हिंदू कैलेंडर
नवंबर 2026 कैलेंडर, दुबई
- हिंदू मास
- आश्विन, कार्तिक
- संवत
- शक संवत 1948, विक्रम संवत 2083
- संवत्सर
- पराभव
- अयन
- दक्षिणायन
- ऋतु
- शरद
महीने अमांत पद्धति से (हर महीना अमावस्या को पूरा होता है) गिने जाते हैं; वर्ष शक संवत में दिए गए हैं; अयनांश लाहिरी है; त्योहारों के दिनांक स्मार्त परंपरा के अनुसार हैं।
इस पेज पर दिए समय और तारीखें दुबई के लिए हैं।
त्योहारों की इन तारीखों का मिलान अभी किसी छपे हुए पंचांग से नहीं किया गया है।
नवंबर 2026 का हर दिन
- वार
- रविवार
- तिथि
- सप्तमी (15:27:40 – 13:22:01)
- नक्षत्र
- पुष्य (04:09:30 – 03:00:30)
- योग
- साध्य (16:01:07 – 13:08:52)
- करण
- बव (02:21:54 – 13:22:01)
- वार
- रविवार (06:26:25 – 06:27:02)
- मास (अमांत)
- आश्विन
- मास (पूर्णिमांत)
- कार्तिक
- सूर्योदय
- सूर्यास्त
- चंद्रोदय
- चंद्रास्त
- चंद्र राशि
- कर्क
त्योहार, व्रत और विशेष दिन
भानुसप्तमीसूर्य देव को समर्पित, शुक्ल पक्ष की सप्तमी जो रविवार को पड़ती है, इस दिन सूर्य का व्रत और पूजन किया जाता है।
कालाष्टमीप्रत्येक मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी को कालभैरव की उपासना का यह व्रत रखा जाता है।
- वार
- सोमवार
- तिथि
- अष्टमी (13:22:01 – 11:40:51)
- नक्षत्र
- आश्लेषा (03:00:30 – 02:16:11)
- योग
- शुभ (13:08:52 – 10:36:11)
- करण
- कौलव (00:28:18 – 11:40:51)
- वार
- सोमवार (06:27:02 – 06:27:39)
- मास (अमांत)
- आश्विन
- मास (पूर्णिमांत)
- कार्तिक
- सूर्योदय
- सूर्यास्त
- चंद्रास्त
- चंद्र राशि
- कर्क, तक
त्योहार, व्रत और विशेष दिन
औद्योगिक सुरक्षा दिवसकारखानों और उद्योगों में सुरक्षित कार्य-पद्धतियों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए मनाया जाने वाला दिवस।
- वार
- मंगलवार
- तिथि
- नवमी (11:40:51 – 10:24:53)
- नक्षत्र
- मघा (02:16:11 – 01:56:22)
- योग
- शुक्ल (10:36:11 – 08:23:32)
- करण
- गर (22:59:43 – 10:24:53)
- वार
- मंगलवार (06:27:39 – 06:28:17)
- मास (अमांत)
- आश्विन
- मास (पूर्णिमांत)
- कार्तिक
- सूर्योदय
- सूर्यास्त
- चंद्रोदय
- चंद्रास्त
- चंद्र राशि
- सिंह
- वार
- बुधवार
- तिथि
- दशमी (10:24:53 – 09:33:37)
- नक्षत्र
- पूर्वा फाल्गुनी (01:56:22 – 01:59:57)
- योग
- ब्रह्म (08:23:32 – 06:30:27)
- करण
- विष्टि (21:56:14 – 09:33:37)
- वार
- बुधवार (06:28:17 – 06:28:55)
- मास (अमांत)
- आश्विन
- मास (पूर्णिमांत)
- कार्तिक
- सूर्योदय
- सूर्यास्त
- चंद्रोदय
- चंद्रास्त
- चंद्र राशि
- सिंह
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- एकादशी (09:33:37 – 09:05:59)
- नक्षत्र
- उत्तरा फाल्गुनी (01:59:57 – 02:25:46)
- योग
