हिंदू कैलेंडर

अक्टूबर 2026 कैलेंडर और पंचांग, मेलबर्न

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रविसोममंगलबुधगुरुशुक्रशनि
१भाद्रपद कृष्ण ५महालयपंचमी श्राद्ध०५:५६–१८:२४२भाद्रपद कृष्ण ६गांधी जयंतीमहालयसप्तमी श्राद्धषष्ठी श्राद्ध०५:५४–१८:२५३भाद्रपद कृष्ण ७कालाष्टमीमहालयअष्टमी श्राद्धमराठी अभिजात भाषा गौरव दिन०५:५३–१८:२५
४भाद्रपद कृष्ण ८अविधवा नवमीमहालयनवमी श्राद्धसिमचैट तोराह०६:५१–१९:२६५भाद्रपद कृष्ण ९महालयदशमी श्राद्ध०६:५०–१९:२७६भाद्रपद कृष्ण १०/११इंदिरा एकादशीमहालयएकादशी श्राद्धएकादशी०६:४८–१९:२८७भाद्रपद कृष्ण १२मघा श्राद्धमहालयसंन्यासी महालयद्वादशी श्राद्ध०६:४७–१९:२९८भाद्रपद कृष्ण १३महालयप्रदोषत्रयोदशी श्राद्ध०६:४५–१९:३०९भाद्रपद कृष्ण १४महालयमासिक शिवरात्रिशस्त्रहत पितृ श्राद्धचतुर्दशी श्राद्ध०६:४४–१९:३११०भाद्रपद अमावस्याअमावस्याशनैश्चरी अमावस्यामहालयसर्वपित्री अमावस्या+२अमावस्या०६:४२–१९:३२
११आश्विन शुक्ल १घटस्थापनामातामह श्राद्धसूर्य का चित्रा नक्षत्र में प्रवेशआश्विन मास आरम्भ०६:४१–१९:३३१२आश्विन शुक्ल २०६:३९–१९:३४१३आश्विन शुक्ल ३मुस्लिम जमादिल-अव्वल आरंभ०६:३८–१९:३५१४आश्विन शुक्ल ४विनायक चतुर्थीपारसी ख़ोरदाद आरंभ०६:३६–१९:३६१५आश्विन शुक्ल ४विश्व श्वेत छड़ी (दृष्टिहीन) दिवस०६:३५–१९:३७१६आश्विन शुक्ल ५ललिता पंचमीसरस्वती आवाहन०६:३४–१९:३८१७आश्विन शुक्ल ६सरस्वती पूजन०६:३२–१९:३९
१८आश्विन शुक्ल ७महालक्ष्मी पूजनभानुसप्तमीआयंबिल ओली (जैन)०६:३१–१९:४०१९आश्विन शुक्ल ८महाष्टमीदुर्गाष्टमीसरस्वती बलिदानआयंबिल ओली (जैन)०६:२९–१९:४१२०आश्विन शुक्ल ९महानवमीआयंबिल ओली (जैन)vijayadashami०६:२८–१९:४२२१आश्विन शुक्ल १०दशहराआयंबिल ओली (जैन)०६:२७–१९:४३२२आश्विन शुक्ल ११पाशांकुशा एकादशीआयंबिल ओली (जैन)एकादशी०६:२५–१९:४४२३आश्विन शुक्ल १२प्रदोषसौर हेमंत ऋतु आरंभआयंबिल ओली (जैन)भारतीय राष्ट्रीय कार्तिक आरंभ०६:२४–१९:४५२४आश्विन शुक्ल १३सूर्य का स्वाति नक्षत्र में प्रवेशआयंबिल ओली (जैन)०६:२३–१९:४६
२५आश्विन शुक्ल १४कोजागिरी पूर्णिमाआयंबिल ओली (जैन)०६:२२–१९:४७२६आश्विन पूर्णिमानवान्न पूर्णिमापूर्णिमामहर्षि वाल्मीकि जयंतीआयंबिल ओली (जैन)+१पूर्णिमा०६:२०–१९:४८२७आश्विन कृष्ण १०६:१९–१९:४९२८आश्विन कृष्ण २०६:१८–१९:५०२९आश्विन कृष्ण ३/४करक चतुर्थीसंकष्टी चतुर्थीसंकष्टी०६:१७–१९:५१३०आश्विन कृष्ण ५०६:१५–१९:५२३१आश्विन कृष्ण ६सिंहस्थ०६:१४–१९:५३

अक्टूबर 2026 का हर दिन

वार
गुरुवार
तिथि
पंचमी (19:25:41 – 17:05:34)
नक्षत्र
कृत्तिका (12:06:36 – 10:32:33)
योग
सिद्धि (04:50:03 – 01:47:51)
करण
कौलव (19:25:41 – 06:15:55)
वार
गुरुवार (05:56:19 – 05:54:47)
मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
सूर्योदय
०५:५६
सूर्यास्त
१८:२४
चंद्रोदय
२३:५३
चंद्रास्त
०८:११
चंद्र राशि
वृषभ
राहु काल
१३:४३–१५:१७

त्योहार, व्रत और विशेष दिन

महालयअमान्त भाद्रपद कृष्ण प्रतिपदा से अमावस्या तक चलने वाला पितृपक्ष का आरंभिक पर्व।
पंचमी श्राद्धअमान्त भाद्रपद कृष्ण पंचमी को अपराह्न में किया जाने वाला श्राद्ध कर्म।

वार
शुक्रवार
तिथि
षष्ठी (17:05:34 – 14:45:34)
नक्षत्र
रोहिणी (10:32:33 – 08:57:03)
योग
व्यतीपात (01:47:51 – 22:47:11)
करण
वणिज (03:55:15 – 14:45:34)
वार
शुक्रवार (05:54:47 – 05:53:16)
मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
सूर्योदय
०५:५४
सूर्यास्त
१८:२५
चंद्रास्त
०९:०४
चंद्र राशि
वृषभ, २०:१० तक
राहु काल
१०:३६–१२:०९

त्योहार, व्रत और विशेष दिन

गांधी जयंतीराष्ट्रपिता महात्मा गांधी का जन्मदिवस, एक राष्ट्रीय अवकाश।
महालयअमान्त भाद्रपद कृष्ण प्रतिपदा से अमावस्या तक चलने वाला पितृपक्ष का आरंभिक पर्व।
सप्तमी श्राद्धअमांत गणना के अनुसार भाद्रपद कृष्ण सप्तमी को किया जाने वाला पितृ श्राद्ध।
षष्ठी श्राद्धभाद्रपद कृष्ण षष्ठी (अमांत गणना) को अपराह्न में किया जाने वाला श्राद्ध।

वार
शनिवार
तिथि
सप्तमी (14:45:34 – 12:29:59)
नक्षत्र
मृगशिरा (08:57:03 – 07:24:51)
योग
वरीयान (22:47:11 – 19:51:06)
करण
बव (01:37:00 – 12:29:59)
वार
शनिवार (05:53:16 – 06:51:44)
मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
सूर्योदय
०५:५३
सूर्यास्त
१८:२५
चंद्रोदय
००:५९
चंद्रास्त
१०:०७
चंद्र राशि
मिथुन
राहु काल
०९:०१–१०:३५

त्योहार, व्रत और विशेष दिन

कालाष्टमीप्रत्येक मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी को कालभैरव की उपासना का यह व्रत रखा जाता है।
महालयअमान्त भाद्रपद कृष्ण प्रतिपदा से अमावस्या तक चलने वाला पितृपक्ष का आरंभिक पर्व।
अष्टमी श्राद्धपितृ पक्ष की अष्टमी तिथि को किया जाने वाला श्राद्ध।
मराठी अभिजात भाषा गौरव दिनमराठी भाषा को अभिजात भाषा का दर्जा मिलने के उपलक्ष्य में मनाया जाने वाला दिन।

