अक्षय तृतीया

अक्षय तृतीया 2027 पर कौन सा यंत्र, और कब

अक्षय तृतीया पर लोग थोड़ा-सा सोना ख़रीदते हैं, कुछ दान करते हैं, और वह काम शुरू करते हैं जिसकी वे कब से राह देख रहे थे। अक्षय तृतीया शुरुआत का दिन है, जो रविवार 9 मई 2027 को है। परंपरा में इसे अबूझ मुहूर्त माना जाता है: इस दिन नए काम के लिए अलग से मुहूर्त नहीं देखना पड़ता। इसलिए बहुत से परिवार कोई साधना, नया कारोबार या नए घर का गृह प्रवेश इसी दिन रखते हैं। अक्षय तृतीया पर क्या ख़रीदें, यह सोचते हुए यंत्र भी मन में हो, तो उसे अपनी शुरुआत के हिसाब से चुनें: कुछ नया शुरू करना हो तो ब्रह्मा यंत्र कार्ड, या परंपरा में समृद्धि के लिए रखा जाने वाला महालक्ष्मी यंत्र कार्ड। उसकी शुरुआत उसी दिन सुबह करें। नीचे इस दिन की तारीख़ और सुबह का समय है; यह भी कि मेज़, दुकान और नए घर के पूजा घर के लिए कौन सा कार्ड ठीक रहेगा, और ऑर्डर कब तक कर दें।

परंपरा

अक्षय तृतीया क्या है, और 2027 में कब है?

अक्षय यानी जिसका कभी क्षय न हो; तृतीया यानी तीसरी तिथि। अक्षय तृतीया वैशाख शुक्ल पक्ष की तीसरी तिथि को मनाई जाती है, अप्रैल के आख़िर या मई की शुरुआत में। मुंबई में सुबह का समय (प्रातः काल) 06:06 से 08:41 तक है।

परंपरा में इस दिन शुरू किए गए अच्छे काम क्षीण नहीं होते, और इस दिन दिए गए दान का पुण्य भी अक्षय रहता है। युगादि और विजयादशमी की तरह यह भी उन दिनों में से एक है जब नया काम शुरू करने के लिए अलग मुहूर्त की ज़रूरत नहीं मानी जाती; ऐसे दिन को अबूझ मुहूर्त कहते हैं। इस दिन का सबसे जाना-माना रिवाज है सोना ख़रीदना।

अक्षय तृतीया पर यंत्र की शुरुआत क्यों करें?

क्योंकि यह दिन शुरुआत के लिए ही माना जाता है, और यंत्र भी एक साधना है जो किसी एक दिन शुरू होती है: पहली बार सात चरण, फिर हर दिन ध्यान का एक पल। जो दिन आपका परिवार पहले से मनाता आया है, उस दिन शुरू की गई साधना निभाना भी आसान रहता है, और बहुत से लोग इसी दिन से 40 दिन का मंत्र-जप शुरू करते हैं। हर भक्ति-वस्तु की तरह, यह किसी निश्चित फल के वादे के साथ नहीं, बल्कि प्रेम से अर्पित है।

कार्ड

  • ब्रह्मा यंत्र कार्ड · ब्रह्मदेव। सृष्टि के रचयिता ब्रह्मदेव को हर शुरुआत पर याद किया जाता है। उनका यंत्र नई पढ़ाई, नए काम या घर के नए अध्याय के लिए रखा जाता है। नया कारोबार हो, नया घर हो या नई पढ़ाई, इसे वहीं रखें जहाँ वह नई शुरुआत हो रही है: मेज़ पर, दुकान में या नए घर के पूजा घर में।
  • महालक्ष्मी यंत्र कार्ड · देवी महालक्ष्मी। परंपरा में दिवाली की रात महालक्ष्मी का घर में स्वागत होता है, और साल भर समृद्धि के लिए उनका यंत्र रखा जाता है। अब आपके पर्स और पूजा घर के लिए। आने वाले साल के लिए इसे गल्ले पर, पर्स में या ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) में रखें।
  • व्यापार वृद्धि यंत्र कार्ड · व्यापार देवता। व्यापार के लिए हमारे संग्रह का ख़ास कार्ड। दुकानदार इसे गल्ले या रिसेप्शन पर रखते हैं, अक्सर नई दुकान की पहली सुबह से ही। आप नई दुकान खोल रहे हों या कोई नया कारोबार शुरू कर रहे हों, तो इसे गल्ले के पीछे रखें।
  • अष्टलक्ष्मी यंत्र कार्ड · अष्टलक्ष्मी। एक ही यंत्र में लक्ष्मी के आठ रूप, फ़सल की धान्य लक्ष्मी से ज्ञान की विद्या लक्ष्मी तक। परंपरा में यह उस हर समृद्धि के लिए रखा जाता है जिसकी हर घर कामना करता है। चाहें तो महालक्ष्मी कार्ड की जगह इसे चुनें।