- वैधृति (04:55:58 – 03:39:09)
- करण
- बालव (21:16:55 – 09:05:59)
- वार
- गुरुवार (06:28:55 – 06:29:34)
- मास (अमांत)
- आश्विन
- मास (पूर्णिमांत)
- कार्तिक
- सूर्योदय
- सूर्यास्त
- चंद्रोदय
- चंद्रास्त
- चंद्र राशि
- सिंह, तक
त्योहार, व्रत और विशेष दिन
वसुबारसमहाराष्ट्र में अमांत आश्विन कृष्ण द्वादशी को गाय और बछड़े के प्रति कृतज्ञता का यह पर्व मनाया जाता है।
रमा एकादशीअमान्त आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को भगवान विष्णु की पूजा का यह व्रत रखा जाता है।
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- द्वादशी (09:05:59 – 09:00:59)
- नक्षत्र
- हस्त (02:25:46 – 03:13:08)
- योग
- विष्कम्भ (03:39:09 – 02:39:31)
- करण
- तैतिल (21:00:41 – 09:00:59)
- वार
- शुक्रवार (06:29:34 – 06:30:13)
- मास (अमांत)
- आश्विन
- मास (पूर्णिमांत)
- कार्तिक
- सूर्योदय
- सूर्यास्त
- चंद्रोदय
- चंद्रास्त
- चंद्र राशि
- कन्या
त्योहार, व्रत और विशेष दिन
धनत्रयोदशीआश्विन कृष्ण त्रयोदशी को मनाया जाने वाला धन और समृद्धि का पर्व।
प्रदोषत्रयोदशी तिथि को शिव की उपासना का व्रत।
गुरु द्वादशीअमान्त आश्विन कृष्ण द्वादशी को गुरु-पूजन का पर्व मनाया जाता है।
- वार
- शनिवार
- तिथि
- त्रयोदशी (09:00:59 – 09:18:14)
- नक्षत्र
- चित्रा (03:13:08 – 04:22:13)
- योग
- प्रीति (02:39:31 – 01:57:09)
- करण
- वणिज (21:06:49 – 09:18:14)
- वार
- शनिवार (06:30:13 – 06:30:53)
- मास (अमांत)
- आश्विन
- मास (पूर्णिमांत)
- कार्तिक
- सूर्योदय
- सूर्यास्त
- चंद्रोदय
- चंद्रास्त
- चंद्र राशि
- कन्या, तक
त्योहार, व्रत और विशेष दिन
मासिक शिवरात्रिप्रत्येक मास की कृष्ण चतुर्दशी को भगवान शिव की उपासना का व्रत रखा जाता है।
- वार
- रविवार
- तिथि
- चतुर्दशी (09:18:14 – 09:58:13)
- नक्षत्र
- स्वाति (04:22:13 – 05:53:52)
- योग
- आयुष्मान (01:57:09 – 01:32:35)
- करण
- शकुनि (21:35:20 – 09:58:13)
- वार
- रविवार (06:30:53 – 06:31:33)
- मास (अमांत)
- आश्विन
- मास (पूर्णिमांत)
- कार्तिक
- सूर्योदय
- सूर्यास्त
- चंद्रोदय
- चंद्रास्त
- चंद्र राशि
- तुला
त्योहार, व्रत और विशेष दिन
दिवाली — लक्ष्मी पूजनदीपों का पर्व।
नरक चतुर्दशीअमांत गणना के अनुसार आश्विन कृष्ण चतुर्दशी को मनाया जाने वाला पर्व, जो नरकासुर वध और आंतरिक बुराइयों पर विजय का प्रतीक है।
दर्श अमावस्याप्रत्येक मास की कृष्ण पक्ष की अमावस्या को दर्श अमावस्या के रूप में मनाया जाता है।
- वार
- सोमवार
- तिथि
- अमावस्या (09:58:13 – 11:01:57)
- नक्षत्र
- विशाखा (05:53:52 – 07:49:03)
- योग
- सौभाग्य (01:32:35 – 01:26:31)
- करण
- नाग (22:27:02 – 11:01:57)
- वार
- सोमवार (06:31:33 – 06:32:13)
