पंचांग
नवी मुंबई का पंचांग, रविवार २८ मार्च 2027
आपने नवी मुंबई चुना है। इस पेज पर दिए समय और तारीखें महाराष्ट्र क्षेत्र के लिए हैं, जिनकी गणना मुंबई के लिए की गई है। नवी मुंबई में समय अलग हो सकता है, और कोई त्योहार किसी दूसरे दिन पड़ सकता है।
त्योहारों की इन तारीखों का मिलान अभी किसी छपे हुए पंचांग से नहीं किया गया है।
पंचांग के पाँच अंग और मास
- तिथि
- षष्ठी (13:33:41 – 15:05:17)
- नक्षत्र
- ज्येष्ठा (22:14:31 – 00:31:30)
- योग
- व्यतीपात (05:41:20 – 06:06:58)
- करण
- वणिज (02:14:36 – 15:05:17)
- वार
- रविवार (06:36:17 – 06:35:27)
- मास (अमांत)
- फाल्गुन
- मास (पूर्णिमांत)
- चैत्र
- पक्ष
- कृष्ण
- ऋतु
- शिशिर
- अयन
- उत्तरायण
- संवत्सर
- पराभव
- संवत
- शक संवत 1948, विक्रम संवत 2083
सूर्य और चंद्रमा
- सूर्योदय
- सूर्यास्त
- मध्याह्न
- चंद्रास्त
- चंद्र कला
- घटता अर्धचंद्र
- चंद्रमा का प्रकाशित भाग
- ६९%
- चंद्र राशि
- वृश्चिक, तक
- सूर्य राशि
- मीन
राहुकाल और टालने योग्य समय
- राहु काल
- –
- यमगंड
- –
- गुलिक काल
- –
- भद्रा
- –
- गंड मूल
- –
- अशुभ योग
- –
शुभ समय
- अभिजीत मुहूर्त
- –
- आनंदादि योग
- –
- ब्रह्म मुहूर्त
- –
- गोधूलि मुहूर्त
- –
- निशीथ मुहूर्त
- –
- प्रातः संध्या
- –
- रवि योग
- –
- सायं संध्या
- –
- विजय मुहूर्त
- –
चौघड़िया
दिन
| नाम | से | तक |
|---|---|---|
| उद्वेग | ||
| चर | ||
| लाभ | ||
| अमृत | ||
| काल | ||
| शुभ | ||
| रोग | ||
| उद्वेग |
रात्रि
| नाम | से | तक |
|---|---|---|
| शुभ | ||
| रोग | ||
| उद्वेग | ||
| चर | ||
| लाभ | ||
| अमृत | ||
| काल | ||
| शुभ |
होरा
| नाम | से | तक |
|---|---|---|
| सूर्य | ||
| शुक्र | ||
| बुध | ||
| चंद्र | ||
| शनि | ||
| गुरु | ||
| मंगल | ||
| सूर्य | ||
| शुक्र | ||
| बुध | ||
| चंद्र | ||
| शनि | ||
| गुरु | ||
| मंगल | ||
| सूर्य | ||
| शुक्र | ||
| बुध | ||
| चंद्र | ||
| शनि | ||
| गुरु | ||
| मंगल | ||
| सूर्य | ||
| शुक्र | ||
| बुध |
लग्न
| नाम | से | तक |
|---|---|---|
| मीन | ||
| मेष | ||
| वृषभ | ||
| मिथुन | ||
| कर्क | ||
| सिंह | ||
| कन्या | ||
| तुला | ||
| वृश्चिक | ||
| धनु | ||
| मकर | ||
| कुम्भ | ||
| मीन |
त्योहार और व्रत
ईस्टरईसाई धर्म में ईसा मसीह के पुनरुत्थान का पर्व।
श्री एकनाथ षष्ठीमुहूर्त: – महाराष्ट्र में संत एकनाथ की पुण्यतिथि पर मनाया जाने वाला पर्व।
आज ध्यान देने योग्य
- व्यतीपात योग
- विष्टि करण
- गंड मूल
- वार-नक्षत्र योग