हिंदू कैलेंडर

अक्टूबर 2026 कैलेंडर और पंचांग, तमिलनाडु

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रविसोममंगलबुधगुरुशुक्रशनि
१भाद्रपद कृष्ण ५महालयषष्ठी श्राद्ध०५:५८–१७:५८२भाद्रपद कृष्ण ६गांधी जयंतीमहालयसप्तमी श्राद्ध०५:५८–१७:५८३भाद्रपद कृष्ण ७/८कालाष्टमीमहालयअष्टमी श्राद्धमराठी अभिजात भाषा गौरव दिन०५:५८–१७:५७
४भाद्रपद कृष्ण ९अविधवा नवमीमहालयनवमी श्राद्धसिमचैट तोराह०५:५८–१७:५६५भाद्रपद कृष्ण १०महालयदशमी श्राद्ध०५:५८–१७:५६६भाद्रपद कृष्ण ११इंदिरा एकादशीमहालयएकादशी श्राद्धएकादशी०५:५८–१७:५५७भाद्रपद कृष्ण १२मघा श्राद्धमहालयसंन्यासी महालयद्वादशी श्राद्ध०५:५८–१७:५४८भाद्रपद कृष्ण १३महालयमासिक शिवरात्रिप्रदोषत्रयोदशी श्राद्ध०५:५८–१७:५४९भाद्रपद कृष्ण १४महालयशस्त्रहत पितृ श्राद्धचतुर्दशी श्राद्ध०५:५८–१७:५३१०भाद्रपद अमावस्याअमावस्याशनैश्चरी अमावस्यामहालयसर्वपित्री अमावस्या+३अमावस्या०५:५८–१७:५३
११आश्विन शुक्ल १घटस्थापनामातामह श्राद्धआश्विन मास आरम्भ०५:५८–१७:५२१२आश्विन शुक्ल २०५:५८–१७:५११३आश्विन शुक्ल ३मुस्लिम जमादिल-अव्वल आरंभ०५:५९–१७:५११४आश्विन शुक्ल ४विनायक चतुर्थीपारसी ख़ोरदाद आरंभ०५:५९–१७:५०१५आश्विन शुक्ल ५ललिता पंचमीविश्व श्वेत छड़ी (दृष्टिहीन) दिवस०५:५९–१७:५०१६आश्विन शुक्ल ६सरस्वती आवाहन०५:५९–१७:४९१७आश्विन शुक्ल ७महालक्ष्मी पूजनसरस्वती पूजनआयंबिल ओली (जैन)०५:५९–१७:४८
१८आश्विन शुक्ल ७भानुसप्तमीसरस्वती बलिदानआयंबिल ओली (जैन)०५:५९–१७:४८१९आश्विन शुक्ल ८महाष्टमीदुर्गाष्टमीआयंबिल ओली (जैन)०५:५९–१७:४७२०आश्विन शुक्ल ९महानवमीदशहराआयंबिल ओली (जैन)०५:५९–१७:४७२१आश्विन शुक्ल १०आयंबिल ओली (जैन)०६:००–१७:४६२२आश्विन शुक्ल ११पाशांकुशा एकादशीआयंबिल ओली (जैन)एकादशी०६:००–१७:४६२३आश्विन शुक्ल १२प्रदोषसौर हेमंत ऋतु आरंभआयंबिल ओली (जैन)भारतीय राष्ट्रीय कार्तिक आरंभ०६:००–१७:४५२४आश्विन शुक्ल १३सूर्य का स्वाति नक्षत्र में प्रवेशआयंबिल ओली (जैन)०६:००–१७:४५
२५आश्विन शुक्ल १४कोजागिरी पूर्णिमाआयंबिल ओली (जैन)०६:००–१७:४४२६आश्विन पूर्णिमानवान्न पूर्णिमापूर्णिमामहर्षि वाल्मीकि जयंतीआयंबिल ओली (जैन)+१पूर्णिमा०६:०१–१७:४४२७आश्विन कृष्ण १/२०६:०१–१७:४४२८आश्विन कृष्ण ३०६:०१–१७:४३२९आश्विन कृष्ण ४करक चतुर्थीसंकष्टी चतुर्थीसंकष्टी०६:०१–१७:४३३०आश्विन कृष्ण ५०६:०२–१७:४२३१आश्विन कृष्ण ६सिंहस्थ०६:०२–१७:४२

अक्टूबर 2026 का हर दिन

वार
गुरुवार
तिथि
पंचमी (14:55:41 – 12:35:34)
नक्षत्र
कृत्तिका (07:36:36 – 06:02:33)
योग
सिद्धि (00:20:03 – 21:17:51)
करण
तैतिल (01:45:55 – 12:35:34)
वार
गुरुवार (05:58:12 – 05:58:14)
मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
सूर्योदय
०५:५८
सूर्यास्त
१७:५८
चंद्रोदय
२१:४६
चंद्रास्त
१०:१०
चंद्र राशि
वृषभ
राहु काल
१३:२८–१४:५८

त्योहार, व्रत और विशेष दिन

महालयअमान्त भाद्रपद कृष्ण प्रतिपदा से अमावस्या तक चलने वाला पितृपक्ष का आरंभिक पर्व।
षष्ठी श्राद्धभाद्रपद कृष्ण षष्ठी (अमांत गणना) को अपराह्न में किया जाने वाला श्राद्ध।

वार
शुक्रवार
तिथि
षष्ठी (12:35:34 – 10:15:34)
नक्षत्र
मृगशिरा (04:27:03 – 02:54:51)
योग
व्यतीपात (21:17:51 – 18:17:11)
करण
वणिज (23:25:15 – 10:15:34)
वार
शुक्रवार (05:58:14 – 05:58:16)
मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
सूर्योदय
०५:५८
सूर्यास्त
१७:५८
चंद्रोदय
२२:४८
चंद्रास्त
११:१४
चंद्र राशि
वृषभ, १५:४० तक
राहु काल
१०:२८–११:५८

त्योहार, व्रत और विशेष दिन

गांधी जयंतीराष्ट्रपिता महात्मा गांधी का जन्मदिवस, एक राष्ट्रीय अवकाश।
महालयअमान्त भाद्रपद कृष्ण प्रतिपदा से अमावस्या तक चलने वाला पितृपक्ष का आरंभिक पर्व।
सप्तमी श्राद्धअमांत गणना के अनुसार भाद्रपद कृष्ण सप्तमी को किया जाने वाला पितृ श्राद्ध।

वार
शनिवार
तिथि
सप्तमी (10:15:34 – 07:59:59)
नक्षत्र
आर्द्रा (02:54:51 – 01:29:33)
योग
वरीयान (18:17:11 – 15:21:06)
करण
बव (21:07:00 – 07:59:59)
वार
शनिवार (05:58:16 – 05:58:19)
मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
सूर्योदय
०५:५८
सूर्यास्त
१७:५७
चंद्रोदय
२३:५२
चंद्रास्त
१२:१६
चंद्र राशि
मिथुन
राहु काल
०८:५८–१०:२८

त्योहार, व्रत और विशेष दिन

कालाष्टमीप्रत्येक मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी को कालभैरव की उपासना का यह व्रत रखा जाता है।
महालयअमान्त भाद्रपद कृष्ण प्रतिपदा से अमावस्या तक चलने वाला पितृपक्ष का आरंभिक पर्व।
अष्टमी श्राद्धपितृ पक्ष की अष्टमी तिथि को किया जाने वाला श्राद्ध।
मराठी अभिजात भाषा गौरव दिनमराठी भाषा को अभिजात भाषा का दर्जा मिलने के उपलक्ष्य में मनाया जाने वाला दिन।