किसी और संकल्प के लिए यंत्र कैसे चुनें देखें। कार्ड की शुरुआत सुबह के समय सात चरणों से होती है।

आपकी रोज़ की साधना के लिए एक पावन स्मृति-चिह्न। इसका महत्व पुरानी परंपरा और आस्था से आता है, और हर भक्ति-वस्तु की तरह यह किसी निश्चित फल के वादे के साथ नहीं, बल्कि प्रेम से अर्पित है। और जानें

  • पुणे में अभिमंत्रित। भेजने से पहले हर कार्ड की वैदिक पूजा।
  • ख़ास आपके लिए। भुगतान के बाद आपका नाम।
  • भारत में मुफ़्त डिलीवरी। ₹999 से ज़्यादा के ऑर्डर पर।
  • "मेरा कार्ड बनाएँ" दबाने के 1–2 कामकाजी दिनों में रवाना। भारत में 3–5 दिन, विदेश में 7–14।

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विधि

अक्षय तृतीया की सुबह कार्ड की शुरुआत कैसे करें

सात चरण सूर्योदय के समय किए जाते हैं, और इस दिन के लिए यह बिलकुल सही बैठता है: परंपरा में पर्व उसी सुबह मनाया जाता है जिस सुबह तृतीया तिथि हो। लगभग तीस मिनट लगते हैं, और पंडित जी को बुलाने की ज़रूरत नहीं पड़ती।

  1. श्रद्धा से लिफ़ाफ़ा खोलें। पूजा घर में, या मेज़ पर पूर्व की ओर मुँह करके बैठें। खोलने से पहले एक साँस लें।
  2. पानी और हल्दी से शुद्धि। मुलायम कपड़े को चुटकी भर हल्दी मिले पानी में भिगोएँ, और उससे कार्ड पोंछें।
  3. दीया जलाएँ, फूल चढ़ाएँ। घी का एक छोटा दीया, एक गेंदा या गुलाब, और अक्षत के कुछ दाने।
  4. बीज मंत्र का 108 बार जप करें। मंत्र विधि कार्ड पर छपा है। कार्ड दाहिने हाथ में लें और एक माला जप करें।
  5. संकल्प लें, यानी मन का एक निश्चय, एक वाक्य में, उस काम के लिए जो आज शुरू हो रहा है। कार्ड को माथे से लगाएँ और साफ़ शब्दों में कहें।
  6. उसे उसकी जगह रखें। मेज़, दुकान का गल्ला, नया पूजा घर, या ईशान कोण (उत्तर-पूर्व)।
  7. हर सुबह उसके पास लौटें। उसे छुएँ, या एक साँस भर उसे देखें। कुछ भी दोबारा करने की ज़रूरत नहीं; आपका ध्यान ही इसकी साधना है।

यंत्र की शुरुआत कैसे करें

अक्षय तृतीया के तीन पारंपरिक काम

साधना की शुरुआत

यह दिन शुरुआत का है। आज से 40 या 90 दिन का मंत्र-जप शुरू करें। यंत्र ध्यान का केंद्र है; रोज़ की गिनती ही साधना है। मुफ़्त भाग्य कार्ड ऐप में आप 1 से 365 दिनों तक का संकल्प रख सकते हैं, और कोई एक दिन छूट जाए तो भी वह टूटता नहीं।

दान

परंपरा में अक्षय तृतीया पर दिए गए दान का पुण्य क्षीण नहीं होता। भूखे को भोजन, विद्यार्थी को किताबें, किसी कारीगर को सहारा, किसी अच्छे काम के लिए धन।

नए काम की शुरुआत

इस दिन अलग मुहूर्त की ज़रूरत नहीं होती, इसलिए बहुत से परिवार गृह प्रवेश, नई दुकान का शुभारंभ या नई साझेदारी इसी दिन रखते हैं, और उसी सुबह यंत्र की शुरुआत करते हैं। नए घर के लिए हमारे संग्रह में भुवनेश्वरी यंत्र कार्ड भी है: माँ भुवनेश्वरी सारे लोकों की स्वामिनी हैं। परंपरा में उनका यंत्र घर की स्थिरता के लिए रखा जाता है, नए घर के पूजा घर में पहले दिन से।

ऑर्डर

अक्षय तृतीया के लिए ऑर्डर कब तक करें?

