पंचांग
न्यूयॉर्क का पंचांग, गुरुवार २१ जनवरी 2027
इस पेज पर दिए समय और तारीखें न्यूयॉर्क के लिए हैं।
त्योहारों की इन तारीखों का मिलान अभी किसी छपे हुए पंचांग से नहीं किया गया है।
पंचांग के पाँच अंग और मास
- तिथि
- चतुर्दशी (14:41:57 – 11:00:22)
- नक्षत्र
- पुनर्वसु (02:53:51 – 23:54:58)
- योग
- वैधृति (11:52:51 – 07:37:44)
- करण
- वणिज (00:52:00 – 11:00:22)
- वार
- गुरुवार (07:14:53 – 07:14:14)
- मास (अमांत)
- पौष
- मास (पूर्णिमांत)
- पौष
- पक्ष
- शुक्ल
- ऋतु
- हेमंत
- अयन
- उत्तरायण
- संवत्सर
- पराभव
- संवत
- शक संवत 1949/1948, विक्रम संवत 2084/2083
सूर्य और चंद्रमा
- सूर्योदय
- सूर्यास्त
- मध्याह्न
- चंद्रोदय
- चंद्रास्त
- चंद्र कला
- पूर्णिमा
- चंद्रमा का प्रकाशित भाग
- ९८%
- चंद्र राशि
- मिथुन, तक
- सूर्य राशि
- मकर
राहुकाल और टालने योग्य समय
- राहु काल
- –
- यमगंड
- –
- गुलिक काल
- –
- भद्रा
- –
- अशुभ योग
- –
- रिक्ता तिथि
- –
शुभ समय
- अभिजीत मुहूर्त
- –
- आनंदादि योग
- –
- ब्रह्म मुहूर्त
- –
- गोधूलि मुहूर्त
- –
- निशीथ मुहूर्त
- –
- प्रातः संध्या
- –
- सायं संध्या
- –
- विजय मुहूर्त
- –
चौघड़िया
दिन
| नाम | से | तक |
|---|---|---|
| शुभ | ||
| रोग | ||
| उद्वेग | ||
| चर | ||
| लाभ | ||
| अमृत | ||
| काल | ||
| शुभ |
रात्रि
| नाम | से | तक |
|---|---|---|
| अमृत | ||
| काल | ||
| शुभ | ||
| रोग | ||
| उद्वेग | ||
| चर | ||
| लाभ | ||
| अमृत |
होरा
| नाम | से | तक |
|---|---|---|
| गुरु | ||
| मंगल | ||
| सूर्य | ||
| शुक्र | ||
| बुध | ||
| चंद्र | ||
| शनि | ||
| गुरु | ||
| मंगल | ||
| सूर्य | ||
| शुक्र | ||
| बुध | ||
| चंद्र | ||
| शनि | ||
| गुरु | ||
| मंगल | ||
| सूर्य | ||
| शुक्र | ||
| बुध | ||
| चंद्र | ||
| शनि | ||
| गुरु | ||
| मंगल | ||
| सूर्य |
लग्न
| नाम | से | तक |
|---|---|---|
| मकर | ||
| कुम्भ | ||
| मीन | ||
| मेष | ||
| वृषभ | ||
| मिथुन | ||
| कर्क | ||
| सिंह | ||
| कन्या | ||
| तुला | ||
| वृश्चिक | ||
| धनु | ||
| मकर |
त्योहार और व्रत
गुरु पुष्यामृत योगमुहूर्त: – गुरुवार और पुष्य नक्षत्र के संयोग से बनने वाला एक शुभ मुहूर्त, जिसे स्मार्त परंपरा में किसी भी कार्य की शुरुआत के लिए उत्तम माना जाता है।
भारतीय राष्ट्रीय माघ आरंभभारत के राष्ट्रीय पंचांग के अनुसार एक नए सौर मास का पहला दिन।
शाकंभरी नवरात्रमुहूर्त: – पौष शुक्ल अष्टमी से पूर्णिमा तक देवी शाकंभरी को समर्पित नवरात्र मनाया जाता है।
आज ध्यान देने योग्य
- रिक्ता तिथि
- वैधृति योग
- विष्टि करण