हिंदू कैलेंडर
जून 2027 कैलेंडर, सिंगापुर
- हिंदू मास
- वैशाख, ज्येष्ठ
- संवत
- शक संवत 1949, विक्रम संवत 2084
- संवत्सर
- प्लवंग
- अयन
- उत्तरायण
- ऋतु
- वसंत, ग्रीष्म
महीने अमांत पद्धति से (हर महीना अमावस्या को पूरा होता है) गिने जाते हैं; वर्ष शक संवत में दिए गए हैं; अयनांश लाहिरी है; त्योहारों के दिनांक स्मार्त परंपरा के अनुसार हैं।
इस पेज पर दिए समय और तारीखें सिंगापुर के लिए हैं।
त्योहारों की इन तारीखों का मिलान अभी किसी छपे हुए पंचांग से नहीं किया गया है।
जून 2027 का हर दिन
- वार
- मंगलवार
- तिथि
- एकादशी (12:32:50 – 12:10:11)
- नक्षत्र
- रेवती (15:05:18 – 15:19:32)
- योग
- सौभाग्य (04:38:03 – 02:51:53)
- करण
- बालव (00:27:46 – 12:10:11)
- वार
- मंगलवार (06:56:40 – 06:56:48)
- मास (अमांत)
- वैशाख
- मास (पूर्णिमांत)
- ज्येष्ठ
- सूर्योदय
- सूर्यास्त
- चंद्रोदय
- चंद्रास्त
- चंद्र राशि
- मीन, तक
त्योहार, व्रत और विशेष दिन
अपरा एकादशीअमान्त वैशाख मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को अपरा एकादशी के रूप में मनाया जाता है।
- वार
- बुधवार
- तिथि
- द्वादशी (12:10:11 – 10:59:04)
- नक्षत्र
- अश्विनी (15:19:32 – 14:46:27)
- योग
- शोभन (02:51:53 – 00:29:04)
- करण
- तैतिल (23:40:25 – 10:59:04)
- वार
- बुधवार (06:56:48 – 06:56:57)
- मास (अमांत)
- वैशाख
- मास (पूर्णिमांत)
- ज्येष्ठ
- सूर्योदय
- सूर्यास्त
- चंद्रोदय
- चंद्रास्त
- चंद्र राशि
- मेष
त्योहार, व्रत और विशेष दिन
प्रदोषत्रयोदशी तिथि को शिव की उपासना का व्रत।
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- त्रयोदशी (10:59:04 – 09:04:53)
- नक्षत्र
- भरणी (14:46:27 – 13:31:42)
- योग
- अतिगण्ड (00:29:04 – 21:34:45)
- करण
- वणिज (22:06:54 – 09:04:53)
- वार
- गुरुवार (06:56:57 – 06:57:06)
- मास (अमांत)
- वैशाख
- मास (पूर्णिमांत)
- ज्येष्ठ
- सूर्योदय
- सूर्यास्त
- चंद्रोदय
- चंद्रास्त
- चंद्र राशि
- मेष, तक
त्योहार, व्रत और विशेष दिन
मासिक शिवरात्रिप्रत्येक मास की कृष्ण चतुर्दशी को भगवान शिव की उपासना का व्रत रखा जाता है।
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- अमावस्या (06:35:30 – 03:40:13)
- नक्षत्र
- कृत्तिका (13:31:42 – 11:43:34)
- योग
- सुकर्मा (21:34:45 – 18:15:43)
- करण
- चतुष्पद (06:35:30 – 17:10:29)
- वार
- शुक्रवार (06:57:06 – 06:57:15)
- मास (अमांत)
- वैशाख
- मास (पूर्णिमांत)
- ज्येष्ठ
- सूर्योदय
- सूर्यास्त
- चंद्रोदय
- चंद्रास्त
- चंद्र राशि
- वृषभ
त्योहार, व्रत और विशेष दिन
अमावस्याकृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि, जब चंद्रमा दिखाई नहीं देता; इस दिन पितरों के लिए तर्पण और श्राद्ध किया जाता है।
दर्श अमावस्याप्रत्येक मास की कृष्ण पक्ष की अमावस्या को दर्श अमावस्या के रूप में मनाया जाता है।
