पंचांग

सांगली का पंचांग, मंगलवार २० अप्रैल 2027

आपने सांगली चुना है। इस पेज पर दिए समय और तारीखें महाराष्ट्र क्षेत्र के लिए हैं, जिनकी गणना मुंबई के लिए की गई है। सांगली में समय अलग हो सकता है, और कोई त्योहार किसी दूसरे दिन पड़ सकता है।

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त्योहारों की इन तारीखों का मिलान अभी किसी छपे हुए पंचांग से नहीं किया गया है।

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पंचांग के पाँच अंग और मास

तिथि
पूर्णिमा (04:51:42 – 03:57:01)
नक्षत्र
चित्रा (04:40:26 – 04:28:08)
योग
हर्षण (19:43:52 – 17:46:21)
करण
विष्टि (04:51:42 – 16:21:12)
वार
मंगलवार (06:17:59 – 06:17:16)
मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
पक्ष
शुक्ल
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण
संवत्सर
प्लवंग
संवत
शक संवत 1948/1949, विक्रम संवत 2083/2084

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
सूर्यास्त
मध्याह्न
चंद्रोदय
चंद्रास्त
चंद्र कला
पूर्णिमा
चंद्रमा का प्रकाशित भाग
९९%
चंद्र राशि
कन्या, तक
सूर्य राशि
मेष

राहुकाल और टालने योग्य समय

राहु काल
–
यमगंड
–
गुलिक काल
–
भद्रा
–

शुभ समय

अभिजीत मुहूर्त
–
आनंदादि योग
–
ब्रह्म मुहूर्त
–
गोधूलि मुहूर्त
–
निशीथ मुहूर्त
–
प्रातः संध्या
–
सायं संध्या
–
विजय मुहूर्त
–

चौघड़िया

दिन

नामसेतक
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग

रात्रि

नामसेतक
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल

होरा

नामसेतक
मंगल
सूर्य
शुक्र
बुध
चंद्र
शनि
गुरु
मंगल
सूर्य
शुक्र
बुध
चंद्र
शनि
गुरु
मंगल
सूर्य
शुक्र
बुध
चंद्र
शनि
गुरु
मंगल
सूर्य
शुक्र

लग्न

नामसेतक
मेष
वृषभ
मिथुन
कर्क
सिंह
कन्या
तुला
वृश्चिक
धनु
मकर
कुम्भ
मीन
मेष

त्योहार और व्रत

महालक्ष्मी रथोत्सवमुहूर्त: – महाराष्ट्र के केळशी गाँव में चैत्र शुक्ल पूर्णिमा को देवी महालक्ष्मी की रथ यात्रा निकाली जाती है।
हनुमान जयंतीमुहूर्त: – हनुमान का जन्मदिन।
पूर्णिमामुहूर्त: – प्रत्येक मास की शुक्ल पक्ष की अंतिम तिथि, जो चंद्रमा के पूर्ण होने का दिन मानी जाती है।
सौर ग्रीष्म ऋतु आरंभमुहूर्त: – सूर्य के वृषभ राशि में प्रवेश करने पर सौर ग्रीष्म ऋतु का आरंभ होता है।
छ. शिवाजी महाराज पुण्यतिथिमुहूर्त: – चैत्र शुक्ल पूर्णिमा पर महाराष्ट्र में छत्रपति शिवाजी महाराज की पुण्यतिथि मनाई जाती है।
आयंबिल ओली (जैन)मुहूर्त: – जैन धर्म की वर्ष की दो आयंबिल ओलियों में से पहली, जो चैत्र शुक्ल सप्तमी से पूर्णिमा तक चलती है।
वैशाख स्नान आरंभमुहूर्त: – चैत्र शुक्ल पूर्णिमा से वैशाख स्नान का आरंभ होता है, जिसमें स्नान-दान का विशेष महत्व है।

आज ध्यान देने योग्य

  • पूर्णा तिथि
  • विष्टि करण

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