श्री BUDH YANTRA GEETA JOSHI 10 MARCH 1999 4872 4875 8777 BHAGYA.CARDS

ग्रह

बुध देव

बुध यंत्र कार्ड

बुध ग्रह बुधवार के स्वामी हैं और वाणी, लेखन और व्यापार से जुड़े हैं। जिनका काम शब्दों या अंकों से चलता है, उनकी मेज़ के लिए यह यंत्र उपयुक्त है। इसे वे भी रखते हैं जिनकी कुंडली में बुध का विशेष स्थान है। आपका कार्ड भुगतान के बाद आपके नाम से बनता है, और आप तक पहुँचने से पहले पुणे में वैदिक पूजा से अभिमंत्रित होता है।

बुध ग्रह · बुधवार · वाणी और व्यापार

₹1,499

सभी टैक्स सहित · ₹999 से ज़्यादा के ऑर्डर पर भारत में मुफ़्त डिलीवरी

ख़ास आपके लिए · भुगतान के बाद आपका नाम

आपकी रोज़ की साधना के लिए एक पावन स्मृति-चिह्न। इसका महत्व पुरानी परंपरा और आस्था से आता है, और हर भक्ति-वस्तु की तरह यह किसी निश्चित फल के वादे के साथ नहीं, बल्कि प्रेम से अर्पित है। और जानें

  • पुणे में अभिमंत्रित। भेजने से पहले हर कार्ड की वैदिक पूजा।
  • ख़ास आपके लिए। भुगतान के बाद आपका नाम।
  • भारत में मुफ़्त डिलीवरी। ₹999 से ज़्यादा के ऑर्डर पर।
  • "मेरा कार्ड बनाएँ" दबाने के 1–2 कामकाजी दिनों में रवाना। भारत में 3–5 दिन, विदेश में 7–14।

भुगतान हो चुके ऑर्डर रद्द नहीं होते। आपके नाम वाले कार्ड ख़ास आपके लिए बनते हैं। रिफ़ंड नीति

कथा

बुध, जिनका नाम उनकी समझ से पड़ा

भागवत पुराण में बुध चंद्रमा के पुत्र हैं। उनके जन्म पर ब्रह्मदेव ने उनकी गहरी समझ देखकर उनका नाम बुध रखा। "बुद्धि" शब्द भी इसी धातु से बना है।

वराहमिहिर के बृहज्जातक में, जहाँ हर ग्रह मनुष्य के किसी एक पहलू का प्रतीक है, बुध वाणी के प्रतीक हैं, और ग्रहों के दरबार में वे राजकुमार हैं। बुधवार उनका दिन है, और मिथुन और कन्या उनकी दो राशियाँ।

परंपरा में वे वाणी, लेखन और व्यापार से जुड़े हैं: ध्यान से लिखी चिट्ठी, साफ़-सुथरा रखा बही-खाता, दुकान के काउंटर पर हँसी-ख़ुशी का मोल-भाव। हरा उनका रंग है, और हरी मूँग उनका अनाज।

इस कार्ड पर बुध देव का यंत्र है, जैसा परंपरा में बनता आया है: पढ़ाई की मेज़, दुकान के काउंटर या पर्स के लिए। उनका दिन और बीज मंत्र हमारे नवग्रह पेज के बुध वाले हिस्से में है।

स्थान

बुध यंत्र कब और कहाँ रखें

परिवार इसकी शुरुआत बुधवार को सूर्योदय पर करते हैं, जो बुध का दिन है, और इसे उस मेज़ पर रखते हैं जहाँ लिखने-पढ़ने का काम होता है या हिसाब रखा जाता है: शिक्षक की मेज़, लेखक की डेस्क, दुकान के काउंटर की दराज़। विद्यार्थी की मेज़ पर किताबों के पास भी यह अच्छा लगता है, और पर्स में आ जाता है, इसलिए दोनों जगहों के बीच आपके साथ आ-जा सकता है।

आपका कार्ड

आपके कार्ड पर क्या-क्या छपता है

  • बुध देव का यंत्र, जैसा यह परंपरा में बनता आया है।
  • आपका नाम, आपकी लिपि में। देवनागरी में लिखें या अंग्रेज़ी में, नाम ठीक वैसा ही छपता है जैसा आपने लिखा; उसे दूसरी लिपि में बदला नहीं जाता।
  • डिज़ाइन के हिसाब से और भी: जन्म की तारीख़, गोत्र, एक छोटा-सा संदेश या एक फ़ोटो।
  • कार्ड का अपना QR, जिससे उसका अपना पेज खुलता है, और पीछे एक सीरियल नंबर, जो BC- से शुरू होता है।

यह सब आप भुगतान के बाद भाग्य कार्ड ऐप में या वेब पर भरते हैं, और झलक में साथ-साथ देखते जाते हैं कि कार्ड कैसा बनेगा। जब तक आप "मेरा कार्ड बनाएँ" नहीं दबाते, कुछ नहीं छपता; उसके बाद विवरण बदले नहीं जा सकते।

