पंचांग
सैन फ़्रांसिस्को का पंचांग, शुक्रवार २० नवंबर 2026
इस पेज पर दिए समय और तारीखें सैन फ़्रांसिस्को के लिए हैं।
त्योहारों की इन तारीखों का मिलान अभी किसी छपे हुए पंचांग से नहीं किया गया है।
पंचांग के पाँच अंग और मास
- तिथि
- एकादशी (17:46:01 – 17:01:52)
- नक्षत्र
- उत्तरा भाद्रपदा (17:26:25 – 17:20:29)
- योग
- वज्र (17:09:36 – 15:25:14)
- करण
- विष्टि (05:30:35 – 17:01:52)
- वार
- शुक्रवार (06:55:23 – 06:56:26)
- मास (अमांत)
- कार्तिक
- मास (पूर्णिमांत)
- कार्तिक
- पक्ष
- शुक्ल
- ऋतु
- शरद
- अयन
- दक्षिणायन
- संवत्सर
- पराभव
- संवत
- शक संवत 1948, विक्रम संवत 2083
सूर्य और चंद्रमा
- सूर्योदय
- सूर्यास्त
- मध्याह्न
- चंद्रोदय
- चंद्रास्त
- चंद्र कला
- बढ़ता चंद्र
- चंद्रमा का प्रकाशित भाग
- ८०%
- चंद्र राशि
- मीन
- सूर्य राशि
- वृश्चिक
राहुकाल और टालने योग्य समय
- राहु काल
- –
- यमगंड
- –
- गुलिक काल
- –
- भद्रा
- –
- अशुभ योग
- –
- पंचक
- –
शुभ समय
- अभिजीत मुहूर्त
- –
- आनंदादि योग
- –
- ब्रह्म मुहूर्त
- –
- गोधूलि मुहूर्त
- –
- निशीथ मुहूर्त
- –
- प्रातः संध्या
- –
- रवि योग
- –
- सायं संध्या
- –
- विजय मुहूर्त
- –
चौघड़िया
दिन
| नाम | से | तक |
|---|---|---|
| चर | ||
| लाभ | ||
| अमृत | ||
| काल | ||
| शुभ | ||
| रोग | ||
| उद्वेग | ||
| चर |
रात्रि
| नाम | से | तक |
|---|---|---|
| रोग | ||
| उद्वेग | ||
| चर | ||
| लाभ | ||
| अमृत | ||
| काल | ||
| शुभ | ||
| रोग |
होरा
| नाम | से | तक |
|---|---|---|
| शुक्र | ||
| बुध | ||
| चंद्र | ||
| शनि | ||
| गुरु | ||
| मंगल | ||
| सूर्य | ||
| शुक्र | ||
| बुध | ||
| चंद्र | ||
| शनि | ||
| गुरु | ||
| मंगल | ||
| सूर्य | ||
| शुक्र | ||
| बुध | ||
| चंद्र | ||
| शनि | ||
| गुरु | ||
| मंगल | ||
| सूर्य | ||
| शुक्र | ||
| बुध | ||
| चंद्र |
लग्न
| नाम | से | तक |
|---|---|---|
| वृश्चिक | ||
| धनु | ||
| मकर | ||
| कुम्भ | ||
| मीन | ||
| मेष | ||
| वृषभ | ||
| मिथुन | ||
| कर्क | ||
| सिंह | ||
| कन्या | ||
| तुला | ||
| वृश्चिक |
त्योहार और व्रत
चातुर्मास समाप्तमुहूर्त: – कार्तिक शुक्ल एकादशी को चातुर्मास की समाप्ति मानी जाती है।
विष्णु-प्रबोधोत्सवमुहूर्त: – कार्तिक शुक्ल एकादशी को भगवान विष्णु के चार मास की योगनिद्रा से जागने का उत्सव मनाया जाता है।
प्रबोधिनी एकादशीमुहूर्त: – कार्तिक शुक्ल एकादशी को भगवान विष्णु के चार मास की योगनिद्रा से जागने का उत्सव मनाया जाता है।
आज ध्यान देने योग्य
- वज्र योग
- विष्टि करण
- पंचक
- वार-नक्षत्र योग