भावुका अमावस्याअमान्त वैशाख कृष्ण अमावस्या को मनाया जाने वाला एक हिंदू पर्व, जो पितरों के तर्पण और दान-पुण्य के लिए जाना जाता है।
- वार
- शनिवार
- तिथि
- प्रतिपदा (03:40:13 – 00:28:53)
- नक्षत्र
- रोहिणी (11:43:34 – 09:31:47)
- योग
- धृति (18:15:43 – 14:39:41)
- करण
- किंस्तुघ्न (03:40:13 – 14:05:57)
- वार
- शनिवार (06:57:15 – 06:57:25)
- मास (अमांत)
- ज्येष्ठ
- मास (पूर्णिमांत)
- ज्येष्ठ
- सूर्योदय
- सूर्यास्त
- चंद्रोदय
- चंद्रास्त
- चंद्र राशि
- वृषभ, तक
त्योहार, व्रत और विशेष दिन
विश्व पर्यावरण दिवसपर्यावरण की रक्षा और उसके प्रति जागरूकता के लिए मनाया जाने वाला वैश्विक दिवस।
ज्येष्ठ मास आरम्भस्मार्त पंचांग में नये चान्द्र मास का प्रथम दिन। इस दिन से शुक्ल पक्ष आरम्भ होता है।
- वार
- रविवार
- तिथि
- द्वितीया (00:28:53 – 21:11:14)
- नक्षत्र
- मृगशिरा (09:31:47 – 07:06:35)
- योग
- शूल (14:39:41 – 10:54:35)
- करण
- बालव (00:28:53 – 10:50:16)
- वार
- रविवार (06:57:25 – 06:57:35)
- मास (अमांत)
- ज्येष्ठ
- मास (पूर्णिमांत)
- ज्येष्ठ
- सूर्योदय
- सूर्यास्त
- चंद्रोदय
- चंद्रास्त
- चंद्र राशि
- मिथुन
त्योहार, व्रत और विशेष दिन
मुस्लिम नववर्ष, हिजरी १४४९इस्लामी कैलेंडर के पहले महीने मुहर्रम का पहला दिन, जो हिजरी वर्ष का आरंभ माना जाता है।
मुस्लिम मुहर्रम आरंभइस्लामी कैलेंडर के नए चंद्र मास का पहला दिन, जो नया चाँद देखे जाने पर आरंभ होता है।
- वार
- सोमवार
- तिथि
- तृतीया (21:11:14 – 17:56:20)
- नक्षत्र
- पुनर्वसु (04:38:03 – 02:15:23)
- योग
- गण्ड (10:54:35 – 07:08:09)
- करण
- तैतिल (21:11:14 – 07:32:54)
- वार
- सोमवार (06:57:35 – 06:57:46)
- मास (अमांत)
- ज्येष्ठ
- मास (पूर्णिमांत)
- ज्येष्ठ
- सूर्योदय
- सूर्यास्त
- चंद्रोदय
- चंद्रास्त
- चंद्र राशि
- मिथुन, तक
त्योहार, व्रत और विशेष दिन
रम्भा व्रतज्येष्ठ शुक्ल तृतीया को सुहागिन स्त्रियाँ पति की दीर्घायु और सौभाग्य के लिए यह व्रत करती हैं।
- वार
- मंगलवार
- तिथि
- चतुर्थी (17:56:20 – 14:52:15)
- नक्षत्र
- पुष्य (02:15:23 – 00:06:31)
- योग
- ध्रुव (03:27:25 – 23:58:29)
- करण
- विष्टि (04:22:29 – 14:52:15)
- वार
- मंगलवार (06:57:46 – 06:57:57)
- मास (अमांत)
- ज्येष्ठ
- मास (पूर्णिमांत)
- ज्येष्ठ
- सूर्योदय
- सूर्यास्त
- चंद्रोदय
- चंद्रास्त
- चंद्र राशि
- कर्क
त्योहार, व्रत और विशेष दिन
मृगशिरा नक्षत्र में सूर्य प्रवेशसूर्य का मृगशिरा नक्षत्र में संक्रमण।
विनायक चतुर्थी अंगारक योगप्रत्येक मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को भगवान गणेश के विनायक स्वरूप का व्रत और पूजन किया जाता है।
- वार
- बुधवार
- तिथि
- पंचमी (14:52:15 – 12:05:42)
- नक्षत्र
- आश्लेषा (00:06:32 – 22:17:49)
- योग
- व्याघात (23:58:29 – 20:46:12)
- करण
- बालव (01:26:25 – 12:05:42)
- वार
- बुधवार (06:57:57 – 06:58:08)
- मास (अमांत)
