त
चंद्रोदय
चंद्रास्त
चंद्र राशि
धनु

त्योहार, व्रत और विशेष दिन

ज्येष्ठागौरी विसर्जनमहाराष्ट्र में भाद्रपद मास में मूल नक्षत्र पर ज्येष्ठागौरी की मूर्तियों का विसर्जन किया जाता है।
पर्यूषण (दिगंबर)दिगंबर जैनों का प्रमुख वार्षिक पर्व जो भाद्रपद शुक्ल पंचमी से आरंभ होता है।
अदुख नवमीभाद्रपद शुक्ल नवमी को मनाया जाने वाला एक हिंदू व्रत, जिसमें दुखों से मुक्ति की कामना की जाती है।
भागवत सप्ताहभाद्रपद शुक्ल नवमी से पूर्णिमा तक श्रीमद्भागवत पुराण का सप्ताह भर चलने वाला पारायण और कथा श्रवण।

वार
शुक्रवार
तिथि
दशमी (14:39:12 – 17:00:49)
नक्षत्र
पूर्वाषाढा (20:51:47 – 23:50:01)
योग
सौभाग्य (04:38:29 – 05:37:31)
करण
गर (03:47:25 – 17:00:49)
वार
शुक्रवार (06:25:07 – 06:25:17)
मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
सूर्योदय
सूर्यास्त
चंद्रोदय
चंद्रास्त
चंद्र राशि
धनु

त्योहार, व्रत और विशेष दिन

पर्यूषण (दिगंबर)दिगंबर जैनों का प्रमुख वार्षिक पर्व जो भाद्रपद शुक्ल पंचमी से आरंभ होता है।
भागवत सप्ताहभाद्रपद शुक्ल नवमी से पूर्णिमा तक श्रीमद्भागवत पुराण का सप्ताह भर चलने वाला पारायण और कथा श्रवण।

वार
शनिवार
तिथि
एकादशी (17:00:49 – 19:36:29)
नक्षत्र
उत्तराषाढा (23:50:01 – 02:58:20)
योग
शोभन (05:37:31 – 06:42:17)
करण
विष्टि (06:17:44 – 19:36:29)
वार
शनिवार (06:25:17 – 06:25:28)
मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
सूर्योदय
सूर्यास्त
चंद्रोदय
चंद्रास्त
चंद्र राशि
धनु, तक

त्योहार, व्रत और विशेष दिन

परिवर्तिनी एकादशीभाद्रपद शुक्ल एकादशी को भगवान विष्णु के वामन अवतार और योगनिद्रा में करवट बदलने की स्मृति में परिवर्तिनी एकादशी का व्रत रखा जाता है।
पर्यूषण (दिगंबर)दिगंबर जैनों का प्रमुख वार्षिक पर्व जो भाद्रपद शुक्ल पंचमी से आरंभ होता है।
भागवत सप्ताहभाद्रपद शुक्ल नवमी से पूर्णिमा तक श्रीमद्भागवत पुराण का सप्ताह भर चलने वाला पारायण और कथा श्रवण।

वार
रविवार
तिथि
द्वादशी (19:36:29 – 22:13:14)
नक्षत्र
श्रवण (02:58:20 – 06:04:30)
योग
शोभन (05:37:31 – 06:42:17)
करण
बव (19:36:29 – 08:55:28)
वार
रविवार (06:25:28 – 06:25:39)
मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
सूर्योदय
सूर्यास्त
चंद्रोदय
चंद्रास्त
चंद्र राशि
मकर

त्योहार, व्रत और विशेष दिन

पर्यूषण (दिगंबर)दिगंबर जैनों का प्रमुख वार्षिक पर्व जो भाद्रपद शुक्ल पंचमी से आरंभ होता है।
भागवत सप्ताहभाद्रपद शुक्ल नवमी से पूर्णिमा तक श्रीमद्भागवत पुराण का सप्ताह भर चलने वाला पारायण और कथा श्रवण।
वामन जयंतीभाद्रपद शुक्ल द्वादशी को भगवान विष्णु के वामन अवतार की जयंती मनाई जाती है।