वार
रविवार
तिथि
नवमी (05:52:04 – 03:54:07)
नक्षत्र
पुनर्वसु (01:29:33 – 00:13:42)
योग
परिघ (15:21:06 – 12:31:52)
करण
तैतिल (05:52:04 – 16:51:44)
वार
रविवार (05:58:19 – 05:58:22)
मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
सूर्योदय
०५:५८
सूर्यास्त
१७:५६
चंद्रास्त
१३:१४
चंद्र राशि
मिथुन, १८:३१ तक
राहु काल
१६:२७–१७:५६

त्योहार, व्रत और विशेष दिन

अविधवा नवमीअमान्त भाद्रपद कृष्ण नवमी को सुहागिन स्त्रियाँ अपने अखंड सौभाग्य के लिए व्रत रखती हैं।
महालयअमान्त भाद्रपद कृष्ण प्रतिपदा से अमावस्या तक चलने वाला पितृपक्ष का आरंभिक पर्व।
नवमी श्राद्धअमान्त भाद्रपद (पूर्णिमान्त आश्विन) कृष्ण नवमी को अपराह्न में किया जाने वाला पितरों का श्राद्ध।
सिमचैट तोराहयहूदी पर्व जो वार्षिक तोराह पाठ-चक्र के पूर्ण होने और नए सिरे से आरंभ होने का उपलक्ष्य मनाता है।

वार
सोमवार
तिथि
दशमी (03:54:07 – 02:07:52)
नक्षत्र
पुष्य (00:13:42 – 23:09:08)
योग
शिव (12:31:52 – 09:51:05)
करण
वणिज (03:54:07 – 14:59:26)
वार
सोमवार (05:58:22 – 05:58:26)
मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
सूर्योदय
०५:५८
सूर्यास्त
१७:५६
चंद्रोदय
००:५५
चंद्रास्त
१४:०६
चंद्र राशि
कर्क
राहु काल
०७:२८–०८:५७

त्योहार, व्रत और विशेष दिन

महालयअमान्त भाद्रपद कृष्ण प्रतिपदा से अमावस्या तक चलने वाला पितृपक्ष का आरंभिक पर्व।
दशमी श्राद्धअमांत गणना के अनुसार भाद्रपद कृष्ण दशमी को, पितृपक्ष में, अपराह्न में किया जाने वाला पितृ श्राद्ध।

वार
मंगलवार
तिथि
एकादशी (02:07:52 – 00:34:52)
नक्षत्र
आश्लेषा (23:09:08 – 22:17:25)
योग
सिद्ध (09:51:05 – 07:19:59)
करण
बव (02:07:52 – 13:19:37)
वार
मंगलवार (05:58:26 – 05:58:30)
मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
सूर्योदय
०५:५८
सूर्यास्त
१७:५५
चंद्रोदय
०१:५५
चंद्रास्त
१४:५३
चंद्र राशि
कर्क, २२:१७ तक
राहु काल
१४:५६–१६:२५

त्योहार, व्रत और विशेष दिन

इंदिरा एकादशीभाद्रपद कृष्ण एकादशी को पितरों की आत्म-शांति के लिए व्रत किया जाता है।
महालयअमान्त भाद्रपद कृष्ण प्रतिपदा से अमावस्या तक चलने वाला पितृपक्ष का आरंभिक पर्व।
एकादशी श्राद्धअमान्त भाद्रपद कृष्ण एकादशी को अपराह्ण में पितरों का श्राद्ध किया जाता है।

वार
बुधवार
तिथि
द्वादशी (00:34:52 – 23:16:54)
नक्षत्र
मघा (22:17:25 – 21:40:17)
योग
शुभ (04:59:46 – 02:51:48)
करण
कौलव (00:34:52 – 11:53:53)
वार
बुधवार (05:58:30 – 05:58:34)
मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
सूर्योदय
०५:५८
सूर्यास्त
१७:५४
चंद्रोदय
०२:५१
चंद्रास्त
१५:३६
चंद्र राशि
सिंह
राहु काल
११:५६–१३:२६

त्योहार, व्रत और विशेष दिन

मघा श्राद्धभाद्रपद कृष्ण पक्ष में मघा नक्षत्र पर किया जाने वाला पितरों का श्राद्ध।
महालयअमान्त भाद्रपद कृष्ण प्रतिपदा से अमावस्या तक चलने वाला पितृपक्ष का आरंभिक पर्व।
संन्यासी महालयस्मार्त परंपरा में भाद्रपद कृष्ण द्वादशी को दिवंगत संन्यासियों के निमित्त किया जाने वाला महालय श्राद्ध।
द्वादशी श्राद्धअमांत भाद्रपद कृष्ण द्वादशी को अपराह्न में किया जाने वाला श्राद्ध कर्म।

वार
गुरुवार
तिथि
त्रयोदशी (23:16:54 – 22:16:19)
नक्षत्र
पूर्वा फाल्गुनी (21:40:17 – 21:20:02)
योग
शुक्ल (02:51:48 – 00:57:56)
करण
गर (23:16:54 – 10:44:16)
वार
गुरुवार (05:58:34 – 05:58:39)
मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
सूर्योदय
०५:५८
सूर्यास्त
१७:५४
चंद्रोदय
०३:४५
चंद्रास्त
१६:१६
चंद्र राशि
सिंह, ०३:१७ तक
राहु काल
१३:२५–१४:५५

त्योहार, व्रत और विशेष दिन

महालयअमान्त भाद्रपद कृष्ण प्रतिपदा से अमावस्या तक चलने वाला पितृपक्ष का आरंभिक पर्व।
मासिक शिवरात्रिप्रत्येक मास की कृष्ण चतुर्दशी को भगवान शिव की उपासना का व्रत रखा जाता है।
प्रदोषत्रयोदशी तिथि को शिव की उपासना का व्रत।
त्रयोदशी श्राद्धअमान्त गणना के अनुसार भाद्रपद कृष्ण त्रयोदशी को अपराह्न में किया जाने वाला पितरों का श्राद्ध।

वार
शुक्रवार
तिथि
चतुर्दशी (22:16:19 – 21:36:07)
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी (21:20:02 – 21:19:35)
योग
ब्रह्म (00:57:56 – 23:20:26)
करण
विष्टि (22:16:19 – 09:53:27)
वार
शुक्रवार (05:58:39 – 05:58:44)
मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
सूर्योदय
०५:५८
सूर्यास्त
१७:५३
चंद्रोदय
०४:३७
चंद्रास्त
१६:५५
चंद्र राशि
कन्या
राहु काल
१०:२६–११:५६

त्योहार, व्रत और विशेष दिन

महालयअमान्त भाद्रपद कृष्ण प्रतिपदा से अमावस्या तक चलने वाला पितृपक्ष का आरंभिक पर्व।
शस्त्रहत पितृ श्राद्धअमांत गणना के अनुसार भाद्रपद कृष्ण चतुर्दशी को, अपराह्न में, शस्त्र द्वारा मृत्यु को प्राप्त पितरों के लिए किया जाने वाला श्राद्ध।
चतुर्दशी श्राद्धअमांत गणना के अनुसार भाद्रपद कृष्ण चतुर्दशी को किया जाने वाला पितरों का श्राद्ध।

वार
शनिवार
तिथि
अमावस्या (21:36:07 – 21:19:54)
नक्षत्र
हस्त (21:19:35 – 21:42:30)
योग
इन्द्र (23:20:26 – 22:01:54)
करण
चतुष्पद (21:36:07 – 09:24:47)
वार
शनिवार (05:58:44 – 05:58:49)
मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
सूर्योदय
०५:५८
सूर्यास्त
१७:५३
चंद्रोदय
०५:२७
चंद्रास्त
१७:३३
चंद्र राशि
कन्या
राहु काल
०८:५७–१०:२६