वार
रविवार
तिथि
अष्टमी (12:29:59 – 11:22:04)
नक्षत्र
आर्द्रा (07:24:51 – 06:59:33)
योग
परिघ (19:51:06 – 18:01:52)
करण
कौलव (23:24:54 – 11:22:04)
वार
रविवार (06:51:44 – 06:50:14)
मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
सूर्योदय
०६:५१
सूर्यास्त
१९:२६
चंद्रोदय
०१:५६
चंद्रास्त
१२:१७
चंद्र राशि
मिथुन, ००:०१ तक
राहु काल
१७:५२–१९:२६

त्योहार, व्रत और विशेष दिन

अविधवा नवमीअमान्त भाद्रपद कृष्ण नवमी को सुहागिन स्त्रियाँ अपने अखंड सौभाग्य के लिए व्रत रखती हैं।
महालयअमान्त भाद्रपद कृष्ण प्रतिपदा से अमावस्या तक चलने वाला पितृपक्ष का आरंभिक पर्व।
नवमी श्राद्धअमान्त भाद्रपद (पूर्णिमान्त आश्विन) कृष्ण नवमी को अपराह्न में किया जाने वाला पितरों का श्राद्ध।
सिमचैट तोराहयहूदी पर्व जो वार्षिक तोराह पाठ-चक्र के पूर्ण होने और नए सिरे से आरंभ होने का उपलक्ष्य मनाता है।

वार
सोमवार
तिथि
नवमी (11:22:04 – 09:24:07)
नक्षत्र
पुष्य (05:43:42 – 04:39:08)
योग
शिव (18:01:52 – 15:21:05)
करण
गर (22:21:44 – 09:24:07)
वार
सोमवार (06:50:14 – 06:48:43)
मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
सूर्योदय
०६:५०
सूर्यास्त
१९:२७
चंद्रोदय
०३:४२
चंद्रास्त
१३:३०
चंद्र राशि
कर्क
राहु काल
०८:२४–०९:५९

त्योहार, व्रत और विशेष दिन

महालयअमान्त भाद्रपद कृष्ण प्रतिपदा से अमावस्या तक चलने वाला पितृपक्ष का आरंभिक पर्व।
दशमी श्राद्धअमांत गणना के अनुसार भाद्रपद कृष्ण दशमी को, पितृपक्ष में, अपराह्न में किया जाने वाला पितृ श्राद्ध।

वार
मंगलवार
तिथि
दशमी (09:24:07 – 07:37:52)
नक्षत्र
आश्लेषा (04:39:08 – 03:47:25)
योग
सिद्ध (15:21:05 – 12:49:59)
करण
विष्टि (20:29:26 – 07:37:52)
वार
मंगलवार (06:48:43 – 06:47:13)
मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
सूर्योदय
०६:४८
सूर्यास्त
१९:२८
चंद्रोदय
०४:२०
चंद्रास्त
१४:४३
चंद्र राशि
कर्क, ०३:४७ तक
राहु काल
१६:१८–१७:५३

त्योहार, व्रत और विशेष दिन

इंदिरा एकादशीभाद्रपद कृष्ण एकादशी को पितरों की आत्म-शांति के लिए व्रत किया जाता है।
महालयअमान्त भाद्रपद कृष्ण प्रतिपदा से अमावस्या तक चलने वाला पितृपक्ष का आरंभिक पर्व।
एकादशी श्राद्धअमान्त भाद्रपद कृष्ण एकादशी को अपराह्ण में पितरों का श्राद्ध किया जाता है।

वार
बुधवार
तिथि
द्वादशी (06:04:52 – 04:46:54)
नक्षत्र
मघा (03:47:25 – 03:10:17)
योग
साध्य (12:49:59 – 10:29:46)
करण
कौलव (06:04:52 – 17:23:53)
वार
बुधवार (06:47:13 – 06:45:44)
मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
सूर्योदय
०६:४७
सूर्यास्त
१९:२९
चंद्रोदय
०४:५१
चंद्रास्त
१५:५४
चंद्र राशि
सिंह
राहु काल
१३:०८–१४:४३

त्योहार, व्रत और विशेष दिन

मघा श्राद्धभाद्रपद कृष्ण पक्ष में मघा नक्षत्र पर किया जाने वाला पितरों का श्राद्ध।
महालयअमान्त भाद्रपद कृष्ण प्रतिपदा से अमावस्या तक चलने वाला पितृपक्ष का आरंभिक पर्व।
संन्यासी महालयस्मार्त परंपरा में भाद्रपद कृष्ण द्वादशी को दिवंगत संन्यासियों के निमित्त किया जाने वाला महालय श्राद्ध।
द्वादशी श्राद्धअमांत भाद्रपद कृष्ण द्वादशी को अपराह्न में किया जाने वाला श्राद्ध कर्म।

वार
गुरुवार
तिथि
त्रयोदशी (04:46:54 – 03:46:19)
नक्षत्र
पूर्वा फाल्गुनी (03:10:17 – 02:50:02)
योग
शुभ (10:29:46 – 08:21:48)
करण
गर (04:46:54 – 16:14:16)
वार
गुरुवार (06:45:44 – 06:44:15)
मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
सूर्योदय
०६:४५
सूर्यास्त
१९:३०
चंद्रोदय
०५:१८
चंद्रास्त
१७:०२
चंद्र राशि
सिंह
राहु काल
१४:४३–१६:१९

त्योहार, व्रत और विशेष दिन

महालयअमान्त भाद्रपद कृष्ण प्रतिपदा से अमावस्या तक चलने वाला पितृपक्ष का आरंभिक पर्व।
प्रदोषत्रयोदशी तिथि को शिव की उपासना का व्रत।
त्रयोदशी श्राद्धअमान्त गणना के अनुसार भाद्रपद कृष्ण त्रयोदशी को अपराह्न में किया जाने वाला पितरों का श्राद्ध।

वार
शुक्रवार
तिथि
चतुर्दशी (03:46:19 – 03:06:07)
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी (02:50:02 – 02:49:35)
योग
ब्रह्म (06:27:56 – 04:50:26)
करण
विष्टि (03:46:19 – 15:23:27)
वार
शुक्रवार (06:44:15 – 06:42:46)
मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
सूर्योदय
०६:४४
सूर्यास्त
१९:३१
चंद्रोदय
०५:४३
चंद्रास्त
१८:०८
चंद्र राशि
सिंह, ०८:४७ तक
राहु काल
११:३१–१३:०७

त्योहार, व्रत और विशेष दिन

महालयअमान्त भाद्रपद कृष्ण प्रतिपदा से अमावस्या तक चलने वाला पितृपक्ष का आरंभिक पर्व।
मासिक शिवरात्रिप्रत्येक मास की कृष्ण चतुर्दशी को भगवान शिव की उपासना का व्रत रखा जाता है।
शस्त्रहत पितृ श्राद्धअमांत गणना के अनुसार भाद्रपद कृष्ण चतुर्दशी को, अपराह्न में, शस्त्र द्वारा मृत्यु को प्राप्त पितरों के लिए किया जाने वाला श्राद्ध।
चतुर्दशी श्राद्धअमांत गणना के अनुसार भाद्रपद कृष्ण चतुर्दशी को किया जाने वाला पितरों का श्राद्ध।

वार
शनिवार
तिथि
अमावस्या (03:06:07 – 02:49:54)
नक्षत्र
हस्त (02:49:35 – 03:12:30)
योग
इन्द्र (04:50:26 – 03:31:54)
करण
चतुष्पद (03:06:07 – 14:54:47)
वार
शनिवार (06:42:46 – 06:41:18)
मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
सूर्योदय
०६:४२
सूर्यास्त
१९:३२
चंद्रोदय
०६:०८
चंद्रास्त
१९:१३
चंद्र राशि
कन्या
राहु काल
०९:५५–११:३१