वार
सोमवार
तिथि
त्रयोदशी (22:13:14 – 00:40:00)
नक्षत्र
धनिष्ठा (06:04:30 – 08:58:24)
योग
अतिगण्ड (06:42:17 – 07:44:04)
करण
कौलव (22:13:14 – 11:28:27)
वार
सोमवार (06:25:39 – 06:25:49)
मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
सूर्योदय
सूर्यास्त
चंद्रोदय
चंद्रास्त
चंद्र राशि
मकर, तक

त्योहार, व्रत और विशेष दिन

सोम प्रदोषत्रयोदशी तिथि को शिव की उपासना का व्रत।
सूर्य का उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र में प्रवेशसूर्य उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र में प्रवेश करता है।
पर्यूषण (दिगंबर)दिगंबर जैनों का प्रमुख वार्षिक पर्व जो भाद्रपद शुक्ल पंचमी से आरंभ होता है।
भागवत सप्ताहभाद्रपद शुक्ल नवमी से पूर्णिमा तक श्रीमद्भागवत पुराण का सप्ताह भर चलने वाला पारायण और कथा श्रवण।

वार
मंगलवार
तिथि
चतुर्दशी (00:40:00 – 02:48:28)
नक्षत्र
धनिष्ठा (06:04:30 – 08:58:24)
योग
सुकर्मा (07:44:04 – 08:35:39)
करण
गर (00:40:00 – 13:46:55)
वार
मंगलवार (06:25:49 – 06:26:00)
मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
सूर्योदय
सूर्यास्त
चंद्रोदय
चंद्रास्त
चंद्र राशि
कुम्भ

त्योहार, व्रत और विशेष दिन

अनंत चतुर्दशीभगवान अनंत (विष्णु) का पूजन और अनंत सूत्र धारण; महाराष्ट्र में इसी दिन गणपति विसर्जन होता है।
पारसी अर्दिबेहेश्त आरंभशहंशाही पारसी पंचांग के अनुसार नए महीने का पहला दिन।
पर्यूषण (दिगंबर)दिगंबर जैनों का प्रमुख वार्षिक पर्व जो भाद्रपद शुक्ल पंचमी से आरंभ होता है।
भागवत सप्ताहभाद्रपद शुक्ल नवमी से पूर्णिमा तक श्रीमद्भागवत पुराण का सप्ताह भर चलने वाला पारायण और कथा श्रवण।

वार
बुधवार
तिथि
पूर्णिमा (02:48:28 – 04:33:24)
नक्षत्र
शतभिषा (08:58:24 – 11:32:50)
योग
धृति (08:35:39 – 09:11:50)
करण
विष्टि (02:48:28 – 15:44:05)
वार
बुधवार (06:26:00 – 06:26:11)
मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
सूर्योदय
सूर्यास्त
चंद्रोदय
चंद्रास्त
चंद्र राशि
कुम्भ

त्योहार, व्रत और विशेष दिन

पूर्णिमाप्रत्येक मास की शुक्ल पक्ष की अंतिम तिथि, जो चंद्रमा के पूर्ण होने का दिन मानी जाती है।
भागवत सप्ताहभाद्रपद शुक्ल नवमी से पूर्णिमा तक श्रीमद्भागवत पुराण का सप्ताह भर चलने वाला पारायण और कथा श्रवण।
प्रोष्ठपदी पूर्णिमाभाद्रपद शुक्ल पूर्णिमा को मनाया जाने वाला एक हिंदू पर्व।
संन्यासी चातुर्मास समाप्तहिंदू संन्यासियों के चार मास के वार्षिक एकस्थान निवास की अवधि भाद्रपद शुक्ल पूर्णिमा को समाप्त होती है।