अक्षय तृतीया अप्रैल के आख़िर या मई की शुरुआत में आती है, इसलिए तैयारी का समय रहता है। हर कार्ड भुगतान के बाद ख़ास आपके लिए बनता है, पुणे में वैदिक पूजा से अभिमंत्रित होता है, और "मेरा कार्ड बनाएँ" दबाने के बाद 1–2 कामकाजी दिनों में ट्रैकिंग वाले कूरियर से रवाना होता है। उसके बाद भारत के बड़े शहरों में 3–5 कामकाजी दिन, दूर-दराज़ के इलाक़ों में 4–7, और विदेश में 7–14 कामकाजी दिन लगते हैं (डिलीवरी और वापसी)। अक्षय तृतीया (रविवार 9 मई 2027) से पहले कार्ड आपके हाथ में पहुँच जाए, डिलीवरी में सबसे ज़्यादा दिन लगें तब भी, तो भारत में सोमवार 26 अप्रैल 2027 तक ऑर्डर कर दें। विदेश से गुरुवार 15 अप्रैल 2027 तक ऑर्डर करें।

पहले आप कार्ड चुनकर भुगतान करते हैं। फिर ऐप में या वेब पर, लाइव झलक देखते हुए, नाम जोड़ते हैं; जब तक आप नाम नहीं जोड़ते, कुछ नहीं छपता। ₹999 से ज़्यादा के ऑर्डर पर भारत में डिलीवरी मुफ़्त है।

भुगतान हो चुके ऑर्डर रद्द नहीं होते। हर कार्ड आपके नाम से ख़ास आपके लिए बनता है। रिफ़ंड नीति

किसी अपने के गृह प्रवेश या दोस्त की नई दुकान के लिए उनके नाम वाला कार्ड उस दिन का एक अच्छा तोहफ़ा है। अभी भुगतान करें, नाम बाद में जोड़ें। उनका मोबाइल नंबर भी जोड़ दें, तो कार्ड भाग्य कार्ड ऐप में उनके वॉलेट तक पहुँच जाएगा।

प्रश्न

अक्षय तृतीया के यंत्र के बारे में सवाल

क्या अक्षय तृतीया पर मुहूर्त देखना ज़रूरी है?

परंपरा में अक्षय तृतीया अबूझ मुहूर्त है: युगादि और विजयादशमी की तरह, इस दिन नया काम शुरू करने के लिए अलग मुहूर्त की ज़रूरत नहीं मानी जाती। पूजा के लिए परिवार वह सुबह चुनते हैं जिसमें तृतीया तिथि हो।

अक्षय तृतीया पर गृह प्रवेश के लिए कौन सा यंत्र ठीक है?

ब्रह्मा कार्ड हर शुरुआत के लिए रखा जाता है, नए घर की शुरुआत के लिए भी; इसे नए पूजा घर में रखें। हमारे संग्रह में नए घर के पूजा घर के लिए भुवनेश्वरी कार्ड है, जिसे पहले दिन से वहीं रखा जाता है।

नई दुकान के लिए कौन सा कार्ड?

व्यापार वृद्धि कार्ड, जो व्यापार के लिए हमारे संग्रह का ख़ास कार्ड है। दुकान खुलने की सुबह इसे गल्ले के पीछे रखें।

क्या पंडित जी की ज़रूरत है?

नहीं। सात चरण आप घर पर, अपने हाथों से, लगभग तीस मिनट में कर सकते हैं। बीज मंत्र लिफ़ाफ़े में रखे विधि कार्ड पर छपा है।

क्या ऑर्डर रद्द या कार्ड वापस हो सकता है?

नहीं। भुगतान हो चुके ऑर्डर रद्द नहीं होते, क्योंकि हर कार्ड ख़ास आपके लिए बनता है। पर अगर कार्ड ख़राब हालत में या ग़लत छपा हुआ पहुँचे, तो डिलीवरी के 7 दिनों के भीतर हमें लिखें। हम अपने ख़र्च पर नया कार्ड भेजेंगे।

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