- मास (अमांत)
- आश्विन
- मास (पूर्णिमांत)
- कार्तिक
- सूर्योदय
- सूर्यास्त
- चंद्रोदय
- चंद्रास्त
- चंद्र राशि
- तुला, तक
त्योहार, व्रत और विशेष दिन
अमावस्याकृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि, जब चंद्रमा दिखाई नहीं देता; इस दिन पितरों के लिए तर्पण और श्राद्ध किया जाता है।
सोमवती अमावस्यासोमवार को पड़ने वाली अमावस्या का हिंदू व्रत, जो पितरों के तर्पण और पवित्र नदियों में स्नान के लिए विशेष माना जाता है।
महावीर निर्वाण (जैन)जैन परंपरा में अमान्त आश्विन कृष्ण अमावस्या को भगवान महावीर का निर्वाण दिवस मनाया जाता है।
- वार
- मंगलवार
- तिथि
- प्रतिपदा (11:01:57 – 12:30:27)
- नक्षत्र
- विशाखा (05:53:52 – 07:49:03)
- योग
- शोभन (01:26:31 – 01:39:12)
- करण
- बव (23:43:04 – 12:30:27)
- वार
- मंगलवार (06:32:13 – 06:32:54)
- मास (अमांत)
- कार्तिक
- मास (पूर्णिमांत)
- कार्तिक
- सूर्योदय
- सूर्यास्त
- चंद्रोदय
- चंद्रास्त
- चंद्र राशि
- वृश्चिक
त्योहार, व्रत और विशेष दिन
बलिप्रतिपदाकार्तिक शुक्ल प्रतिपदा को राजा बलि के सम्मान का पर्व।
भाई दूजभाई-बहन का पर्व।
गोवर्धन पूजाकार्तिक शुक्ल प्रतिपदा को भगवान कृष्ण द्वारा गोवर्धन पर्वत उठाने की स्मृति में यह पूजा की जाती है।
महावीर जैन संवत् २५५३जैन धर्म में महावीर संवत् का नया वर्ष कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा से प्रारम्भ होता है।
कार्तिक मास आरम्भस्मार्त पंचांग में नये चान्द्र मास का प्रथम दिन। इस दिन से शुक्ल पक्ष आरम्भ होता है।
विक्रम संवत् २०८३ प्रारम्भकार्तिक शुक्ल प्रतिपदा को नवीन विक्रम संवत् का प्रथम दिवस माना जाता है। बलिप्रतिपदा के साथ इसी तिथि पर यह संवत्सर आरम्भ होता है।
- वार
- बुधवार
- तिथि
- द्वितीया (12:30:27 – 14:23:44)
- नक्षत्र
- अनुराधा (07:49:03 – 10:07:57)
- योग
- अतिगण्ड (01:39:12 – 02:09:50)
- करण
- कौलव (01:24:04 – 14:23:44)
- वार
- बुधवार (06:32:54 – 06:33:35)
- मास (अमांत)
- कार्तिक
- मास (पूर्णिमांत)
- कार्तिक
- सूर्योदय
- सूर्यास्त
- चंद्रोदय
- चंद्रास्त
- चंद्र राशि
- वृश्चिक
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- तृतीया (14:23:44 – 16:39:39)
- नक्षत्र
- ज्येष्ठा (10:07:57 – 12:48:49)
- योग
- सुकर्मा (02:09:50 – 02:55:49)
- करण
- गर (03:29:07 – 16:39:39)
- वार
- गुरुवार (06:33:35 – 06:34:16)
- मास (अमांत)
- कार्तिक
- मास (पूर्णिमांत)
- कार्तिक
- सूर्योदय
- सूर्यास्त
- चंद्रोदय
- चंद्रास्त
- चंद्र राशि
- वृश्चिक, तक
त्योहार, व्रत और विशेष दिन
मुस्लिम जमादिल-आख़िर आरंभइस्लामी कैलेंडर के नए चंद्र मास का पहला दिन, जो नया चाँद देखे जाने पर आरंभ होता है।
