पंचांग

कर्नाटक का पंचांग, गुरुवार १५ अप्रैल 2027

इस पेज पर दिए समय और तारीखें कर्नाटक क्षेत्र के लिए हैं, जिनकी गणना बेंगलुरु के लिए की गई है।

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त्योहारों की इन तारीखों का मिलान अभी किसी छपे हुए पंचांग से नहीं किया गया है।

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पंचांग के पाँच अंग और मास

तिथि
नवमी (15:24:08 – 13:21:15)
नक्षत्र
पुष्य (10:52:01 – 09:33:18)
योग
धृति (11:09:37 – 08:22:26)
करण
कौलव (02:22:20 – 13:21:15)
वार
गुरुवार (06:07:24 – 06:06:49)
मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
पक्ष
शुक्ल
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण
संवत्सर
प्लवंग
संवत
शक संवत 1948/1949, विक्रम संवत 2083/2084

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
सूर्यास्त
मध्याह्न
चंद्रोदय
चंद्रास्त
चंद्र कला
बढ़ता अर्धचंद्र
चंद्रमा का प्रकाशित भाग
६२%
चंद्र राशि
कर्क
सूर्य राशि
मेष

राहुकाल और टालने योग्य समय

राहु काल
–
यमगंड
–
गुलिक काल
–
रिक्ता तिथि
–

शुभ समय

अभिजीत मुहूर्त
–
अमृत सिद्धि योग
–
आनंदादि योग
–
ब्रह्म मुहूर्त
–
गोधूलि मुहूर्त
–
गुरु पुष्य योग
–
निशीथ मुहूर्त
–
प्रातः संध्या
–
सायं संध्या
–
विजय मुहूर्त
–

चौघड़िया

दिन

नामसेतक
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ

रात्रि

नामसेतक
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत

होरा

नामसेतक
गुरु
मंगल
सूर्य
शुक्र
बुध
चंद्र
शनि
गुरु
मंगल
सूर्य
शुक्र
बुध
चंद्र
शनि
गुरु
मंगल
सूर्य
शुक्र
बुध
चंद्र
शनि
गुरु
मंगल
सूर्य

लग्न

नामसेतक
मीन
मेष
वृषभ
मिथुन
कर्क
सिंह
कन्या
तुला
वृश्चिक
धनु
मकर
कुम्भ
मीन

त्योहार और व्रत

राम नवमीमुहूर्त: – श्रीराम का जन्मदिन।
चैत्र नवरात्रमुहूर्त: – चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से नौ तिथियों तक चलने वाला शक्ति उपासना का पर्व, जिसमें देवी के नौ रूपों की आराधना की जाती है।
आयंबिल ओली (जैन)मुहूर्त: – जैन धर्म की वर्ष की दो आयंबिल ओलियों में से पहली, जो चैत्र शुक्ल सप्तमी से पूर्णिमा तक चलती है।
गुरु पुष्यामृत योगमुहूर्त: – गुरुवार और पुष्य नक्षत्र के संयोग से बनने वाला एक शुभ मुहूर्त, जिसे स्मार्त परंपरा में किसी भी कार्य की शुरुआत के लिए उत्तम माना जाता है।

आज ध्यान देने योग्य

  • रिक्ता तिथि
  • वार-नक्षत्र योग

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