पंचांग
नांदेड़ का पंचांग, शुक्रवार १५ जनवरी 2027
आपने नांदेड़ चुना है। इस पेज पर दिए समय और तारीखें महाराष्ट्र क्षेत्र के लिए हैं, जिनकी गणना मुंबई के लिए की गई है। नांदेड़ में समय अलग हो सकता है, और कोई त्योहार किसी दूसरे दिन पड़ सकता है।
त्योहारों की इन तारीखों का मिलान अभी किसी छपे हुए पंचांग से नहीं किया गया है।
पंचांग के पाँच अंग और मास
- तिथि
- सप्तमी (13:58:57 – 14:13:50)
- नक्षत्र
- रेवती (23:18:34 – 23:50:51)
- योग
- शिव (17:21:43 – 16:17:34)
- करण
- वणिज (02:11:55 – 14:13:50)
- वार
- शुक्रवार (07:14:39 – 07:14:43)
- मास (अमांत)
- पौष
- मास (पूर्णिमांत)
- पौष
- पक्ष
- शुक्ल
- ऋतु
- हेमंत
- अयन
- उत्तरायण
- संवत्सर
- पराभव
- संवत
- शक संवत 1949/1948, विक्रम संवत 2084/2083
सूर्य और चंद्रमा
- सूर्योदय
- सूर्यास्त
- मध्याह्न
- चंद्रोदय
- चंद्र कला
- बढ़ता अर्धचंद्र
- चंद्रमा का प्रकाशित भाग
- ४२%
- चंद्र राशि
- मीन, तक
- सूर्य राशि
- मकर
राहुकाल और टालने योग्य समय
- राहु काल
- –
- यमगंड
- –
- गुलिक काल
- –
- भद्रा
- –
- गंड मूल
- –
- पंचक
- –
शुभ समय
- अभिजीत मुहूर्त
- –
- अमृत सिद्धि योग
- –
- आनंदादि योग
- –
- ब्रह्म मुहूर्त
- –
- गोधूलि मुहूर्त
- –
- निशीथ मुहूर्त
- –
- प्रातः संध्या
- –
- सायं संध्या
- –
- विजय मुहूर्त
- –
चौघड़िया
दिन
| नाम | से | तक |
|---|---|---|
| चर | ||
| लाभ | ||
| अमृत | ||
| काल | ||
| शुभ | ||
| रोग | ||
| उद्वेग | ||
| चर |
रात्रि
| नाम | से | तक |
|---|---|---|
| रोग | ||
| उद्वेग | ||
| चर | ||
| लाभ | ||
| अमृत | ||
| काल | ||
| शुभ | ||
| रोग |
होरा
| नाम | से | तक |
|---|---|---|
| शुक्र | ||
| बुध | ||
| चंद्र | ||
| शनि | ||
| गुरु | ||
| मंगल | ||
| सूर्य | ||
| शुक्र | ||
| बुध | ||
| चंद्र | ||
| शनि | ||
| गुरु | ||
| मंगल | ||
| सूर्य | ||
| शुक्र | ||
| बुध | ||
| चंद्र | ||
| शनि | ||
| गुरु | ||
| मंगल | ||
| सूर्य | ||
| शुक्र | ||
| बुध | ||
| चंद्र |
लग्न
| नाम | से | तक |
|---|---|---|
| धनु | ||
| मकर | ||
| कुम्भ | ||
| मीन | ||
| मेष | ||
| वृषभ | ||
| मिथुन | ||
| कर्क | ||
| सिंह | ||
| कन्या | ||
| तुला | ||
| वृश्चिक | ||
| धनु | ||
| मकर |
त्योहार और व्रत
मकर संक्रांतिमुहूर्त: – सूर्य का उत्तरायण।
मार्लेश्वर यात्रारत्नागिरि ज़िले के मारळ गाँव में मार्लेश्वर की वार्षिक यात्रा मनाई जाती है।
सिद्धेश्वर यात्रासोलापुर के सिद्धेश्वर मंदिर में मकर संक्रांति के आसपास होने वाली यात्रा।
आज ध्यान देने योग्य
- विष्टि करण
- गंड मूल
- पंचक
- वार-नक्षत्र योग