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- चतुर्थी (16:39:39 – 19:12:52)
- नक्षत्र
- मूल (12:48:49 – 15:46:58)
- योग
- धृति (02:55:49 – 03:52:16)
- करण
- विष्टि (05:54:35 – 19:12:52)
- वार
- शुक्रवार (06:34:16 – 06:34:58)
- मास (अमांत)
- कार्तिक
- मास (पूर्णिमांत)
- कार्तिक
- सूर्योदय
- सूर्यास्त
- चंद्रोदय
- चंद्रास्त
- चंद्र राशि
- धनु
त्योहार, व्रत और विशेष दिन
विनायक चतुर्थीप्रत्येक मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को भगवान गणेश के विनायक स्वरूप का व्रत और पूजन किया जाता है।
पारसी तीर आरंभशहंशाही पारसी पंचांग के अनुसार नए महीने का पहला दिन।
- वार
- शनिवार
- तिथि
- पंचमी (19:12:52 – 21:54:19)
- नक्षत्र
- पूर्वाषाढा (15:46:58 – 18:54:08)
- योग
- शूल (03:52:16 – 04:52:00)
- करण
- बव (19:12:52 – 08:33:17)
- वार
- शनिवार (06:34:58 – 06:35:39)
- मास (अमांत)
- कार्तिक
- मास (पूर्णिमांत)
- कार्तिक
- सूर्योदय
- सूर्यास्त
- चंद्रोदय
- चंद्रास्त
- चंद्र राशि
- धनु, तक
त्योहार, व्रत और विशेष दिन
ज्ञान पंचमी (जैन)जैन धर्मावलंबियों द्वारा कार्तिक शुक्ल पंचमी को ज्ञान की आराधना का पर्व।
बाल दिवसयह दिन बच्चों के अधिकारों, शिक्षा और कल्याण के प्रति समर्पित है।
पांडव पंचमीकार्तिक शुक्ल पंचमी को पांडवों के सम्मान में मनाया जाने वाला पर्व।
- वार
- रविवार
- तिथि
- षष्ठी (21:54:19 – 00:31:31)
- नक्षत्र
- उत्तराषाढा (18:54:08 – 21:58:40)
- योग
- गण्ड (04:52:00 – 05:45:47)
- करण
- कौलव (21:54:19 – 11:14:20)
- वार
- रविवार (06:35:39 – 06:36:22)
- मास (अमांत)
- कार्तिक
- मास (पूर्णिमांत)
- कार्तिक
- सूर्योदय
- सूर्यास्त
- चंद्रोदय
- चंद्रास्त
- चंद्र राशि
- मकर
- वार
- सोमवार
- तिथि
- सप्तमी (00:31:31 – 02:49:59)
- नक्षत्र
- श्रवण (21:58:40 – 00:46:45)
- योग
- वृद्धि (05:45:47 – 06:23:24)
- करण
- गर (00:31:31 – 13:44:01)
- वार
- सोमवार (06:36:22 – 06:37:04)
- मास (अमांत)
- कार्तिक
- मास (पूर्णिमांत)
- कार्तिक
- सूर्योदय
- सूर्यास्त
- चंद्रोदय
- चंद्रास्त
- चंद्र राशि
- मकर
- वार
- मंगलवार
- तिथि
- अष्टमी (02:49:59 – 04:35:31)
- नक्षत्र
- धनिष्ठा (00:46:45 – 03:04:30)
- योग
- ध्रुव (06:23:24 – 06:34:56)
- करण
- विष्टि (02:49:59 – 15:47:40)
- वार
- मंगलवार (06:37:04 – 06:37:46)
- मास (अमांत)
- कार्तिक
- मास (पूर्णिमांत)
- कार्तिक
- सूर्योदय
- सूर्यास्त
- चंद्रोदय
- चंद्र राशि
- मकर, तक
त्योहार, व्रत और विशेष दिन
गोपाष्टमीकार्तिक शुक्ल अष्टमी को गौओं की पूजा का पर्व।
दुर्गाष्टमीप्रत्येक मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी को देवी दुर्गा की आराधना का यह व्रत रखा जाता है।
