पंचांग
मेलबर्न का पंचांग, मंगलवार २२ दिसंबर 2026
इस पेज पर दिए समय और तारीखें मेलबर्न के लिए हैं।
त्योहारों की इन तारीखों का मिलान अभी किसी छपे हुए पंचांग से नहीं किया गया है।
पंचांग के पाँच अंग और मास
- तिथि
- त्रयोदशी (23:06:43 – 19:54:04)
- नक्षत्र
- कृत्तिका (18:38:37 – 16:15:25)
- योग
- सिद्ध (10:36:49 – 07:01:44)
- करण
- कौलव (23:06:43 – 09:34:04)
- वार
- मंगलवार (05:54:49 – 05:55:19)
- मास (अमांत)
- मार्गशीर्ष
- मास (पूर्णिमांत)
- मार्गशीर्ष
- पक्ष
- शुक्ल
- ऋतु
- हेमंत
- अयन
- दक्षिणायन
- संवत्सर
- पराभव
- संवत
- शक संवत 1948, विक्रम संवत 2083
सूर्य और चंद्रमा
- सूर्योदय
- सूर्यास्त
- मध्याह्न
- चंद्रोदय
- चंद्रास्त
- चंद्र कला
- बढ़ता चंद्र
- चंद्रमा का प्रकाशित भाग
- ९२%
- चंद्र राशि
- वृषभ
- सूर्य राशि
- धनु
राहुकाल और टालने योग्य समय
- राहु काल
- –
- यमगंड
- –
- गुलिक काल
- –
शुभ समय
- अभिजीत मुहूर्त
- –
- आनंदादि योग
- –
- ब्रह्म मुहूर्त
- –
- गोधूलि मुहूर्त
- –
- निशीथ मुहूर्त
- –
- प्रातः संध्या
- –
- सायं संध्या
- –
- विजय मुहूर्त
- –
चौघड़िया
दिन
| नाम | से | तक |
|---|---|---|
| रोग | ||
| उद्वेग | ||
| चर | ||
| लाभ | ||
| अमृत | ||
| काल | ||
| शुभ | ||
| रोग |
रात्रि
| नाम | से | तक |
|---|---|---|
| काल | ||
| शुभ | ||
| रोग | ||
| उद्वेग | ||
| चर | ||
| लाभ | ||
| अमृत | ||
| काल |
होरा
| नाम | से | तक |
|---|---|---|
| मंगल | ||
| सूर्य | ||
| शुक्र | ||
| बुध | ||
| चंद्र | ||
| शनि | ||
| गुरु | ||
| मंगल | ||
| सूर्य | ||
| शुक्र | ||
| बुध | ||
| चंद्र | ||
| शनि | ||
| गुरु | ||
| मंगल | ||
| सूर्य | ||
| शुक्र | ||
| बुध | ||
| चंद्र | ||
| शनि | ||
| गुरु | ||
| मंगल | ||
| सूर्य | ||
| शुक्र |
लग्न
| नाम | से | तक |
|---|---|---|
| धनु | ||
| मकर | ||
| कुम्भ | ||
| मीन | ||
| मेष | ||
| वृषभ | ||
| मिथुन | ||
| कर्क | ||
| सिंह | ||
| कन्या | ||
| तुला | ||
| वृश्चिक | ||
| धनु |
त्योहार और व्रत
भौम प्रदोषमुहूर्त: – त्रयोदशी तिथि को शिव की उपासना का व्रत।
सौर शिशिर ऋतु आरंभमुहूर्त: – सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करने पर शिशिर ऋतु का प्रारंभ माना जाता है।
भारतीय राष्ट्रीय पौष आरंभभारत के राष्ट्रीय पंचांग के अनुसार एक नए सौर मास का पहला दिन।
उत्तरायण आरंभमुहूर्त: – सूर्य का मकर राशि में प्रवेश; इस दिन से सूर्य की उत्तर दिशा की ओर गति आरंभ होती है।