त्योहार, व्रत और विशेष दिन

अमावस्याकृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि, जब चंद्रमा दिखाई नहीं देता; इस दिन पितरों के लिए तर्पण और श्राद्ध किया जाता है।
शनैश्चरी अमावस्याप्रत्येक मास की कृष्ण पक्ष की अमावस्या को दर्श अमावस्या के रूप में मनाया जाता है।
महालयअमान्त भाद्रपद कृष्ण प्रतिपदा से अमावस्या तक चलने वाला पितृपक्ष का आरंभिक पर्व।
सर्वपित्री अमावस्याअमान्त भाद्रपद कृष्ण अमावस्या को सभी पितरों का श्राद्ध किया जाता है।
श्रावणी (सामवेदी)सामवेदी ब्राह्मणों का वार्षिक उपाकर्म, जो अमान्त भाद्रपद मास में हस्त नक्षत्र पर पड़ता है।
सूर्य का चित्रा नक्षत्र में प्रवेशसूर्य का चित्रा नक्षत्र में गोचर।
गजच्छाया योगभाद्रपद कृष्ण अमावस्या को सूर्य के हस्त नक्षत्र में होने पर बनने वाला एक शुभ योग।

वार
रविवार
तिथि
प्रतिपदा (21:19:54 – 21:31:21)
नक्षत्र
चित्रा (21:42:30 – 22:32:20)
योग
वैधृति (22:01:55 – 21:04:59)
करण
किंस्तुघ्न (21:19:54 – 09:21:57)
वार
रविवार (05:58:49 – 05:58:55)
मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
सूर्योदय
०५:५८
सूर्यास्त
१७:५२
चंद्रोदय
०६:१८
चंद्रास्त
१८:१३
चंद्र राशि
कन्या, १०:०३ तक
राहु काल
१६:२३–१७:५२

त्योहार, व्रत और विशेष दिन

घटस्थापनादेवी की नौ रातों की शुरुआत।
मातामह श्राद्धआश्विन शुक्ल प्रतिपदा को नाना (माता के पिता) के लिए किया जाने वाला श्राद्ध।
आश्विन मास आरम्भस्मार्त पंचांग में नये चान्द्र मास का प्रथम दिन। इस दिन से शुक्ल पक्ष आरम्भ होता है।

वार
सोमवार
तिथि
द्वितीया (21:31:21 – 22:13:34)
नक्षत्र
स्वाति (22:32:20 – 23:52:00)
योग
विष्कम्भ (21:04:59 – 20:31:47)
करण
बालव (21:31:21 – 09:48:29)
वार
सोमवार (05:58:55 – 05:59:01)
मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
सूर्योदय
०५:५८
सूर्यास्त
१७:५१
चंद्रोदय
०७:०९
चंद्रास्त
१८:५४
चंद्र राशि
तुला
राहु काल
०७:२८–०८:५७

वार
मंगलवार
तिथि
तृतीया (22:13:34 – 23:28:03)
नक्षत्र
विशाखा (23:52:00 – 01:42:42)
योग
प्रीति (20:31:47 – 20:23:14)
करण
तैतिल (22:13:34 – 10:46:46)
वार
मंगलवार (05:59:01 – 05:59:08)
मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
सूर्योदय
०५:५९
सूर्यास्त
१७:५१
चंद्रोदय
०८:०२
चंद्रास्त
१९:३९
चंद्र राशि
तुला, १९:१२ तक
राहु काल
१४:५३–१६:२२

त्योहार, व्रत और विशेष दिन

मुस्लिम जमादिल-अव्वल आरंभइस्लामी कैलेंडर के नए चंद्र मास का पहला दिन, जो नया चाँद देखे जाने पर आरंभ होता है।

वार
बुधवार
तिथि
चतुर्थी (23:28:03 – 01:13:38)
नक्षत्र
अनुराधा (01:42:42 – 04:02:54)
योग
आयुष्मान (20:23:14 – 20:38:31)
करण
वणिज (23:28:03 – 12:17:10)
वार
बुधवार (05:59:08 – 05:59:15)
मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
सूर्योदय
०५:५९
सूर्यास्त
१७:५०
चंद्रोदय
०८:५५
चंद्रास्त
२०:२६
चंद्र राशि
वृश्चिक
राहु काल
११:५४–१३:२३

त्योहार, व्रत और विशेष दिन

विनायक चतुर्थीप्रत्येक मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को भगवान गणेश के विनायक स्वरूप का व्रत और पूजन किया जाता है।
पारसी ख़ोरदाद आरंभशहंशाही पारसी पंचांग के अनुसार नए महीने का पहला दिन।

वार
गुरुवार
तिथि
पंचमी (01:13:38 – 03:25:30)
नक्षत्र
ज्येष्ठा (04:02:54 – 06:47:22)
योग
सौभाग्य (20:38:31 – 21:14:25)
करण
बव (01:13:38 – 14:16:45)
वार
गुरुवार (05:59:15 – 05:59:23)
मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
सूर्योदय
०५:५९
सूर्यास्त
१७:५०
चंद्रोदय
०९:४९
चंद्रास्त
२१:१६
चंद्र राशि
वृश्चिक
राहु काल
१३:२३–१४:५२

त्योहार, व्रत और विशेष दिन

ललिता पंचमीआश्विन शुक्ल पंचमी को मनाया जाने वाला एक क्षेत्रीय हिंदू व्रत है।
विश्व श्वेत छड़ी (दृष्टिहीन) दिवसदृष्टिहीन व्यक्तियों की स्वतंत्रता और सुरक्षा के प्रतीक श्वेत छड़ी के महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए यह दिवस मनाया जाता है।

वार
शुक्रवार
तिथि
षष्ठी (03:25:30 – 05:54:40)
नक्षत्र
ज्येष्ठा (04:02:54 – 06:47:22)
योग
शोभन (21:14:25 – 22:05:04)
करण
कौलव (03:25:30 – 16:38:38)
वार
शुक्रवार (05:59:23 – 05:59:31)
मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
सूर्योदय
०५:५९
सूर्यास्त
१७:४९
चंद्रोदय
१०:४१
चंद्रास्त
२२:०७
चंद्र राशि
वृश्चिक, ०६:४७ तक
राहु काल
१०:२५–११:५४

त्योहार, व्रत और विशेष दिन

सरस्वती आवाहनआश्विन मास में मूल नक्षत्र पर स्मार्त परंपरा में सरस्वती का आवाहन किया जाता है।

वार
शनिवार
तिथि
सप्तमी (05:54:40 – 08:28:29)
नक्षत्र
मूल (06:47:22 – 09:46:51)
योग
अतिगण्ड (22:05:04 – 23:02:08)
करण
गर (05:54:39 – 19:11:54)
वार
शनिवार (05:59:31 – 05:59:39)
मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
सूर्योदय
०५:५९
सूर्यास्त
१७:४८
चंद्रोदय
११:३१
चंद्रास्त
२३:००
चंद्र राशि
धनु
राहु काल
०८:५६–१०:२५

त्योहार, व्रत और विशेष दिन

महालक्ष्मी पूजनआश्विन शुक्ल सप्तमी को महाराष्ट्र में देवी महालक्ष्मी का पूजन किया जाता है।
सरस्वती पूजनस्मार्त परंपरा में आश्विन मास में पूर्वाषाढा नक्षत्र पर देवी सरस्वती का पूजन किया जाता है।
आयंबिल ओली (जैन)जैन परंपरा में आश्विन शुक्ल सप्तमी से पूर्णिमा तक चलने वाले आयंबिल ओली का आरंभ दिवस।

