पंचांग
दिल्ली का पंचांग, सोमवार १९ अप्रैल 2027
आपने दिल्ली चुना है। इस पेज पर दिए समय और तारीखें उत्तर भारत क्षेत्र के लिए हैं, जिनकी गणना दिल्ली के लिए की गई है। दिल्ली में समय अलग हो सकता है, और कोई त्योहार किसी दूसरे दिन पड़ सकता है।
त्योहारों की इन तारीखों का मिलान अभी किसी छपे हुए पंचांग से नहीं किया गया है।
पंचांग के पाँच अंग और मास
- तिथि
- त्रयोदशी (07:42:30 – 06:08:44)
- नक्षत्र
- हस्त (05:14:46 – 04:40:26)
- योग
- व्याघात (21:57:33 – 19:43:52)
- करण
- तैतिल (18:53:51 – 06:08:43)
- वार
- सोमवार (05:52:28 – 05:51:27)
- मास (अमांत)
- चैत्र
- मास (पूर्णिमांत)
- चैत्र
- पक्ष
- शुक्ल
- ऋतु
- वसंत
- अयन
- उत्तरायण
- संवत्सर
- प्लवंग
- संवत
- विक्रम संवत 2083/2084, शक संवत 1948/1949
सूर्य और चंद्रमा
- सूर्योदय
- सूर्यास्त
- मध्याह्न
- चंद्रोदय
- चंद्रास्त
- चंद्र कला
- बढ़ता चंद्र
- चंद्रमा का प्रकाशित भाग
- ९६%
- चंद्र राशि
- कन्या
- सूर्य राशि
- मेष
राहुकाल और टालने योग्य समय
- राहु काल
- –
- यमगंड
- –
- गुलिक काल
- –
- भद्रा
- –
- अशुभ योग
- –
शुभ समय
- अभिजीत मुहूर्त
- –
- आनंदादि योग
- –
- ब्रह्म मुहूर्त
- –
- गोधूलि मुहूर्त
- –
- निशीथ मुहूर्त
- –
- प्रातः संध्या
- –
- रवि योग
- –
- सायं संध्या
- –
- विजय मुहूर्त
- –
चौघड़िया
दिन
| नाम | से | तक |
|---|---|---|
| अमृत | ||
| काल | ||
| शुभ | ||
| रोग | ||
| उद्वेग | ||
| चर | ||
| लाभ | ||
| अमृत |
रात्रि
| नाम | से | तक |
|---|---|---|
| चर | ||
| लाभ | ||
| अमृत | ||
| काल | ||
| शुभ | ||
| रोग | ||
| उद्वेग | ||
| चर |
होरा
| नाम | से | तक |
|---|---|---|
| चंद्र | ||
| शनि | ||
| गुरु | ||
| मंगल | ||
| सूर्य | ||
| शुक्र | ||
| बुध | ||
| चंद्र | ||
| शनि | ||
| गुरु | ||
| मंगल | ||
| सूर्य | ||
| शुक्र | ||
| बुध | ||
| चंद्र | ||
| शनि | ||
| गुरु | ||
| मंगल | ||
| सूर्य | ||
| शुक्र | ||
| बुध | ||
| चंद्र | ||
| शनि | ||
| गुरु |
लग्न
| नाम | से | तक |
|---|---|---|
| मेष | ||
| वृषभ | ||
| मिथुन | ||
| कर्क | ||
| सिंह | ||
| कन्या | ||
| तुला | ||
| वृश्चिक | ||
| धनु | ||
| मकर | ||
| कुम्भ | ||
| मीन | ||
| मेष |
त्योहार और व्रत
महावीर जयंतीमुहूर्त: – जैन धर्म के चौबीसवें तीर्थंकर भगवान महावीर का जन्मोत्सव।
हनुमान जन्मोत्सव उपवासहनुमान जन्मोत्सव के अवसर पर रखा जाने वाला उपवास।
आयंबिल ओली (जैन)मुहूर्त: – जैन धर्म की वर्ष की दो आयंबिल ओलियों में से पहली, जो चैत्र शुक्ल सप्तमी से पूर्णिमा तक चलती है।
अनंग त्रयोदशीमुहूर्त: – चैत्र शुक्ल त्रयोदशी को कामदेव की पूजा का यह व्रत मनाया जाता है।
दमनक चतुर्दशीमुहूर्त: – चैत्र शुक्ल चतुर्दशी को स्मार्त परंपरा में दमनक (दौने) के पत्तों से शिव पूजन का पर्व मनाया जाता है।
आज ध्यान देने योग्य
- व्याघात योग
- विष्टि करण
- वार-नक्षत्र योग