एक बीज, एक रेखा-चित्र
रुद्राक्ष एक बीज है; यंत्र एक रेखा-चित्र। दोनों भक्ति से जुड़े हैं और दोनों आस्था से रखे जाते हैं, पर दोनों को रखने का ढंग अलग है। परंपरा में रुद्राक्ष दिन भर शरीर के पास पहना जाता है, या मंत्र गिनते समय माला बनकर हाथ में रहता है। यंत्र एक संकल्प के लिए रखा जाता है: वह जगह, जहाँ आँखें और मन बार-बार लौटते हैं।
यंत्र और रुद्राक्ष, आमने-सामने
| रुद्राक्ष | यंत्र | |
|---|---|---|
| यह क्या है | रुद्राक्ष के पेड़ (Elaeocarpus ganitrus) का बीज | पवित्र ज्यामिति का एक चित्र, काग़ज़ या धातु की प्लेट पर बना, या कार्ड पर छपा |
| परंपरा | शैव: भगवान शिव से जुड़ा | कई परंपराओं में रखा जाता है: शैव, शाक्त, वैष्णव और स्मार्त |
| किस आधार पर चुनें | उसके मुखों से: बीज पर बनी प्राकृतिक धारियाँ, जो 1 से 21 तक होती हैं | उसके देवता से, और उस संकल्प से जिसके लिए उसे रखा जाता है |
| इस्तेमाल कैसे होता है | शरीर पर पहना जाता है, या जप के लिए माला में पिरोया जाता है | पूजा घर में, पर्स में या दुकान के गल्ले पर रखा जाता है: आँखों और मन के ठहरने की जगह |
| परंपरा में अभिमंत्रण | रात भर साफ़ पानी में भिगोकर रखना, फिर मंत्रों के साथ अभिषेक | वैदिक पूजा से स्थापना: प्राण-प्रतिष्ठा की विधि |
| किसके लिए ठीक है | ऐसी साधना के लिए, जो दिन भर आपके साथ रहे | एक संकल्प के लिए, रोज़ कुछ मिनट की साधना के साथ |
| दोनों साथ? | हाँ। बहुत से भक्त रुद्राक्ष पहनते हैं, अक्सर पंचमुखी, और पूजा घर में यंत्र रखते हैं। | |
कौन सा चुनें
रुद्राक्ष चुनें, अगर आपको दिन भर शरीर पर पहनने की कोई चीज़ चाहिए, जो परंपरा में भगवान शिव से जुड़ी हो, या जप गिनने के लिए एक माला चाहिए। ज़्यादातर भक्त पंचमुखी रुद्राक्ष ही पहनते हैं।
यंत्र चुनें, अगर आपके मन में एक संकल्प है, जैसे समृद्धि, पढ़ाई, साहस या भक्ति, और आपको पूजा घर में या पर्स में ध्यान का एक केंद्र चाहिए। यंत्र संकल्प देखकर चुना जाता है, और इसीलिए हर भाग्य कार्ड पर एक ही यंत्र होता है। यंत्र चुनने की गाइड हर संकल्प के लिए उसका कार्ड बताती है, और यंत्र की शुरुआत कैसे करें में सात चरण दिए गए हैं।
दोनों को सोच-समझकर ख़रीदें
दोनों ख़ूब बिकते हैं, और दोनों की नकल भी आम है। रुद्राक्ष Elaeocarpus ganitrus के बीज हैं; ज़्यादातर नेपाल और इंडोनेशिया से आते हैं, थोड़े-बहुत भारत से भी। प्राकृतिक बीजों की सतह के निशान बेतरतीब होते हैं, जबकि साँचे में ढले या तराशे गए नकली मनके भी ख़ूब मिलते हैं; इसलिए किसी भरोसेमंद विक्रेता से ही लें। भाग्य कार्ड्स अभी रुद्राक्ष नहीं बेचता। यंत्र लें, तो देखें कि वह अपने पारंपरिक रूप में और ध्यान से बना हो, न कि कोई ढीला-ढाला सजावटी चित्र। हर भाग्य कार्ड का यंत्र उसके पारंपरिक रूप के अनुसार बनाया गया है।
लोग अक्सर पूछते हैं
यंत्र और रुद्राक्ष में कौन सा बेहतर है?
कोई किसी से बेहतर नहीं; दोनों अपनी-अपनी जगह ठीक हैं। बस इनका इस्तेमाल अलग है: रुद्राक्ष पहना जाता है या उस पर जप गिना जाता है; यंत्र रखा जाता है, और मन बार-बार उस पर लौटता है। अपनी साधना के हिसाब से चुनें, या दोनों रखें।
क्या रुद्राक्ष पहनकर यंत्र भी रखा जा सकता है?
हाँ। बहुत से भक्त रुद्राक्ष पहनते हैं और पूजा घर या पर्स में यंत्र रखते हैं। और अगर आपके पास रुद्राक्ष की माला है, तो सात चरणों में कार्ड के बीज मंत्र के 108 जप के लिए भी उसी माला का सुझाव है।
क्या भाग्य कार्ड्स रुद्राक्ष बेचता है?
अभी नहीं। हम यंत्र कार्ड बनाते हैं, और हर कार्ड को भेजने से पहले पुणे में वैदिक पूजा से अभिमंत्रित करते हैं।
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