त्योहार, व्रत और विशेष दिन

अमावस्याकृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि, जब चंद्रमा दिखाई नहीं देता; इस दिन पितरों के लिए तर्पण और श्राद्ध किया जाता है।
शनैश्चरी अमावस्याप्रत्येक मास की कृष्ण पक्ष की अमावस्या को दर्श अमावस्या के रूप में मनाया जाता है।
महालयअमान्त भाद्रपद कृष्ण प्रतिपदा से अमावस्या तक चलने वाला पितृपक्ष का आरंभिक पर्व।
सर्वपित्री अमावस्याअमान्त भाद्रपद कृष्ण अमावस्या को सभी पितरों का श्राद्ध किया जाता है।
श्रावणी (सामवेदी)सामवेदी ब्राह्मणों का वार्षिक उपाकर्म, जो अमान्त भाद्रपद मास में हस्त नक्षत्र पर पड़ता है।
गजच्छाया योगभाद्रपद कृष्ण अमावस्या को सूर्य के हस्त नक्षत्र में होने पर बनने वाला एक शुभ योग।

वार
रविवार
तिथि
प्रतिपदा (02:49:54 – 03:01:21)
नक्षत्र
चित्रा (03:12:30 – 04:02:20)
योग
वैधृति (03:31:55 – 02:34:59)
करण
किंस्तुघ्न (02:49:54 – 14:51:57)
वार
रविवार (06:41:18 – 06:39:51)
मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
सूर्योदय
०६:४१
सूर्यास्त
१९:३३
चंद्रोदय
०६:३३
चंद्रास्त
२०:१८
चंद्र राशि
कन्या, १५:३३ तक
राहु काल
१७:५६–१९:३३

त्योहार, व्रत और विशेष दिन

घटस्थापनादेवी की नौ रातों की शुरुआत।
मातामह श्राद्धआश्विन शुक्ल प्रतिपदा को नाना (माता के पिता) के लिए किया जाने वाला श्राद्ध।
सूर्य का चित्रा नक्षत्र में प्रवेशसूर्य का चित्रा नक्षत्र में गोचर।
आश्विन मास आरम्भस्मार्त पंचांग में नये चान्द्र मास का प्रथम दिन। इस दिन से शुक्ल पक्ष आरम्भ होता है।

वार
सोमवार
तिथि
द्वितीया (03:01:21 – 03:43:34)
नक्षत्र
स्वाति (04:02:20 – 05:22:00)
योग
विष्कम्भ (02:34:59 – 02:01:47)
करण
बालव (03:01:21 – 15:18:29)
वार
सोमवार (06:39:51 – 06:38:24)
मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
सूर्योदय
०६:३९
सूर्यास्त
१९:३४
चंद्रोदय
०७:००
चंद्रास्त
२१:२३
चंद्र राशि
तुला
राहु काल
०८:१६–०९:५३

वार
मंगलवार
तिथि
तृतीया (03:43:34 – 04:58:03)
नक्षत्र
विशाखा (05:22:00 – 07:12:42)
योग
प्रीति (02:01:47 – 01:53:14)
करण
तैतिल (03:43:34 – 16:16:46)
वार
मंगलवार (06:38:24 – 06:36:58)
मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
सूर्योदय
०६:३८
सूर्यास्त
१९:३५
चंद्रोदय
०७:३०
चंद्रास्त
२२:२७
चंद्र राशि
तुला, ००:४२ तक
राहु काल
१६:२१–१७:५८

त्योहार, व्रत और विशेष दिन

मुस्लिम जमादिल-अव्वल आरंभइस्लामी कैलेंडर के नए चंद्र मास का पहला दिन, जो नया चाँद देखे जाने पर आरंभ होता है।

वार
बुधवार
तिथि
चतुर्थी (04:58:03 – 06:43:38)
नक्षत्र
विशाखा (05:22:00 – 07:12:42)
योग
आयुष्मान (01:53:14 – 02:08:31)
करण
वणिज (04:58:03 – 17:47:10)
वार
बुधवार (06:36:58 – 06:35:33)
मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
सूर्योदय
०६:३६
सूर्यास्त
१९:३६
चंद्रोदय
०८:०५
चंद्रास्त
२३:२९
चंद्र राशि
वृश्चिक
राहु काल
१३:०६–१४:४३

त्योहार, व्रत और विशेष दिन

विनायक चतुर्थीप्रत्येक मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को भगवान गणेश के विनायक स्वरूप का व्रत और पूजन किया जाता है।
पारसी ख़ोरदाद आरंभशहंशाही पारसी पंचांग के अनुसार नए महीने का पहला दिन।

वार
गुरुवार
तिथि
चतुर्थी (04:58:03 – 06:43:38)
नक्षत्र
अनुराधा (07:12:42 – 09:32:54)
योग
सौभाग्य (02:08:31 – 02:44:25)
करण
विष्टि (17:47:10 – 06:43:38)
वार
गुरुवार (06:35:33 – 06:34:08)
मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
सूर्योदय
०६:३५
सूर्यास्त
१९:३७
चंद्रोदय
०८:४६
चंद्र राशि
वृश्चिक
राहु काल
१४:४४–१६:२१

त्योहार, व्रत और विशेष दिन

विश्व श्वेत छड़ी (दृष्टिहीन) दिवसदृष्टिहीन व्यक्तियों की स्वतंत्रता और सुरक्षा के प्रतीक श्वेत छड़ी के महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए यह दिवस मनाया जाता है।

वार
शुक्रवार
तिथि
पंचमी (06:43:38 – 08:55:30)
नक्षत्र
ज्येष्ठा (09:32:54 – 12:17:22)
योग
शोभन (02:44:25 – 03:35:04)
करण
बालव (19:46:45 – 08:55:30)
वार
शुक्रवार (06:34:08 – 06:32:44)
मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
सूर्योदय
०६:३४
सूर्यास्त
१९:३८
चंद्रोदय
०९:३३
चंद्रास्त
००:२६
चंद्र राशि
वृश्चिक, १२:१७ तक
राहु काल
११:२८–१३:०६

त्योहार, व्रत और विशेष दिन

ललिता पंचमीआश्विन शुक्ल पंचमी को मनाया जाने वाला एक क्षेत्रीय हिंदू व्रत है।
सरस्वती आवाहनआश्विन मास में मूल नक्षत्र पर स्मार्त परंपरा में सरस्वती का आवाहन किया जाता है।

वार
शनिवार
तिथि
षष्ठी (08:55:30 – 11:24:39)
नक्षत्र
मूल (12:17:22 – 15:16:51)
योग
अतिगण्ड (03:35:04 – 04:32:08)
करण
तैतिल (22:08:38 – 11:24:40)
वार
शनिवार (06:32:44 – 06:31:21)
मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
सूर्योदय
०६:३२
सूर्यास्त
१९:३९
चंद्रोदय
१०:२७
चंद्रास्त
०१:१८
चंद्र राशि
धनु
राहु काल
०९:४९–११:२७

त्योहार, व्रत और विशेष दिन

सरस्वती पूजनस्मार्त परंपरा में आश्विन मास में पूर्वाषाढा नक्षत्र पर देवी सरस्वती का पूजन किया जाता है।