वार
गुरुवार
तिथि
प्रतिपदा (04:33:24 – 05:52:11)
नक्षत्र
पूर्वा भाद्रपदा (11:32:50 – 13:43:30)
योग
शूल (09:11:50 – 09:29:18)
करण
बालव (04:33:24 – 17:16:08)
वार
गुरुवार (06:26:11 – 06:26:21)
मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
सूर्योदय
सूर्यास्त
चंद्रोदय
चंद्रास्त
चंद्र राशि
कुम्भ, तक

त्योहार, व्रत और विशेष दिन

महालयअमान्त भाद्रपद कृष्ण प्रतिपदा से अमावस्या तक चलने वाला पितृपक्ष का आरंभिक पर्व।
प्रतिपदा श्राद्धअमान्त भाद्रपद कृष्ण प्रतिपदा को अपराह्न में पितरों का श्राद्ध किया जाता है।

वार
शुक्रवार
तिथि
द्वितीया (05:52:11 – 06:44:05)
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपदा (13:43:30 – 15:28:28)
योग
गण्ड (09:29:18 – 09:26:24)
करण
तैतिल (05:52:11 – 18:21:29)
वार
शुक्रवार (06:26:21 – 06:26:32)
मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
सूर्योदय
सूर्यास्त
चंद्रोदय
चंद्रास्त
चंद्र राशि
मीन

त्योहार, व्रत और विशेष दिन

महालयअमान्त भाद्रपद कृष्ण प्रतिपदा से अमावस्या तक चलने वाला पितृपक्ष का आरंभिक पर्व।
द्वितीया श्राद्धपितृ पक्ष की द्वितीया तिथि को किया जाने वाला श्राद्ध कर्म।

वार
शनिवार
तिथि
द्वितीया (05:52:11 – 06:44:05)
नक्षत्र
रेवती (15:28:28 – 16:47:23)
योग
वृद्धि (09:26:24 – 09:02:37)
करण
गर (18:21:29 – 06:44:05)
वार
शनिवार (06:26:32 – 06:26:43)
मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
सूर्योदय
सूर्यास्त
चंद्रोदय
चंद्रास्त
चंद्र राशि
मीन, तक

त्योहार, व्रत और विशेष दिन

महालयअमान्त भाद्रपद कृष्ण प्रतिपदा से अमावस्या तक चलने वाला पितृपक्ष का आरंभिक पर्व।
तृतीया श्राद्धअमांत गणना के अनुसार भाद्रपद कृष्ण तृतीया को किया जाने वाला पितरों का श्राद्ध।

वार
रविवार
तिथि
तृतीया (06:44:05 – 07:09:26)
नक्षत्र
अश्विनी (16:47:23 – 17:40:39)
योग
ध्रुव (09:02:37 – 08:18:07)
करण
विष्टि (19:00:02 – 07:09:26)
वार
रविवार (06:26:43 – 06:26:53)
मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
सूर्योदय
सूर्यास्त
चंद्रोदय
चंद्रास्त
चंद्र राशि
मेष

त्योहार, व्रत और विशेष दिन

महालयअमान्त भाद्रपद कृष्ण प्रतिपदा से अमावस्या तक चलने वाला पितृपक्ष का आरंभिक पर्व।
संकष्टी चतुर्थीकृष्ण पक्ष की चतुर्थी को गणेश जी की उपासना का व्रत रखा जाता है।
चतुर्थी श्राद्धअमान्त भाद्रपद कृष्ण चतुर्थी को अपराह्न में पितरों का श्राद्ध किया जाता है।

वार
सोमवार
तिथि
चतुर्थी (07:09:26 – 07:08:54)
नक्षत्र
भरणी (17:40:39 – 18:08:52)
योग
व्याघात (08:18:07 – 07:13:15)
करण
बालव (19:12:21 – 07:08:54)
वार
सोमवार (06:26:53 – 06:27:04)
मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
सूर्योदय
सूर्यास्त
चंद्रोदय
चंद्रास्त
चंद्र राशि
मेष, तक

