पंचांग
बेलगावी का पंचांग, मंगलवार २४ नवंबर 2026
आपने बेलगावी चुना है। इस पेज पर दिए समय और तारीखें कर्नाटक क्षेत्र के लिए हैं, जिनकी गणना बेंगलुरु के लिए की गई है। बेलगावी में समय अलग हो सकता है, और कोई त्योहार किसी दूसरे दिन पड़ सकता है।
त्योहारों की इन तारीखों का मिलान अभी किसी छपे हुए पंचांग से नहीं किया गया है।
पंचांग के पाँच अंग और मास
- तिथि
- पूर्णिमा (23:42:47 – 20:23:25)
- नक्षत्र
- कृत्तिका (02:01:56 – 23:24:54)
- योग
- परिघ (19:58:08 – 16:05:16)
- करण
- विष्टि (23:42:47 – 10:05:29)
- वार
- मंगलवार (06:22:16 – 06:22:46)
- मास (अमांत)
- कार्तिक
- मास (पूर्णिमांत)
- कार्तिक
- पक्ष
- शुक्ल
- ऋतु
- शरद
- अयन
- दक्षिणायन
- संवत्सर
- पराभव
- संवत
- शक संवत 1948, विक्रम संवत 2083
सूर्य और चंद्रमा
- सूर्योदय
- सूर्यास्त
- मध्याह्न
- चंद्रोदय
- चंद्रास्त
- चंद्र कला
- पूर्णिमा
- चंद्रमा का प्रकाशित भाग
- ९९%
- चंद्र राशि
- मेष, तक
- सूर्य राशि
- वृश्चिक
राहुकाल और टालने योग्य समय
- राहु काल
- –
- यमगंड
- –
- गुलिक काल
- –
- भद्रा
- –
- अशुभ योग
- –
शुभ समय
- अभिजीत मुहूर्त
- –
- आनंदादि योग
- –
- ब्रह्म मुहूर्त
- –
- गोधूलि मुहूर्त
- –
- निशीथ मुहूर्त
- –
- प्रातः संध्या
- –
- सायं संध्या
- –
- विजय मुहूर्त
- –
चौघड़िया
दिन
| नाम | से | तक |
|---|---|---|
| रोग | ||
| उद्वेग | ||
| चर | ||
| लाभ | ||
| अमृत | ||
| काल | ||
| शुभ | ||
| रोग |
रात्रि
| नाम | से | तक |
|---|---|---|
| काल | ||
| शुभ | ||
| रोग | ||
| उद्वेग | ||
| चर | ||
| लाभ | ||
| अमृत | ||
| काल |
होरा
| नाम | से | तक |
|---|---|---|
| मंगल | ||
| सूर्य | ||
| शुक्र | ||
| बुध | ||
| चंद्र | ||
| शनि | ||
| गुरु | ||
| मंगल | ||
| सूर्य | ||
| शुक्र | ||
| बुध | ||
| चंद्र | ||
| शनि | ||
| गुरु | ||
| मंगल | ||
| सूर्य | ||
| शुक्र | ||
| बुध | ||
| चंद्र | ||
| शनि | ||
| गुरु | ||
| मंगल | ||
| सूर्य | ||
| शुक्र |
लग्न
| नाम | से | तक |
|---|---|---|
| वृश्चिक | ||
| धनु | ||
| मकर | ||
| कुम्भ | ||
| मीन | ||
| मेष | ||
| वृषभ | ||
| मिथुन | ||
| कर्क | ||
| सिंह | ||
| कन्या | ||
| तुला | ||
| वृश्चिक |
त्योहार और व्रत
गुरु नानक जयंतीमुहूर्त: – सिख धर्म के प्रथम गुरु, गुरु नानक देव जी का प्राकट्य दिवस।
त्रिपुरारी पूर्णिमामुहूर्त: – कार्तिक शुक्ल पूर्णिमा को मनाया जाने वाला पर्व, जो भगवान शिव द्वारा त्रिपुरासुर के तीनों नगरों के दहन की स्मृति में है।
कार्तिकस्वामी दर्शनमुहूर्त: – कार्तिक शुक्ल पूर्णिमा को कृत्तिका नक्षत्र में भगवान कार्तिकेय के दर्शन का पर्व।
तुलसी विवाहमुहूर्त: – कार्तिक शुक्ल द्वादशी से पूर्णिमा तक चलने वाला पर्व, जिसमें तुलसी और शालिग्राम का विवाह किया जाता है।
पूर्णिमामुहूर्त: – प्रत्येक मास की शुक्ल पक्ष की अंतिम तिथि, जो चंद्रमा के पूर्ण होने का दिन मानी जाती है।
गुरु तेग़ बहादुर शहीद दिनसिखों के नौवें गुरु, गुरु तेग़ बहादुर जी के बलिदान की स्मृति का दिन।
कार्तिक स्नान समाप्तमुहूर्त: – कार्तिक मास में प्रतिदिन किए जाने वाले स्नान-दान का समापन कार्तिक शुक्ल पूर्णिमा को होता है।
आज ध्यान देने योग्य
- पूर्णा तिथि
- परिघ योग
- विष्टि करण