पंचांग
हैदराबाद का पंचांग, रविवार १८ अप्रैल 2027
आपने हैदराबाद चुना है। इस पेज पर दिए समय और तारीखें आंध्र / तेलंगाना क्षेत्र के लिए हैं, जिनकी गणना हैदराबाद के लिए की गई है। हैदराबाद में समय अलग हो सकता है, और कोई त्योहार किसी दूसरे दिन पड़ सकता है।
त्योहारों की इन तारीखों का मिलान अभी किसी छपे हुए पंचांग से नहीं किया गया है।
पंचांग के पाँच अंग और मास
- तिथि
- द्वादशी (09:28:11 – 07:42:30)
- नक्षत्र
- पूर्वा फाल्गुनी (07:07:51 – 06:05:32)
- योग
- ध्रुव (00:23:19 – 21:57:33)
- करण
- बालव (20:34:07 – 07:42:30)
- वार
- रविवार (05:58:27 – 05:57:46)
- मास (अमांत)
- चैत्र
- मास (पूर्णिमांत)
- चैत्र
- पक्ष
- शुक्ल
- ऋतु
- वसंत
- अयन
- उत्तरायण
- संवत्सर
- प्लवंग
- संवत
- शक संवत 1948/1949, विक्रम संवत 2083/2084
सूर्य और चंद्रमा
- सूर्योदय
- सूर्यास्त
- मध्याह्न
- चंद्रोदय
- चंद्रास्त
- चंद्र कला
- बढ़ता चंद्र
- चंद्रमा का प्रकाशित भाग
- ९०%
- चंद्र राशि
- सिंह, तक
- सूर्य राशि
- मेष
राहुकाल और टालने योग्य समय
- राहु काल
- –
- यमगंड
- –
- गुलिक काल
- –
- दग्ध तिथि
- –
शुभ समय
- अभिजीत मुहूर्त
- –
- आनंदादि योग
- –
- ब्रह्म मुहूर्त
- –
- गोधूलि मुहूर्त
- –
- निशीथ मुहूर्त
- –
- प्रातः संध्या
- –
- सायं संध्या
- –
- विजय मुहूर्त
- –
चौघड़िया
दिन
| नाम | से | तक |
|---|---|---|
| उद्वेग | ||
| चर | ||
| लाभ | ||
| अमृत | ||
| काल | ||
| शुभ | ||
| रोग | ||
| उद्वेग |
रात्रि
| नाम | से | तक |
|---|---|---|
| शुभ | ||
| रोग | ||
| उद्वेग | ||
| चर | ||
| लाभ | ||
| अमृत | ||
| काल | ||
| शुभ |
होरा
| नाम | से | तक |
|---|---|---|
| सूर्य | ||
| शुक्र | ||
| बुध | ||
| चंद्र | ||
| शनि | ||
| गुरु | ||
| मंगल | ||
| सूर्य | ||
| शुक्र | ||
| बुध | ||
| चंद्र | ||
| शनि | ||
| गुरु | ||
| मंगल | ||
| सूर्य | ||
| शुक्र | ||
| बुध | ||
| चंद्र | ||
| शनि | ||
| गुरु | ||
| मंगल | ||
| सूर्य | ||
| शुक्र | ||
| बुध |
लग्न
| नाम | से | तक |
|---|---|---|
| मेष | ||
| वृषभ | ||
| मिथुन | ||
| कर्क | ||
| सिंह | ||
| कन्या | ||
| तुला | ||
| वृश्चिक | ||
| धनु | ||
| मकर | ||
| कुम्भ | ||
| मीन | ||
| मेष |
त्योहार और व्रत
प्रदोषमुहूर्त: – त्रयोदशी तिथि को शिव की उपासना का व्रत।
आयंबिल ओली (जैन)मुहूर्त: – जैन धर्म की वर्ष की दो आयंबिल ओलियों में से पहली, जो चैत्र शुक्ल सप्तमी से पूर्णिमा तक चलती है।