त्योहार, व्रत और विशेष दिन

भरणी श्राद्धअमान्त भाद्रपद कृष्ण पक्ष में भरणी नक्षत्र पर किया जाने वाला पितरों का श्राद्ध।
महालयअमान्त भाद्रपद कृष्ण प्रतिपदा से अमावस्या तक चलने वाला पितृपक्ष का आरंभिक पर्व।
पंचमी श्राद्धअमान्त भाद्रपद कृष्ण पंचमी को अपराह्न में किया जाने वाला श्राद्ध कर्म।

वार
मंगलवार
तिथि
पंचमी (07:08:54 – 06:43:07)
नक्षत्र
कृत्तिका (18:08:52 – 18:12:28)
योग
वज्र (05:48:23 – 04:03:38)
करण
तैतिल (18:59:08 – 06:43:07)
वार
मंगलवार (06:27:04 – 06:27:15)
मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
सूर्योदय
सूर्यास्त
चंद्रोदय
चंद्रास्त
चंद्र राशि
वृषभ

त्योहार, व्रत और विशेष दिन

महालयअमान्त भाद्रपद कृष्ण प्रतिपदा से अमावस्या तक चलने वाला पितृपक्ष का आरंभिक पर्व।
षष्ठी श्राद्धभाद्रपद कृष्ण षष्ठी (अमांत गणना) को अपराह्न में किया जाने वाला श्राद्ध।

वार
बुधवार
तिथि
सप्तमी (05:52:26 – 04:37:07)
नक्षत्र
रोहिणी (18:12:28 – 17:51:38)
योग
सिद्धि (04:03:38 – 01:59:04)
करण
विष्टि (05:52:26 – 17:17:50)
वार
बुधवार (06:27:15 – 06:27:26)
मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
सूर्योदय
सूर्यास्त
चंद्रोदय
चंद्रास्त
चंद्र राशि
वृषभ, तक

त्योहार, व्रत और विशेष दिन

महालयअमान्त भाद्रपद कृष्ण प्रतिपदा से अमावस्या तक चलने वाला पितृपक्ष का आरंभिक पर्व।
सप्तमी श्राद्धअमांत गणना के अनुसार भाद्रपद कृष्ण सप्तमी को किया जाने वाला पितृ श्राद्ध।

वार
गुरुवार
तिथि
अष्टमी (04:37:07 – 02:57:36)
नक्षत्र
मृगशिरा (17:51:38 – 17:06:35)
योग
व्यतीपात (01:59:04 – 23:34:52)
करण
बालव (04:37:07 – 15:50:20)
वार
गुरुवार (06:27:26 – 06:27:38)
मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
सूर्योदय
सूर्यास्त
चंद्रास्त
चंद्र राशि
मिथुन

त्योहार, व्रत और विशेष दिन

कालाष्टमीप्रत्येक मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी को कालभैरव की उपासना का यह व्रत रखा जाता है।
महालयअमान्त भाद्रपद कृष्ण प्रतिपदा से अमावस्या तक चलने वाला पितृपक्ष का आरंभिक पर्व।
अष्टमी श्राद्धपितृ पक्ष की अष्टमी तिथि को किया जाने वाला श्राद्ध।
भारतीय राष्ट्रीय आश्विन आरंभभारत के राष्ट्रीय पंचांग के अनुसार एक नए सौर मास का पहला दिन।

वार
शुक्रवार
तिथि
नवमी (02:57:36 – 00:54:56)
नक्षत्र
आर्द्रा (17:06:35 – 15:57:58)
योग
वरीयान (23:34:52 – 20:51:39)
करण
तैतिल (02:57:36 – 13:59:03)
वार
शुक्रवार (06:27:38 – 06:27:49)
मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
सूर्योदय
सूर्यास्त
चंद्रोदय
चंद्रास्त
चंद्र राशि
मिथुन