वार
रविवार
तिथि
सप्तमी (05:54:39 – 08:28:29)
नक्षत्र
पूर्वाषाढा (09:46:51 – 12:48:43)
योग
सुकर्मा (23:02:08 – 23:55:29)
करण
वणिज (19:11:54 – 08:28:29)
वार
रविवार (05:59:39 – 05:59:49)
मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
सूर्योदय
०५:५९
सूर्यास्त
१७:४८
चंद्रोदय
१२:१८
चंद्रास्त
२३:५२
चंद्र राशि
धनु, १९:३२ तक
राहु काल
१६:१९–१७:४८

त्योहार, व्रत और विशेष दिन

भानुसप्तमीसूर्य देव को समर्पित, शुक्ल पक्ष की सप्तमी जो रविवार को पड़ती है, इस दिन सूर्य का व्रत और पूजन किया जाता है।
सरस्वती बलिदानआश्विन मास में उत्तराषाढा नक्षत्र के दिन देवी सरस्वती को बलि (नैवेद्य) अर्पण।
आयंबिल ओली (जैन)जैन परंपरा में आश्विन शुक्ल सप्तमी से पूर्णिमा तक चलने वाले आयंबिल ओली का आरंभ दिवस।

वार
सोमवार
तिथि
अष्टमी (08:28:29 – 10:52:06)
नक्षत्र
उत्तराषाढा (12:48:43 – 15:38:26)
योग
धृति (23:55:29 – 00:34:31)
करण
बव (21:42:31 – 10:52:06)
वार
सोमवार (05:59:49 – 05:59:58)
मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
सूर्योदय
०५:५९
सूर्यास्त
१७:४७
चंद्रोदय
१३:०२
चंद्र राशि
मकर
राहु काल
०७:२८–०८:५६

त्योहार, व्रत और विशेष दिन

महाष्टमीआश्विन शुक्ल अष्टमी को मनाई जाने वाली शारदीय नवरात्रि की अष्टमी, देवी दुर्गा की उपासना का प्रमुख दिन।
दुर्गाष्टमीप्रत्येक मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी को देवी दुर्गा की आराधना का यह व्रत रखा जाता है।
आयंबिल ओली (जैन)जैन परंपरा में आश्विन शुक्ल सप्तमी से पूर्णिमा तक चलने वाले आयंबिल ओली का आरंभ दिवस।

वार
मंगलवार
तिथि
नवमी (10:52:06 – 12:50:46)
नक्षत्र
श्रवण (15:38:26 – 18:01:56)
योग
शूल (00:34:31 – 00:49:25)
करण
कौलव (23:55:24 – 12:50:46)
वार
मंगलवार (05:59:58 – 06:00:08)
मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
सूर्योदय
०५:५९
सूर्यास्त
१७:४७
चंद्रोदय
१३:४३
चंद्रास्त
००:४३
चंद्र राशि
मकर
राहु काल
१४:५०–१६:१८

त्योहार, व्रत और विशेष दिन

महानवमीआश्विन शुक्ल नवमी; शारदीय नवरात्र की नवमी तिथि।
दशहराविजयादशमी।
आयंबिल ओली (जैन)जैन परंपरा में आश्विन शुक्ल सप्तमी से पूर्णिमा तक चलने वाले आयंबिल ओली का आरंभ दिवस।

वार
बुधवार
तिथि
दशमी (12:50:46 – 14:12:13)
नक्षत्र
धनिष्ठा (18:01:56 – 19:47:47)
योग
गण्ड (00:49:25 – 00:32:31)
करण
गर (01:36:45 – 14:12:13)
वार
बुधवार (06:00:08 – 06:00:19)
मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
सूर्योदय
०६:००
सूर्यास्त
१७:४६
चंद्रोदय
१४:२२
चंद्रास्त
०१:३३
चंद्र राशि
मकर, ०७:०० तक
राहु काल
११:५३–१३:२१

त्योहार, व्रत और विशेष दिन

आयंबिल ओली (जैन)जैन परंपरा में आश्विन शुक्ल सप्तमी से पूर्णिमा तक चलने वाले आयंबिल ओली का आरंभ दिवस।

वार
गुरुवार
तिथि
एकादशी (14:12:13 – 14:48:26)
नक्षत्र
शतभिषा (19:47:47 – 20:48:51)
योग
वृद्धि (00:32:31 – 23:39:12)
करण
विष्टि (02:36:17 – 14:48:26)
वार
गुरुवार (06:00:19 – 06:00:30)
मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
सूर्योदय
०६:००
सूर्यास्त
१७:४६
चंद्रोदय
१५:००
चंद्रास्त
०२:२२
चंद्र राशि
कुम्भ
राहु काल
१३:२१–१४:४९

त्योहार, व्रत और विशेष दिन

पाशांकुशा एकादशीआश्विन शुक्ल एकादशी को मनाया जाने वाला यह व्रत भगवान विष्णु को समर्पित है।
आयंबिल ओली (जैन)जैन परंपरा में आश्विन शुक्ल सप्तमी से पूर्णिमा तक चलने वाले आयंबिल ओली का आरंभ दिवस।

वार
शुक्रवार
तिथि
द्वादशी (14:48:26 – 14:36:17)
नक्षत्र
पूर्वा भाद्रपदा (20:48:51 – 21:02:50)
योग
ध्रुव (23:39:12 – 22:08:02)
करण
बालव (02:48:24 – 14:36:17)
वार
शुक्रवार (06:00:30 – 06:00:42)
मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
सूर्योदय
०६:००
सूर्यास्त
१७:४५
चंद्रोदय
१५:३८
चंद्रास्त
०३:१२
चंद्र राशि
कुम्भ, १५:०३ तक
राहु काल
१०:२५–११:५३

त्योहार, व्रत और विशेष दिन

प्रदोषत्रयोदशी तिथि को शिव की उपासना का व्रत।
सौर हेमंत ऋतु आरंभसूर्य के वृश्चिक राशि में प्रवेश करने पर हेमंत ऋतु का आरंभ माना जाता है।
आयंबिल ओली (जैन)जैन परंपरा में आश्विन शुक्ल सप्तमी से पूर्णिमा तक चलने वाले आयंबिल ओली का आरंभ दिवस।
भारतीय राष्ट्रीय कार्तिक आरंभभारत के राष्ट्रीय पंचांग के अनुसार एक नए सौर मास का पहला दिन।

वार
शनिवार
तिथि
त्रयोदशी (14:36:17 – 13:37:14)
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपदा (21:02:50 – 20:31:56)
योग
व्याघात (22:08:02 – 20:00:44)
करण
तैतिल (02:12:22 – 13:37:14)
वार
शनिवार (06:00:42 – 06:00:54)
मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
सूर्योदय
०६:००
सूर्यास्त
१७:४५
चंद्रोदय
१६:१७
चंद्रास्त
०४:०२
चंद्र राशि
मीन
राहु काल
०८:५६–१०:२४

त्योहार, व्रत और विशेष दिन

सूर्य का स्वाति नक्षत्र में प्रवेशसूर्य का स्वाति नक्षत्र में गोचर।
आयंबिल ओली (जैन)जैन परंपरा में आश्विन शुक्ल सप्तमी से पूर्णिमा तक चलने वाले आयंबिल ओली का आरंभ दिवस।

वार
रविवार
तिथि
चतुर्दशी (13:37:14 – 11:56:28)
नक्षत्र
रेवती (20:31:56 – 19:21:56)
योग
हर्षण (20:00:44 – 17:21:32)
करण
वणिज (00:51:38 – 11:56:28)
वार
रविवार (06:00:54 – 06:01:07)
मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
सूर्योदय
०६:००
सूर्यास्त
१७:४४
चंद्रोदय
१७:००
चंद्रास्त
०४:५६
चंद्र राशि
मीन, १९:२१ तक
राहु काल
१६:१६–१७:४४