- ज्येष्ठ
- मास (पूर्णिमांत)
- ज्येष्ठ
- सूर्योदय
- सूर्यास्त
- चंद्रोदय
- चंद्रास्त
- चंद्र राशि
- कर्क, तक
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- षष्ठी (12:05:42 – 09:41:52)
- नक्षत्र
- मघा (22:17:49 – 20:53:47)
- योग
- हर्षण (20:46:12 – 17:54:04)
- करण
- तैतिल (22:50:41 – 09:41:52)
- वार
- गुरुवार (06:58:08 – 06:58:19)
- मास (अमांत)
- ज्येष्ठ
- मास (पूर्णिमांत)
- ज्येष्ठ
- सूर्योदय
- सूर्यास्त
- चंद्रोदय
- चंद्र राशि
- सिंह
त्योहार, व्रत और विशेष दिन
अरण्य षष्ठीज्येष्ठ शुक्ल षष्ठी को मनाया जाने वाला वन एवं वृक्षों से जुड़ा एक हिंदू पर्व।
विश्व नेत्रदान दिवसनेत्रदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने और दृष्टिहीनता निवारण के लिए समर्पित एक वैश्विक दिवस।
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- सप्तमी (09:41:52 – 07:44:17)
- नक्षत्र
- पूर्वा फाल्गुनी (20:53:47 – 19:57:10)
- योग
- वज्र (17:54:04 – 15:24:15)
- करण
- वणिज (20:39:38 – 07:44:17)
- वार
- शुक्रवार (06:58:19 – 06:58:31)
- मास (अमांत)
- ज्येष्ठ
- मास (पूर्णिमांत)
- ज्येष्ठ
- सूर्योदय
- सूर्यास्त
- चंद्रोदय
- चंद्रास्त
- चंद्र राशि
- सिंह, तक
त्योहार, व्रत और विशेष दिन
दुर्गाष्टमीप्रत्येक मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी को देवी दुर्गा की आराधना का यह व्रत रखा जाता है।
पारसी बहमन आरंभशहंशाही पारसी पंचांग के अनुसार नए महीने का पहला दिन।
शावुओतयहूदी पर्व, सीनै पर्वत पर तोराह के दिए जाने का स्मरणोत्सव।
- वार
- शनिवार
- तिथि
- नवमी (06:14:54 – 05:14:23)
- नक्षत्र
- उत्तरा फाल्गुनी (19:57:10 – 19:29:07)
- योग
- सिद्धि (15:24:15 – 13:17:44)
- करण
- बालव (06:14:54 – 17:41:02)
- वार
- शनिवार (06:58:31 – 06:58:43)
- मास (अमांत)
- ज्येष्ठ
- मास (पूर्णिमांत)
- ज्येष्ठ
- सूर्योदय
- सूर्यास्त
- चंद्रोदय
- चंद्रास्त
- चंद्र राशि
- कन्या
- वार
- रविवार
- तिथि
- दशमी (05:14:23 – 04:42:27)
- नक्षत्र
- हस्त (19:29:07 – 19:29:35)
- योग
- व्यतीपात (13:17:44 – 11:34:36)
- करण
- तैतिल (05:14:23 – 16:54:53)
- वार
- रविवार (06:58:43 – 06:58:55)
- मास (अमांत)
- ज्येष्ठ
- मास (पूर्णिमांत)
- ज्येष्ठ
- सूर्योदय
- सूर्यास्त
- चंद्रोदय
- चंद्रास्त
- चंद्र राशि
- कन्या
- वार
- सोमवार
- तिथि
- एकादशी (04:42:27 – 04:38:21)
- नक्षत्र
- चित्रा (19:29:35 – 19:57:49)
- योग
- वरीयान (11:34:36 – 10:14:15)
- करण
- वणिज (04:42:27 – 16:36:59)
- वार
- सोमवार (06:58:55 – 06:59:07)
- मास (अमांत)
- ज्येष्ठ
- मास (पूर्णिमांत)
- ज्येष्ठ
- सूर्योदय
- सूर्यास्त
- चंद्रोदय
- चंद्रास्त
- चंद्र राशि
- कन्या, तक
त्योहार, व्रत और विशेष दिन
निर्जला एकादशीज्येष्ठ शुक्ल एकादशी को निर्जल रहकर रखा जाने वाला व्रत, जो भीमसेन से जुड़ा है।
- वार
- मंगलवार
- तिथि
