पंचांग
लातूर का पंचांग, सोमवार २३ नवंबर 2026
आपने लातूर चुना है। इस पेज पर दिए समय और तारीखें महाराष्ट्र क्षेत्र के लिए हैं, जिनकी गणना मुंबई के लिए की गई है। लातूर में समय अलग हो सकता है, और कोई त्योहार किसी दूसरे दिन पड़ सकता है।
त्योहारों की इन तारीखों का मिलान अभी किसी छपे हुए पंचांग से नहीं किया गया है।
पंचांग के पाँच अंग और मास
- तिथि
- चतुर्दशी (02:37:28 – 23:42:47)
- नक्षत्र
- भरणी (04:15:30 – 02:01:56)
- योग
- वरीयान (23:29:09 – 19:58:08)
- करण
- गर (02:37:28 – 13:13:54)
- वार
- सोमवार (06:50:22 – 06:50:58)
- मास (अमांत)
- कार्तिक
- मास (पूर्णिमांत)
- कार्तिक
- पक्ष
- शुक्ल
- ऋतु
- शरद
- अयन
- दक्षिणायन
- संवत्सर
- पराभव
- संवत
- शक संवत 1948, विक्रम संवत 2083
सूर्य और चंद्रमा
- सूर्योदय
- सूर्यास्त
- मध्याह्न
- चंद्रोदय
- चंद्रास्त
- चंद्र कला
- पूर्णिमा
- चंद्रमा का प्रकाशित भाग
- ९६%
- चंद्र राशि
- मेष
- सूर्य राशि
- वृश्चिक
राहुकाल और टालने योग्य समय
- राहु काल
- –
- यमगंड
- –
- गुलिक काल
- –
- भद्रा
- –
- रिक्ता तिथि
- –
शुभ समय
- अभिजीत मुहूर्त
- –
- आनंदादि योग
- –
- ब्रह्म मुहूर्त
- –
- गोधूलि मुहूर्त
- –
- निशीथ मुहूर्त
- –
- प्रातः संध्या
- –
- रवि योग
- –
- सायं संध्या
- –
- विजय मुहूर्त
- –
चौघड़िया
दिन
| नाम | से | तक |
|---|---|---|
| अमृत | ||
| काल | ||
| शुभ | ||
| रोग | ||
| उद्वेग | ||
| चर | ||
| लाभ | ||
| अमृत |
रात्रि
| नाम | से | तक |
|---|---|---|
| चर | ||
| लाभ | ||
| अमृत | ||
| काल | ||
| शुभ | ||
| रोग | ||
| उद्वेग | ||
| चर |
होरा
| नाम | से | तक |
|---|---|---|
| चंद्र | ||
| शनि | ||
| गुरु | ||
| मंगल | ||
| सूर्य | ||
| शुक्र | ||
| बुध | ||
| चंद्र | ||
| शनि | ||
| गुरु | ||
| मंगल | ||
| सूर्य | ||
| शुक्र | ||
| बुध | ||
| चंद्र | ||
| शनि | ||
| गुरु | ||
| मंगल | ||
| सूर्य | ||
| शुक्र | ||
| बुध | ||
| चंद्र | ||
| शनि | ||
| गुरु |
लग्न
| नाम | से | तक |
|---|---|---|
| वृश्चिक | ||
| धनु | ||
| मकर | ||
| कुम्भ | ||
| मीन | ||
| मेष | ||
| वृषभ | ||
| मिथुन | ||
| कर्क | ||
| सिंह | ||
| कन्या | ||
| तुला | ||
| वृश्चिक |
त्योहार और व्रत
तुलसी विवाहमुहूर्त: – कार्तिक शुक्ल द्वादशी से पूर्णिमा तक चलने वाला पर्व, जिसमें तुलसी और शालिग्राम का विवाह किया जाता है।
वैकुंठ चतुर्दशीमुहूर्त: – कार्तिक शुक्ल चतुर्दशी को मनाया जाने वाला एक व्रत, जो भगवान विष्णु और शिव के मिलन का प्रतीक माना जाता है।
आज ध्यान देने योग्य
- रिक्ता तिथि
- विष्टि करण
- वार-नक्षत्र योग