पंचांग
नांदेड़ का पंचांग, शुक्रवार २० नवंबर 2026
आपने नांदेड़ चुना है। इस पेज पर दिए समय और तारीखें महाराष्ट्र क्षेत्र के लिए हैं, जिनकी गणना मुंबई के लिए की गई है। नांदेड़ में समय अलग हो सकता है, और कोई त्योहार किसी दूसरे दिन पड़ सकता है।
त्योहारों की इन तारीखों का मिलान अभी किसी छपे हुए पंचांग से नहीं किया गया है।
पंचांग के पाँच अंग और मास
- तिथि
- दशमी (07:06:34 – 07:16:01)
- नक्षत्र
- पूर्वा भाद्रपदा (06:10:14 – 06:56:25)
- योग
- वज्र (06:39:36 – 04:55:14)
- करण
- गर (19:17:59 – 07:16:01)
- वार
- शुक्रवार (06:48:36 – 06:49:11)
- मास (अमांत)
- कार्तिक
- मास (पूर्णिमांत)
- कार्तिक
- पक्ष
- शुक्ल
- ऋतु
- शरद
- अयन
- दक्षिणायन
- संवत्सर
- पराभव
- संवत
- शक संवत 1948, विक्रम संवत 2083
सूर्य और चंद्रमा
- सूर्योदय
- सूर्यास्त
- मध्याह्न
- चंद्रोदय
- चंद्रास्त
- चंद्र कला
- बढ़ता चंद्र
- चंद्रमा का प्रकाशित भाग
- ७५%
- चंद्र राशि
- मीन
- सूर्य राशि
- वृश्चिक
राहुकाल और टालने योग्य समय
- राहु काल
- –
- यमगंड
- –
- गुलिक काल
- –
- भद्रा
- –
- अशुभ योग
- –
- पंचक
- –
शुभ समय
- अभिजीत मुहूर्त
- –
- आनंदादि योग
- –
- ब्रह्म मुहूर्त
- –
- गोधूलि मुहूर्त
- –
- निशीथ मुहूर्त
- –
- प्रातः संध्या
- –
- रवि योग
- –
- सायं संध्या
- –
- विजय मुहूर्त
- –
चौघड़िया
दिन
| नाम | से | तक |
|---|---|---|
| चर | ||
| लाभ | ||
| अमृत | ||
| काल | ||
| शुभ | ||
| रोग | ||
| उद्वेग | ||
| चर |
रात्रि
| नाम | से | तक |
|---|---|---|
| रोग | ||
| उद्वेग | ||
| चर | ||
| लाभ | ||
| अमृत | ||
| काल | ||
| शुभ | ||
| रोग |
होरा
| नाम | से | तक |
|---|---|---|
| शुक्र | ||
| बुध | ||
| चंद्र | ||
| शनि | ||
| गुरु | ||
| मंगल | ||
| सूर्य | ||
| शुक्र | ||
| बुध | ||
| चंद्र | ||
| शनि | ||
| गुरु | ||
| मंगल | ||
| सूर्य | ||
| शुक्र | ||
| बुध | ||
| चंद्र | ||
| शनि | ||
| गुरु | ||
| मंगल | ||
| सूर्य | ||
| शुक्र | ||
| बुध | ||
| चंद्र |
लग्न
| नाम | से | तक |
|---|---|---|
| वृश्चिक | ||
| धनु | ||
| मकर | ||
| कुम्भ | ||
| मीन | ||
| मेष | ||
| वृषभ | ||
| मिथुन | ||
| कर्क | ||
| सिंह | ||
| कन्या | ||
| तुला | ||
| वृश्चिक |
त्योहार और व्रत
विष्णु-प्रबोधोत्सवमुहूर्त: – कार्तिक शुक्ल एकादशी को भगवान विष्णु के चार मास की योगनिद्रा से जागने का उत्सव मनाया जाता है।
प्रबोधिनी एकादशीमुहूर्त: – कार्तिक शुक्ल एकादशी को भगवान विष्णु के चार मास की योगनिद्रा से जागने का उत्सव मनाया जाता है।
संत नामदेव महाराज जयंतीमुहूर्त: – कार्तिक शुक्ल एकादशी को संत नामदेव महाराज की जयंती मनाई जाती है।
आज ध्यान देने योग्य
- पूर्णा तिथि
- वज्र योग
- विष्टि करण
- पंचक
- वार-नक्षत्र योग