त्योहार, व्रत और विशेष दिन

कोजागिरी पूर्णिमाआश्विन शुक्ल पूर्णिमा की रात कोजागिरी पूर्णिमा मनाई जाती है, जिसमें रात्रि जागरण और देवी लक्ष्मी की पूजा का विशेष महत्व है।
आयंबिल ओली (जैन)जैन परंपरा में आश्विन शुक्ल सप्तमी से पूर्णिमा तक चलने वाले आयंबिल ओली का आरंभ दिवस।

वार
सोमवार
तिथि
पूर्णिमा (11:56:28 – 09:41:40)
नक्षत्र
अश्विनी (19:21:56 – 17:41:07)
योग
वज्र (17:21:32 – 14:16:28)
करण
बव (22:52:46 – 09:41:40)
वार
सोमवार (06:01:07 – 06:01:20)
मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
सूर्योदय
०६:०१
सूर्यास्त
१७:४४
चंद्रोदय
१७:४६
चंद्रास्त
०५:५२
चंद्र राशि
मेष
राहु काल
०७:२९–०८:५६

त्योहार, व्रत और विशेष दिन

नवान्न पूर्णिमाआश्विन शुक्ल पूर्णिमा को नई फसल के अन्न से बना भोजन ग्रहण करने का पर्व।
पूर्णिमाप्रत्येक मास की शुक्ल पक्ष की अंतिम तिथि, जो चंद्रमा के पूर्ण होने का दिन मानी जाती है।
महर्षि वाल्मीकि जयंतीआश्विन शुक्ल पूर्णिमा को आदिकवि एवं रामायण के रचयिता महर्षि वाल्मीकि का जन्मोत्सव मनाया जाता है।
आयंबिल ओली (जैन)जैन परंपरा में आश्विन शुक्ल सप्तमी से पूर्णिमा तक चलने वाले आयंबिल ओली का आरंभ दिवस।
कार्तिक-स्नान आरंभआश्विन शुक्ल पूर्णिमा से कार्तिक मास का प्रतिदिन प्रातः स्नान आरंभ।

वार
मंगलवार
तिथि
प्रतिपदा (09:41:40 – 07:01:59)
नक्षत्र
भरणी (17:41:06 – 15:39:04)
योग
सिद्धि (14:16:28 – 10:52:45)
करण
कौलव (20:24:19 – 07:01:59)
वार
मंगलवार (06:01:20 – 06:01:34)
मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
सूर्योदय
०६:०१
सूर्यास्त
१७:४४
चंद्रोदय
१८:३८
चंद्रास्त
०६:५३
चंद्र राशि
मेष, २१:०६ तक
राहु काल
१४:४८–१६:१६

वार
बुधवार
तिथि
तृतीया (04:07:14 – 01:07:05)
नक्षत्र
कृत्तिका (15:39:04 – 13:25:54)
योग
व्यतीपात (10:52:45 – 07:18:05)
करण
वणिज (04:07:14 – 14:37:15)
वार
बुधवार (06:01:34 – 06:01:49)
मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
सूर्योदय
०६:०१
सूर्यास्त
१७:४३
चंद्रोदय
१९:३६
चंद्रास्त
०७:५७
चंद्र राशि
वृषभ
राहु काल
११:५२–१३:२०

वार
गुरुवार
तिथि
चतुर्थी (01:07:05 – 22:10:30)
नक्षत्र
रोहिणी (13:25:54 – 11:11:23)
योग
परिघ (03:40:04 – 00:05:44)
करण
बव (01:07:05 – 11:37:50)
वार
गुरुवार (06:01:49 – 06:02:04)
मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
सूर्योदय
०६:०१
सूर्यास्त
१७:४३
चंद्रोदय
२०:३९
चंद्रास्त
०९:०४
चंद्र राशि
वृषभ, २२:०६ तक
राहु काल
१३:२०–१४:४७

त्योहार, व्रत और विशेष दिन

करक चतुर्थीअमान्त गणना के अनुसार आश्विन कृष्ण चतुर्थी को रखा जाने वाला यह व्रत मुख्यतः उत्तर भारत में विवाहित स्त्रियाँ अपने पति की दीर्घायु और सुखी जीवन के लिए रखती हैं।
संकष्टी चतुर्थीकृष्ण पक्ष की चतुर्थी को गणेश जी की उपासना का व्रत रखा जाता है।

वार
शुक्रवार
तिथि
पंचमी (22:10:30 – 19:25:17)
नक्षत्र
मृगशिरा (11:11:23 – 09:04:16)
योग
शिव (00:05:44 – 20:41:10)
करण
कौलव (22:10:30 – 08:46:02)
वार
शुक्रवार (06:02:04 – 06:02:20)
मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
सूर्योदय
०६:०२
सूर्यास्त
१७:४२
चंद्रोदय
२१:४४
चंद्रास्त
१०:०८
चंद्र राशि
मिथुन
राहु काल
१०:२४–११:५२

वार
शनिवार
तिथि
षष्ठी (19:25:17 – 16:57:40)
नक्षत्र
आर्द्रा (09:04:16 – 07:11:51)
योग
सिद्ध (20:41:10 – 17:31:07)
करण
गर (19:25:17 – 06:08:57)
वार
शनिवार (06:02:20 – 06:02:37)
मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
सूर्योदय
०६:०२
सूर्यास्त
१७:४२
चंद्रोदय
२२:४९
चंद्रास्त
११:०९
चंद्र राशि
मिथुन, ००:०० तक
राहु काल
०८:५७–१०:२४

त्योहार, व्रत और विशेष दिन

सिंहस्थबृहस्पति का सिंह राशि में गोचर।

राहुकाल और टालने योग्य समय

दिनांकराहु कालयमगंडगुलिक कालभद्रादग्ध तिथिगंड मूलअशुभ योगपंचकरिक्ता तिथिविदल तिथि
११३:२८–१४:५८०५:५८–०७:२८०८:५८–१०:२८
२१०:२८–११:५८१४:५८–१६:२८०७:२८–०८:५८१०:१५–२१:०७२१:१७–१८:१७
३०८:५८–१०:२८१३:२७–१४:५७०५:५८–०७:२८१०:१५–०७:५९
४१६:२७–१७:५६११:५७–१३:२७१४:५७–१६:२७१५:२१–१२:३१०५:५२–०३:५४
५०७:२८–०८:५७१०:२७–११:५७१३:२७–१४:५६१४:५९–०२:०७
६१४:५६–१६:२५०८:५७–१०:२७११:५७–१३:२६२३:०९–२२:१७
७११:५६–१३:२६०७:२८–०८:५७१०:२७–११:५६२२:१७–२१:४०
८१३:२५–१४:५५०५:५८–०७:२८०८:५७–१०:२६२२:१६–०९:५३
९१०:२६–११:५६१४:५४–१६:२४०७:२८–०८:५७२२:१६–०९:५३२२:१६–२१:३६
१००८:५७–१०:२६१३:२५–१४:५४०५:५८–०७:२८
१११६:२३–१७:५२११:५५–१३:२४१४:५४–१६:२३२२:०१–२१:०४
१२०७:२८–०८:५७१०:२६–११:५५१३:२४–१४:५३२१:०४–२०:३१
१३१४:५३–१६:२२०८:५७–१०:२६११:५५–१३:२४
१४११:५४–१३:२३०७:२८–०८:५७१०:२५–११:५४१२:१७–०१:१३२३:२८–०१:१३
१५१३:२३–१४:५२०५:५९–०७:२८०८:५६–१०:२५०४:०२–०६:४७
१६१०:२५–११:५४१४:५१–१६:२००७:२८–०८:५६०४:०२–०६:४७
१७०८:५६–१०:२५१३:२२–१४:५१०५:५९–०७:२८०६:४७–०९:४६२२:०५–२३:०२०५:५४–०८:२८
१८१६:१९–१७:४८११:५४–१३:२२१४:५१–१६:१९०८:२८–२१:४२
१९०७:२८–०८:५६१०:२५–११:५३१३:२२–१४:५०
२०१४:५०–१६:१८०८:५६–१०:२५११:५३–१३:२२००:३४–००:४९००:३२–१९:२११०:५२–१२:५०
२१११:५३–१३:२१०७:२८–०८:५६१०:२५–११:५३०२:३६–१४:४८००:४९–००:३२००:३२–१९:२१
२२१३:२१–१४:४९०६:००–०७:२८०८:५६–१०:२५०२:३६–१४:४८००:३२–१९:२१
२३१०:२५–११:५३१४:४९–१६:१७०७:२८–०८:५६००:३२–१९:२१
२४०८:५६–१०:२४१३:२१–१४:४९०६:००–०७:२८२२:०८–२०:००००:३२–१९:२१
२५१६:१६–१७:४४११:५२–१३:२०१४:४८–१६:१६११:५६–२२:५२२०:३१–१९:२१००:३२–१९:२११३:३७–११:५६
२६०७:२९–०८:५६१०:२४–११:५२१३:२०–१४:४८१९:२१–१७:४११७:२१–१४:१६
२७१४:४८–१६:१६०८:५७–१०:२४११:५२–१३:२०
२८११:५२–१३:२००७:२९–०८:५७१०:२४–११:५२१४:३७–०१:०७०४:०७–०१:०७१०:५२–०७:१८
२९१३:२०–१४:४७०६:०१–०७:२९०८:५७–१०:२४०३:४०–००:०५०१:०७–२२:१०
३०१०:२४–११:५२१४:४७–१६:१५०७:२९–०८:५७
३१०८:५७–१०:२४१३:१९–१४:४७०६:०२–०७:२९१६:५७–०३:५१