वार
रविवार
तिथि
सप्तमी (11:24:40 – 13:58:29)
नक्षत्र
पूर्वाषाढा (15:16:51 – 18:18:43)
योग
सुकर्मा (04:32:08 – 05:25:29)
करण
वणिज (00:41:54 – 13:58:29)
वार
रविवार (06:31:21 – 06:29:59)
मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
सूर्योदय
०६:३१
सूर्यास्त
१९:४०
चंद्रोदय
११:२५
चंद्रास्त
०२:०३
चंद्र राशि
धनु, ०१:०२ तक
राहु काल
१८:०१–१९:४०

त्योहार, व्रत और विशेष दिन

महालक्ष्मी पूजनआश्विन शुक्ल सप्तमी को महाराष्ट्र में देवी महालक्ष्मी का पूजन किया जाता है।
भानुसप्तमीसूर्य देव को समर्पित, शुक्ल पक्ष की सप्तमी जो रविवार को पड़ती है, इस दिन सूर्य का व्रत और पूजन किया जाता है।
आयंबिल ओली (जैन)जैन परंपरा में आश्विन शुक्ल सप्तमी से पूर्णिमा तक चलने वाले आयंबिल ओली का आरंभ दिवस।

वार
सोमवार
तिथि
अष्टमी (13:58:29 – 16:22:06)
नक्षत्र
उत्तराषाढा (18:18:43 – 21:08:26)
योग
धृति (05:25:29 – 06:04:31)
करण
बव (03:12:31 – 16:22:06)
वार
सोमवार (06:29:59 – 06:28:38)
मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
सूर्योदय
०६:२९
सूर्यास्त
१९:४१
चंद्रोदय
१२:२५
चंद्रास्त
०२:४१
चंद्र राशि
मकर
राहु काल
०८:०८–०९:४७

त्योहार, व्रत और विशेष दिन

महाष्टमीआश्विन शुक्ल अष्टमी को मनाई जाने वाली शारदीय नवरात्रि की अष्टमी, देवी दुर्गा की उपासना का प्रमुख दिन।
दुर्गाष्टमीप्रत्येक मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी को देवी दुर्गा की आराधना का यह व्रत रखा जाता है।
सरस्वती बलिदानआश्विन मास में उत्तराषाढा नक्षत्र के दिन देवी सरस्वती को बलि (नैवेद्य) अर्पण।
आयंबिल ओली (जैन)जैन परंपरा में आश्विन शुक्ल सप्तमी से पूर्णिमा तक चलने वाले आयंबिल ओली का आरंभ दिवस।

वार
मंगलवार
तिथि
नवमी (16:22:06 – 18:20:46)
नक्षत्र
श्रवण (21:08:26 – 23:31:56)
योग
शूल (06:04:31 – 06:19:25)
करण
कौलव (05:25:24 – 18:20:46)
वार
मंगलवार (06:28:38 – 06:27:17)
मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
सूर्योदय
०६:२८
सूर्यास्त
१९:४२
चंद्रोदय
१३:२७
चंद्रास्त
०३:१४
चंद्र राशि
मकर
राहु काल
१६:२३–१८:०२

त्योहार, व्रत और विशेष दिन

महानवमीआश्विन शुक्ल नवमी; शारदीय नवरात्र की नवमी तिथि।
आयंबिल ओली (जैन)जैन परंपरा में आश्विन शुक्ल सप्तमी से पूर्णिमा तक चलने वाले आयंबिल ओली का आरंभ दिवस।

वार
बुधवार
तिथि
दशमी (18:20:46 – 19:42:13)
नक्षत्र
धनिष्ठा (23:31:56 – 01:17:47)
योग
गण्ड (06:19:25 – 06:02:31)
करण
तैतिल (18:20:46 – 07:06:45)
वार
बुधवार (06:27:17 – 06:25:58)
मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
सूर्योदय
०६:२७
सूर्यास्त
१९:४३
चंद्रोदय
१४:३०
चंद्रास्त
०३:४२
चंद्र राशि
मकर, १२:३० तक
राहु काल
१३:०५–१४:४४

त्योहार, व्रत और विशेष दिन

दशहराविजयादशमी।
आयंबिल ओली (जैन)जैन परंपरा में आश्विन शुक्ल सप्तमी से पूर्णिमा तक चलने वाले आयंबिल ओली का आरंभ दिवस।

वार
गुरुवार
तिथि
एकादशी (19:42:13 – 20:18:26)
नक्षत्र
शतभिषा (01:17:47 – 02:18:51)
योग
वृद्धि (06:02:31 – 05:09:12)
करण
वणिज (19:42:13 – 08:06:17)
वार
गुरुवार (06:25:58 – 06:24:39)
मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
सूर्योदय
०६:२५
सूर्यास्त
१९:४४
चंद्रोदय
१५:३३
चंद्रास्त
०४:०८
चंद्र राशि
कुम्भ
राहु काल
१४:४४–१६:२४

त्योहार, व्रत और विशेष दिन

पाशांकुशा एकादशीआश्विन शुक्ल एकादशी को मनाया जाने वाला यह व्रत भगवान विष्णु को समर्पित है।
आयंबिल ओली (जैन)जैन परंपरा में आश्विन शुक्ल सप्तमी से पूर्णिमा तक चलने वाले आयंबिल ओली का आरंभ दिवस।

वार
शुक्रवार
तिथि
द्वादशी (20:18:26 – 20:06:17)
नक्षत्र
पूर्वा भाद्रपदा (02:18:51 – 02:32:50)
योग
ध्रुव (05:09:12 – 03:38:02)
करण
बव (20:18:26 – 08:18:24)
वार
शुक्रवार (06:24:39 – 06:23:21)
मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
सूर्योदय
०६:२४
सूर्यास्त
१९:४५
चंद्रोदय
१६:३७
चंद्रास्त
०४:३२
चंद्र राशि
कुम्भ, २०:३३ तक
राहु काल
११:२४–१३:०४

त्योहार, व्रत और विशेष दिन

प्रदोषत्रयोदशी तिथि को शिव की उपासना का व्रत।
सौर हेमंत ऋतु आरंभसूर्य के वृश्चिक राशि में प्रवेश करने पर हेमंत ऋतु का आरंभ माना जाता है।
आयंबिल ओली (जैन)जैन परंपरा में आश्विन शुक्ल सप्तमी से पूर्णिमा तक चलने वाले आयंबिल ओली का आरंभ दिवस।
भारतीय राष्ट्रीय कार्तिक आरंभभारत के राष्ट्रीय पंचांग के अनुसार एक नए सौर मास का पहला दिन।

वार
शनिवार
तिथि
त्रयोदशी (20:06:17 – 19:07:14)
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपदा (02:32:50 – 02:01:56)
योग
व्याघात (03:38:02 – 01:30:44)
करण
कौलव (20:06:17 – 07:42:22)
वार
शनिवार (06:23:21 – 06:22:05)
मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
सूर्योदय
०६:२३
सूर्यास्त
१९:४६
चंद्रोदय
१७:४४
चंद्रास्त
०४:५६
चंद्र राशि
मीन
राहु काल
०९:४४–११:२४

त्योहार, व्रत और विशेष दिन

सूर्य का स्वाति नक्षत्र में प्रवेशसूर्य का स्वाति नक्षत्र में गोचर।
आयंबिल ओली (जैन)जैन परंपरा में आश्विन शुक्ल सप्तमी से पूर्णिमा तक चलने वाले आयंबिल ओली का आरंभ दिवस।

वार
रविवार
तिथि
चतुर्दशी (19:07:14 – 17:26:28)
नक्षत्र
रेवती (02:01:56 – 00:51:56)
योग
हर्षण (01:30:44 – 22:51:32)
करण
वणिज (06:21:38 – 17:26:28)
वार
रविवार (06:22:05 – 06:20:49)
मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
सूर्योदय
०६:२२
सूर्यास्त
१९:४७
चंद्रोदय
१८:५३
चंद्रास्त
०५:२२
चंद्र राशि
मीन, ००:५१ तक
राहु काल
१८:०६–१९:४७