- द्वादशी (04:38:21 – 05:01:15)
- नक्षत्र
- स्वाति (19:57:49 – 20:52:52)
- योग
- परिघ (10:14:15 – 09:15:55)
- करण
- बव (04:38:21 – 16:46:28)
- वार
- मंगलवार (06:59:07 – 06:59:19)
- मास (अमांत)
- ज्येष्ठ
- मास (पूर्णिमांत)
- ज्येष्ठ
- सूर्योदय
- सूर्यास्त
- चंद्रोदय
- चंद्रास्त
- चंद्र राशि
- तुला
त्योहार, व्रत और विशेष दिन
मुहर्रमइस्लामी कैलेंडर के प्रथम मास मुहर्रम की दसवीं तारीख़, जिसे यौम-ए-आशूरा भी कहते हैं।
अगस्ति लोपअगस्त्य तारे का अस्त होना, जो वर्षा ऋतु के आगमन का सूचक माना जाता है।
अंतर्राष्ट्रीय मल्लखंभ दिवसभारतीय खेल मल्लखंभ के प्रति जागरूकता बढ़ाने हेतु मनाया जाने वाला एक अंतर्राष्ट्रीय दिवस।
- वार
- बुधवार
- तिथि
- त्रयोदशी (05:01:15 – 05:50:24)
- नक्षत्र
- विशाखा (20:52:52 – 22:13:50)
- योग
- शिव (09:15:55 – 08:38:50)
- करण
- कौलव (05:01:15 – 17:22:35)
- वार
- बुधवार (06:59:19 – 06:59:32)
- मास (अमांत)
- ज्येष्ठ
- मास (पूर्णिमांत)
- ज्येष्ठ
- सूर्योदय
- सूर्यास्त
- चंद्रोदय
- चंद्रास्त
- चंद्र राशि
- तुला, तक
त्योहार, व्रत और विशेष दिन
शिवराज शक ३५४ प्रारंभज्येष्ठ शुक्ल त्रयोदशी को शिवराज शक का प्रारंभ माना जाता है।
वटसावित्री व्रतसौभाग्यवती स्त्रियाँ पति की दीर्घायु के लिए वट वृक्ष का पूजन कर व्रत रखती हैं।
प्रदोषत्रयोदशी तिथि को शिव की उपासना का व्रत।
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- चतुर्दशी (05:50:24 – 07:05:06)
- नक्षत्र
- अनुराधा (22:13:50 – 23:59:54)
- योग
- सिद्ध (08:38:50 – 08:22:18)
- करण
- गर (05:50:24 – 18:24:36)
- वार
- गुरुवार (06:59:32 – 06:59:45)
- मास (अमांत)
- ज्येष्ठ
- मास (पूर्णिमांत)
- ज्येष्ठ
- सूर्योदय
- सूर्यास्त
- चंद्रोदय
- चंद्रास्त
- चंद्र राशि
- वृश्चिक
त्योहार, व्रत और विशेष दिन
वटसावित्री व्रतसौभाग्यवती स्त्रियाँ पति की दीर्घायु के लिए वट वृक्ष का पूजन कर व्रत रखती हैं।
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- चतुर्दशी (05:50:24 – 07:05:06)
- नक्षत्र
- ज्येष्ठा (23:59:54 – 02:10:02)
- योग
- साध्य (08:22:18 – 08:25:37)
- करण
- वणिज (18:24:36 – 07:05:06)
- वार
- शुक्रवार (06:59:45 – 06:59:57)
- मास (अमांत)
- ज्येष्ठ
- मास (पूर्णिमांत)
- ज्येष्ठ
- सूर्योदय
- सूर्यास्त
- चंद्रोदय
- चंद्रास्त
- चंद्र राशि
- वृश्चिक, तक
त्योहार, व्रत और विशेष दिन
वटसावित्री व्रतसौभाग्यवती स्त्रियाँ पति की दीर्घायु के लिए वट वृक्ष का पूजन कर व्रत रखती हैं।
- वार
- शनिवार
- तिथि
- पूर्णिमा (07:05:06 – 08:44:13)
- नक्षत्र
- मूल (02:10:02 – 04:42:24)
- योग
- शुभ (08:25:37 – 08:47:48)
- करण
- बव (19:51:42 – 08:44:13)
- वार
- शनिवार (06:59:57 – 07:00:10)
- मास (अमांत)
- ज्येष्ठ
- मास (पूर्णिमांत)
- ज्येष्ठ
- सूर्योदय
- सूर्यास्त
- चंद्रोदय
- चंद्रास्त
- चंद्र राशि
- धनु
त्योहार, व्रत और विशेष दिन