शुभ समय

दिनांकअभिजीत मुहूर्तअमृत सिद्धि योगआनंदादि योगब्रह्म मुहूर्तगोधूलि मुहूर्तनिशीथ मुहूर्तप्रातः संध्यारवि योगसायं संध्याविजय मुहूर्त
१११:३४–१२:२२०७:३६–०६:०२०४:२२–०५:१०१७:४६–१८:१०२३:३४–००:२२०५:३६–०५:५८१७:५८–१८:२०१३:५८–१४:४६
२११:३४–१२:२२०४:२७–०२:५४०४:२२–०५:१०१७:४६–१८:१०२३:३४–००:२२०५:३६–०५:५८०४:२७–०२:५४१७:५८–१८:१९१३:५८–१४:४६
३११:३३–१२:२१०२:५४–०१:२९०४:२२–०५:१०१७:४५–१८:०९२३:३३–००:२१०५:३७–०५:५८१७:५७–१८:१८१३:५७–१४:४५
४११:३३–१२:२१०१:२९–००:१३०४:२२–०५:१०१७:४४–१८:०८२३:३३–००:२१०५:३७–०५:५८१७:५६–१८:१८१३:५७–१४:४५
५११:३३–१२:२१००:१३–२३:०९०४:२२–०५:१०१७:४४–१८:०८२३:३३–००:२१०५:३७–०५:५८१७:५६–१८:१७१३:५६–१४:४४
६११:३३–१२:२०२३:०९–२२:१७०४:२२–०५:१०१७:४३–१८:०७२३:३२–००:२१०५:३७–०५:५८१७:५५–१८:१६१३:५६–१४:४४
७११:३२–१२:२०२२:१७–२१:४००४:२२–०५:१०१७:४२–१८:०६२३:३२–००:२००५:३७–०५:५८१७:५४–१८:१६१३:५६–१४:४३
८११:३२–१२:२०२१:४०–२१:२००४:२२–०५:१०१७:४२–१८:०६२३:३२–००:२००५:३७–०५:५८१७:५४–१८:१५१३:५५–१४:४३
९११:३२–१२:१९२१:२०–२१:१९०४:२२–०५:१०१७:४१–१८:०५२३:३२–००:२००५:३७–०५:५८१७:५३–१८:१४१३:५५–१४:४२
१०११:३२–१२:१९२१:१९–२१:४२०४:२२–०५:१०१७:४१–१८:०५२३:३१–००:२००५:३७–०५:५८१७:५३–१८:१४१३:५४–१४:४२
११११:३१–१२:१९२१:४२–२२:३२०४:२२–०५:१०१७:४०–१८:०४२३:३१–००:१९०५:३७–०५:५८१७:५२–१८:१३१३:५४–१४:४२
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१३११:३१–१२:१८२३:५२–०१:४२०४:२२–०५:१०१७:३९–१८:०३२३:३०–००:१९०५:३७–०५:५९१७:५१–१८:१२१३:५३–१४:४१
१४११:३१–१२:१८०१:४२–०४:०२०१:४२–०४:०२०४:२२–०५:१०१७:३८–१८:०२२३:३०–००:१९०५:३७–०५:५९०१:४२–०४:०२१७:५०–१८:१२१३:५३–१४:४०
१५११:३०–१२:१८०४:०२–०६:४७०४:२२–०५:१०१७:३८–१८:०२२३:३०–००:१९०५:३७–०५:५९१७:५०–१८:१११३:५३–१४:४०
१६११:३०–१२:१८०४:०२–०६:४७०४:२२–०५:१०१७:३७–१८:०१२३:३०–००:१८०५:३७–०५:५९१७:४९–१८:१०१३:५२–१४:४०
१७११:३०–१२:१७०६:४७–०९:४६०४:२२–०५:१०१७:३६–१८:००२३:२९–००:१८०५:३८–०५:५९०६:४७–०९:४६१७:४८–१८:१०१३:५२–१४:३९
१८११:३०–१२:१७०९:४६–१२:४८०४:२२–०५:१११७:३६–१८:००२३:२९–००:१८०५:३८–०५:५९१७:४८–१८:०९१३:५२–१४:३९
१९११:३०–१२:१७१२:४८–१५:३८०४:२२–०५:१११७:३५–१७:५९२३:२९–००:१८०५:३८–०५:५९१७:४७–१८:०९१३:५१–१४:३९
२०११:३०–१२:१७१५:३८–१८:०१०४:२२–०५:१११७:३५–१७:५९२३:२९–००:१८०५:३८–०५:५९१५:३८–१८:०११७:४७–१८:०८१३:५१–१४:३८
२१११:२९–१२:१७१८:०१–१९:४७०४:२२–०५:१११७:३४–१७:५८२३:२९–००:१८०५:३८–०६:००१८:०१–१९:४७१७:४६–१८:०८१३:५१–१४:३८
२२११:२९–१२:१६१९:४७–२०:४८०४:२२–०५:१११७:३४–१७:५८२३:२८–००:१७०५:३८–०६:००१७:४६–१८:०७१३:५१–१४:३८
२३११:२९–१२:१६२०:४८–२१:०२०४:२२–०५:१११७:३३–१७:५७२३:२८–००:१७०५:३८–०६:००१७:४५–१८:०७१३:५०–१४:३७
२४११:२९–१२:१६२१:०२–२०:३१०४:२२–०५:१११७:३३–१७:५७२३:२८–००:१७०५:३९–०६:००२१:०२–२०:३११७:४५–१८:०७१३:५०–१४:३७
२५११:२९–१२:१६२०:३१–१९:२१०४:२२–०५:१२१७:३२–१७:५६२३:२८–००:१७०५:३९–०६:००२०:३१–१९:२११७:४४–१८:०६१३:५०–१४:३७
२६११:२९–१२:१६१९:२१–१७:४१०४:२३–०५:१२१७:३२–१७:५६२३:२८–००:१७०५:३९–०६:०११७:४४–१८:०६१३:५०–१४:३६
२७११:२९–१२:१६१७:४१–१५:३९०४:२३–०५:१२१७:३२–१७:५६२३:२८–००:१७०५:३९–०६:०११७:४४–१८:०५१३:४९–१४:३६
२८११:२९–१२:१६१५:३९–१३:२५०४:२३–०५:१२१७:३१–१७:५५२३:२८–००:१७०५:३९–०६:०११७:४३–१८:०५१३:४९–१४:३६
२९११:२९–१२:१५१३:२५–११:११०४:२३–०५:१२१७:३१–१७:५५२३:२८–००:१७०५:४०–०६:०११७:४३–१८:०५१३:४९–१४:३६
३०११:२९–१२:१५११:११–०९:०४०४:२३–०५:१३१७:३०–१७:५४२३:२७–००:१७०५:४०–०६:०२१७:४२–१८:०४१३:४९–१४:३६
३१११:२९–१२:१५०९:०४–०७:११०४:२३–०५:१३१७:३०–१७:५४२३:२७–००:१७०५:४०–०६:०२१७:४२–१८:०४१३:४९–१४:३५