त्योहार, व्रत और विशेष दिन

कोजागिरी पूर्णिमाआश्विन शुक्ल पूर्णिमा की रात कोजागिरी पूर्णिमा मनाई जाती है, जिसमें रात्रि जागरण और देवी लक्ष्मी की पूजा का विशेष महत्व है।
आयंबिल ओली (जैन)जैन परंपरा में आश्विन शुक्ल सप्तमी से पूर्णिमा तक चलने वाले आयंबिल ओली का आरंभ दिवस।

वार
सोमवार
तिथि
पूर्णिमा (17:26:28 – 15:11:40)
नक्षत्र
अश्विनी (00:51:56 – 23:11:07)
योग
वज्र (22:51:32 – 19:46:28)
करण
बव (04:22:46 – 15:11:40)
वार
सोमवार (06:20:49 – 06:19:35)
मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
सूर्योदय
०६:२०
सूर्यास्त
१९:४८
चंद्रोदय
२०:०६
चंद्रास्त
०५:५०
चंद्र राशि
मेष
राहु काल
०८:०१–०९:४२

त्योहार, व्रत और विशेष दिन

नवान्न पूर्णिमाआश्विन शुक्ल पूर्णिमा को नई फसल के अन्न से बना भोजन ग्रहण करने का पर्व।
पूर्णिमाप्रत्येक मास की शुक्ल पक्ष की अंतिम तिथि, जो चंद्रमा के पूर्ण होने का दिन मानी जाती है।
महर्षि वाल्मीकि जयंतीआश्विन शुक्ल पूर्णिमा को आदिकवि एवं रामायण के रचयिता महर्षि वाल्मीकि का जन्मोत्सव मनाया जाता है।
आयंबिल ओली (जैन)जैन परंपरा में आश्विन शुक्ल सप्तमी से पूर्णिमा तक चलने वाले आयंबिल ओली का आरंभ दिवस।
कार्तिक-स्नान आरंभआश्विन शुक्ल पूर्णिमा से कार्तिक मास का प्रतिदिन प्रातः स्नान आरंभ।

वार
मंगलवार
तिथि
प्रतिपदा (15:11:40 – 12:31:59)
नक्षत्र
भरणी (23:11:06 – 21:09:04)
योग
सिद्धि (19:46:28 – 16:22:45)
करण
कौलव (01:54:19 – 12:31:59)
वार
मंगलवार (06:19:35 – 06:18:21)
मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
सूर्योदय
०६:१९
सूर्यास्त
१९:४९
चंद्रोदय
२१:२२
चंद्रास्त
०६:२४
चंद्र राशि
मेष, ०२:३६ तक
राहु काल
१६:२६–१८:०७

वार
बुधवार
तिथि
द्वितीया (12:31:59 – 09:37:14)
नक्षत्र
कृत्तिका (21:09:04 – 18:55:54)
योग
व्यतीपात (16:22:45 – 12:48:05)
करण
गर (23:05:53 – 09:37:14)
वार
बुधवार (06:18:21 – 06:17:09)
मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
सूर्योदय
०६:१८
सूर्यास्त
१९:५०
चंद्रोदय
२२:३८
चंद्रास्त
०७:०५
चंद्र राशि
वृषभ
राहु काल
१३:०४–१४:४५

वार
गुरुवार
तिथि
तृतीया (09:37:14 – 06:37:05)
नक्षत्र
रोहिणी (18:55:54 – 16:41:23)
योग
वरीयान (12:48:05 – 09:10:04)
करण
विष्टि (20:07:15 – 06:37:05)
वार
गुरुवार (06:17:09 – 06:15:58)
मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
सूर्योदय
०६:१७
सूर्यास्त
१९:५१
चंद्रोदय
२३:४९
चंद्रास्त
०७:५६
चंद्र राशि
वृषभ, ०३:३६ तक
राहु काल
१४:४५–१६:२७

त्योहार, व्रत और विशेष दिन

करक चतुर्थीअमान्त गणना के अनुसार आश्विन कृष्ण चतुर्थी को रखा जाने वाला यह व्रत मुख्यतः उत्तर भारत में विवाहित स्त्रियाँ अपने पति की दीर्घायु और सुखी जीवन के लिए रखती हैं।
संकष्टी चतुर्थीकृष्ण पक्ष की चतुर्थी को गणेश जी की उपासना का व्रत रखा जाता है।

वार
शुक्रवार
तिथि
पंचमी (03:40:30 – 00:55:17)
नक्षत्र
मृगशिरा (16:41:23 – 14:34:16)
योग
शिव (05:35:44 – 02:11:10)
करण
कौलव (03:40:30 – 14:16:02)
वार
शुक्रवार (06:15:58 – 06:14:48)
मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
सूर्योदय
०६:१५
सूर्यास्त
१९:५२
चंद्रास्त
०८:५८
चंद्र राशि
मिथुन
राहु काल
११:२२–१३:०४

वार
शनिवार
तिथि
षष्ठी (00:55:17 – 22:27:40)
नक्षत्र
आर्द्रा (14:34:16 – 12:41:51)
योग
सिद्ध (02:11:10 – 23:01:07)
करण
गर (00:55:17 – 11:38:57)
वार
शनिवार (06:14:48 – 06:13:40)
मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
सूर्योदय
०६:१४
सूर्यास्त
१९:५३
चंद्रोदय
००:५१
चंद्रास्त
१०:०८
चंद्र राशि
मिथुन, ०५:३० तक
राहु काल
०९:३९–११:२१

त्योहार, व्रत और विशेष दिन

सिंहस्थबृहस्पति का सिंह राशि में गोचर।

राहुकाल और टालने योग्य समय

दिनांकराहु कालयमगंडगुलिक कालभद्रागंड मूलअशुभ योगपंचकरिक्ता तिथिविदल तिथि
११३:४३–१५:१७०५:५६–०७:२९०९:०३–१०:३६
२१०:३६–१२:०९१५:१७–१६:५१०७:२८–०९:०२१४:४५–०१:३७०१:४७–२२:४७
३०९:०१–१०:३५१३:४३–१५:१७०५:५३–०७:२७१४:४५–१२:२९
४१७:५२–१९:२६१३:०९–१४:४३१६:१८–१७:५२१९:५१–१८:०१
५०८:२४–०९:५९११:३४–१३:०९१४:४३–१६:१८२०:२९–०७:३७११:२२–०९:२४
६१६:१८–१७:५३०९:५८–११:३३१३:०८–१४:४३२०:२९–०७:३७०४:३९–०३:४७
७१३:०८–१४:४३०८:२२–०९:५७११:३३–१३:०८०३:४७–०३:१०
८१४:४३–१६:१९०६:४५–०८:२१०९:५६–११:३२०३:४६–१५:२३
९११:३१–१३:०७१६:१९–१७:५५०८:२०–०९:५६०३:४६–१५:२३०३:४६–०३:०६
१००९:५५–११:३११४:४३–१६:१९०६:४२–०८:१८
१११७:५६–१९:३३१३:०७–१४:४३१६:२०–१७:५६०३:३१–०२:३४
१२०८:१६–०९:५३११:३०–१३:०७१४:४३–१६:२००२:३४–०२:०१
१३१६:२१–१७:५८०९:५२–११:२९१३:०६–१४:४३
१४१३:०६–१४:४३०८:१४–०९:५१११:२९–१३:०६१७:४७–०६:४३०४:५८–०६:४३
१५१४:४४–१६:२१०६:३५–०८:१३०९:५०–११:२८१७:४७–०६:४३०४:५८–०६:४३
१६११:२८–१३:०६१६:२२–१८:०००८:१२–०९:५००९:३२–१२:१७
१७०९:४९–११:२७१४:४४–१६:२२०६:३२–०८:१११२:१७–१५:१६०३:३५–०४:३२
१८१८:०१–१९:४०१३:०५–१४:४४१६:२२–१८:०११३:५८–०३:१२
१९०८:०८–०९:४७११:२६–१३:०५१४:४४–१६:२३
२०१६:२३–१८:०२०९:४६–११:२६१३:०५–१४:४४०६:०४–०६:१९०६:०२–००:५११६:२२–१८:२०
२११३:०५–१४:४४०८:०६–०९:४६११:२५–१३:०५०६:१९–०६:०२०६:०२–००:५१
२२१४:४४–१६:२४०६:२५–०८:०५०९:४५–११:२५०८:०६–२०:१८०६:०२–००:५१
२३११:२४–१३:०४१६:२४–१८:०५०८:०४–०९:४४०६:०२–००:५१
२४०९:४४–११:२४१४:४५–१६:२५०६:२३–०८:०३०३:३८–०१:३००६:०२–००:५१
२५१८:०६–१९:४७१३:०४–१४:४५१६:२५–१८:०६१७:२६–०४:२२०२:०१–००:५१०६:०२–००:५११९:०७–१७:२६
२६०८:०१–०९:४२११:२३–१३:०४१४:४५–१६:२६००:५१–२३:११२२:५१–१९:४६
२७१६:२६–१८:०७०९:४१–११:२३१३:०४–१४:४५
२८१३:०४–१४:४५०७:५९–०९:४१११:२२–१३:०४२०:०७–०६:३७१६:२२–१२:४८१२:३१–०९:३७
२९१४:४५–१६:२७०६:१७–०७:५८०९:४०–११:२२२०:०७–०६:३७
३०११:२२–१३:०४१६:२८–१८:१००७:५८–०९:४०
३१०९:३९–११:२११४:४६–१६:२८०६:१४–०७:५७२२:२७–०९:२१

