पंचांग
चेन्नई का पंचांग, सोमवार २२ मार्च 2027
आपने चेन्नई चुना है। इस पेज पर दिए समय और तारीखें तमिलनाडु क्षेत्र के लिए हैं, जिनकी गणना चेन्नई के लिए की गई है। चेन्नई में समय अलग हो सकता है, और कोई त्योहार किसी दूसरे दिन पड़ सकता है।
त्योहारों की इन तारीखों का मिलान अभी किसी छपे हुए पंचांग से नहीं किया गया है।
पंचांग के पाँच अंग और मास
- तिथि
- पूर्णिमा (18:21:52 – 16:13:39)
- नक्षत्र
- उत्तरा फाल्गुनी (22:06:37 – 20:45:42)
- योग
- गण्ड (16:58:07 – 14:03:26)
- करण
- बव (05:15:20 – 16:13:39)
- वार
- सोमवार (06:12:08 – 06:11:28)
- मास (अमांत)
- फाल्गुन
- मास (पूर्णिमांत)
- फाल्गुन
- पक्ष
- शुक्ल
- ऋतु
- शिशिर
- अयन
- उत्तरायण
- संवत्सर
- पराभव
- संवत
- शक संवत 1948, विक्रम संवत 2083
सूर्य और चंद्रमा
- सूर्योदय
- सूर्यास्त
- मध्याह्न
- चंद्रोदय
- चंद्रास्त
- चंद्र कला
- पूर्णिमा
- चंद्रमा का प्रकाशित भाग
- १००%
- चंद्र राशि
- कन्या
- सूर्य राशि
- मीन
राहुकाल और टालने योग्य समय
- राहु काल
- –
- यमगंड
- –
- गुलिक काल
- –
- अशुभ योग
- –
शुभ समय
- अभिजीत मुहूर्त
- –
- आनंदादि योग
- –
- ब्रह्म मुहूर्त
- –
- गोधूलि मुहूर्त
- –
- निशीथ मुहूर्त
- –
- प्रातः संध्या
- –
- सायं संध्या
- –
- विजय मुहूर्त
- –
चौघड़िया
दिन
| नाम | से | तक |
|---|---|---|
| अमृत | ||
| काल | ||
| शुभ | ||
| रोग | ||
| उद्वेग | ||
| चर | ||
| लाभ | ||
| अमृत |
रात्रि
| नाम | से | तक |
|---|---|---|
| चर | ||
| लाभ | ||
| अमृत | ||
| काल | ||
| शुभ | ||
| रोग | ||
| उद्वेग | ||
| चर |
होरा
| नाम | से | तक |
|---|---|---|
| चंद्र | ||
| शनि | ||
| गुरु | ||
| मंगल | ||
| सूर्य | ||
| शुक्र | ||
| बुध | ||
| चंद्र | ||
| शनि | ||
| गुरु | ||
| मंगल | ||
| सूर्य | ||
| शुक्र | ||
| बुध | ||
| चंद्र | ||
| शनि | ||
| गुरु | ||
| मंगल | ||
| सूर्य | ||
| शुक्र | ||
| बुध | ||
| चंद्र | ||
| शनि | ||
| गुरु |
लग्न
| नाम | से | तक |
|---|---|---|
| मीन | ||
| मेष | ||
| वृषभ | ||
| मिथुन | ||
| कर्क | ||
| सिंह | ||
| कन्या | ||
| तुला | ||
| वृश्चिक | ||
| धनु | ||
| मकर | ||
| कुम्भ | ||
| मीन |
त्योहार और व्रत
धुलेंडीहोलिका दहन के अगले दिन मनाया जाने वाला रंगों का त्योहार।
करीदिनहोली के अगले दिन मनाया जाने वाला एक हिंदू पर्व।
पूर्णिमामुहूर्त: – प्रत्येक मास की शुक्ल पक्ष की अंतिम तिथि, जो चंद्रमा के पूर्ण होने का दिन मानी जाती है।
चैतन्य जयंतीमुहूर्त: – फाल्गुन शुक्ल पूर्णिमा को चैतन्य महाप्रभु का जन्मोत्सव मनाया जाता है।
भारतीय राष्ट्रीय चैत्र आरंभभारत के राष्ट्रीय पंचांग के अनुसार एक नए सौर मास का पहला दिन।
शक १९४८ आरंभ (राष्ट्रीय)भारत का राष्ट्रीय शक संवत् १९४८ का प्रथम दिवस।
आज ध्यान देने योग्य
- पूर्णा तिथि
- गण्ड योग