पंचांग
लंदन का पंचांग, बुधवार १० फ़रवरी 2027
इस पेज पर दिए समय और तारीखें लंदन के लिए हैं।
त्योहारों की इन तारीखों का मिलान अभी किसी छपे हुए पंचांग से नहीं किया गया है।
पंचांग के पाँच अंग और मास
- तिथि
- चतुर्थी (20:50:10 – 21:34:54)
- नक्षत्र
- उत्तरा भाद्रपदा (22:10:01 – 23:25:53)
- योग
- सिद्ध (16:12:28 – 15:42:44)
- करण
- वणिज (20:50:10 – 09:16:16)
- वार
- बुधवार (07:24:11 – 07:22:22)
- मास (अमांत)
- माघ
- मास (पूर्णिमांत)
- माघ
- पक्ष
- शुक्ल
- ऋतु
- शिशिर
- अयन
- उत्तरायण
- संवत्सर
- पराभव
- संवत
- शक संवत 1948, विक्रम संवत 2083
सूर्य और चंद्रमा
- सूर्योदय
- सूर्यास्त
- मध्याह्न
- चंद्रोदय
- चंद्रास्त
- चंद्र कला
- बढ़ती चंद्रकला
- चंद्रमा का प्रकाशित भाग
- १२%
- चंद्र राशि
- मीन
- सूर्य राशि
- मकर
राहुकाल और टालने योग्य समय
- राहु काल
- –
- यमगंड
- –
- गुलिक काल
- –
- भद्रा
- –
- पंचक
- –
- रिक्ता तिथि
- –
शुभ समय
- अभिजीत मुहूर्त
- –
- आनंदादि योग
- –
- ब्रह्म मुहूर्त
- –
- गोधूलि मुहूर्त
- –
- निशीथ मुहूर्त
- –
- प्रातः संध्या
- –
- रवि योग
- –
- सायं संध्या
- –
- विजय मुहूर्त
- –
चौघड़िया
दिन
| नाम | से | तक |
|---|---|---|
| लाभ | ||
| अमृत | ||
| काल | ||
| शुभ | ||
| रोग | ||
| उद्वेग | ||
| चर | ||
| लाभ |
रात्रि
| नाम | से | तक |
|---|---|---|
| उद्वेग | ||
| चर | ||
| लाभ | ||
| अमृत | ||
| काल | ||
| शुभ | ||
| रोग | ||
| उद्वेग |
होरा
| नाम | से | तक |
|---|---|---|
| बुध | ||
| चंद्र | ||
| शनि | ||
| गुरु | ||
| मंगल | ||
| सूर्य | ||
| शुक्र | ||
| बुध | ||
| चंद्र | ||
| शनि | ||
| गुरु | ||
| मंगल | ||
| सूर्य | ||
| शुक्र | ||
| बुध | ||
| चंद्र | ||
| शनि | ||
| गुरु | ||
| मंगल | ||
| सूर्य | ||
| शुक्र | ||
| बुध | ||
| चंद्र | ||
| शनि |
लग्न
| नाम | से | तक |
|---|---|---|
| मकर | ||
| कुम्भ | ||
| मीन | ||
| मेष | ||
| वृषभ | ||
| मिथुन | ||
| कर्क | ||
| सिंह | ||
| कन्या | ||
| तुला | ||
| वृश्चिक | ||
| धनु | ||
| मकर |
त्योहार और व्रत
श्री गणेश जयंतीमुहूर्त: – माघ शुक्ल चतुर्थी को भगवान गणेश का जन्मोत्सव मनाया जाता है।
तिलकुंद चतुर्थीमुहूर्त: – माघ शुक्ल चतुर्थी को, विशेषकर महाराष्ट्र में, मनाया जाने वाला गणेश-व्रत, जिसमें पूजा में तिल और कुंद के फूलों का उपयोग किया जाता है।
विनायक चतुर्थीमुहूर्त: – प्रत्येक मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को भगवान गणेश के विनायक स्वरूप का व्रत और पूजन किया जाता है।
आज ध्यान देने योग्य
- रिक्ता तिथि
- विष्टि करण
- पंचक
- वार-नक्षत्र योग