त्योहार, व्रत और विशेष दिन

अविधवा नवमीअमान्त भाद्रपद कृष्ण नवमी को सुहागिन स्त्रियाँ अपने अखंड सौभाग्य के लिए व्रत रखती हैं।
महालयअमान्त भाद्रपद कृष्ण प्रतिपदा से अमावस्या तक चलने वाला पितृपक्ष का आरंभिक पर्व।
नवमी श्राद्धअमान्त भाद्रपद (पूर्णिमान्त आश्विन) कृष्ण नवमी को अपराह्न में किया जाने वाला पितरों का श्राद्ध।
विषुव दिनशरद विषुव; सूर्य का तुला राशि में प्रवेश।

वार
शनिवार
तिथि
दशमी (00:54:56 – 22:31:11)
नक्षत्र
पुनर्वसु (15:57:58 – 14:27:20)
योग
परिघ (20:51:39 – 17:50:47)
करण
वणिज (00:54:56 – 11:45:31)
वार
शनिवार (06:27:49 – 06:28:01)
मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
सूर्योदय
सूर्यास्त
चंद्रोदय
चंद्रास्त
चंद्र राशि
मिथुन, तक

त्योहार, व्रत और विशेष दिन

महालयअमान्त भाद्रपद कृष्ण प्रतिपदा से अमावस्या तक चलने वाला पितृपक्ष का आरंभिक पर्व।
दशमी श्राद्धअमांत गणना के अनुसार भाद्रपद कृष्ण दशमी को, पितृपक्ष में, अपराह्न में किया जाने वाला पितृ श्राद्ध।

वार
रविवार
तिथि
एकादशी (22:31:11 – 19:49:47)
नक्षत्र
पुष्य (14:27:20 – 12:37:34)
योग
शिव (17:50:47 – 14:34:38)
करण
बव (22:31:11 – 09:12:26)
वार
रविवार (06:28:01 – 06:28:12)
मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
सूर्योदय
सूर्यास्त
चंद्रोदय
चंद्रास्त
चंद्र राशि
कर्क

त्योहार, व्रत और विशेष दिन

इंदिरा एकादशीभाद्रपद कृष्ण एकादशी को पितरों की आत्म-शांति के लिए व्रत किया जाता है।
महालयअमान्त भाद्रपद कृष्ण प्रतिपदा से अमावस्या तक चलने वाला पितृपक्ष का आरंभिक पर्व।
एकादशी श्राद्धअमान्त भाद्रपद कृष्ण एकादशी को अपराह्ण में पितरों का श्राद्ध किया जाता है।

वार
सोमवार
तिथि
द्वादशी (19:49:47 – 16:55:35)
नक्षत्र
आश्लेषा (12:37:34 – 10:33:09)
योग
सिद्ध (14:34:38 – 11:06:46)
करण
तैतिल (06:23:55 – 16:55:35)
वार
सोमवार (06:28:12 – 06:28:24)
मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
सूर्योदय
सूर्यास्त
चंद्रोदय
चंद्रास्त
चंद्र राशि
कर्क, तक

त्योहार, व्रत और विशेष दिन

मघा श्राद्धभाद्रपद कृष्ण पक्ष में मघा नक्षत्र पर किया जाने वाला पितरों का श्राद्ध।
महालयअमान्त भाद्रपद कृष्ण प्रतिपदा से अमावस्या तक चलने वाला पितृपक्ष का आरंभिक पर्व।
सोम प्रदोषत्रयोदशी तिथि को शिव की उपासना का व्रत।
संन्यासी महालयस्मार्त परंपरा में भाद्रपद कृष्ण द्वादशी को दिवंगत संन्यासियों के निमित्त किया जाने वाला महालय श्राद्ध।
द्वादशी श्राद्धअमांत भाद्रपद कृष्ण द्वादशी को अपराह्न में किया जाने वाला श्राद्ध कर्म।
सूर्य का हस्त नक्षत्र में प्रवेशसूर्य का हस्त नक्षत्र में गोचर।