विधि

बुधवार को अपने बुध यंत्र की शुरुआत करें

इसके लिए पंडित जी की ज़रूरत नहीं। कोई बुधवार चुनें, हो सके तो सूर्योदय का समय।

  1. श्रद्धा से लिफ़ाफ़ा खोलें, किसी साफ़ जगह पर: पूजा घर में, या उसी मेज़ पर जहाँ यह रहेगा। खोलने से पहले एक पल रुकें, एक साँस लें।
  2. पानी और हल्दी से शुद्धि करें। पानी में चुटकी भर हल्दी मिलाएँ, उसमें मुलायम कपड़ा भिगोएँ और कार्ड को हल्के से पोंछ लें। यह एक प्रतीक है: इससे आप कार्ड को उसकी जगह के लिए तैयार करते हैं।
  3. दीया जलाएँ, फूल चढ़ाएँ। घी का एक छोटा दीया, एक गेंदा या गुलाब, और अक्षत के कुछ दाने।
  4. बुध के बीज मंत्र का 108 बार जप करें, यानी एक माला, कार्ड को दाहिने हाथ में लेकर। मंत्र विधि कार्ड पर छपा है।
  5. संकल्प लें। कार्ड को माथे से लगाएँ और अपना संकल्प, यानी मन का एक निश्चय, एक वाक्य में कहें। जैसे: "हर शाम अपना हिसाब लिखना।"
  6. उसे उसकी जगह रखें: मेज़, दुकान का काउंटर, पर्स या पूजा घर। बाथरूम में या बेडरूम के फ़र्श पर नहीं।
  7. हर सुबह एक साँस भर उसे देखें। कुछ भी दोबारा करने की ज़रूरत नहीं। आपका ध्यान ही इसकी साधना है।

लंबी साधना। ग्रहों के कार्डों के लिए परंपरा एक लंबी साधना भी बताती है: कम से कम 40 दिन तक रोज़ 108 बार बीज मंत्र, फिर रोज़ 27 बार।

बुध का बीज मंत्र, जैसा हमारे नवग्रह पेज पर है।

यंत्र की शुरुआत कैसे करें

लिफ़ाफ़े में क्या-क्या आता है

  • आपका बुध यंत्र कार्ड, आपके लिखे नाम के साथ।
  • विधि कार्ड, जिस पर बुध का बीज मंत्र और सात चरण छपे हैं।
  • एक सुंदर लिफ़ाफ़ा, जिसे सीधे तोहफ़े में दिया जा सके।

अगर कार्ड ख़राब हालत में या ग़लत छपा पहुँचे, तो डिलीवरी के 7 दिनों के भीतर ऑर्डर नंबर और एक फ़ोटो के साथ हमें लिखें। हम अपने ख़र्च पर नया कार्ड भेजेंगे।

उपहार

तोहफ़े में देना हो तो

कॉलेज जा रहे विद्यार्थी, नए शिक्षक, अकाउंटेंट, लेखक, या अपना हिसाब ख़ुद लिखने वाले दुकानदार के लिए यह कार्ड उन्हीं के नाम से बन सकता है। अभी भुगतान करें, और नाम बाद में जोड़ें, ठीक वैसा जैसा वे ख़ुद लिखते हैं। उनका मोबाइल नंबर भी जोड़ दें, तो कार्ड भाग्य कार्ड ऐप में उनके वॉलेट तक पहुँच जाएगा। छपा हुआ कार्ड अपने सुंदर लिफ़ाफ़े में, विधि कार्ड के साथ उन तक पहुँचता है, ताकि वे किसी बुधवार को ख़ुद इसकी शुरुआत कर सकें।

प्रश्न

बुध यंत्र कार्ड के बारे में सवाल

इसकी शुरुआत किस दिन करें?

बुधवार को, जो बुध का दिन है, हो सके तो सूर्योदय के समय। अगर आप लंबी साधना करते हैं, तो कम से कम 40 दिन तक रोज़ 108 बार उनका बीज मंत्र जपें, फिर रोज़ 27 बार।

क्या बुध कार्ड परीक्षा के लिए है?

ज्योतिष में बुध वाणी और लेखन से जुड़े हैं, इसलिए यह कार्ड पढ़ाई की मेज़ पर अच्छा लगता है। पर परंपरा में पढ़ाई के लिए विद्यार्थी वैदिक मंत्रों की जननी गायत्री माता का यंत्र रखते हैं: गायत्री यंत्र कार्ड। हम नंबरों या नतीजों का कोई वादा नहीं करते।

क्या इसे दुकान के काउंटर पर रख सकते हैं?

हाँ। बुध व्यापार से जुड़े हैं, और यह कार्ड पर्स में आ जाने लायक़ है: काउंटर पर, गल्ले में या हिसाब वाली दराज़ में आराम से रहता है। दुकान के लिए हमारे संग्रह का ख़ास कार्ड व्यापार वृद्धि यंत्र कार्ड है।

संग्रह

नवग्रह और उनके यंत्र

भाग्य कार्ड ऐप

आपका कार्ड और आपका दिन, एक ही ऐप में

आपका कार्ड मुफ़्त भाग्य कार्ड ऐप में भी रहता है। वहीं आपके शहर का आज का पंचांग है, आने वाले त्योहार हैं, और परिवार के जन्मदिन और श्राद्ध, जो तिथि के हिसाब से याद रखे जाते हैं। एंड्रॉइड पर, आईफ़ोन पर और वेब पर।

वेब ऐप खोलेंऐप में क्या-क्या है