पंचांग

उत्तर भारत का पंचांग, रविवार २१ मार्च 2027

इस पेज पर दिए समय और तारीखें उत्तर भारत क्षेत्र के लिए हैं, जिनकी गणना दिल्ली के लिए की गई है।

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त्योहारों की इन तारीखों का मिलान अभी किसी छपे हुए पंचांग से नहीं किया गया है।

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पंचांग के पाँच अंग और मास

तिथि
चतुर्दशी (20:45:37 – 18:21:52)
नक्षत्र
पूर्वा फाल्गुनी (23:44:20 – 22:06:37)
योग
शूल (20:05:07 – 16:58:07)
करण
गर (20:45:37 – 07:32:16)
वार
रविवार (06:24:59 – 06:23:50)
मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
पक्ष
शुक्ल
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण
संवत्सर
पराभव
संवत
विक्रम संवत 2083, शक संवत 1948

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
सूर्यास्त
मध्याह्न
चंद्रोदय
चंद्रास्त
चंद्र कला
पूर्णिमा
चंद्रमा का प्रकाशित भाग
९७%
चंद्र राशि
सिंह, तक
सूर्य राशि
मीन

राहुकाल और टालने योग्य समय

राहु काल
–
यमगंड
–
गुलिक काल
–
भद्रा
–
अशुभ योग
–
रिक्ता तिथि
–

शुभ समय

अभिजीत मुहूर्त
–
आनंदादि योग
–
ब्रह्म मुहूर्त
–
गोधूलि मुहूर्त
–
निशीथ मुहूर्त
–
प्रातः संध्या
–
रवि योग
–
सायं संध्या
–
विजय मुहूर्त
–

चौघड़िया

दिन

नामसेतक
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग

रात्रि

नामसेतक
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ

होरा

नामसेतक
सूर्य
शुक्र
बुध
चंद्र
शनि
गुरु
मंगल
सूर्य
शुक्र
बुध
चंद्र
शनि
गुरु
मंगल
सूर्य
शुक्र
बुध
चंद्र
शनि
गुरु
मंगल
सूर्य
शुक्र
बुध

लग्न

नामसेतक
मीन
मेष
वृषभ
मिथुन
कर्क
सिंह
कन्या
तुला
वृश्चिक
धनु
मकर
कुम्भ
मीन

त्योहार और व्रत

होलीमुहूर्त: – होलिका दहन, प्रदोष काल में।
विषुव दिनमुहूर्त: – सूर्य का विषुवत रेखा पर आगमन, दिन और रात समान होते हैं; वसन्त ऋतु का आरम्भ माना जाता है।
जमशेदी नवरोज़पारसी परंपरा में फ़रवर्दीं महीने के पहले दिन के रूप में मनाया जाने वाला नववर्ष।

आज ध्यान देने योग्य

  • रिक्ता तिथि
  • शूल योग
  • विष्टि करण
  • वार-नक्षत्र योग

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