वार
मंगलवार
तिथि
त्रयोदशी (16:55:35 – 13:54:57)
नक्षत्र
मघा (10:33:09 – 08:20:09)
योग
साध्य (11:06:46 – 07:31:56)
करण
वणिज (03:25:37 – 13:54:57)
वार
मंगलवार (06:28:24 – 06:28:36)
मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
सूर्योदय
सूर्यास्त
चंद्रोदय
चंद्रास्त
चंद्र राशि
सिंह

त्योहार, व्रत और विशेष दिन

महालयअमान्त भाद्रपद कृष्ण प्रतिपदा से अमावस्या तक चलने वाला पितृपक्ष का आरंभिक पर्व।
मासिक शिवरात्रिप्रत्येक मास की कृष्ण चतुर्दशी को भगवान शिव की उपासना का व्रत रखा जाता है।
शस्त्रहत पितृ श्राद्धअमांत गणना के अनुसार भाद्रपद कृष्ण चतुर्दशी को, अपराह्न में, शस्त्र द्वारा मृत्यु को प्राप्त पितरों के लिए किया जाने वाला श्राद्ध।
चतुर्दशी श्राद्धअमांत गणना के अनुसार भाद्रपद कृष्ण चतुर्दशी को किया जाने वाला पितरों का श्राद्ध।
त्रयोदशी श्राद्धअमान्त गणना के अनुसार भाद्रपद कृष्ण त्रयोदशी को अपराह्न में किया जाने वाला पितरों का श्राद्ध।

वार
बुधवार
तिथि
चतुर्दशी (13:54:57 – 10:55:31)
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी (06:06:10 – 03:59:58)
योग
शुक्ल (03:55:59 – 00:25:39)
करण
शकुनि (00:24:33 – 10:55:31)
वार
बुधवार (06:28:36 – 06:28:49)
मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
सूर्योदय
सूर्यास्त
चंद्रोदय
चंद्रास्त
चंद्र राशि
सिंह, तक

त्योहार, व्रत और विशेष दिन

दर्श अमावस्याप्रत्येक मास की कृष्ण पक्ष की अमावस्या को दर्श अमावस्या के रूप में मनाया जाता है।
महालयअमान्त भाद्रपद कृष्ण प्रतिपदा से अमावस्या तक चलने वाला पितृपक्ष का आरंभिक पर्व।
सर्वपित्री अमावस्याअमान्त भाद्रपद कृष्ण अमावस्या को सभी पितरों का श्राद्ध किया जाता है।

वार
गुरुवार
तिथि
अमावस्या (10:55:31 – 08:05:56)
नक्षत्र
हस्त (03:59:58 – 02:11:05)
योग
ब्रह्म (00:25:39 – 21:08:12)
करण
नाग (21:28:55 – 08:05:56)
वार
गुरुवार (06:28:49 – 06:29:02)
मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
सूर्योदय
सूर्यास्त
चंद्रोदय
चंद्रास्त
चंद्र राशि
कन्या

त्योहार, व्रत और विशेष दिन

घटस्थापनादेवी की नौ रातों की शुरुआत।
अमावस्याकृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि, जब चंद्रमा दिखाई नहीं देता; इस दिन पितरों के लिए तर्पण और श्राद्ध किया जाता है।
महालयअमान्त भाद्रपद कृष्ण प्रतिपदा से अमावस्या तक चलने वाला पितृपक्ष का आरंभिक पर्व।
मातामह श्राद्धआश्विन शुक्ल प्रतिपदा को नाना (माता के पिता) के लिए किया जाने वाला श्राद्ध।
श्रावणी (सामवेदी)सामवेदी ब्राह्मणों का वार्षिक उपाकर्म, जो अमान्त भाद्रपद मास में हस्त नक्षत्र पर पड़ता है।
गजच्छाया योगभाद्रपद कृष्ण अमावस्या को सूर्य के हस्त नक्षत्र में होने पर बनने वाला एक शुभ योग।
आश्विन मास आरम्भस्मार्त पंचांग में नये चान्द्र मास का प्रथम दिन। इस दिन से शुक्ल पक्ष आरम्भ होता है।

इस पृष्ठ पर गलती बताएँ