वट पौर्णिमाज्येष्ठ शुक्ल पूर्णिमा को सुहागिनें वट वृक्ष की पूजा कर व्रत रखती हैं।
वटसावित्री व्रतसौभाग्यवती स्त्रियाँ पति की दीर्घायु के लिए वट वृक्ष का पूजन कर व्रत रखती हैं।
पूर्णिमाप्रत्येक मास की शुक्ल पक्ष की अंतिम तिथि, जो चंद्रमा के पूर्ण होने का दिन मानी जाती है।
- वार
- रविवार
- तिथि
- प्रतिपदा (08:44:13 – 10:45:39)
- नक्षत्र
- पूर्वाषाढा (04:42:24 – 07:33:35)
- योग
- शुक्ल (08:47:48 – 09:27:11)
- करण
- कौलव (21:42:20 – 10:45:39)
- वार
- रविवार (07:00:10 – 07:00:23)
- मास (अमांत)
- ज्येष्ठ
- मास (पूर्णिमांत)
- आषाढ़
- सूर्योदय
- सूर्यास्त
- चंद्रोदय
- चंद्रास्त
- चंद्र राशि
- धनु
- वार
- सोमवार
- तिथि
- द्वितीया (10:45:39 – 13:05:32)
- नक्षत्र
- पूर्वाषाढा (04:42:24 – 07:33:35)
- योग
- ब्रह्म (09:27:11 – 10:20:53)
- करण
- गर (23:53:37 – 13:05:32)
- वार
- सोमवार (07:00:23 – 07:00:36)
- मास (अमांत)
- ज्येष्ठ
- मास (पूर्णिमांत)
- आषाढ़
- सूर्योदय
- सूर्यास्त
- चंद्रोदय
- चंद्रास्त
- चंद्र राशि
- धनु, तक
त्योहार, व्रत और विशेष दिन
सौर वर्षा ऋतु आरंभसौर गणना के अनुसार वर्षा ऋतु का प्रारंभ।
दक्षिणायन आरंभसूर्य का दक्षिण की ओर गमन आरंभ होता है। इस दिन से सूर्य कर्क राशि में प्रवेश करता है।
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवसयोग के शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक लाभों के प्रति वैश्विक जागरूकता बढ़ाने के लिए मनाया जाने वाला एक अंतर्राष्ट्रीय दिवस।
- वार
- मंगलवार
- तिथि
- तृतीया (13:05:32 – 15:37:35)
- नक्षत्र
- उत्तराषाढा (07:33:35 – 10:37:56)
- योग
- इन्द्र (10:20:53 – 11:24:29)
- करण
- विष्टि (02:20:32 – 15:37:35)
- वार
- मंगलवार (07:00:36 – 07:00:49)
- मास (अमांत)
- ज्येष्ठ
- मास (पूर्णिमांत)
- आषाढ़
- सूर्योदय
- सूर्यास्त
- चंद्रोदय
- चंद्रास्त
- चंद्र राशि
- मकर
त्योहार, व्रत और विशेष दिन
अयन करिदिनसूर्य के कर्क राशि में प्रवेश करने का दिन, जो दक्षिणायन का आरंभ माना जाता है।
अंगारक संकष्टी चतुर्थीकृष्ण पक्ष की चतुर्थी को गणेश जी की उपासना का व्रत रखा जाता है।
सूर्य आर्द्रा नक्षत्र में प्रवेशसूर्य के आर्द्रा नक्षत्र में प्रवेश करने का समय।
भारतीय राष्ट्रीय आषाढ़ आरंभभारत के राष्ट्रीय पंचांग के अनुसार एक नए सौर मास का पहला दिन।
- वार
- बुधवार
- तिथि
- चतुर्थी (15:37:35 – 18:12:54)
- नक्षत्र
- श्रवण (10:37:56 – 13:47:12)
- योग
- वैधृति (11:24:29 – 12:31:50)
- करण
- बालव (04:55:30 – 18:12:54)
- वार
- बुधवार (07:00:49 – 07:01:02)
- मास (अमांत)
- ज्येष्ठ
- मास (पूर्णिमांत)
- आषाढ़
- सूर्योदय
- सूर्यास्त
- चंद्रोदय
- चंद्रास्त
- चंद्र राशि
- मकर, तक
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- पंचमी (18:12:54 – 20:40:17)
- नक्षत्र
- धनिष्ठा (13:47:12 – 16:50:46)
- योग