चौघड़िया

दिनांकदिनरात्रि
१शुभ ०५:५८ · रोग ०७:२८ · उद्वेग ०८:५८ · चर १०:२८ · लाभ ११:५८ · अमृत १३:२८ · काल १४:५८ · शुभ १६:२८–१७:५८अमृत १७:५८ · काल १९:२८ · शुभ २०:५८ · रोग २२:२८ · उद्वेग २३:५८ · चर ०१:२८ · लाभ ०२:५८ · अमृत ०४:२८–०५:५८
२चर ०५:५८ · लाभ ०७:२८ · अमृत ०८:५८ · काल १०:२८ · शुभ ११:५८ · रोग १३:२८ · उद्वेग १४:५८ · चर १६:२८–१७:५८रोग १७:५८ · उद्वेग १९:२८ · चर २०:५८ · लाभ २२:२८ · अमृत २३:५८ · काल ०१:२८ · शुभ ०२:५८ · रोग ०४:२८–०५:५८
३काल ०५:५८ · शुभ ०७:२८ · रोग ०८:५८ · उद्वेग १०:२७ · चर ११:५७ · लाभ १३:२७ · अमृत १४:५७ · काल १६:२७–१७:५७लाभ १७:५७ · अमृत १९:२७ · काल २०:५७ · शुभ २२:२७ · रोग २३:५७ · उद्वेग ०१:२८ · चर ०२:५८ · लाभ ०४:२८–०५:५८
४उद्वेग ०५:५८ · चर ०७:२८ · लाभ ०८:५७ · अमृत १०:२७ · काल ११:५७ · शुभ १३:२७ · रोग १४:५७ · उद्वेग १६:२७–१७:५६शुभ १७:५६ · रोग १९:२७ · उद्वेग २०:५७ · चर २२:२७ · लाभ २३:५७ · अमृत ०१:२७ · काल ०२:५७ · शुभ ०४:२८–०५:५८
५अमृत ०५:५८ · काल ०७:२८ · शुभ ०८:५७ · रोग १०:२७ · उद्वेग ११:५७ · चर १३:२७ · लाभ १४:५६ · अमृत १६:२६–१७:५६चर १७:५६ · लाभ १९:२६ · अमृत २०:५६ · काल २२:२७ · शुभ २३:५७ · रोग ०१:२७ · उद्वेग ०२:५७ · चर ०४:२८–०५:५८
६रोग ०५:५८ · उद्वेग ०७:२८ · चर ०८:५७ · लाभ १०:२७ · अमृत ११:५७ · काल १३:२६ · शुभ १४:५६ · रोग १६:२५–१७:५५काल १७:५५ · शुभ १९:२५ · रोग २०:५६ · उद्वेग २२:२६ · चर २३:५७ · लाभ ०१:२७ · अमृत ०२:५७ · काल ०४:२८–०५:५८
७लाभ ०५:५८ · अमृत ०७:२८ · काल ०८:५७ · शुभ १०:२७ · रोग ११:५६ · उद्वेग १३:२६ · चर १४:५५ · लाभ १६:२५–१७:५४उद्वेग १७:५४ · चर १९:२५ · लाभ २०:५५ · अमृत २२:२६ · काल २३:५६ · शुभ ०१:२७ · रोग ०२:५७ · उद्वेग ०४:२८–०५:५८
८शुभ ०५:५८ · रोग ०७:२८ · उद्वेग ०८:५७ · चर १०:२६ · लाभ ११:५६ · अमृत १३:२५ · काल १४:५५ · शुभ १६:२४–१७:५४अमृत १७:५४ · काल १९:२४ · शुभ २०:५५ · रोग २२:२५ · उद्वेग २३:५६ · चर ०१:२७ · लाभ ०२:५७ · अमृत ०४:२८–०५:५८
९चर ०५:५८ · लाभ ०७:२८ · अमृत ०८:५७ · काल १०:२६ · शुभ ११:५६ · रोग १३:२५ · उद्वेग १४:५४ · चर १६:२४–१७:५३रोग १७:५३ · उद्वेग १९:२४ · चर २०:५४ · लाभ २२:२५ · अमृत २३:५६ · काल ०१:२६ · शुभ ०२:५७ · रोग ०४:२८–०५:५८
१०काल ०५:५८ · शुभ ०७:२८ · रोग ०८:५७ · उद्वेग १०:२६ · चर ११:५५ · लाभ १३:२५ · अमृत १४:५४ · काल १६:२३–१७:५३लाभ १७:५३ · अमृत १९:२३ · काल २०:५४ · शुभ २२:२५ · रोग २३:५५ · उद्वेग ०१:२६ · चर ०२:५७ · लाभ ०४:२८–०५:५८
११उद्वेग ०५:५८ · चर ०७:२८ · लाभ ०८:५७ · अमृत १०:२६ · काल ११:५५ · शुभ १३:२४ · रोग १४:५४ · उद्वेग १६:२३–१७:५२शुभ १७:५२ · रोग १९:२३ · उद्वेग २०:५४ · चर २२:२४ · लाभ २३:५५ · अमृत ०१:२६ · काल ०२:५७ · शुभ ०४:२८–०५:५८
१२अमृत ०५:५८ · काल ०७:२८ · शुभ ०८:५७ · रोग १०:२६ · उद्वेग ११:५५ · चर १३:२४ · लाभ १४:५३ · अमृत १६:२२–१७:५१चर १७:५१ · लाभ १९:२२ · अमृत २०:५३ · काल २२:२४ · शुभ २३:५५ · रोग ०१:२६ · उद्वेग ०२:५७ · चर ०४:२८–०५:५९
१३रोग ०५:५९ · उद्वेग ०७:२८ · चर ०८:५७ · लाभ १०:२६ · अमृत ११:५५ · काल १३:२४ · शुभ १४:५३ · रोग १६:२२–१७:५१काल १७:५१ · शुभ १९:२२ · रोग २०:५३ · उद्वेग २२:२४ · चर २३:५५ · लाभ ०१:२६ · अमृत ०२:५७ · काल ०४:२८–०५:५९
१४लाभ ०५:५९ · अमृत ०७:२८ · काल ०८:५७ · शुभ १०:२५ · रोग ११:५४ · उद्वेग १३:२३ · चर १४:५२ · लाभ १६:२१–१७:५०उद्वेग १७:५० · चर १९:२१ · लाभ २०:५२ · अमृत २२:२३ · काल २३:५४ · शुभ ०१:२६ · रोग ०२:५७ · उद्वेग ०४:२८–०५:५९
१५शुभ ०५:५९ · रोग ०७:२८ · उद्वेग ०८:५६ · चर १०:२५ · लाभ ११:५४ · अमृत १३:२३ · काल १४:५२ · शुभ १६:२१–१७:५०अमृत १७:५० · काल १९:२१ · शुभ २०:५२ · रोग २२:२३ · उद्वेग २३:५४ · चर ०१:२५ · लाभ ०२:५७ · अमृत ०४:२८–०५:५९
१६चर ०५:५९ · लाभ ०७:२८ · अमृत ०८:५६ · काल १०:२५ · शुभ ११:५४ · रोग १३:२३ · उद्वेग १४:५१ · चर १६:२०–१७:४९रोग १७:४९ · उद्वेग १९:२० · चर २०:५२ · लाभ २२:२३ · अमृत २३:५४ · काल ०१:२५ · शुभ ०२:५७ · रोग ०४:२८–०५:५९