- वार
- बुधवार
- तिथि
- नवमी (04:35:31 – 05:36:34)
- नक्षत्र
- शतभिषा (03:04:30 – 04:40:14)
- योग
- व्याघात (06:34:56 – 06:12:09)
- करण
- बालव (04:35:31 – 17:12:09)
- वार
- बुधवार (06:37:46 – 06:38:29)
- मास (अमांत)
- कार्तिक
- मास (पूर्णिमांत)
- कार्तिक
- सूर्योदय
- सूर्यास्त
- चंद्रोदय
- चंद्रास्त
- चंद्र राशि
- कुम्भ
त्योहार, व्रत और विशेष दिन
कूष्माण्ड नवमीकार्तिक शुक्ल नवमी को कूष्माण्ड (पेठा) का दान और भोजन किया जाता है।
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- दशमी (05:36:34 – 05:46:01)
- नक्षत्र
- पूर्वा भाद्रपदा (04:40:14 – 05:26:25)
- योग
- हर्षण (06:12:09 – 05:09:36)
- करण
- तैतिल (05:36:34 – 17:47:59)
- वार
- गुरुवार (06:38:29 – 06:39:12)
- मास (अमांत)
- कार्तिक
- मास (पूर्णिमांत)
- कार्तिक
- सूर्योदय
- सूर्यास्त
- चंद्रोदय
- चंद्रास्त
- चंद्र राशि
- कुम्भ, तक
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- एकादशी (05:46:01 – 05:01:52)
- नक्षत्र
- उत्तरा भाद्रपदा (05:26:25 – 05:20:29)
- योग
- वज्र (05:09:36 – 03:25:14)
- करण
- वणिज (05:46:01 – 17:30:34)
- वार
- शुक्रवार (06:39:12 – 06:39:55)
- मास (अमांत)
- कार्तिक
- मास (पूर्णिमांत)
- कार्तिक
- सूर्योदय
- सूर्यास्त
- चंद्रोदय
- चंद्रास्त
- चंद्र राशि
- मीन
त्योहार, व्रत और विशेष दिन
विष्णु-प्रबोधोत्सवकार्तिक शुक्ल एकादशी को भगवान विष्णु के चार मास की योगनिद्रा से जागने का उत्सव मनाया जाता है।
प्रबोधिनी एकादशीकार्तिक शुक्ल एकादशी को भगवान विष्णु के चार मास की योगनिद्रा से जागने का उत्सव मनाया जाता है।
- वार
- शनिवार
- तिथि
- द्वादशी (05:01:52 – 03:26:51)
- नक्षत्र
- रेवती (05:20:29 – 04:24:44)
- योग
- सिद्धि (03:25:13 – 01:00:20)
- करण
- बव (05:01:52 – 16:20:23)
- वार
- शनिवार (06:39:55 – 06:40:38)
- मास (अमांत)
- कार्तिक
- मास (पूर्णिमांत)
- कार्तिक
- सूर्योदय
- सूर्यास्त
- चंद्रोदय
- चंद्रास्त
- चंद्र राशि
- मीन, तक
त्योहार, व्रत और विशेष दिन
चातुर्मास समाप्तकार्तिक शुक्ल एकादशी को चातुर्मास की समाप्ति मानी जाती है।
तुलसी विवाह आरंभमहाराष्ट्र की परंपरा में कार्तिक शुक्ल द्वादशी से तुलसी और शालिग्राम के विवाह का आरंभ होता है।
तुलसी विवाहकार्तिक शुक्ल द्वादशी से पूर्णिमा तक चलने वाला पर्व, जिसमें तुलसी और शालिग्राम का विवाह किया जाता है।
प्रबोधिनी एकादशीकार्तिक शुक्ल एकादशी को वैष्णव परंपरा में भगवान विष्णु की शयनावस्था के पश्चात जागरण का पर्व मनाया जाता है।
- वार
- रविवार
- तिथि
- त्रयोदशी (03:26:51 – 01:07:28)
- नक्षत्र
- अश्विनी (04:24:44 – 02:45:30)
- योग
- व्यतीपात (01:00:20 – 21:59:09)