शुभ समय

दिनांकअभिजीत मुहूर्तआनंदादि योगब्रह्म मुहूर्तगोधूलि मुहूर्तनिशीथ मुहूर्तप्रातः संध्यापुष्कर योगरवि योगसायं संध्याविजय मुहूर्त
१११:४५–१२:३५१२:०६–१०:३२०४:२२–०५:०८१८:१२–१८:३६२३:४६–००:३२०५:३०–०५:५६१८:२४–१८:५०१४:१४–१५:०४
२११:४४–१२:३४१०:३२–०८:५७०४:२१–०५:०७१८:१३–१८:३७२३:४६–००:३२०५:२८–०५:५४१८:२५–१८:५११४:१४–१५:०४
३११:४४–१२:३४०८:५७–०७:२४०५:१२–०६:०२१८:१३–१८:३७००:१३–०१:०३०५:२६–०५:५३०८:५७–०७:२४०८:५७–०७:२४१८:२५–१८:५२१४:१५–१५:०५
४१२:४४–१३:३४०७:२४–०६:५९०५:१९–०६:०४१९:१४–१९:३८००:४५–०१:३१०६:२५–०६:५११९:२६–१९:५३१५:१५–१६:०५
५१२:४३–१३:३४०५:४३–०४:३९०५:१७–०६:०३१९:१५–१९:३९००:४५–०१:३००६:२३–०६:५०१९:२७–१९:५४१५:१५–१६:०५
६१२:४३–१३:३४०४:३९–०३:४७०५:१६–०६:०११९:१६–१९:४०००:४५–०१:३००६:२२–०६:४८१९:२८–१९:५५१५:१५–१६:०६
७१२:४२–१३:३३०३:४७–०३:१००५:१५–०६:००१९:१७–१९:४१००:४५–०१:३००६:२०–०६:४७१९:२९–१९:५६१५:१५–१६:०६
८१२:४२–१३:३३०३:१०–०२:५००५:१४–०५:५९१९:१८–१९:४२००:४४–०१:२९०६:१९–०६:४५१९:३०–१९:५७१५:१५–१६:०६
९१२:४२–१३:३३०२:५०–०२:४९०५:१३–०५:५८१९:१९–१९:४३००:४४–०१:२९०६:१७–०६:४४१९:३१–१९:५८१५:१५–१६:०६
१०१२:४१–१३:३३०२:४९–०३:१२०५:१२–०५:५६१९:२०–१९:४४००:४४–०१:२९०६:१६–०६:४२१९:३२–१९:५९१५:१५–१६:०७
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१३१२:४०–१३:३२०५:२२–०७:१२०५:०८–०५:५२१९:२३–१९:४७००:४४–०१:२८०६:११–०६:३८१९:३५–२०:०२१५:१६–१६:०८
१४१२:४०–१३:३२०५:२२–०७:१२०५:०७–०५:५११९:२४–१९:४८००:४३–०१:२७०६:१०–०६:३६१९:३६–२०:०३१५:१६–१६:०८
१५१२:४०–१३:३२०७:१२–०९:३२०५:०६–०५:५०१९:२५–१९:४९००:४३–०१:२७०६:०८–०६:३५०७:१२–०९:३२१९:३७–२०:०४१५:१६–१६:०८
१६१२:३९–१३:३२०९:३२–१२:१७०५:०५–०५:४९१९:२६–१९:५०००:४३–०१:२७०६:०७–०६:३४१९:३८–२०:०५१५:१६–१६:०९
१७१२:३९–१३:३२१२:१७–१५:१६०५:०४–०५:४७१९:२७–१९:५१००:४३–०१:२६०६:०५–०६:३२१२:१७–१५:१६१९:३९–२०:०६१५:१६–१६:०९
१८१२:३९–१३:३११५:१६–१८:१८०५:०३–०५:४६१९:२८–१९:५२००:४३–०१:२६०६:०४–०६:३११९:४०–२०:०७१५:१७–१६:०९
१९१२:३९–१३:३११८:१८–२१:०८०५:०२–०५:४५१९:२९–१९:५३००:४३–०१:२६०६:०२–०६:२९१९:४१–२०:०८१५:१७–१६:१०
२०१२:३८–१३:३१२१:०८–२३:३१०५:०१–०५:४४१९:३०–१९:५४००:४३–०१:२६०६:०१–०६:२८२१:०८–२३:३११९:४२–२०:०९१५:१७–१६:१०
२११२:३८–१३:३१२३:३१–०१:१७०५:००–०५:४३१९:३१–१९:५५००:४३–०१:२५०६:००–०६:२७२३:३१–०१:१७१९:४३–२०:१०१५:१७–१६:१०
२२१२:३८–१३:३१०१:१७–०२:१८०४:५९–०५:४११९:३२–१९:५६००:४३–०१:२५०५:५८–०६:२५१९:४४–२०:१११५:१८–१६:११
२३१२:३८–१३:३१०२:१८–०२:३२०४:५८–०५:४०१९:३३–१९:५७००:४२–०१:२५०५:५७–०६:२४१९:४५–२०:१२१५:१८–१६:११
२४१२:३७–१३:३१०२:३२–०२:०१०४:५७–०५:३९१९:३४–१९:५८००:४२–०१:२५०५:५५–०६:२३०२:३२–०२:०११९:४६–२०:१३१५:१८–१६:१२
२५१२:३७–१३:३१०२:०१–००:५१०४:५६–०५:३८१९:३५–१९:५९००:४२–०१:२५०५:५४–०६:२२०२:०१–००:५११९:४७–२०:१४१५:१८–१६:१२
२६१२:३७–१३:३१००:५१–२३:११०४:५५–०५:३७१९:३६–२०:००००:४२–०१:२४०५:५३–०६:२०१९:४८–२०:१५१५:१९–१६:१२
२७१२:३७–१३:३१२३:११–२१:०९०४:५४–०५:३६१९:३७–२०:०१००:४२–०१:२४०५:५१–०६:१९१९:४९–२०:१६१५:१९–१६:१३
२८१२:३७–१३:३१२१:०९–१८:५५०४:५३–०५:३५१९:३८–२०:०२००:४२–०१:२४०५:५०–०६:१८१९:५०–२०:१८१५:१९–१६:१३
२९१२:३७–१३:३११८:५५–१६:४१०४:५२–०५:३४१९:३९–२०:०३००:४२–०१:२४०५:४९–०६:१७१९:५१–२०:१९१५:१९–१६:१४
३०१२:३६–१३:३११६:४१–१४:३४०४:५१–०५:३३१९:४०–२०:०४००:४२–०१:२४०५:४८–०६:१५१९:५२–२०:२०१५:२०–१६:१४
३११२:३६–१३:३११४:३४–१२:४१०४:५०–०५:३२१९:४१–२०:०५००:४२–०१:२४०५:४६–०६:१४१९:५३–२०:२११५:२०–१६:१५

