पंचांग

वाराणसी का पंचांग, सोमवार २१ दिसंबर 2026

आपने वाराणसी चुना है। इस पेज पर दिए समय और तारीखें उत्तर भारत क्षेत्र के लिए हैं, जिनकी गणना दिल्ली के लिए की गई है। वाराणसी में समय अलग हो सकता है, और कोई त्योहार किसी दूसरे दिन पड़ सकता है।

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त्योहारों की इन तारीखों का मिलान अभी किसी छपे हुए पंचांग से नहीं किया गया है।

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पंचांग के पाँच अंग और मास

तिथि
द्वादशी (20:14:56 – 17:36:43)
नक्षत्र
भरणी (14:55:33 – 13:08:37)
योग
सिद्ध (05:06:49 – 01:31:44)
करण
बालव (07:00:44 – 17:36:43)
वार
सोमवार (07:10:06 – 07:10:36)
मास (अमांत)
मार्गशीर्ष
मास (पूर्णिमांत)
मार्गशीर्ष
पक्ष
शुक्ल
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन
संवत्सर
पराभव
संवत
विक्रम संवत 2083, शक संवत 1948

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
सूर्यास्त
मध्याह्न
चंद्रोदय
चंद्रास्त
चंद्र कला
बढ़ता चंद्र
चंद्रमा का प्रकाशित भाग
८७%
चंद्र राशि
मेष, तक
सूर्य राशि
धनु

राहुकाल और टालने योग्य समय

राहु काल
–
यमगंड
–
गुलिक काल
–

शुभ समय

अभिजीत मुहूर्त
–
आनंदादि योग
–
ब्रह्म मुहूर्त
–
गोधूलि मुहूर्त
–
निशीथ मुहूर्त
–
प्रातः संध्या
–
सायं संध्या
–
विजय मुहूर्त
–

चौघड़िया

दिन

नामसेतक
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत

रात्रि

नामसेतक
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर

होरा

नामसेतक
चंद्र
शनि
गुरु
मंगल
सूर्य
शुक्र
बुध
चंद्र
शनि
गुरु
मंगल
सूर्य
शुक्र
बुध
चंद्र
शनि
गुरु
मंगल
सूर्य
शुक्र
बुध
चंद्र
शनि
गुरु

लग्न

नामसेतक
धनु
मकर
कुम्भ
मीन
मेष
वृषभ
मिथुन
कर्क
सिंह
कन्या
तुला
वृश्चिक
धनु

त्योहार और व्रत

सोम प्रदोषमुहूर्त: – त्रयोदशी तिथि को शिव की उपासना का व्रत।
सौर शिशिर ऋतु आरंभमुहूर्त: – सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करने पर शिशिर ऋतु का प्रारंभ माना जाता है।
उत्तरायण आरंभमुहूर्त: – सूर्य का मकर राशि में प्रवेश; इस दिन से सूर्य की उत्तर दिशा की ओर गति आरंभ होती है।

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