पंचांग
मुंबई का पंचांग, गुरुवार ७ जनवरी 2027
आपने मुंबई चुना है। इस पेज पर दिए समय और तारीखें महाराष्ट्र क्षेत्र के लिए हैं, जिनकी गणना मुंबई के लिए की गई है। मुंबई में समय अलग हो सकता है, और कोई त्योहार किसी दूसरे दिन पड़ सकता है।
त्योहारों की इन तारीखों का मिलान अभी किसी छपे हुए पंचांग से नहीं किया गया है।
पंचांग के पाँच अंग और मास
- तिथि
- अमावस्या (23:14:29 – 01:54:15)
- नक्षत्र
- पूर्वाषाढा (06:07:57 – 09:12:38)
- योग
- ध्रुव (13:31:23 – 14:25:31)
- करण
- चतुष्पद (23:14:29 – 12:34:02)
- वार
- गुरुवार (07:13:25 – 07:13:38)
- मास (अमांत)
- मार्गशीर्ष
- मास (पूर्णिमांत)
- पौष
- पक्ष
- कृष्ण
- ऋतु
- हेमंत
- अयन
- दक्षिणायन
- संवत्सर
- प्लवंग
- संवत
- शक संवत 1949/1948, विक्रम संवत 2084/2083
सूर्य और चंद्रमा
- सूर्योदय
- सूर्यास्त
- मध्याह्न
- चंद्रोदय
- चंद्रास्त
- चंद्र कला
- अमावस्या
- चंद्रमा का प्रकाशित भाग
- १%
- चंद्र राशि
- धनु
- सूर्य राशि
- धनु
राहुकाल और टालने योग्य समय
- राहु काल
- –
- यमगंड
- –
- गुलिक काल
- –
शुभ समय
- अभिजीत मुहूर्त
- –
- आनंदादि योग
- –
- ब्रह्म मुहूर्त
- –
- गोधूलि मुहूर्त
- –
- निशीथ मुहूर्त
- –
- प्रातः संध्या
- –
- सायं संध्या
- –
- विजय मुहूर्त
- –
चौघड़िया
दिन
| नाम | से | तक |
|---|---|---|
| शुभ | ||
| रोग | ||
| उद्वेग | ||
| चर | ||
| लाभ | ||
| अमृत | ||
| काल | ||
| शुभ |
रात्रि
| नाम | से | तक |
|---|---|---|
| अमृत | ||
| काल | ||
| शुभ | ||
| रोग | ||
| उद्वेग | ||
| चर | ||
| लाभ | ||
| अमृत |
होरा
| नाम | से | तक |
|---|---|---|
| गुरु | ||
| मंगल | ||
| सूर्य | ||
| शुक्र | ||
| बुध | ||
| चंद्र | ||
| शनि | ||
| गुरु | ||
| मंगल | ||
| सूर्य | ||
| शुक्र | ||
| बुध | ||
| चंद्र | ||
| शनि | ||
| गुरु | ||
| मंगल | ||
| सूर्य | ||
| शुक्र | ||
| बुध | ||
| चंद्र | ||
| शनि | ||
| गुरु | ||
| मंगल | ||
| सूर्य |
लग्न
| नाम | से | तक |
|---|---|---|
| धनु | ||
| मकर | ||
| कुम्भ | ||
| मीन | ||
| मेष | ||
| वृषभ | ||
| मिथुन | ||
| कर्क | ||
| सिंह | ||
| कन्या | ||
| तुला | ||
| वृश्चिक | ||
| धनु |
त्योहार और व्रत
अमावस्यामुहूर्त: – कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि, जब चंद्रमा दिखाई नहीं देता; इस दिन पितरों के लिए तर्पण और श्राद्ध किया जाता है।
दर्श अमावस्यामुहूर्त: – प्रत्येक मास की कृष्ण पक्ष की अमावस्या को दर्श अमावस्या के रूप में मनाया जाता है।
आज ध्यान देने योग्य
- पूर्णा तिथि