चौघड़िया

दिनांकदिनरात्रि
१शुभ ०५:५६ · रोग ०७:२९ · उद्वेग ०९:०३ · चर १०:३६ · लाभ १२:१० · अमृत १३:४३ · काल १५:१७ · शुभ १६:५०–१८:२४अमृत १८:२४ · काल १९:५० · शुभ २१:१६ · रोग २२:४३ · उद्वेग ००:०९ · चर ०१:३५ · लाभ ०३:०२ · अमृत ०४:२८–०५:५४
२चर ०५:५४ · लाभ ०७:२८ · अमृत ०९:०२ · काल १०:३६ · शुभ १२:०९ · रोग १३:४३ · उद्वेग १५:१७ · चर १६:५१–१८:२५रोग १८:२५ · उद्वेग १९:५१ · चर २१:१७ · लाभ २२:४३ · अमृत ००:०९ · काल ०१:३५ · शुभ ०३:०१ · रोग ०४:२७–०५:५३
३काल ०५:५३ · शुभ ०७:२७ · रोग ०९:०१ · उद्वेग १०:३५ · चर १२:०९ · लाभ १३:४३ · अमृत १५:१७ · काल १६:५१–१८:२५लाभ १८:२५ · अमृत १९:५९ · काल २१:३२ · शुभ २३:०५ · रोग ००:३८ · उद्वेग ०२:१२ · चर ०३:४५ · लाभ ०५:१८–०६:५१
४उद्वेग ०६:५१ · चर ०८:२६ · लाभ १०:०० · अमृत ११:३४ · काल १३:०९ · शुभ १४:४३ · रोग १६:१८ · उद्वेग १७:५२–१९:२६शुभ १९:२६ · रोग २०:५२ · उद्वेग २२:१७ · चर २३:४३ · लाभ ०१:०८ · अमृत ०२:३३ · काल ०३:५९ · शुभ ०५:२४–०६:५०
५अमृत ०६:५० · काल ०८:२४ · शुभ ०९:५९ · रोग ११:३४ · उद्वेग १३:०८ · चर १४:४३ · लाभ १६:१८ · अमृत १७:५३–१९:२७चर १९:२७ · लाभ २०:५२ · अमृत २२:१७ · काल २३:४३ · शुभ ०१:०८ · रोग ०२:३३ · उद्वेग ०३:५८ · चर ०५:२३–०६:४८
६रोग ०६:४८ · उद्वेग ०८:२३ · चर ०९:५८ · लाभ ११:३३ · अमृत १३:०८ · काल १४:४३ · शुभ १६:१८ · रोग १७:५३–१९:२८काल १९:२८ · शुभ २०:५३ · रोग २२:१८ · उद्वेग २३:४३ · चर ०१:०७ · लाभ ०२:३२ · अमृत ०३:५७ · काल ०५:२२–०६:४७
७लाभ ०६:४७ · अमृत ०८:२२ · काल ०९:५७ · शुभ ११:३३ · रोग १३:०८ · उद्वेग १४:४३ · चर १६:१८ · लाभ १७:५४–१९:२९उद्वेग १९:२९ · चर २०:५४ · लाभ २२:१८ · अमृत २३:४३ · काल ०१:०७ · शुभ ०२:३२ · रोग ०३:५६ · उद्वेग ०५:२१–०६:४५
८शुभ ०६:४५ · रोग ०८:२१ · उद्वेग ०९:५६ · चर ११:३२ · लाभ १३:०८ · अमृत १४:४३ · काल १६:१९ · शुभ १७:५४–१९:३०अमृत १९:३० · काल २०:५४ · शुभ २२:१८ · रोग २३:४३ · उद्वेग ०१:०७ · चर ०२:३१ · लाभ ०३:५५ · अमृत ०५:२०–०६:४४
९चर ०६:४४ · लाभ ०८:२० · अमृत ०९:५६ · काल ११:३१ · शुभ १३:०७ · रोग १४:४३ · उद्वेग १६:१९ · चर १७:५५–१९:३१रोग १९:३१ · उद्वेग २०:५५ · चर २२:१९ · लाभ २३:४३ · अमृत ०१:०७ · काल ०२:३१ · शुभ ०३:५४ · रोग ०५:१८–०६:४२
१०काल ०६:४२ · शुभ ०८:१८ · रोग ०९:५५ · उद्वेग ११:३१ · चर १३:०७ · लाभ १४:४३ · अमृत १६:१९ · काल १७:५६–१९:३२लाभ १९:३२ · अमृत २०:५५ · काल २२:१९ · शुभ २३:४३ · रोग ०१:०६ · उद्वेग ०२:३० · चर ०३:५४ · लाभ ०५:१७–०६:४१
११उद्वेग ०६:४१ · चर ०८:१७ · लाभ ०९:५४ · अमृत ११:३० · काल १३:०७ · शुभ १४:४३ · रोग १६:२० · उद्वेग १७:५६–१९:३३शुभ १९:३३ · रोग २०:५६ · उद्वेग २२:१९ · चर २३:४३ · लाभ ०१:०६ · अमृत ०२:२९ · काल ०३:५३ · शुभ ०५:१६–०६:३९
१२अमृत ०६:३९ · काल ०८:१६ · शुभ ०९:५३ · रोग ११:३० · उद्वेग १३:०७ · चर १४:४३ · लाभ १६:२० · अमृत १७:५७–१९:३४चर १९:३४ · लाभ २०:५७ · अमृत २२:२० · काल २३:४३ · शुभ ०१:०६ · रोग ०२:२९ · उद्वेग ०३:५२ · चर ०५:१५–०६:३८
१३रोग ०६:३८ · उद्वेग ०८:१५ · चर ०९:५२ · लाभ ११:२९ · अमृत १३:०६ · काल १४:४३ · शुभ १६:२१ · रोग १७:५८–१९:३५काल १९:३५ · शुभ २०:५७ · रोग २२:२० · उद्वेग २३:४३ · चर ०१:०६ · लाभ ०२:२८ · अमृत ०३:५१ · काल ०५:१४–०६:३६
१४लाभ ०६:३६ · अमृत ०८:१४ · काल ०९:५१ · शुभ ११:२९ · रोग १३:०६ · उद्वेग १४:४३ · चर १६:२१ · लाभ १७:५८–१९:३६उद्वेग १९:३६ · चर २०:५८ · लाभ २२:२१ · अमृत २३:४३ · काल ०१:०५ · शुभ ०२:२८ · रोग ०३:५० · उद्वेग ०५:१३–०६:३५
१५शुभ ०६:३५ · रोग ०८:१३ · उद्वेग ०९:५० · चर ११:२८ · लाभ १३:०६ · अमृत १४:४४ · काल १६:२१ · शुभ १७:५९–१९:३७अमृत १९:३७ · काल २०:५९ · शुभ २२:२१ · रोग २३:४३ · उद्वेग ०१:०५ · चर ०२:२७ · लाभ ०३:४९ · अमृत ०५:१२–०६:३४
१६चर ०६:३४ · लाभ ०८:१२ · अमृत ०९:५० · काल ११:२८ · शुभ १३:०६ · रोग १४:४४ · उद्वेग १६:२२ · चर १८:००–१९:३८रोग १९:३८ · उद्वेग २०:५९ · चर २२:२१ · लाभ २३:४३ · अमृत ०१:०५ · काल ०२:२७ · शुभ ०३:४९ · रोग ०५:१०–०६:३२