- करण
- कौलव (03:26:51 – 14:22:11)
- वार
- रविवार (06:40:38 – 06:41:21)
- मास (अमांत)
- कार्तिक
- मास (पूर्णिमांत)
- कार्तिक
- सूर्योदय
- सूर्यास्त
- चंद्रोदय
- चंद्रास्त
- चंद्र राशि
- मेष
त्योहार, व्रत और विशेष दिन
तुलसी विवाहकार्तिक शुक्ल द्वादशी से पूर्णिमा तक चलने वाला पर्व, जिसमें तुलसी और शालिग्राम का विवाह किया जाता है।
प्रदोषत्रयोदशी तिथि को शिव की उपासना का व्रत।
वैकुंठ चतुर्दशी उपवासकार्तिक शुक्ल चतुर्दशी को भगवान विष्णु और शिव के मिलन के उपलक्ष्य में रखा जाने वाला उपवास।
भारतीय राष्ट्रीय अग्रहायण आरंभभारत के राष्ट्रीय पंचांग के अनुसार एक नए सौर मास का पहला दिन।
- वार
- सोमवार
- तिथि
- चतुर्दशी (01:07:28 – 22:12:47)
- नक्षत्र
- भरणी (02:45:30 – 00:31:56)
- योग
- वरीयान (21:59:09 – 18:28:08)
- करण
- गर (01:07:28 – 11:43:54)
- वार
- सोमवार (06:41:21 – 06:42:05)
- मास (अमांत)
- कार्तिक
- मास (पूर्णिमांत)
- कार्तिक
- सूर्योदय
- सूर्यास्त
- चंद्रोदय
- चंद्रास्त
- चंद्र राशि
- मेष, तक
त्योहार, व्रत और विशेष दिन
तुलसी विवाहकार्तिक शुक्ल द्वादशी से पूर्णिमा तक चलने वाला पर्व, जिसमें तुलसी और शालिग्राम का विवाह किया जाता है।
वैकुंठ चतुर्दशीकार्तिक शुक्ल चतुर्दशी को मनाया जाने वाला एक व्रत, जो भगवान विष्णु और शिव के मिलन का प्रतीक माना जाता है।
- वार
- मंगलवार
- तिथि
- पूर्णिमा (22:12:47 – 18:53:25)
- नक्षत्र
- कृत्तिका (00:31:56 – 21:54:54)
- योग
- परिघ (18:28:08 – 14:35:16)
- करण
- विष्टि (22:12:47 – 08:35:29)
- वार
- मंगलवार (06:42:05 – 06:42:48)
- मास (अमांत)
- कार्तिक
- मास (पूर्णिमांत)
- कार्तिक
- सूर्योदय
- सूर्यास्त
- चंद्रोदय
- चंद्रास्त
- चंद्र राशि
- वृषभ
त्योहार, व्रत और विशेष दिन
गुरु नानक जयंतीसिख धर्म के प्रथम गुरु, गुरु नानक देव जी का प्राकट्य दिवस।
त्रिपुरारी पूर्णिमाकार्तिक शुक्ल पूर्णिमा को मनाया जाने वाला पर्व, जो भगवान शिव द्वारा त्रिपुरासुर के तीनों नगरों के दहन की स्मृति में है।
कार्तिकस्वामी दर्शनकार्तिक शुक्ल पूर्णिमा को कृत्तिका नक्षत्र में भगवान कार्तिकेय के दर्शन का पर्व।
तुलसी विवाहकार्तिक शुक्ल द्वादशी से पूर्णिमा तक चलने वाला पर्व, जिसमें तुलसी और शालिग्राम का विवाह किया जाता है।
पूर्णिमाप्रत्येक मास की शुक्ल पक्ष की अंतिम तिथि, जो चंद्रमा के पूर्ण होने का दिन मानी जाती है।
गुरु तेग़ बहादुर शहीद दिनसिखों के नौवें गुरु, गुरु तेग़ बहादुर जी के बलिदान की स्मृति का दिन।
कार्तिक स्नान समाप्तकार्तिक मास में प्रतिदिन किए जाने वाले स्नान-दान का समापन कार्तिक शुक्ल पूर्णिमा को होता है।
- वार
- बुधवार
- तिथि
- प्रतिपदा (18:53:25 – 15:20:36)
- नक्षत्र