१७काल ०५:५९ · शुभ ०७:२८ · रोग ०८:५६ · उद्वेग १०:२५ · चर ११:५४ · लाभ १३:२२ · अमृत १४:५१ · काल १६:२०–१७:४८लाभ १७:४८ · अमृत १९:२० · काल २०:५१ · शुभ २२:२२ · रोग २३:५४ · उद्वेग ०१:२५ · चर ०२:५६ · लाभ ०४:२८–०५:५९
१८उद्वेग ०५:५९ · चर ०७:२८ · लाभ ०८:५६ · अमृत १०:२५ · काल ११:५४ · शुभ १३:२२ · रोग १४:५१ · उद्वेग १६:१९–१७:४८शुभ १७:४८ · रोग १९:१९ · उद्वेग २०:५१ · चर २२:२२ · लाभ २३:५४ · अमृत ०१:२५ · काल ०२:५६ · शुभ ०४:२८–०५:५९
१९अमृत ०५:५९ · काल ०७:२८ · शुभ ०८:५६ · रोग १०:२५ · उद्वेग ११:५३ · चर १३:२२ · लाभ १४:५० · अमृत १६:१९–१७:४७चर १७:४७ · लाभ १९:१९ · अमृत २०:५० · काल २२:२२ · शुभ २३:५३ · रोग ०१:२५ · उद्वेग ०२:५६ · चर ०४:२८–०५:५९
२०रोग ०५:५९ · उद्वेग ०७:२८ · चर ०८:५६ · लाभ १०:२५ · अमृत ११:५३ · काल १३:२२ · शुभ १४:५० · रोग १६:१८–१७:४७काल १७:४७ · शुभ १९:१८ · रोग २०:५० · उद्वेग २२:२२ · चर २३:५३ · लाभ ०१:२५ · अमृत ०२:५६ · काल ०४:२८–०६:००
२१लाभ ०६:०० · अमृत ०७:२८ · काल ०८:५६ · शुभ १०:२५ · रोग ११:५३ · उद्वेग १३:२१ · चर १४:५० · लाभ १६:१८–१७:४६उद्वेग १७:४६ · चर १९:१८ · लाभ २०:५० · अमृत २२:२१ · काल २३:५३ · शुभ ०१:२५ · रोग ०२:५६ · उद्वेग ०४:२८–०६:००
२२शुभ ०६:०० · रोग ०७:२८ · उद्वेग ०८:५६ · चर १०:२५ · लाभ ११:५३ · अमृत १३:२१ · काल १४:४९ · शुभ १६:१८–१७:४६अमृत १७:४६ · काल १९:१८ · शुभ २०:४९ · रोग २२:२१ · उद्वेग २३:५३ · चर ०१:२५ · लाभ ०२:५६ · अमृत ०४:२८–०६:००
२३चर ०६:०० · लाभ ०७:२८ · अमृत ०८:५६ · काल १०:२५ · शुभ ११:५३ · रोग १३:२१ · उद्वेग १४:४९ · चर १६:१७–१७:४५रोग १७:४५ · उद्वेग १९:१७ · चर २०:४९ · लाभ २२:२१ · अमृत २३:५३ · काल ०१:२५ · शुभ ०२:५६ · रोग ०४:२८–०६:००
२४काल ०६:०० · शुभ ०७:२८ · रोग ०८:५६ · उद्वेग १०:२४ · चर ११:५३ · लाभ १३:२१ · अमृत १४:४९ · काल १६:१७–१७:४५लाभ १७:४५ · अमृत १९:१७ · काल २०:४९ · शुभ २२:२१ · रोग २३:५३ · उद्वेग ०१:२५ · चर ०२:५७ · लाभ ०४:२८–०६:००
२५उद्वेग ०६:०० · चर ०७:२८ · लाभ ०८:५६ · अमृत १०:२४ · काल ११:५२ · शुभ १३:२० · रोग १४:४८ · उद्वेग १६:१६–१७:४४शुभ १७:४४ · रोग १९:१६ · उद्वेग २०:४९ · चर २२:२१ · लाभ २३:५३ · अमृत ०१:२५ · काल ०२:५७ · शुभ ०४:२९–०६:०१
२६अमृत ०६:०१ · काल ०७:२९ · शुभ ०८:५६ · रोग १०:२४ · उद्वेग ११:५२ · चर १३:२० · लाभ १४:४८ · अमृत १६:१६–१७:४४चर १७:४४ · लाभ १९:१६ · अमृत २०:४८ · काल २२:२० · शुभ २३:५२ · रोग ०१:२५ · उद्वेग ०२:५७ · चर ०४:२९–०६:०१
२७रोग ०६:०१ · उद्वेग ०७:२९ · चर ०८:५७ · लाभ १०:२४ · अमृत ११:५२ · काल १३:२० · शुभ १४:४८ · रोग १६:१६–१७:४४काल १७:४४ · शुभ १९:१६ · रोग २०:४८ · उद्वेग २२:२० · चर २३:५२ · लाभ ०१:२५ · अमृत ०२:५७ · काल ०४:२९–०६:०१
२८लाभ ०६:०१ · अमृत ०७:२९ · काल ०८:५७ · शुभ १०:२४ · रोग ११:५२ · उद्वेग १३:२० · चर १४:४८ · लाभ १६:१५–१७:४३उद्वेग १७:४३ · चर १९:१५ · लाभ २०:४८ · अमृत २२:२० · काल २३:५२ · शुभ ०१:२५ · रोग ०२:५७ · उद्वेग ०४:२९–०६:०१
२९शुभ ०६:०१ · रोग ०७:२९ · उद्वेग ०८:५७ · चर १०:२४ · लाभ ११:५२ · अमृत १३:२० · काल १४:४७ · शुभ १६:१५–१७:४३अमृत १७:४३ · काल १९:१५ · शुभ २०:४७ · रोग २२:२० · उद्वेग २३:५२ · चर ०१:२५ · लाभ ०२:५७ · अमृत ०४:२९–०६:०२
३०चर ०६:०२ · लाभ ०७:२९ · अमृत ०८:५७ · काल १०:२४ · शुभ ११:५२ · रोग १३:२० · उद्वेग १४:४७ · चर १६:१५–१७:४२रोग १७:४२ · उद्वेग १९:१५ · चर २०:४७ · लाभ २२:२० · अमृत २३:५२ · काल ०१:२५ · शुभ ०२:५७ · रोग ०४:२९–०६:०२
३१काल ०६:०२ · शुभ ०७:२९ · रोग ०८:५७ · उद्वेग १०:२४ · चर ११:५२ · लाभ १३:१९ · अमृत १४:४७ · काल १६:१५–१७:४२लाभ १७:४२ · अमृत १९:१५ · काल २०:४७ · शुभ २२:२० · रोग २३:५२ · उद्वेग ०१:२५ · चर ०२:५७ · लाभ ०४:३०–०६:०२

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