१७काल ०६:३२ · शुभ ०८:११ · रोग ०९:४९ · उद्वेग ११:२७ · चर १३:०५ · लाभ १४:४४ · अमृत १६:२२ · काल १८:००–१९:३९लाभ १९:३९ · अमृत २१:०० · काल २२:२२ · शुभ २३:४३ · रोग ०१:०५ · उद्वेग ०२:२६ · चर ०३:४८ · लाभ ०५:०९–०६:३१
१८उद्वेग ०६:३१ · चर ०८:०९ · लाभ ०९:४८ · अमृत ११:२७ · काल १३:०५ · शुभ १४:४४ · रोग १६:२२ · उद्वेग १८:०१–१९:४०शुभ १९:४० · रोग २१:०१ · उद्वेग २२:२२ · चर २३:४३ · लाभ ०१:०५ · अमृत ०२:२६ · काल ०३:४७ · शुभ ०५:०८–०६:२९
१९अमृत ०६:२९ · काल ०८:०८ · शुभ ०९:४७ · रोग ११:२६ · उद्वेग १३:०५ · चर १४:४४ · लाभ १६:२३ · अमृत १८:०२–१९:४१चर १९:४१ · लाभ २१:०१ · अमृत २२:२२ · काल २३:४३ · शुभ ०१:०४ · रोग ०२:२५ · उद्वेग ०३:४६ · चर ०५:०७–०६:२८
२०रोग ०६:२८ · उद्वेग ०८:०७ · चर ०९:४६ · लाभ ११:२६ · अमृत १३:०५ · काल १४:४४ · शुभ १६:२३ · रोग १८:०२–१९:४२काल १९:४२ · शुभ २१:०२ · रोग २२:२३ · उद्वेग २३:४४ · चर ०१:०४ · लाभ ०२:२५ · अमृत ०३:४५ · काल ०५:०६–०६:२७
२१लाभ ०६:२७ · अमृत ०८:०६ · काल ०९:४६ · शुभ ११:२५ · रोग १३:०५ · उद्वेग १४:४४ · चर १६:२४ · लाभ १८:०३–१९:४३उद्वेग १९:४३ · चर २१:०३ · लाभ २२:२३ · अमृत २३:४४ · काल ०१:०४ · शुभ ०२:२४ · रोग ०३:४५ · उद्वेग ०५:०५–०६:२५
२२शुभ ०६:२५ · रोग ०८:०५ · उद्वेग ०९:४५ · चर ११:२५ · लाभ १३:०५ · अमृत १४:४४ · काल १६:२४ · शुभ १८:०४–१९:४४अमृत १९:४४ · काल २१:०४ · शुभ २२:२४ · रोग २३:४४ · उद्वेग ०१:०४ · चर ०२:२४ · लाभ ०३:४४ · अमृत ०५:०४–०६:२४
२३चर ०६:२४ · लाभ ०८:०४ · अमृत ०९:४४ · काल ११:२४ · शुभ १३:०४ · रोग १४:४४ · उद्वेग १६:२४ · चर १८:०५–१९:४५रोग १९:४५ · उद्वेग २१:०४ · चर २२:२४ · लाभ २३:४४ · अमृत ०१:०४ · काल ०२:२३ · शुभ ०३:४३ · रोग ०५:०३–०६:२३
२४काल ०६:२३ · शुभ ०८:०३ · रोग ०९:४४ · उद्वेग ११:२४ · चर १३:०४ · लाभ १४:४५ · अमृत १६:२५ · काल १८:०५–१९:४६लाभ १९:४६ · अमृत २१:०५ · काल २२:२५ · शुभ २३:४४ · रोग ०१:०४ · उद्वेग ०२:२३ · चर ०३:४३ · लाभ ०५:०२–०६:२२
२५उद्वेग ०६:२२ · चर ०८:०२ · लाभ ०९:४३ · अमृत ११:२३ · काल १३:०४ · शुभ १४:४५ · रोग १६:२५ · उद्वेग १८:०६–१९:४७शुभ १९:४७ · रोग २१:०६ · उद्वेग २२:२५ · चर २३:४४ · लाभ ०१:०३ · अमृत ०२:२३ · काल ०३:४२ · शुभ ०५:०१–०६:२०
२६अमृत ०६:२० · काल ०८:०१ · शुभ ०९:४२ · रोग ११:२३ · उद्वेग १३:०४ · चर १४:४५ · लाभ १६:२६ · अमृत १८:०७–१९:४८चर १९:४८ · लाभ २१:०७ · अमृत २२:२५ · काल २३:४४ · शुभ ०१:०३ · रोग ०२:२२ · उद्वेग ०३:४१ · चर ०५:००–०६:१९
२७रोग ०६:१९ · उद्वेग ०८:०० · चर ०९:४१ · लाभ ११:२३ · अमृत १३:०४ · काल १४:४५ · शुभ १६:२६ · रोग १८:०७–१९:४९काल १९:४९ · शुभ २१:०७ · रोग २२:२६ · उद्वेग २३:४५ · चर ०१:०३ · लाभ ०२:२२ · अमृत ०३:४१ · काल ०४:५९–०६:१८
२८लाभ ०६:१८ · अमृत ०७:५९ · काल ०९:४१ · शुभ ११:२२ · रोग १३:०४ · उद्वेग १४:४५ · चर १६:२७ · लाभ १८:०८–१९:५०उद्वेग १९:५० · चर २१:०८ · लाभ २२:२६ · अमृत २३:४५ · काल ०१:०३ · शुभ ०२:२२ · रोग ०३:४० · उद्वेग ०४:५८–०६:१७
२९शुभ ०६:१७ · रोग ०७:५८ · उद्वेग ०९:४० · चर ११:२२ · लाभ १३:०४ · अमृत १४:४५ · काल १६:२७ · शुभ १८:०९–१९:५१अमृत १९:५१ · काल २१:०९ · शुभ २२:२७ · रोग २३:४५ · उद्वेग ०१:०३ · चर ०२:२१ · लाभ ०३:३९ · अमृत ०४:५७–०६:१५
३०चर ०६:१५ · लाभ ०७:५८ · अमृत ०९:४० · काल ११:२२ · शुभ १३:०४ · रोग १४:४६ · उद्वेग १६:२८ · चर १८:१०–१९:५२रोग १९:५२ · उद्वेग २१:१० · चर २२:२७ · लाभ २३:४५ · अमृत ०१:०३ · काल ०२:२१ · शुभ ०३:३९ · रोग ०४:५६–०६:१४
३१काल ०६:१४ · शुभ ०७:५७ · रोग ०९:३९ · उद्वेग ११:२१ · चर १३:०४ · लाभ १४:४६ · अमृत १६:२८ · काल १८:११–१९:५३लाभ १९:५३ · अमृत २१:१० · काल २२:२८ · शुभ २३:४५ · रोग ०१:०३ · उद्वेग ०२:२१ · चर ०३:३८ · लाभ ०४:५६–०६:१३

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