- रोहिणी (21:54:54 – 19:06:03)
- योग
- शिव (14:35:16 – 10:29:20)
- करण
- कौलव (05:07:59 – 15:20:36)
- वार
- बुधवार (06:42:48 – 06:43:31)
- मास (अमांत)
- कार्तिक
- मास (पूर्णिमांत)
- मार्गशीर्ष
- सूर्योदय
- सूर्यास्त
- चंद्रोदय
- चंद्रास्त
- चंद्र राशि
- वृषभ, तक
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- द्वितीया (15:20:36 – 11:45:33)
- नक्षत्र
- मृगशिरा (19:06:03 – 16:16:56)
- योग
- साध्य (06:19:20 – 02:13:57)
- करण
- गर (01:32:40 – 11:45:33)
- वार
- गुरुवार (06:43:31 – 06:44:14)
- मास (अमांत)
- कार्तिक
- मास (पूर्णिमांत)
- मार्गशीर्ष
- सूर्योदय
- सूर्यास्त
- चंद्रोदय
- चंद्रास्त
- चंद्र राशि
- मिथुन
त्योहार, व्रत और विशेष दिन
संविधान दिवसभारत के संविधान को अंगीकार करने के उपलक्ष्य में मनाया जाने वाला राष्ट्रीय दिवस।
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- तृतीया (11:45:33 – 08:18:54)
- नक्षत्र
- आर्द्रा (16:16:56 – 13:38:26)
- योग
- शुभ (02:13:57 – 22:21:06)
- करण
- विष्टि (22:00:33 – 08:18:54)
- वार
- शुक्रवार (06:44:14 – 06:44:58)
- मास (अमांत)
- कार्तिक
- मास (पूर्णिमांत)
- मार्गशीर्ष
- सूर्योदय
- सूर्यास्त
- चंद्रोदय
- चंद्रास्त
- चंद्र राशि
- मिथुन, तक
त्योहार, व्रत और विशेष दिन
संकष्टी चतुर्थीकृष्ण पक्ष की चतुर्थी को गणेश जी की उपासना का व्रत रखा जाता है।
- वार
- शनिवार
- तिथि
- पंचमी (05:10:13 – 02:27:33)
- नक्षत्र
- पुनर्वसु (13:38:27 – 11:20:05)
- योग
- शुक्ल (22:21:06 – 18:47:31)
- करण
- कौलव (05:10:13 – 15:45:13)
- वार
- शनिवार (06:44:58 – 06:45:41)
- मास (अमांत)
- कार्तिक
- मास (पूर्णिमांत)
- मार्गशीर्ष
- सूर्योदय
- सूर्यास्त
- चंद्रोदय
- चंद्रास्त
- चंद्र राशि
- कर्क
- वार
- रविवार
- तिथि
- षष्ठी (02:27:33 – 00:16:55)
- नक्षत्र
- पुष्य (11:20:05 – 09:29:32)
- योग
- ब्रह्म (18:47:31 – 15:38:19)
- करण
- गर (02:27:33 – 13:17:57)
- वार
- रविवार (06:45:41 – 06:46:24)
- मास (अमांत)
- कार्तिक
- मास (पूर्णिमांत)
- मार्गशीर्ष
- सूर्योदय
- सूर्यास्त
- चंद्रोदय
- चंद्रास्त
- चंद्र राशि
- कर्क
- वार
- सोमवार
- तिथि
- सप्तमी (00:16:55 – 22:42:04)
- नक्षत्र
- आश्लेषा (09:29:32 – 08:12:07)
- योग
- इन्द्र (15:38:19 – 12:56:52)
- करण
- विष्टि (00:16:55 – 11:24:53)
- वार
- सोमवार (06:46:24 – 06:47:06)
- मास (अमांत)
- कार्तिक
- मास (पूर्णिमांत)
- मार्गशीर्ष
- सूर्योदय
- सूर्यास्त
- चंद्रोदय
- चंद्रास्त
- चंद्र राशि
- कर्क, तक
त्योहार, व्रत और विशेष दिन
कालाष्टमीप्रत्येक मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी को कालभैरव की उपासना का यह व्रत रखा जाता है।