पंचांग
लखनऊ का पंचांग, गुरुवार १४ जनवरी 2027
आपने लखनऊ चुना है। इस पेज पर दिए समय और तारीखें उत्तर भारत क्षेत्र के लिए हैं, जिनकी गणना दिल्ली के लिए की गई है। लखनऊ में समय अलग हो सकता है, और कोई त्योहार किसी दूसरे दिन पड़ सकता है।
त्योहारों की इन तारीखों का मिलान अभी किसी छपे हुए पंचांग से नहीं किया गया है।
पंचांग के पाँच अंग और मास
- तिथि
- षष्ठी (13:02:11 – 13:58:57)
- नक्षत्र
- उत्तरा भाद्रपदा (22:04:23 – 23:18:34)
- योग
- परिघ (17:53:22 – 17:21:43)
- करण
- तैतिल (01:35:28 – 13:58:57)
- वार
- गुरुवार (07:15:42 – 07:15:37)
- मास (अमांत)
- पौष
- मास (पूर्णिमांत)
- पौष
- पक्ष
- शुक्ल
- ऋतु
- हेमंत
- अयन
- दक्षिणायन
- संवत्सर
- पराभव
- संवत
- विक्रम संवत 2084/2083, शक संवत 1949/1948
सूर्य और चंद्रमा
- सूर्योदय
- सूर्यास्त
- मध्याह्न
- चंद्रोदय
- चंद्रास्त
- चंद्र कला
- बढ़ता अर्धचंद्र
- चंद्रमा का प्रकाशित भाग
- ३२%
- चंद्र राशि
- मीन
- सूर्य राशि
- धनु
राहुकाल और टालने योग्य समय
- राहु काल
- –
- यमगंड
- –
- गुलिक काल
- –
- दग्ध तिथि
- –
- अशुभ योग
- –
- पंचक
- –
शुभ समय
- अभिजीत मुहूर्त
- –
- आनंदादि योग
- –
- ब्रह्म मुहूर्त
- –
- गोधूलि मुहूर्त
- –
- निशीथ मुहूर्त
- –
- प्रातः संध्या
- –
- रवि योग
- –
- सायं संध्या
- –
- विजय मुहूर्त
- –
चौघड़िया
दिन
| नाम | से | तक |
|---|---|---|
| शुभ | ||
| रोग | ||
| उद्वेग | ||
| चर | ||
| लाभ | ||
| अमृत | ||
| काल | ||
| शुभ |
रात्रि
| नाम | से | तक |
|---|---|---|
| अमृत | ||
| काल | ||
| शुभ | ||
| रोग | ||
| उद्वेग | ||
| चर | ||
| लाभ | ||
| अमृत |
होरा
| नाम | से | तक |
|---|---|---|
| गुरु | ||
| मंगल | ||
| सूर्य | ||
| शुक्र | ||
| बुध | ||
| चंद्र | ||
| शनि | ||
| गुरु | ||
| मंगल | ||
| सूर्य | ||
| शुक्र | ||
| बुध | ||
| चंद्र | ||
| शनि | ||
| गुरु | ||
| मंगल | ||
| सूर्य | ||
| शुक्र | ||
| बुध | ||
| चंद्र | ||
| शनि | ||
| गुरु | ||
| मंगल | ||
| सूर्य |
लग्न
| नाम | से | तक |
|---|---|---|
| धनु | ||
| मकर | ||
| कुम्भ | ||
| मीन | ||
| मेष | ||
| वृषभ | ||
| मिथुन | ||
| कर्क | ||
| सिंह | ||
| कन्या | ||
| तुला | ||
| वृश्चिक | ||
| धनु |
त्योहार और व्रत
भोगीमकर संक्रांति से एक दिन पहले मनाया जाने वाला पर्व, जिसमें पुरानी वस्तुओं का त्याग किया जाता है।
धनुर्मास समाप्तमुहूर्त: – सूर्य के धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करने पर धनुर्मास का समापन होता है।
आज ध्यान देने योग्य
- परिघ योग
- पंचक
- वार-नक्षत्र योग