पंचांग
पणजी का पंचांग, बुधवार ७ अप्रैल 2027
आपने पणजी चुना है। इस पेज पर दिए समय और तारीखें गोवा क्षेत्र के लिए हैं, जिनकी गणना पणजी के लिए की गई है। पणजी में समय अलग हो सकता है, और कोई त्योहार किसी दूसरे दिन पड़ सकता है।
त्योहारों की इन तारीखों का मिलान अभी किसी छपे हुए पंचांग से नहीं किया गया है।
पंचांग के पाँच अंग और मास
- तिथि
- प्रतिपदा (05:21:02 – 04:28:55)
- नक्षत्र
- रेवती (18:22:53 – 18:25:17)
- योग
- इन्द्र (08:50:41 – 07:25:43)
- करण
- किंस्तुघ्न (05:21:02 – 16:58:39)
- वार
- बुधवार (06:26:05 – 06:25:23)
- मास (अमांत)
- चैत्र
- मास (पूर्णिमांत)
- चैत्र
- पक्ष
- शुक्ल
- ऋतु
- वसंत
- अयन
- उत्तरायण
- संवत्सर
- प्लवंग
- संवत
- शक संवत 1948/1949, विक्रम संवत 2083/2084
सूर्य और चंद्रमा
- सूर्योदय
- सूर्यास्त
- मध्याह्न
- चंद्रोदय
- चंद्रास्त
- चंद्र कला
- अमावस्या
- चंद्रमा का प्रकाशित भाग
- ०%
- चंद्र राशि
- मीन, तक
- सूर्य राशि
- मीन
राहुकाल और टालने योग्य समय
- राहु काल
- –
- यमगंड
- –
- गुलिक काल
- –
- गंड मूल
- –
- पंचक
- –
शुभ समय
- अभिजीत मुहूर्त
- –
- आनंदादि योग
- –
- ब्रह्म मुहूर्त
- –
- गोधूलि मुहूर्त
- –
- निशीथ मुहूर्त
- –
- प्रातः संध्या
- –
- सायं संध्या
- –
- विजय मुहूर्त
- –
चौघड़िया
दिन
| नाम | से | तक |
|---|---|---|
| लाभ | ||
| अमृत | ||
| काल | ||
| शुभ | ||
| रोग | ||
| उद्वेग | ||
| चर | ||
| लाभ |
रात्रि
| नाम | से | तक |
|---|---|---|
| उद्वेग | ||
| चर | ||
| लाभ | ||
| अमृत | ||
| काल | ||
| शुभ | ||
| रोग | ||
| उद्वेग |
होरा
| नाम | से | तक |
|---|---|---|
| बुध | ||
| चंद्र | ||
| शनि | ||
| गुरु | ||
| मंगल | ||
| सूर्य | ||
| शुक्र | ||
| बुध | ||
| चंद्र | ||
| शनि | ||
| गुरु | ||
| मंगल | ||
| सूर्य | ||
| शुक्र | ||
| बुध | ||
| चंद्र | ||
| शनि | ||
| गुरु | ||
| मंगल | ||
| सूर्य | ||
| शुक्र | ||
| बुध | ||
| चंद्र | ||
| शनि |
लग्न
| नाम | से | तक |
|---|---|---|
| मीन | ||
| मेष | ||
| वृषभ | ||
| मिथुन | ||
| कर्क | ||
| सिंह | ||
| कन्या | ||
| तुला | ||
| वृश्चिक | ||
| धनु | ||
| मकर | ||
| कुम्भ | ||
| मीन |
त्योहार और व्रत
गुड़ी पड़वामुहूर्त: – मराठी नववर्ष।
चैत्र नवरात्रमुहूर्त: – चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से नौ तिथियों तक चलने वाला शक्ति उपासना का पर्व, जिसमें देवी के नौ रूपों की आराधना की जाती है।
चैत्र मास आरम्भस्मार्त पंचांग में नये चान्द्र मास का प्रथम दिन। इस दिन से शुक्ल पक्ष आरम्भ होता है।
शालिवाहन शक १९४९ प्रारंभ; प्लवंग संवत्सर प्रारंभशालिवाहन शक संवत् १९४९ और हिंदू नववर्ष प्लवंग का आरंभ।
विश्व स्वास्थ्य दिवसवैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए मनाया जाने वाला एक दिवस।
आज ध्यान देने योग्य
- गंड मूल
- पंचक