- विष्कम्भ (12:31:50 – 13:35:05)
- करण
- कौलव (18:12:54 – 07:28:21)
- वार
- गुरुवार (07:01:02 – 07:01:15)
- मास (अमांत)
- ज्येष्ठ
- मास (पूर्णिमांत)
- आषाढ़
- सूर्योदय
- सूर्यास्त
- चंद्रोदय
- चंद्रास्त
- चंद्र राशि
- कुम्भ
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- षष्ठी (20:40:17 – 22:47:18)
- नक्षत्र
- शतभिषा (16:50:46 – 19:36:32)
- योग
- प्रीति (13:35:05 – 14:25:25)
- करण
- गर (20:40:17 – 09:47:07)
- वार
- शुक्रवार (07:01:15 – 07:01:28)
- मास (अमांत)
- ज्येष्ठ
- मास (पूर्णिमांत)
- आषाढ़
- सूर्योदय
- सूर्यास्त
- चंद्रोदय
- चंद्रास्त
- चंद्र राशि
- कुम्भ
- वार
- शनिवार
- तिथि
- सप्तमी (22:47:18 – 00:22:05)
- नक्षत्र
- पूर्वा भाद्रपदा (19:36:32 – 21:52:31)
- योग
- आयुष्मान (14:25:25 – 14:53:49)
- करण
- विष्टि (22:47:18 – 11:39:24)
- वार
- शनिवार (07:01:28 – 07:01:41)
- मास (अमांत)
- ज्येष्ठ
- मास (पूर्णिमांत)
- आषाढ़
- सूर्योदय
- सूर्यास्त
- चंद्रास्त
- चंद्र राशि
- कुम्भ, तक
त्योहार, व्रत और विशेष दिन
कालाष्टमीप्रत्येक मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी को कालभैरव की उपासना का यह व्रत रखा जाता है।
- वार
- रविवार
- तिथि
- अष्टमी (00:22:05 – 01:14:55)
- नक्षत्र
- उत्तरा भाद्रपदा (21:52:31 – 23:28:37)
- योग
- सौभाग्य (14:53:49 – 14:52:17)
- करण
- बालव (00:22:05 – 12:54:13)
- वार
- रविवार (07:01:41 – 07:01:54)
- मास (अमांत)
- ज्येष्ठ
- मास (पूर्णिमांत)
- आषाढ़
- सूर्योदय
- सूर्यास्त
- चंद्रोदय
- चंद्रास्त
- चंद्र राशि
- मीन
- वार
- सोमवार
- तिथि
- नवमी (01:14:55 – 01:19:41)
- नक्षत्र
- रेवती (23:28:37 – 00:18:07)
- योग
- शोभन (14:52:17 – 14:14:45)
- करण
- तैतिल (01:14:55 – 13:23:32)
- वार
- सोमवार (07:01:54 – 07:02:06)
- मास (अमांत)
- ज्येष्ठ
- मास (पूर्णिमांत)
- आषाढ़
- सूर्योदय
- सूर्यास्त
- चंद्रोदय
- चंद्रास्त
- चंद्र राशि
- मीन, तक
- वार
- मंगलवार
- तिथि
- दशमी (01:19:41 – 00:34:26)
- नक्षत्र
- अश्विनी (00:18:07 – 00:18:22)
- योग
- अतिगण्ड (14:14:45 – 12:57:52)
- करण
- वणिज (01:19:41 – 13:03:16)
- वार
- मंगलवार (07:02:06 – 07:02:19)
- मास (अमांत)
- ज्येष्ठ
- मास (पूर्णिमांत)
- आषाढ़
- सूर्योदय
- सूर्यास्त
- चंद्रोदय
- चंद्रास्त
- चंद्र राशि
- मेष
- वार
- बुधवार
- तिथि
- एकादशी (00:34:26 – 23:01:08)
- नक्षत्र
- भरणी (00:18:22 – 23:30:57)
- योग
- सुकर्मा (12:57:52 – 11:01:11)
- करण
- बव (00:34:26 – 11:53:32)
- वार
- बुधवार (07:02:19 – 07:02:31)
- मास (अमांत)
- ज्येष्ठ
- मास (पूर्णिमांत)
- आषाढ़
- सूर्योदय
- सूर्यास्त
- चंद्रोदय
- चंद्रास्त
- चंद्र राशि
- मेष, तक
त्योहार, व्रत और विशेष दिन
योगिनी एकादशीअमान्त ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को योगिनी एकादशी के रूप में मनाया जाता है।